मां-बाप ने बच्चा ढाई लाख में बेचा, दादी ने बचाया:आगरा में व्यापारी से डील हुई, 2 दिन पहले पैदा हुआ था

आगरा में एक मां ने अपने दो दिन के नवजात बच्चे का सौदा कर दिया। बच्चे की कीमत ढाई लाख रुपए तय की गई। एक व्यापारी उसे लेने के लिए अस्पताल भी पहुंच गया, लेकिन दादी और बुआ को इसकी भनक लग गई। दोनों ने चाइल्ड हेल्पलाइन पर शिकायत कर दी। सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची। पुलिस की मदद से तुरंत कार्रवाई की गई। नवजात और परिजनों को हिरासत में लिया गया। सभी को बाल कल्याण समिति (CWC) के मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। मजिस्ट्रेट ने सोमवार को दंपती से एक शपथपत्र भरवाया। इसके बाद नवजात को उन्हें सौंपा। मामला लेडी लायन हॉस्पिटल का है। अब पूरा मामला जानिए… चाइल्डलाइन के हेल्पलाइन नंबर 1098 पर शुक्रवार रात एक कॉल आई। कॉल करने वाली महिला ने अपना नाम राजकुमारी बताया। राजकुमारी ने बताया कि उनका बेटा मनोज शास्त्रीपुरम, सिकंदरा में रहता है। मनोज फैक्ट्री में मजदूरी करता है। उसकी पत्नी कुमकुम का पहले से एक बेटा है। कुमकुम ने बुधवार को अस्पताल में दूसरे बेटे को जन्म दिया है। जन्म के बाद ही बच्चे को बेचा जा रहा है। कमला नगर के एक व्यापारी से पहले ही बात हो चुकी है। नवजात को देने के लिए ढाई लाख रुपए में सौदा तय किया गया है। शुक्रवार रात व्यापारी बच्चे को लेने अस्पताल पहुंचने वाला है। चाइल्डलाइन टीम अस्पताल पहुंची, दंपती ने आरोपों से किया इनकार शिकायत मिलते ही चाइल्डलाइन की टीम पुलिस के साथ अस्पताल पहुंची। टीम ने नवजात को जन्म देने वाली महिला और उसके पति से बात की। दंपती ने बच्चे को बेचने के आरोपों से साफ इनकार कर दिया। उनका कहना था कि कुछ रिश्तेदार साजिश के तहत झूठे आरोप लगा रहे हैं। इसके बाद पुलिस की मदद से बच्चे और परिजनों को बाल कल्याण समिति (CWC) के सामने पेश किया गया। यहां दंपती से शपथपत्र भरवाया गया। प्रक्रिया पूरी होने के बाद नवजात को फिर से दंपती के सुपुर्द कर दिया गया। दादी ने कहा- ढाई लाख में बेच रहे थे नवजात दादी राजकुमारी ने बताया- शुक्रवार को बहू ने लेडी लायन हॉस्पिटल में बेटे को जन्म दिया। कुछ ही देर बाद अस्पताल में कुछ लोग बच्चे को देखने पहुंचे। वे लोग बच्चे को खरीदने की बात कर रहे थे। मैं नाती को घर लाना चाहती थीं। बेटा, बहू और ससुर मिलकर बच्चे को ढाई लाख रुपए में देने वाले थे। मैंने इसका विरोध किया, लेकिन मेरी बात किसी ने नहीं सुनी। इससे नाराज होकर मैं घर लौट आईं।
कुछ देर बाद मेरी बेटी का फोन आया तो मेरी उसे पूरी बात बताई। दो दिन निगरानी के बाद बच्चे को मिला परिवार राजकुमारी ने कहा कि मेरी बेटी ने तुरंत मेरठ से आगरा चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर शिकायत की। इसके बाद टीम मौके पर पहुंची और कार्रवाई शुरू की गई। शनिवार और रविवार की छुट्टी होने के कारण आगे की प्रक्रिया नहीं हो सकी। चाइल्डलाइन की टीम ने पुलिसकर्मियों को अस्पताल के बाहर तैनात कर दिया। दो दिन तक पुलिस निगरानी करती रही, ताकि बच्चे को कोई ले न जा सके। सोमवार को हमें चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) के मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। वहां शपथपत्र भरवाने के बाद आगे की कार्रवाई हुई। अब बच्चा हमारे घर पर है और हम खुश हैं। 15 दिन बाद फिर पेश करना होगा बच्चा चाइल्डलाइन समन्वयक ब्रजेश कुमार गौतम ने बताया- सोमवार को दंपती को बाल कल्याण समिति (CWC) के सामने पेश किया गया। यहां दंपती से लिखित शपथपत्र लिया गया। शपथपत्र में स्पष्ट कराया गया कि वे नवजात को किसी अन्य व्यक्ति को गोद नहीं देंगे। प्रक्रिया पूरी होने के बाद बच्चे को दंपती के सुपुर्द कर दिया गया है। उन्हें निर्देश दिया गया है कि 15 दिन के भीतर बच्चे को दोबारा समिति के सामने पेश करना होगा।
जानिए गोद लेने को लेकर क्या है नियम
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आगरा में खुद को भाजपा नेता बताने वाले महिपाल चौधरी का अब होटल में डांसर के साथ वीडियो सामने आया है। इसमें महिपाल कुर्सी पर बैठा दिख रहा। कमरे में दो लड़कियां डांस कर रही हैं। हालांकि, ये वीडियो कब का है। पुलिस इसकी जांच कर रही है। महिपाल चौधरी खुद को भाजपा का मीडिया प्रभारी बताता है। शहर में कई जगह लगे पोस्टर में भी उसने खुद को भाजपा नेता बताया है। हालांकि, आगरा भाजपा के महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता ने दावा किया कि महिपाल चौधरी हमारी पार्टी का नहीं है। पढ़ें पूरी खबर…