मुजफ्फरनगर में रविवार रात बारिश के बीच कच्चा मकान भरभराकर ढह गया। हादसे में एक ही परिवार के 5 लोगों की मलबे में दबकर मौत हो गई। इनमें 60 साल के पिता और उनके चार बच्चे शामिल हैं। दो बेटियां घायल हैं। हादसा रात करीब 9 बजे हुआ। घटना के बाद पूरे गांव में चीख-पुकार मच गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जुट गए। पुलिस ने JCB बुलवाकर मलबा हटवाया। मलबे में दबे लोगों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने 5 लोगों को मृत घोषित कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कई दिनों से हो रही बारिश के कारण कच्चे मकान की दीवारें कमजोर हो गई थीं, जिस कारण पूरा मकान ढह गया। डीएम और एसएसपी समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। सीएम योगी ने अफसरों को राहत-बचाव में कोताही न बरतने के निर्देश दिए हैं। मामला जिला मुख्यालय से 45 किमी दूर फुगाना थाना क्षेत्र के हबीबपुर गांव का है। हादसे से जुड़ी 3 तस्वीरें… जब मकान ढहा, अंदर मौजूद थे 7 लोग हबीबपुर गांव निवासी इस्लामुद्दीन (60 साल) मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनका मकान मिट्टी के गारे और ईंटों से बना था, जबकि छत कच्ची थी। रविवार रात 9 बजे इस्लामुद्दीन घर में आराम कर रहे थे। पास ही बेटियां रुखसार (10 साल), रुकईया (8 साल), समईया (7 साल), अलसीबा (4 साल) और बेटे अहद (5 साल) व जीशान (1 साल) खेल रहे थे। पत्नी और 2 बच्चे घर के बाहर थे। इसी बीच अचानक मकान की कच्ची छत भरभराकर ढह गई। सभी मलबे के नीचे दब गए। शोर सुनकर आसपास के लोग दौड़े। राहत बचाव का काम शुरू किया। पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम भी मौके पर पहुंचीं। जेसीबी से मलबा हटाकर नीचे दबे 7 लोगों को बाहर निकाला गया। उन्हें तुरंत अस्पताल भेजा गया, जहां रुकईया और समईया को छोड़कर बाकी अन्य को मृत घोषित कर दिया गया।
प्रत्यक्षदर्शी बोला- बारिश के कारण हुआ हादसा प्रत्यक्षदर्शी अरुण सैनी ने बताया- लगातार हो रही बारिश के कारण यह हादसा हुआ। जब मकान गिरा, हम अपने घर के बाहर ही खड़े थे। तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। मलबा हटाकर लोगों को बाहर निकाला। तब तक पुलिस और प्रशासन की टीम भी पहुंच गई थी। उन्होंने कहा- हादसे में परिवार के मुखिया इस्लामुद्दीन की मौत हो गई। प्रशासन को ऐसे जर्जर और कच्चे मकानों की पहचान कर उन्हें पक्का बनवाने की व्यवस्था करनी चाहिए। गरीब परिवारों की मदद की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। इस इलाके में बारिश के दौरान घुटनों तक पानी भर जाता है। जिससे लोगों का घर से निकलना भी मुश्किल हो जाता है। मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए की सहायता दी जाएगी एसएसपी संजीव कुमार वर्मा ने बताया- हबीबपुर गांव में एक मकान गिर गया। इस मकान में एक ही परिवार के 10 लोग रहते थे। घटना के समय 3 लोग बाहर खड़े थे। 7 लोग मकान के अंदर थे, जो गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें इलाज के लिए सीएचसी बुढ़ाना ले जाया गया। वहां इलाज के दौरान 5 लोगों की मौत हो गई। इस्लामुद्दीन की पत्नी और दो बच्चे सुरक्षित हैं। हादसे में घायल हुए दो बच्चों को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है। यहां उनका इलाज चल रहा है। ग्राम प्रधान को निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे मकान जो जर्जर स्थिति में हैं या जिनके गिरने का खतरा है, उन पर अलर्ट रखा जाए। वहां रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जाए। मंडलायुक्त डॉ. रूपेश कुमार ने बताया कि मृतकों के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से प्रति मृतक 5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। जिला अस्पताल पहुंचे राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल मुजफ्फरनगर हादसे में घायल बच्चों का हाल-चाल जानने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने डॉक्टरों से बच्चों की सेहत की जानकारी ली और बेहतर इलाज के निर्देश दिए। साथ ही, पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें हर संभव सरकारी मदद का भरोसा दिलाया। —————————— ये खबर भी पढ़िए- बच्चा बोला-DM साहब…ताऊ ने घर पर ताला जड़ा, खुलवा दीजिए:थानेदार को कमीशन मिले तो ताबड़तोड़ काम करते हैं; लखीमपुर में अकेले तहसील पहुंचा यूपी के लखीमपुर खीरी में 13 साल का बच्चा अकेले ही डीएम के पास पहुंच गया। यह देखकर जनसुनवाई कर रहे डीएम ने उसे पास बुलाया। आने की वजह पूछी तो वह धड़ल्ले से बोला- मेरे घर पर ताऊ-ताई ने जबरन कब्जा करके ताला लगा दिया है। इसे खुलवा दीजिए। पास में खड़े थानेदार ने कहा- खुलवा देंगे। इस पर बच्चा बोला- खुलवा देंगे नहीं…खुलवा दीजिए। बार-बार न आना पड़े। इसी बीच पुलिसकर्मी हंसने लगे। इस पर बच्चा उखड़ गया। उसने कहा- आप लोगों को क्या है, कमीशन मिल जाए तो ताबड़तोड़ काम कर देते हैं। पूरी खबर पढ़ें…
प्रत्यक्षदर्शी बोला- बारिश के कारण हुआ हादसा प्रत्यक्षदर्शी अरुण सैनी ने बताया- लगातार हो रही बारिश के कारण यह हादसा हुआ। जब मकान गिरा, हम अपने घर के बाहर ही खड़े थे। तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। मलबा हटाकर लोगों को बाहर निकाला। तब तक पुलिस और प्रशासन की टीम भी पहुंच गई थी। उन्होंने कहा- हादसे में परिवार के मुखिया इस्लामुद्दीन की मौत हो गई। प्रशासन को ऐसे जर्जर और कच्चे मकानों की पहचान कर उन्हें पक्का बनवाने की व्यवस्था करनी चाहिए। गरीब परिवारों की मदद की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके। इस इलाके में बारिश के दौरान घुटनों तक पानी भर जाता है। जिससे लोगों का घर से निकलना भी मुश्किल हो जाता है। मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपए की सहायता दी जाएगी एसएसपी संजीव कुमार वर्मा ने बताया- हबीबपुर गांव में एक मकान गिर गया। इस मकान में एक ही परिवार के 10 लोग रहते थे। घटना के समय 3 लोग बाहर खड़े थे। 7 लोग मकान के अंदर थे, जो गंभीर रूप से घायल हो गए थे। उन्हें इलाज के लिए सीएचसी बुढ़ाना ले जाया गया। वहां इलाज के दौरान 5 लोगों की मौत हो गई। इस्लामुद्दीन की पत्नी और दो बच्चे सुरक्षित हैं। हादसे में घायल हुए दो बच्चों को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है। यहां उनका इलाज चल रहा है। ग्राम प्रधान को निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे मकान जो जर्जर स्थिति में हैं या जिनके गिरने का खतरा है, उन पर अलर्ट रखा जाए। वहां रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट किया जाए। मंडलायुक्त डॉ. रूपेश कुमार ने बताया कि मृतकों के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से प्रति मृतक 5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। जिला अस्पताल पहुंचे राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल मुजफ्फरनगर हादसे में घायल बच्चों का हाल-चाल जानने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार में राज्य मंत्री कपिल देव अग्रवाल जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने डॉक्टरों से बच्चों की सेहत की जानकारी ली और बेहतर इलाज के निर्देश दिए। साथ ही, पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें हर संभव सरकारी मदद का भरोसा दिलाया। —————————— ये खबर भी पढ़िए- बच्चा बोला-DM साहब…ताऊ ने घर पर ताला जड़ा, खुलवा दीजिए:थानेदार को कमीशन मिले तो ताबड़तोड़ काम करते हैं; लखीमपुर में अकेले तहसील पहुंचा यूपी के लखीमपुर खीरी में 13 साल का बच्चा अकेले ही डीएम के पास पहुंच गया। यह देखकर जनसुनवाई कर रहे डीएम ने उसे पास बुलाया। आने की वजह पूछी तो वह धड़ल्ले से बोला- मेरे घर पर ताऊ-ताई ने जबरन कब्जा करके ताला लगा दिया है। इसे खुलवा दीजिए। पास में खड़े थानेदार ने कहा- खुलवा देंगे। इस पर बच्चा बोला- खुलवा देंगे नहीं…खुलवा दीजिए। बार-बार न आना पड़े। इसी बीच पुलिसकर्मी हंसने लगे। इस पर बच्चा उखड़ गया। उसने कहा- आप लोगों को क्या है, कमीशन मिल जाए तो ताबड़तोड़ काम कर देते हैं। पूरी खबर पढ़ें…