मेरठ SSP ने प्रदर्शनकारियों को थप्पड़ मारे,वैन में घुसकर पीटा:वकील ने जान देने की कोशिश की, पुलिस ने लाठियां बरसाईं

मेरठ में 16 मई को हुई छात्रा की हत्या को लेकर बुधवार को बड़ी संख्या में लोग कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन करने पहुंचे। प्रदर्शनकारी डीएम को ज्ञापन सौंपना चाहते थे, लेकिन पुलिस ने कलेक्ट्रेट का मेन गेट बंद कर दिया। करीब 3 घंटे तक लोग कलेक्ट्रेट के बाहर बैठकर प्रदर्शन करते रहे। पुलिस अधिकारियों ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन वो लोग नहीं हटे। सूचना पर एसएसपी अविनाश पांडेय भी पहुंचे। पहले उन्होंने प्रदर्शन कर रहे लोगों को थप्पड़ मारे। फिर पुलिस वैन में घुसकर लोगों को पीटा। इसके बाद शाम करीब 4ः30 बजे पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। 50-60 लोगों को हिरासत में ले लिया। इस बीच, एक वकील ने पुलिस वैन में गमछे का फंदा बनाकर उससे लटकने की कोशिश की। पुलिस का कहना है प्रदर्शन के चलते जाम लग गया था। इससे लोगों को परेशानी हो रही थी। इसीलिए धरना समाप्त कराया गया। पहले 2 तस्वीरें देखिए… अब जानिए पूरा मामला…. बीए में पढ़ने वाली ललिता गौतम की 16 मई को हत्या कर दी गई थी। छात्रा को न्याय दिलाने की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट के बाहर बुधवार को दलित महापंचायत थी। कांग्रेस नेता हेमंत प्रधान, दलित समाज और कई सामाजिक संगठनों के लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे। प्रदर्शनकारियों को पहले से ज्ञापन देने की इजाजत थी। लेकिन, इसी बीच मेरठ के अलावा नोएडा, गाजियाबाद और आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए। भीड़ बढ़ने पर पुलिस ने कलेक्ट्रेट का मुख्य गेट बंद कर दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी गेट के बाहर सड़क पर बैठ गए और धरना शुरू कर दिया। इससे सड़क जाम हो गई। सूचना पर एसपी देहात अभिजीत कुमार और एसपी ट्रैफिक राकेश कुमार मौके पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से सड़क खाली करने और वहीं ज्ञापन देने को कहा। पुलिस का कहना था कि जाम से आम लोगों को परेशानी हो रही है। लेकिन, प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे। एसएसपी पहुंचे, फिर लाठीचार्ज हुआ करीब 3 घंटे बाद एसएसपी अविनाश पांडेय पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। इसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हटाने के लिए लाठीचार्ज कर दिया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पुलिस ने गालियां दीं और मारपीट की। मौके से 50 से 60 लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस लाइन भेज दिया। इनमें से करीब 20 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इनमें कांग्रेस नेता हेमंत प्रधान, सुशील गौतम, डीएसपी जाटव, प्रमोद शेरगढ़ी, हिमांशु सिद्धार्थ, राहुल गौतम और शशिकांत गौतम के नाम भी शामिल बताए गए हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि हिरासत में लेने के बाद एसएसपी अविनाश पांडेय पुलिस वैन के अंदर पहुंच गए और प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट की। पुलिस वैन में वकील से मारपीट, सुसाइड की कोशिश की नोएडा से आए अधिवक्ता रवि गौतम ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए। उनका दावा है कि हिरासत में लेने के बाद पुलिस वैन के अंदर एसएसपी ने मेरे साथ मारपीट की। रवि गौतम ने पुलिस वैन के भीतर फंदा लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया। इसका वीडियो भी सामने आया है। वहीं, पुलिस का कहना है कि रवि गौतम और दिग्विजय भाटी प्रदर्शन में शामिल थे। दोनों पर पहले से भी कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान दोनों माहौल बिगाड़ने का प्रयास कर रहे थे। पुलिस ने बताया कि इस मामले में रवि गौतम और दिग्विजय भाटी के खिलाफ एक और मुकदमा दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। एसएसपी बोले- कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी एसएसपी अविनाश पांडेय ने बताया- ललिता गौतम हत्याकांड का पुलिस पहले ही खुलासा कर चुकी है। मुख्य आरोपी के साथ मदद करने वाले 2 अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस लगातार पीड़ित परिवार के संपर्क में है। कुछ लोगों ने घरवालों को भड़काकर ज्ञापन के नाम पर कलेक्ट्रेट के बाहर सड़क जाम कर दिया। पुलिस ने कई बार समझाया, लेकिन प्रदर्शनकारी नहीं माने। इसके बाद कानून-व्यवस्था और यातायात बहाल करने के लिए उन्हें हटाया गया। दिग्विजय सिंह भाटी, रवि गौतम समेत कई लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है। कुछ लोगों का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। आगे भी कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। जानिए प्रदर्शनकारियों की 4 मांगें अखिलेश बोले- पुलिस अन्याय का रिकॉर्ड तोड़ रही सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने बुधवार देर शाम SSP के वैन में घुसकर प्रदर्शनकारियों की पिटाई करने का वीडियो शेयर किया। लिखा- भाजपा राज में पुलिस अन्याय का रिकॉर्ड तोड़ रही है। मेरठ में दलित समाज की बेटी ललिता गौतम के लिए न्याय की आवाज उठाने पर प्रशासन ने पीड़ित परिवार समेत अन्य लोगों पर प्रहार किया। लाठीचार्ज बहुत निंदनीय है। जब प्रदेश-प्रमुख ही सरेआम एक मृतक की मां के साथ असंवेदनशील होने का उदाहरण पेश करेंगे, तो उनकी पुलिस से कोई उम्मीद करना बेमानी है। अब जानिए छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड के बारे में… टीपीनगर थाना क्षेत्र की रहने वाली बीए तीसरे साल की की छात्रा ललिता गौतम 15 मई को परीक्षा देने घर से निकली थी। इसके बाद वह घर नहीं लौटीं। घरवालों ने उसी दिन गुमशुदगी दर्ज करा दी। 17 मई को रोहटा थाना क्षेत्र के उकसिया गांव के गन्ने के खेत में ललिता का शव मिला। इसके बाद घरवालों ने गैंगरेप के बाद हत्या का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया था। पुलिस ने घरवालों की शिकायत पर 3 युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। जांच के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी अंकुश को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने बताया था कि 3 साल से उसकी ललिता से दोस्ती थी। उसे ललिता के किसी दूसरे युवक से बात करने का शक था। इसको लेकर दोनों के बीच झगड़ा हुआ था। इसी रंजिश में अंकुश ने अपने साथियों के साथ मिलकर ललिता की हत्या कर दी थी। इसके बाद सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। अब दलित समाज की मांग है कि आरोपियों को फांसी की सजा दी जाए। इसे लेकर ही प्रदर्शन किया गया। ————————- ये खबर भी पढ़ें- सहारनपुर में पति ने पत्नी की गर्दन काटी, 14 साल पहले की थी लव मैरिज; 20 दिन पहले मायके चली गई थी सहारनपुर में बुधवार सुबह करीब 9:30 बजे एक युवक ने ससुराल में घुसकर अपनी पत्नी की गला काटकर हत्या कर दी। वारदात के बाद 35 वर्षीय मीनू सैनी खून से लथपथ फर्श पर तड़पती रहीं, जबकि आरोपी पति मौके से फरार हो गया। पढ़ें पूरी खबर….