बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने लंबे इंतजार के बाद 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है। आयोग के अध्यक्ष रवि मनुभाई परमार ने रिजल्ट जारी करते हुए कहा कि आयोग के इतिहास में सबसे बड़ी वैकेंसी थी। श्रद्धा पांडे टॉपर बनी हैं। सेकेंड टॉपर शशांक गौरव और आयुष बिजॉय हैं। 2035 पदों के लिए वैकेंसी निकाली गई थी, लेकिन 2027 पास हुए हैं। इनकी नियुक्ति SDM, DSP, रेवेन्यू अधिकारी समेत अन्य पदों पर होगी। दिव्यांग कोटे के 8 पद खाली रह गए हैं। यूपी के प्रतापगढ़ के रानीगंज क्षेत्र स्थित पचरास गांव की निवासी श्रद्धा पाण्डेय फिलहाल असिस्टेंट कमिश्नर (वाणिज्य कर) के पद पर लखनऊ में पोस्टेड हैं। देर से रिजल्ट जारी होने के सवाल पर आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि 68वीं सयुंक्त परीक्षा हुई थी, उसमें सिर्फ 324 वैकेंसी थी। 817 कैंडिडेट्स इंटरव्यू दिए थे। 69 वीं में सिर्फ 475 वैकेंसी थी, 1252 कैंडिडेट्स ने इंटरव्यू दिया था। 70वीं में 2035 वैकेंसी थी। ये इतिहास में सबसे बड़ी वैकेंसी थी। 5450 कैंडिडेट्स का इंटरव्यू किया गया। इसमें समय लगता है। आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि PT परीक्षा को रद्द करवाने को लेकर 3 महीने तक प्रदर्शन चला था। अभ्यर्थियों को दिग्भ्रमित किया गया था। बाहर से आंदोलनकारियों को बुलाया गया था। लेकिन कोई पेपर लीक नहीं हुआ था। कौन हैं BPSC टॉपर श्रद्धा पांडेय? श्रद्धा पांडेय, उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जनपद के गरीब परिवार से आती हैं। यह पहली बार नहीं जब उन्होंने अपने प्रतिभा का लोहा मनवाया हो। इससे पहले वे उत्तर प्रदेश की सिविल सेवा परीक्षा में क्रैक करके असिस्टेंट कमिश्नर का पद प्राप्त कर चुकी हैं। उन्होंने UPPSC संयुक्त राज्य/उच्च अधीनस्थ सेवा परीक्षा 2024 में EWS कैटेगरी से 153वीं रैंक हासिल की थी और असिस्टेंट कमिश्नर (वाणिज्य टैक्स) पद प्राप्त किया था। श्रद्धा ने कॉलेज की पढ़ाई के दौरान ही सिविल सेवा में जाने का मन बना लिया था। उन्होंने साल 2021 में इतिहास और इंग्लिश लिटरेचर विषयों के साथ ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की। कॉलेज से निकलते ही उन्होंने अपना पूरा फोकस सिविल सेवा की तैयारी में लगा दिया। उन्होंने अपने पहले ही अटेंप्ट में यूपी की सिविल सेवा परीक्षा क्वालीफाई की थी। वहीं अब श्रद्धा पांडेय ने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की 70वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा में कुल 593 नंबर प्राप्त करके टॉप किया है। उन्हें SDM पद मिल सकता है। दरभंगा की प्रिया ने हासिल किया 10वां रैंक बीपीएससी की 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता में दरभंगा की बेटी प्रिया ने शानदार सफलता हासिल की है। शहर के वार्ड संख्या-15, लक्ष्मीसागर निवासी प्रिया ने बीपीएससी 70वीं में 10वां रैंक हासिल किया है। खास बात यह है कि उन्होंने यह उपलब्धि अपने पहले ही प्रयास में हासिल की है। परिणाम घोषित होते ही उनके लक्ष्मीसागर स्थित आवास पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। परिवार, रिश्तेदार, मित्र, शिक्षक और स्थानीय लोगों ने प्रिया की इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। प्रिया ने बताया कि उनकी प्रारंभिक शिक्षा और मैट्रिक तक की पढ़ाई पटना में हुई। इसके बाद उन्होंने दरभंगा से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की। उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक की डिग्री हासिल की। गया के रागिब नौशाद को 36वां रैंक गया नगर पंचायत के पूर्व उपाध्यक्ष मो. सज्जाद हुसैन के पोते और शिक्षक नौशाद आलम के पुत्र रागिब नौशाद ने बीपीएससी 70वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा में 36वां रैंक हासिल किया है। उनका चयन बिहार प्रशासनिक सेवा (BAS) के लिए हुआ है। गया के रिकाबगंज मोहल्ले निवासी रागिब ने वर्ष 2012 में आरडी पब्लिक स्कूल से 10वीं की परीक्षा पास की। इसके बाद आगे की पढ़ाई के लिए वह दिल्ली चले गए, जहां से उन्होंने 12वीं की शिक्षा पूरी की। बाद में उन्होंने IIT कानपुर में दाखिला लेकर बीटेक की डिग्री हासिल की। उन्होंने सेकेंड अटेम्प्ट में बीपीएससी 70वीं परीक्षा में शानदार सफलता हासिल की है। इससे पहले रागिब CAPF (सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स) में असिस्टेंट कमांडेंट पद के लिए भी चयनित हो चुके हैं। समस्तीपुर के राजू ने हासिल की 72वां रैंक समस्तीपुर के रोसरा के रहने वाले राजू कुमार ने बीपीएससी की 70वीं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा में 72वां रैंक हासिल किया है। वो डीएसपी के पद चयनित हुए हैं। नवादा की सुनिधि बनीं DSP नवादा जिले के रोह प्रखंड के सम्हरीगढ़ गांव की सुनिधि कुमारी ने बीपीएससी में 800वां रैंक हासिल की है। वो DSP पद पर चयनित हुई हैं। सुनिधि मगध विश्वविद्यालय में स्नातकोत्तर की पढ़ाई में टॉपर रह चुकी हैं और वर्तमान में पटना विश्वविद्यालय से पीएचडी कर रही हैं। सीवान SP की बहन बनीं SDM बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षा में सीवान SP पूरन कुमार झा की बहन सपना झा ने 201वां रैंक हासिल की है। अब वो SDM बनेंगी। सपना झा बिहार के मधुबनी की रहने वाली है। पूरन कुमार झा ने भी अपनी बहन की सफलता पर खुशी जताई है। उन्होंने कहा कि सपना की मेहनत और आत्मविश्वास ने यह मुकाम दिलाया है। नवादा के विकलेश कुमार बने प्रोबेशनरी ऑफिसर नवादा शहर के मिर्जापुर निवासी विकलेश कुमार ने 70वीं बीपीएससी परीक्षा में सफलता हासिल किया है। अंतिम परिणाम में उन्हें 582वीं रैंक मिला है, जिसके आधार पर उनका चयन प्रोबेशनरी ऑफिसर पद पर हुआ है। विकलेश सेवानिवृत्त शिक्षक वीरेन्द्र कुमार के पुत्र हैं। उनकी सफलता से परिवार और पूरे क्षेत्र में खुशी का माहौल है। विकलेश वरिष्ठ समाजसेवी एवं जिला क्रिकेट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश कुमार मुरारी के सबसे छोटे भाई हैं। बांका और पटना के दो सगे भाई-बहनों ने क्रैक किया BPSC बांका के गौरव और कुमारी स्वयंप्रभा, और पटना के बिक्रम नगर पंचायत के अभिषेक आनंद और कोमल प्रिया ने एक साथ अधिकारी बनकर अपने परिवार और जिले का नाम रोशन किया है। बांका के रजौन के रहने वाले गौरव कुमार सत्यार्थी और कुमारी स्वयंप्रभा दोनों ने ही पहले प्रयास में सफल होकर बीडीओ (BDO) बने हैं। वहीं पटना के बिक्रम के रहने वाले कोमल प्रिया (CO पद) और अभिषेक आनंद (राज्य कर सहायक आयुक्त) के पद पर चयनित हुए हैं। टॉप-10 की लिस्ट… अब जानिए किस विभाग में कितनी वैकेंसी थी अब देखिए पूरी लिस्ट, पहले वो कैंडिडेट्स जो बनेंगे SDM अब देखिए DSP और रेवेन्यू अधिकारी समेत अन्य कैंडिडेट्स की लिस्ट अब जानिए परीक्षा में विवाद क्या रहे 1. 6 बार बदले पद, 3 बार बदली परीक्षा की तारीख BPSC 70वीं की भर्ती प्रक्रिया के दौरान पदों की संख्या कई बार बढ़ाई गई। 18 सितंबर 2024 को 1,929 पदों पर भर्ती का फैसला लिया गया था। इसके बाद 23 सितंबर को 1,957 पदों का विज्ञापन जारी हुआ। बाद में पदों की संख्या बढ़ाकर 1,964, फिर 2,031 और अंत में 2,035 कर दी गई। परीक्षा की संभावित तिथि भी कई बार बदली गई। पहले 30 सितंबर 2024, फिर 17 नवंबर और 13-14 दिसंबर की तारीख तय की गई। अंत में आयोग ने 13 दिसंबर को एक ही पाली में परीक्षा आयोजित करने का फैसला लिया। 2. नॉर्मलाइजेशन पर बवाल, छात्रों पर किया गया था लाठीचार्ज परीक्षा से पहले नॉर्मलाइजेशन को लेकर छात्रों का विरोध शुरू हो गया था। पिछले साल 6 दिसंबर को हजारों अभ्यर्थी BPSC कार्यालय के बाहर जुटे और करीब 12 घंटे तक प्रदर्शन किया था। पुलिस के समझाने के बावजूद छात्र नहीं हटे तो लाठीचार्ज किया गया था। प्रदर्शन के दौरान कई छात्र घायल हुए थे। एक छात्र का सिर फट गया था, जबकि दूसरे का पैर टूट गया था। छात्र नेता दिलीप को गिरफ्तार कर लिया गया था। इसी दौरान खान सर और गुरु रहमान भी छात्रों के समर्थन में मुसल्लहपुर हाट से बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के साथ गर्दनीबाग पहुंचे थे। दोनों शिक्षकों ने छात्रों के साथ विरोध-प्रदर्शन किया। बाद में पुलिस ने उन्हें करीब डेढ़ घंटे तक हिरासत में रखा। देर रात तबीयत बिगड़ने पर खान सर को पटना के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। 3. 13 दिसंबर की परीक्षा और बापू परीक्षा परिसर का विवाद 13 दिसंबर को बिहार के 912 परीक्षा केंद्रों पर BPSC 70वीं PT परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा के दौरान पटना के बापू परीक्षा परिसर में अभ्यर्थियों ने धांधली का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। मामला बढ़ने के बाद आयोग ने केवल बापू परीक्षा परिसर की परीक्षा रद्द कर दी। हालांकि छात्र इस फैसले से संतुष्ट नहीं थे। उनका कहना था कि यदि गड़बड़ी हुई है तो सिर्फ एक केंद्र की नहीं, बल्कि पूरे राज्य की परीक्षा रद्द कर दोबारा कराई जानी चाहिए। इसी मांग को लेकर आंदोलन और तेज हो गया था। दो महीने तक गर्दनीबाग में चला था धरना बापू परीक्षा परिसर की परीक्षा रद्द होने के बाद अभ्यर्थी पटना के गर्दनीबाग में धरने पर बैठ गए थे। छात्रों की मांग थी कि सभी 912 केंद्रों की परीक्षा रद्द कर री-एग्जाम कराया जाए। यह आंदोलन करीब दो महीने तक चलता रहा, लेकिन आयोग अपने फैसले पर कायम रहा था। आंदोलन को मिला था प्रशांत किशोर का समर्थन छात्रों की मांगों के समर्थन में जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर भी मैदान में उतर गए थे। उन्होंने री-एग्जाम की मांग को लेकर आमरण अनशन शुरू कर दिया था। अनशन के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई थी और उन्हें मेदांता अस्पताल के ICU में भर्ती कराना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने अपना आंदोलन जारी रखा था। गुरु रहमान ने खून से लिखा था पत्र री-एग्जाम की मांग को लेकर शिक्षक गुरु रहमान ने अपने खून से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री और BPSC अध्यक्ष को पत्र लिखा था। उन्होंने दावा किया था कि परीक्षा दोबारा कराने के लिए उन्होंने अपने हाथ की नस काटकर यह पत्र लिखा था। राहुल गांधी भी पहुंचे थे गर्दनीबाग 18 जनवरी 2025 को कांग्रेस नेता राहुल गांधी भी आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों से मिलने गर्दनीबाग पहुंचे थे। राहुल गांधी ने छात्रों से मुलाकात कर उनकी मांगों का समर्थन किया था। उन्होंने कहा था कि छात्रों की लड़ाई में वह उनके साथ खड़े हैं। विरोध के बीच जारी रही आयोग की प्रक्रिया छात्रों के प्रदर्शन और री-एग्जाम की मांग के बावजूद आयोग ने अपनी चयन प्रक्रिया जारी रखी। 24 जनवरी 2025 को PT परीक्षा का रिजल्ट जारी किया गया, जिसमें 21,581 अभ्यर्थी सफल हुए थे। इसके बाद 25 अप्रैल से 30 अप्रैल 2025 तक पटना के 32 केंद्रों पर मुख्य परीक्षा आयोजित की गई। इस परीक्षा में 20,034 अभ्यर्थी शामिल हुए थे। मुख्य परीक्षा का रिजल्ट 16 दिसंबर को जारी हुआ, जिसमें 5,401 अभ्यर्थी इंटरव्यू के लिए सफल घोषित किए गए थे। अब इंटरव्यू प्रक्रिया पूरी होने के बाद फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया गया है।