यूपी के 75 जिलों में आज बारिश का अलर्ट:तूफान और ओले गिरने की भी चेतावनी, जालौन सबसे गर्म रहा

यूपी में प्री-मानसून एक्टिव हो गया है। आज शनिवार को पूरे यूपी में आंधी-बारिश का अलर्ट है। इनमें 17 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी है। 16 जिलों में ओले गिरने, 19 जिलों में तूफान का अलर्ट है। पिछले 24 घंटे में 40.8 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ जालौन सबसे गर्म रहा। दूसरे नंबर पर बांदा का तापमान 40.2 डिग्री सेल्सियस रहा। न्यूनतम तापमान की बात करें तो हरदोई का 19.5 डिग्री सेल्सियस और अयोध्या का 21 डिग्री सेल्सियस रहा। शुक्रवार की बात करें तो बाराबंकी, एटा, फर्रुखाबाद, बिजनौर, हाथरस, लखीमपुर खीरी और बागपत में झमाझम बारिश हुई। लखनऊ में बादल छाए रहे। कुछ इलाकों में हल्की बूंदाबांदी भी हुई। मौसम विभाग (IMD) का कहना है कि प्रदेश में एक नया पश्चिमी विक्षोभ एक्टिव हो गया है। इससे प्री-मानसून जोर पकड़ने लगा है। ऐसे में आंधी-बारिश का सिलसिला फिलहाल जारी रहेगा। लोग खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। शुक्रवार की 3 तस्वीरें देखिए- लखनऊ के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया- यूपी में प्री-मानसून की बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है। अब मानसून की एंट्री तक प्रदेश में आंधी-बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। बीच-बीच में गर्मी भी अपने तेवर दिखाएगी, लेकिन बारिश इससे राहत दिलाती रहेगी। फिलहाल 15-16 जून तक आंधी-तूफान और बारिश का सिलसिला चलता रहेगा। प्रदेश में मानसून अपने तय समय यानी 20 जून तक एंट्री करेगा। अगले 4 दिन कैसा रहेगा मौसम… बीते 24 घंटे का तापमान जानिए यूपी में जून से सितंबर के बीच 8% बारिश कम होगी सीनियर साइंटिस्ट अतुल सिंह बताते हैं- इस साल यूपी समेत पूरे देश में सामान्य से कम बारिश का अनुमान है। आमतौर पर यूपी में जून से सितंबर के बीच करीब 820 से 840 मिलीमीटर बारिश होती है। लेकिन, इस साल 8% कम यानी लगभग 754 से 773 मिलीमीटर तक ही पानी बरसेगा। यूपी में मानसून में कम बारिश की संभावना की वजह जानिए मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक डॉ. एम महापात्रा ने बताया कि इस साल प्रशांत महासागर में ला नीना जैसी स्थितियां खत्म होकर अल नीनो की ओर बढ़ने के संकेत हैं। जो कम वर्षा का कारण बनेगी। यानी इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून के सामान्य से कमजोर रहने के संकेत हैं। साथ ही इस साल जनवरी-मार्च में उत्तरी गोलार्ध में बनी कम बर्फ भी मानसून को प्रभावित कर सकती है। खेती-किसानी पर होगा असर, महंगाई बढ़ेगी यूपी में अल-नीनो की वजह से कम बारिश का सीधा असर राज्य की इकोनॉमी, खेती-किसानी और आम लोगों की जिंदगी पर पड़ेगा। धान जैसी फसलों के उत्पादन में 20% तक की कमी आ सकती है। जून-जुलाई में बारिश न होने से धान की रोपाई में देरी हो सकती है। रकबा भी घट सकता है। सिंचाई के लिए किसानों को ट्यूबवेल पर निर्भर रहना पड़ेगा। बिजली और डीजल का खर्च बढ़ने से खेती की लागत बहुत ज्यादा बढ़ सकती है। उत्पादन घटने से अनाज, दालों और सब्जियों के दाम तेजी से बढ़ सकते हैं। बुंदेलखंड और दक्षिण-पश्चिमी यूपी के जिलों (जैसे झांसी, महोबा, ललितपुर, मथुरा) में सूखे की आशंका गहरा सकती है। यूपी में पिछले 10 साल में मानसून कब आया, ग्राफिक्स में देखिए पिछले साल 10 से 15% ज्यादा बरसा था मानसून मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, उत्तर प्रदेश में 2025 के मानसून सीजन (जून से सितंबर) के दौरान औसतन 870 से 900 मिमी बारिश दर्ज की गई थी। यह सामान्य मानसूनी औसत से करीब 10 से 15 प्रतिशत अधिक रही