यूपी में भाजपा के 8,सपा के 2 राज्यसभा उम्मीदवार जीते:नथवानी सर्टिफिकेट लेने नहीं आए, रामगोपाल-राधाकांत ने प्रतिनिधि भेजे

यूपी में राज्यसभा की 10 सीटों के नतीजे शुक्रवार शाम घोषित हो गए। भाजपा के 8 और सपा के 2 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। इन सीटों पर 16 अक्टूबर को चुनाव होना था, लेकिन 10 सीटों के लिए 10 ही उम्मीदवार होने के कारण मतदान नहीं हुआ। भाजपा के धर्मपाल सिंह, प्रकाश पाल, श्रुति गंगवार, प्रियंका रावत, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, राधाकांत ओझा और राम प्रताप सिंह चौहान निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। वहीं, सपा के रामगोपाल यादव और उद्योगपति धनराज परिमल नाथवानी ने भी जीत दर्ज की है। इनका कार्यकाल 25 नवंबर 2032 तक रहेगा। राज्यसभा में सपा के सांसदों की संख्या बढ़कर 5 हो गई है। इससे पहले पार्टी के 4 सांसद रामगोपाल यादव, जावेद अली, रामजीलाल सुमन और जया बच्चन थे। राधा कांत ओझा और राम गोपाल ने सर्टिफिकेट लेने प्रतिनिधि भेजा शुक्रवार दोपहर 3 बजे विधानसभा में निर्वाचन अधिकारी अजीत कुमार वर्मा ने प्रमाण पत्र बांटे। भाजपा उम्मीदवार धर्मपाल सिंह, प्रकाश पाल, श्रुति गंगवार, विद्या सागर सोनकर और प्रियंका रावत, गोपी कृष्ण पांडे और राम प्रताप सिंह चौहान ने खुद पहुंचकर प्रमाण पत्र लिए। राधाकांत ओझा की जगह उनके प्रतिनिधि ने प्रमाण पत्र लिया। वहीं, सपा सांसद रामगोपाल यादव की ओर से पूर्व एमएलसी राकेश यादव प्रमाण पत्र लेने पहुंचे। हालांकि, उनके पास अथॉरिटी लेटर नहीं था। इस वजह से निर्वाचन अधिकारी अजीत कुमार वर्मा ने शुरुआत में उन्हें प्रमाण पत्र देने से इनकार कर दिया। उन्होंने फोन पर अथॉरिटी लेटर मंगवाया। बाद में रामगोपाल यादव का प्रमाण पत्र दे दिया गया। उद्योगप्रति धनराज नथवानी प्रमाण पत्र लेने नहीं आए। वे 12 अक्टूबर को आएंगे। जीतने पर क्या बोले राज्यसभा सांसद? धर्मपाल सिंह ने शीर्ष नेतृत्व का आभार जताया। प्रमाण पत्र मिलने के बाद उन्होंने लखनऊ में वीरांगना अवंतीबाई लोधी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की प्रतिमा के चरणों में प्रमाण पत्र समर्पित किया। कहा कि यह उनकी नहीं, पूरे समाज की उपलब्धि है। अब समाज को एकजुट कर 2027 में भाजपा की प्रचंड बहुमत की सरकार बनाने के लिए मेहनत करेंगे। प्रकाश पाल ने कहा, मैं पिछले 36 सालों से पार्टी के विभिन्न दायित्वों की जिम्मेदारी उठा रहा हूं। अब सदन में प्रदेश और देश की जनता की समस्या उठाने का काम करूंगा। आज 10 में से 8 सीटें भाजपा जीती है और ये परिणाम का ट्रेंड विधानसभा चुनाव तक चलेगा। 80% सीटें भाजपा जीतेगी और 20% INDI गठबंधन। प्रियंका सिंह रावत ने कहा, मुझ जैसी साधारण कार्यकर्ता को बड़ी जिम्मेदारी मिली है। संसद के सदस्य तक बड़े पद पर मैं पहुंची हूं। ये सिर्फ भाजपा में देखने को मिलता है। भाजपा कार्यकर्ता आधारित पार्टी है जिसमें एक कार्यकर्ता कहीं तक भी पहुंच सकता है। कहीं कोई शक नहीं है कि 2027 में पूर्ण बहुमत की भाजपा सरकार बनेगी। धनराज नथवानी ने X पर लिखा- मैं सपा प्रमुख अखिलेश यादव का आभारी हूं, जिन्होंने मुझ पर अटूट विश्वास जताया। उत्तर प्रदेश के सर्वांगीण विकास, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य को लेकर अखिलेश के प्रगतिशील विजन को संसद के पटल पर आगे बढ़ाने के लिए मैं पूरी तरह समर्पित रहूंगा। शारदीय नवरात्रि के पावन पर्व के दौरान, 12 अक्टूबर को अपना विजय प्रमाण पत्र प्राप्त करूंगा। भाजपा और सपा प्रत्याशियों को जानिए… पहले बात भाजपा की… 1. धर्मपाल सिंह धर्मपाल सिंह बरेली की आंवला विधानसभा सीट से भाजपा विधायक और योगी कैबिनेट में पशुधन मंत्री हैं। 2. राधाकांत ओझा राधाकांत ओझा प्रयागराज के वरिष्ठ अधिवक्ता हैं। 2024 में फूलपुर विधानसभा उपचुनाव के दौरान भी उनका नाम भाजपा के संभावित दावेदारों में प्रमुखता से सामने आया था। 3. प्रकाश पाल प्रकाश पाल भाजपा पिछड़ा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष हैं। जून 2026 में उन्हें यह जिम्मेदारी दी गई थी। वह कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष भी रह चुके हैं। 4. विद्यासागर सोनकर विद्यासागर सोनकर जौनपुर के वरिष्ठ भाजपा नेता हैं। वे पहले लोकसभा सांसद रह चुके हैं और भाजपा संगठन में प्रदेश महामंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। 5. गोपी कृष्ण पांडेय गोपी कृष्ण पांडेय का नाम भाजपा ने पहली बार इस स्तर पर राज्यसभा प्रत्याशी के तौर पर सामने रखा है। 6. प्रियंका सिंह रावत प्रियंका सिंह रावत बाराबंकी लोकसभा सीट से 2014 में भाजपा के टिकट पर सांसद चुनी गई थीं। वह बाराबंकी की पहली महिला सांसद बनी थीं। 2019 में भाजपा ने उनकी जगह उपेंद्र सिंह रावत को टिकट दिया। 7. राम प्रताप सिंह चौहान जून 2026 में उन्हें भाजपा का प्रदेश महामंत्री बनाया गया। उन्हें पश्चिमी उत्तर प्रदेश का प्रभारी भी बनाया गया। वे 1991-94 के दौरान भाजपा युवा मोर्चा में मंडल अध्यक्ष रहे हैं। 8. श्रुति गंगवार श्रुति गंगवार झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार की बेटी हैं। संतोष गंगवार ने 24 सितंबर को दिल्ली में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी से मुलाकात की थी। ऐसा माना जा रहा है कि इसी मुलाकात के बाद संतोष गंगवार की बेटी श्रुति का राज्यसभा जाना तय हो गया था। अब बात सपा उम्मीदवारों की… सपा प्रत्याशी धनराज परिमल नथवानी रिलायंस इंडस्ट्रीज के ग्रुप प्रेसिडेंट हैं। उन्हें जाने-माने बिजनेसमैन मुकेश अंबानी का करीबी माना जाता है। वह गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन के प्रेसिडेंट भी हैं। पिता परिमल नथवानी झारखंड से निर्दलीय राज्यसभा सांसद हैं। 3 महीने पहले NDA के समर्थन से राज्यसभा पहुंचे थे। जबकि सपा के दूसरे प्रत्याशी प्रो.रामगोपाल यादव, अखिलेश यादव के चाचा हैं। वह 90 के दशक से लगातार राज्यसभा में सपा की ओर से जा रहे हैं। एक बार लोकसभा सांसद भी रह चुके हैं। वर्तमान में राम गोपाल यादव पार्टी के प्रमुख महासचिव भी हैं। *****************