यूपी सरकार प्रदेश के बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों के लिए कई पेंशन योजनाएं चला रही है। इसके अलावा किसानों के लिए मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना और ट्रिपल तलाक व एसिड अटैक पीड़ित महिलाओं के लिए भी आर्थिक सहायता दी जाती है। इन योजनाओं के तहत कितनी पेंशन मिलती है? कौन-कौन लोग इसके लिए पात्र हैं? आवेदन की प्रक्रिया क्या है? जानिए इस रिपोर्ट में… वृद्धावस्था पेंशन सरकार ने पेंशन बढ़ाई, हर साल मिलेंगे ₹18 हजार यूपी में 60 साल या उससे ज्यादा उम्र के आर्थिक रूप से कमजोर बुजुर्गों को हर साल ₹18 हजार मिलेंगे। प्रदेश सरकार ने वृद्धावस्था पेंशन को ₹1000 से बढ़ाकर ₹1500 हर महीने कर दिया है। हर तीसरे महीने ₹4500 की किस्त लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है। सरकार के नए शासनादेश के अनुसार, अब आवेदन के लिए आधार कार्ड को आयु प्रमाण पत्र के रूप में नहीं माना जाएगा। बुजुर्गों को अपनी उम्र साबित करने के लिए हाईस्कूल की मार्कशीट या परिवार रजिस्टर दिखाना होगा। शहरी क्षेत्र के बुजुर्गों के पास अगर परिवार रजिस्टर नहीं है, तो वे वोटर आईडी, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट या पैन कार्ड की फोटोकॉपी जमा कर सकते हैं। इसके साथ उन्हें सेल्फ डिक्लेरेशन देना भी जरूरी है। इस पेंशन का लाभ लेने वाले बुजुर्ग अन्य सरकारी पेंशन योजनाओं का लाभ न ले रहे हों। वे रिटायर्ड सरकारी कर्मचारी न हों। परिवार की सालाना आय ग्रामीण क्षेत्र में 46 हजार 80 रुपए और शहरी क्षेत्र में 56 हजार 460 रुपए से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। किसी भी जानकारी के लिए समाज कल्याण विभाग के टोल-फ्री नंबर 1800-419-0001 पर कॉल कर सकते हैं। विधवा पेंशन विधवा को पेंशन के साथ अब घर भी मिलेगा यूपी में पति की मौत के बाद आर्थिक तंगी से जूझ रही महिलाएं ‘विधवा पेंशन योजना’ का लाभ ले सकती हैं। इसमें अब महिलाओं को हर महीने ₹1500 मिलेंगे। पहले ₹1000 दिए जाते थे। इन महिलाओं को आयुष्मान भारत, जन आरोग्य योजना, पीएम आवास योजना और सीएम आवास योजना से भी जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 15 जून को खुद इसका ऐलान किया। इस योजना के लिए आवेदन 18 साल या उससे ज्यादा उम्र की महिलाएं ही कर सकती हैं। परिवार की सालाना आय ₹2 लाख से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। अगर महिला ने दोबारा शादी कर ली है या वह पहले से किसी अन्य सरकारी पेंशन योजना का लाभ ले रही है, तो उसे इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा। दिव्यांग एवं कुष्ठावस्था पेंशन योजना दिव्यांगजनों को हर महीने ₹9 हजार की मदद यूपी में दिव्यांग और कुष्ठ रोग पीड़ितों के लिए ‘दिव्यांग एवं कुष्ठावस्था पेंशन योजना’ चल रही है। इसके तहत 40% या उससे ज्यादा दिव्यांग होने पर हर महीने 1000 रुपए की मदद मिलती है। हर तीन महीने में ₹3000 की किस्त लाभार्थी के खाते में भेजी जाती है। दिव्यांग पेंशन के लिए आवेदक की उम्र 18 साल या उससे ज्यादा होनी चाहिए। परिवार की सालाना आय ग्रामीण क्षेत्र के लिए 46 हजार 80 रुपए और शहरी के लिए 56 हजार 460 रुपए से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। यूपी में 11 लाख दिव्यांगों को ये पेंशन दी जा रही है। वहीं, कुष्ठ रोग के कारण दिव्यांगता का शिकार हुए लोगों को हर महीने ₹3000 रुपए की पेंशन उनके बैंक खातों में भेजी जाती है। यूपी के 13 हजार से ज्यादा लोगों को यह पेंशन मिल रही है। दिव्यांग एवं कुष्ठावस्था पेंशन के लिए पात्रता जानिए पात्र लाभार्थियों का सिलेक्शन CMO से जारी डिसेबिलिटी सर्टिफिकेट के आधार पर होता है। जो व्यक्ति पहले से वृद्धावस्था, विधवा या किसी अन्य सरकारी पेंशन का लाभ ले रहा है, वह इस योजना के लिए पात्र नहीं होगा। कुष्ठ रोग पीड़ितों के लिए कोई न्यूनतम आयु सीमा नहीं है। इस योजना में रजिस्टर्ड दिव्यांगजनों को यूपी रोडवेज बसों में मुफ्त यात्रा, ट्राइसाइकिल और अन्य मेडिकल इक्विपमेंट का फायदा मिलता है। दिव्यांग छात्रों को स्पेशल स्कॉलरशिप भी दी जाती है। एसिड अटैक सर्वाइवर्स-ट्रिपल तलाक पीड़िताओं के लिए प्लान तलाक पीड़िता को हर महीने ₹500 मिलते हैं यूपी में ट्रिपल तलाक पीड़ित मुस्लिम महिलाओं और एसिड अटैक सर्वाइवर्स को पेंशन दी जाती है। राज्य सरकार तलाकशुदा महिलाओं को हर महीने ₹500 के हिसाब से एक साल में ₹6000 की आर्थिक मदद करती है। एसिड अटैक सर्वाइवर्स को उनकी स्थिति के अनुसार मदद दी जाती है। गंभीर रूप से प्रभावित महिलाओं को दिव्यांग श्रेणी में शामिल किया जा सकता है। उन्हें दिव्यांग पेंशन योजना का लाभ दिया जाता है। 8 जून, 2026 को सीएम योगी ने इन महिलाओं को आवास और स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़ने का भी ऐलान किया है। इसके तहत मुफ्त मकान और ₹5 लाख तक के मुफ्त इलाज की सुविधा दी जा रही है। पीड़ितों को प्रधानमंत्री आवास योजना-मुख्यमंत्री आवास योजना और आयुष्मान भारत योजना-मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना का लाभ दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना बिजली गिरने, करंट, आग, सांप काटने से मौत पर सरकारी मदद
खेती के दौरान या किसी दुर्घटना में जान गंवाने वाले किसानों को ‘मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना’ का फायदा दिया जाता है। गंभीर घायल किसानों को भी इस प्लान में शामिल किया जाता है। इलाज का खर्च सरकार उठाती है। मौत होने पर 5 लाख रुपए की मदद दी जाती है। इस योजना में किसान को कोई प्रीमियम नहीं देना पड़ता है। दोनों हाथ, दोनों पैर या दोनों आंखों की क्षमता खत्म होने पर भी 5 लाख रुपए दिए जाते हैं। कम दिव्यांगता की कंडीशन में 1 लाख से 2.5 लाख रुपए तक की मदद मिलती है। योजना में बिजली गिरना, करंट लगना, बाढ़, आग, सांप या जंगली जानवर का हमला, कृषि मशीन से हादसा और हत्या-लूट जैसी घटनाएं भी शामिल हैं। किसान की उम्र 18 से 70 साल के बीच होनी चाहिए। अब इस योजना का लाभ बटाईदार किसानों और भूमिहीन खेतिहर मजदूरों को भी दिया जा रहा है। दुर्घटना के 6 महीने के भीतर तहसील में आवेदन करना जरूरी होता है। लोकतंत्र सेनानियों को पेंशन हर महीने ₹20 हजार मिल रहे यूपी सरकार आपातकाल के दौरान जेल जाने वाले लोकतंत्र सेनानियों को हर महीने ₹20 हजार पेंशन देती है। इसके साथ ही उन्हें मुफ्त बस यात्रा और ₹5 लाख तक कैशलेस इलाज जैसी सुविधाएं भी मिलती हैं। राज्य में ये सुविधा ‘यूपी लोकतंत्र सेनानी सम्मान योजना’ के तहत दी जा रही है। अगर किसी लोकतंत्र सेनानी का निधन हो जाता है, तो ये राशि उनके पति या पत्नी को भी मिलती रहती है। इसके लिए जिला प्रशासन स्तर पर आवेदन और वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी की जाती है। इस योजना का लाभ उन लोगों को मिलता है, जिन्हें 25 जून 1975 से 21 मार्च 1977 के बीच लगे आपातकाल के दौरान मीसा (MISA) या डीआईआर (DIR) कानून के तहत जेल भेजा गया था। यूपी में केंद्र की 2 बड़ी पेंशन योजनाएं लागू केंद्र सरकार की दो बड़ी पेंशन योजनाएं भी यूपी में लागू हैं, जो असहाय और जरूरतमंदों की आर्थिक मदद करती हैं। इनमें अटल पेंशन योजना (APY) और प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन योजना (PM-SYM) प्रमुख हैं। अटल पेंशन योजना में 18 से 40 साल का कोई भी व्यक्ति निवेश कर सकता है और 60 साल की उम्र के बाद ₹1000 से ₹5000 तक मासिक पेंशन पा सकता है। वहीं, प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन योजना असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए है, जिसमें 60 साल की उम्र के बाद ₹3000 मासिक पेंशन का प्रावधान है। ——————————— आपके काम की ये जरूरी खबरें भी पढ़िए- गैस सिलेंडर डिलिवरी से जुड़े नियम बदले:e-KYC न कराने पर बंद होगी सब्सिडी, 21 के बजाय 25 दिन में मिलेगा दूसरा सिलेंडर केंद्र सरकार ने रसोई गैस सिलेंडर (LPG) की रिफिलिंग से जुड़े नियम 1 जून से बदल दिए हैं। नए नियम के तहत शहरों में अब 25 दिन बाद ही दूसरा सिलेंडर बुक करा सकेंगे। पहले ये समय 21 दिन था। वहीं, गांवों में 45 दिन बाद ही दूसरी बुकिंग होगी। पूरी खबर पढ़िए… —————————————-
इलेक्ट्रिक 2 व्हीलर 31 जुलाई से होंगे महंगे:केंद्र सरकार सब्सिडी खत्म करेगी; यूपी में ई-कार पर ₹1लाख तक की सब्सिडी जारी रहेगी केंद्र सरकार इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर (ई-स्कूटर/ई-बाइक) खरीदने पर मिलने वाली 5 हजार रुपए की सब्सिडी 31 जुलाई से बंद कर रही है। इसके बाद इलेक्ट्रिक वाहन खरीदना महंगा हो जाएगा। हालांकि, उत्तर प्रदेश में राज्य सरकार की EV सब्सिडी जारी रहेगी। यूपी में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर, फोर-व्हीलर और कॉमर्शियल इलेक्ट्रिक वाहनों पर मिलने वाली छूट मिलती रहेगी। पूरी रिपोर्ट पढ़िए…
खेती के दौरान या किसी दुर्घटना में जान गंवाने वाले किसानों को ‘मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना’ का फायदा दिया जाता है। गंभीर घायल किसानों को भी इस प्लान में शामिल किया जाता है। इलाज का खर्च सरकार उठाती है। मौत होने पर 5 लाख रुपए की मदद दी जाती है। इस योजना में किसान को कोई प्रीमियम नहीं देना पड़ता है। दोनों हाथ, दोनों पैर या दोनों आंखों की क्षमता खत्म होने पर भी 5 लाख रुपए दिए जाते हैं। कम दिव्यांगता की कंडीशन में 1 लाख से 2.5 लाख रुपए तक की मदद मिलती है। योजना में बिजली गिरना, करंट लगना, बाढ़, आग, सांप या जंगली जानवर का हमला, कृषि मशीन से हादसा और हत्या-लूट जैसी घटनाएं भी शामिल हैं। किसान की उम्र 18 से 70 साल के बीच होनी चाहिए। अब इस योजना का लाभ बटाईदार किसानों और भूमिहीन खेतिहर मजदूरों को भी दिया जा रहा है। दुर्घटना के 6 महीने के भीतर तहसील में आवेदन करना जरूरी होता है। लोकतंत्र सेनानियों को पेंशन हर महीने ₹20 हजार मिल रहे यूपी सरकार आपातकाल के दौरान जेल जाने वाले लोकतंत्र सेनानियों को हर महीने ₹20 हजार पेंशन देती है। इसके साथ ही उन्हें मुफ्त बस यात्रा और ₹5 लाख तक कैशलेस इलाज जैसी सुविधाएं भी मिलती हैं। राज्य में ये सुविधा ‘यूपी लोकतंत्र सेनानी सम्मान योजना’ के तहत दी जा रही है। अगर किसी लोकतंत्र सेनानी का निधन हो जाता है, तो ये राशि उनके पति या पत्नी को भी मिलती रहती है। इसके लिए जिला प्रशासन स्तर पर आवेदन और वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी की जाती है। इस योजना का लाभ उन लोगों को मिलता है, जिन्हें 25 जून 1975 से 21 मार्च 1977 के बीच लगे आपातकाल के दौरान मीसा (MISA) या डीआईआर (DIR) कानून के तहत जेल भेजा गया था। यूपी में केंद्र की 2 बड़ी पेंशन योजनाएं लागू केंद्र सरकार की दो बड़ी पेंशन योजनाएं भी यूपी में लागू हैं, जो असहाय और जरूरतमंदों की आर्थिक मदद करती हैं। इनमें अटल पेंशन योजना (APY) और प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन योजना (PM-SYM) प्रमुख हैं। अटल पेंशन योजना में 18 से 40 साल का कोई भी व्यक्ति निवेश कर सकता है और 60 साल की उम्र के बाद ₹1000 से ₹5000 तक मासिक पेंशन पा सकता है। वहीं, प्रधानमंत्री श्रम योगी मान-धन योजना असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए है, जिसमें 60 साल की उम्र के बाद ₹3000 मासिक पेंशन का प्रावधान है। ——————————— आपके काम की ये जरूरी खबरें भी पढ़िए- गैस सिलेंडर डिलिवरी से जुड़े नियम बदले:e-KYC न कराने पर बंद होगी सब्सिडी, 21 के बजाय 25 दिन में मिलेगा दूसरा सिलेंडर केंद्र सरकार ने रसोई गैस सिलेंडर (LPG) की रिफिलिंग से जुड़े नियम 1 जून से बदल दिए हैं। नए नियम के तहत शहरों में अब 25 दिन बाद ही दूसरा सिलेंडर बुक करा सकेंगे। पहले ये समय 21 दिन था। वहीं, गांवों में 45 दिन बाद ही दूसरी बुकिंग होगी। पूरी खबर पढ़िए… —————————————-
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