यूपी में सीजन में पहली बार पारा 44 पार:तपिश इतनी कि चिड़ियाघर में शेर-हिरन पर फुहारें डाले रहे, गैंडे के लिए कीचड़ का तालाब बनाया

यूपी में अब गर्मी अपने तेवर दिखाने लगी है। बुधवार को सीजन में पहली बार बांदा का तापमान 44.8°C पहुंच गया। यही नहीं, 16 जिलों में भी पारा 40 डिग्री या उससे ज्यादा रिकॉर्ड किया गया। बढ़ती गर्मी का असर अब चिड़ियाघर के जानवरों पर भी दिखने लगा है। तपिश से राहत दिलाने के लिए कानपुर चिड़ियाघर प्रशासन ने खास इंतजाम किए हैं। गैंडे के लिए कीचड़ का तालाब तैयार किया गया है, जबकि हिरन और शेरों के लिए पानी की फुहारों के जरिए ठंडक पहुंचाई जा रही है। लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया- अगले 10 दिनों तक बारिश के आसार नहीं हैं। पछुआ (पश्चिमी) हवा अब कमजोर पड़ेगी। अगले 4-5 दिनों में प्रदेश के औसत तापमान में 3 से 6°C तक की बढ़ोतरी हो सकती है। आने वाले दिनों में प्रदेश के अधिकांश जिलों में तापमान 40 डिग्री के पार चला जाएगा। इससे गर्मी का असर और तेज होगा। लू चलने की भी संभावना है। 2 तस्वीरें देखिए- हिरणों के बाड़े में पानी का फ्लो बढ़ाया गया
कानपुर चिड़ियाघर में हिरणों को राहत देने के लिए उनके बाड़े में पानी का फ्लो बढ़ा दिया गया है। वाटर टैंकों में लगातार ताज़ा पानी भरा जा रहा है, ताकि वे ठंडक महसूस कर सकें। गर्मी के कारण हिरण अधिकतर समय पेड़ों की छांव में झुंड बनाकर बैठे नजर आ रहे हैं। चिड़ियाघर में जानवरों के बाड़ों के पास लगाए गए स्प्रिंकलर से निकलने वाली महीन पानी की फुहारें वातावरण को ठंडा बना रही हैं। इससे तापमान 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक कम हो रहा है। शेर समेत अन्य जानवर इन फुहारों के बीच मस्ती करते नजर आ रहे हैं, जिससे उमस भरी गर्मी में भी उन्हें राहत मिल रही है। विशेषज्ञ बोले- कीचड़ की परत गैंडे का तापमान नियंत्रित करती है
गैंडे के लिए बनाए गए कीचड़ के तालाब पर विशेषज्ञ डॉ. नासिर ने बताया कि गैंडा कीचड़ में लोटकर खुद को ठंडा रखता है। गीली मिट्टी उसके शरीर पर चिपककर एक सुरक्षा परत बना लेती है, जिससे गैंडे का तापमान लंबे समय तक नियंत्रित रहता है और उसे गर्मी से राहत मिलती है। 5 दिन कैसा रहेगा मौसम? पिछले साल 46.2 डिग्री तक गया था पारा पिछले साल भीषण गर्मी पड़ी थी। पारा 46.2 डिग्री तक गया था। यह तापमान 17 मई को बदायूं में रिकॉर्ड किया गया था। इसके अलावा, 25 से ज्यादा जिलों का तापमान 45 डिग्री के पार गया था। गर्मी से कैसे बचें, ग्राफिक से समझिए इस साल की बारिश पर अल-नीनो का साया इस बार जून से सितंबर के बीच यूपी समेत पूरे देश में सामान्य से कम बारिश होने के आसार हैं। मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक डॉ. एम. महापात्रा ने बताया कि इस साल प्रशांत महासागर में ला-नीना जैसी स्थितियां खत्म हो जाएंगी। अल-नीनो जैसी स्थितियां बनने लगेंगी। यह कम बारिश का कारण बनेगी। यानी इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून के सामान्य से कमजोर रहने की संभावना है। साथ ही इस साल के जनवरी-मार्च में उत्तरी गोलार्ध में बनी कम बर्फ भी मानसून को प्रभावित कर सकती है। अल-नीनो और ला-नीना के बारे में जानिए- अल नीनो: इसमें समुद्र का तापमान 3-4 डिग्री बढ़ता है। इसका प्रभाव 10 साल में दो बार होता है। इससे ज्यादा बारिश वाले क्षेत्र में कम और कम बारिश वाले क्षेत्र में ज्यादा बारिश होती है। ला नीना: इसमें समुद्र का पानी तेजी से ठंडा होता है। इसका दुनियाभर के मौसम पर असर पड़ता है। आसमान में बादल छाते हैं और अच्छी बारिश होती है। इन तारीखों को रहेगा नौतपा का असर इस साल ग्रहों के राजा सूर्य रोहिणी नक्षत्र में 25 मई को 15:37 बजे प्रवेश करेंगे। इसके बाद सूर्य रोहिणी नक्षत्र में 8 जून को 13:33 बजे तक यानी 15 दिन रहेंगे। ऐसे में सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश के प्रारंभ के नौ दिन तक नौतपा का प्रभाव रहेगा। ज्योतिषाचार्य पुनीत वार्ष्णेय के अनुसार, यह प्रभाव 25 मई से शुरू होकर दो जून तक रहेगा। इस दौरान पृथ्वी पर सूर्य की सीधी किरणें पड़नी शुरू हो जाती हैं, जिससे इस कालखंड में भीषण गर्मी पड़ती है। ——————— मौसम से जुड़ी हुई ये खबर भी पढ़ें- यूपी में अब और झुलसाएगी गर्मी, बारिश भी कम होगी:3 से 4 डिग्री बढ़ेगा तापमान, पूर्वांचल में ज्यादा, बुंदेलखंड में कम पड़ेगी गर्मी

यूपी में गर्मी लोगों को सता रही है। चिलचिलाती धूप से लोग परेशान हैं। मौसम वैज्ञानिक के मुताबिक, इस सीजन में पूर्वांचल में लू (हीटवेव) ज्यादा दिनों तक परेशान करने वाली है। हालांकि, हर सीजन में तपने वाले बुंदेलखंड के लोगों को थोड़ी राहत मिलने वाली है। संभावना है कि यहां गर्मी कुछ कम पड़ सकती है। पढ़ें पूरी खबर