यूपी में लखनऊ समेत 72 जिलों में 23 और 27 अक्टूबर को शराब की दुकानें बंद रहेंगी। लखनऊ डीएम ने बताया कि यह फैसला शिक्षक और स्नातक एमएलसी चुनाव के मद्देनजर लिया गया है। इस दौरान शराब की दुकानों के साथ बार, मॉडल शॉप और सैन्य कैंटीन में भी शराब की बिक्री नहीं होगी। कल, शुक्रवार को विधान परिषद (MLC) की कुल 11 सीटों पर मतदान होंगे। इनमें 5 स्नातक और 6 शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र शामिल हैं। कानपुर, कानपुर देहात और उन्नाव में आचार संहिता लागू नहीं है। इसलिए यहां वोटिंग नहीं होगी। 27 अक्टूबर को वोटों की गिनती की जाएगी। जानिए किन 11 सीटों पर होना है मुकाबला विधान परिषद की जिन 11 सीटों पर चुनाव घोषित हुआ है, उनमें 5 स्नातक खंड की और 6 शिक्षक खंड की सीटें हैं। 5 स्नातक सीटें : लखनऊ मंडल, वाराणसी मंडल, आगरा मंडल, मेरठ मंडल और इलाहाबाद-झांसी मंडल। इनमें से इलाहाबाद-झांसी और वाराणसी सीट सपा के कब्जे में है। बाकी 3 सीटों पर भाजपा का कब्जा है। 6 शिक्षक सीटें : लखनऊ खंड, वाराणसी खंड, आगरा खंड, मेरठ खंड और बरेली-मुरादाबाद खंड (2 सीटें)। इनमें से 3 सीटों पर भाजपा, 1 पर सपा, 1 पर शिक्षक समूह और 1 पर निर्दलीय का कब्जा है। 10 लाख वोटर तय करेंगे दिग्गजों की साख इस ‘मिनी-जनादेश’ में 10 लाख से ज्यादा वोटर अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। स्नातक क्षेत्र का वोटर बनने के लिए डिग्री हासिल किए 3 साल पूरे होना जरूरी हैं। जबकि शिक्षक क्षेत्र में सिर्फ पढ़ा रहे शिक्षक ही वोट डाल सकते हैं। 22 से 35 साल के वोटर निर्णायक : उम्मीदवारों ने इस बार युवाओं, रिटायर्ड कर्मचारियों, भूतपूर्व सैनिकों, महिलाओं और शिक्षकों का बड़े पैमाने पर रजिस्ट्रेशन कराया है। इनमें सबसे ज्यादा संख्या 22 से 35 साल के युवा मतदाताओं (जेन-जी) की है। युवाओं को साधने की होड़ : सपा जहां बेरोजगारी, पुरानी पेंशन (OPS) और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर युवाओं और कर्मचारियों को साध रही है। वहीं, योगी सरकार अपनी उपलब्धियों और पारदर्शी भर्तियों के दम पर वोट मांग रही है। खबर अपडेट हो रही है…