श्रीराम जन्मभूमि मंदिर का चढ़ावा चोरी मामले में SIT 4 दिन से जांच कर रही है। इसमें सामने आया कि पूरे मंदिर का मैनेजमेंट 3 सदस्य- चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्रा और गोपाल राव देख रहे थे। मंदिर की व्यवस्थाओं में किसी दूसरे पदाधिकारी का दखल उन्हें पसंद नहीं था। यही तीनों सदस्य चढ़ावा गिनने और फिर उसके बैंक में डिपॉजिट होने तक का मैनेजमेंट संभालते थे। ये सदस्य ट्रस्ट में पदेन सदस्य के रूप में शामिल अयोध्या के जिलाधिकारी, अपर मुख्य सचिव (गृह) और केंद्र सरकार के नामित सदस्यों से कोई बातचीत नहीं करते थे। न ही उन्हें कोई जानकारी दी जाती थी। SIT जांच में सामने आया कि चढ़ावा गिनने में चूक हुई। सिक्योरिटी का ध्यान नहीं रखा गया। अपनी रिपोर्ट में SIT ट्रस्ट के सरकारी (पदेन) सदस्यों की जिम्मेदारी बढ़ाने की सिफारिश कर सकती है। इसमें अयोध्या के डीएम को केंद्र में रखा जा सकता है। 13 जून, 2026 को श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अनुरोध पर गृह विभाग ने 3 सदस्यीय SIT बनाई थी। 15 जून को लखनऊ के कमिश्नर विजय विश्वास पंत की अगुआई में SIT की टीम अयोध्या पहुंची। राम मंदिर परिसर के ‘गणना कक्ष’ से अपनी जांच की शुरुआत की। ट्रस्ट के सदस्यों में चंपत राय और आमंत्रित सदस्यों में गोपाल राव से पूछताछ की। चौथे दिन 18 जून को राम मंदिर के ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र से करीब 4 घंटे तक पूछताछ की। इसके बाद राम शंकर उर्फ टिन्नू यादव को टीम ने फिर पूछताछ के लिए बुलाया और करीब डेढ़ घंटे तक पूछताछ की। फिर टीम ने मंदिर के बेसमेंट में कर्मचारियों से लंबी पूछताछ की। बैंक और TCS के कर्मचारियों से भी डिटेल में पूरी व्यवस्था को समझा। SIT अब उन लोगों से भी बात कर रही है, जिन्होंने चढ़ावे में रामलला को जेवर और सोना-चांदी दिया। टीम ने उनके बयान रिकॉर्ड किए हैं। SIT की जांच में सामने आईं 4 बड़ी गड़बड़ियां चढ़ावा गिनने की व्यवस्था पारदर्शी नहीं : मंदिर परिसर में लगे 14 दानपात्र से नकदी निकालने, उसे ऑफिस तक लाने, फिर गणना कक्ष में गिनने की पूरी प्रक्रिया असुरक्षित मिली। सोने-चांदी का कोई रिकॉर्ड नहीं : भक्तों के चढ़ाए सोने-चांदी के जेवरात का कोई पुख्ता रिकॉर्ड नहीं मिला। ट्रस्ट की हर 3 महीने में होने वाली बैठक में नकदी का ब्योरा तो दिया जाता है। लेकिन, सोने-चांदी की मात्रा का खुलासा नहीं किया गया। भर्ती और टेंडर प्रक्रिया संदिग्ध : सुरक्षा गार्डों की नियुक्ति, सामग्री की खरीद के टेंडर और मंदिर में तैनात कर्मचारियों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी तरह संदेह के घेरे में मिली। यह भी सामने आया कि प्रभाव वाले सदस्यों ने अपने रिश्तेदारों को नौकरी पर रखवा लिया। भीड़ नियंत्रण में फेलियर : श्रद्धालुओं के दर्शन, प्रसाद वितरण, सीता रसोई में भोजन वितरण से लेकर भीड़ नियंत्रण तक में भारी खामियां मिली हैं। चंपत राय के करीबी ‘टिन्नू’ के दबदबे से SIT हैरान सूत्रों के मुताबिक, राम शंकर उर्फ टिन्नू यादव के श्रीराम जन्मभूमि परिसर में रसूख को देखकर SIT के सदस्य भी हैरान दिखे। SIT ने मुख्य किरदार माने जा रहे टिन्नू यादव से लंबी पूछताछ की है। सूत्रों का कहना है कि जांच रिपोर्ट के बाद टिन्नू समेत कई कर्मचारियों को हटाया जा सकता है। उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है। टिन्नू के मेहमानों को मंत्रियों जैसा प्रोटोकॉल : मंदिर के जिस परिसर में आम जनता तो दूर, वीआईपी मेहमानों को भी मोबाइल ले जाने की इजाजत नहीं है, वहां टिन्नू के करीबी कर्मचारी बिना रोक-टोक घूमते थे। टिन्नू के मेहमानों की कहीं चेकिंग नहीं होती, उन्हें मंत्रियों जैसा प्रोटोकॉल मिल रहा था। बैंक अधिकारियों ने SIT को कमियां बताईं : SIT ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के अधिकारियों से भी बात की। उन्होंने स्वीकार किया कि चढ़ावा गिनने के लिए जो संविदाकर्मी रखे गए थे, वो ट्रस्टी चंपत राय के कहने पर ही रखे गए थे। बैंक के अधिकारियों ने कहा कि जितनी राशि उन तक पहुंचती है, वे उसे जमा कर लेते हैं। बीच के रास्ते में क्या होता है, इसकी उन्हें जानकारी नहीं है। क्या शिरिडी-वैष्णो देवी की तर्ज पर अफसर संभालेंगे कमान? करोड़ों के चढ़ावे की चोरी और अव्यवस्था के सामने आने के बाद राम मंदिर का पूरा मैनेजमेंट अब संतों और ट्रस्टियों के हाथों से निकलकर प्रशासनिक अधिकारियों के पास जा सकता है। ————————- ये खबरें भी पढ़ें – दावा- सोने-चांदी की 1250 श्रीराम शिलाएं गायब, सबसे महंगी शिला मॉरीशस से आई थी; मुंबई के व्यापारी ने हीरे जड़ी शिला दान दी थी अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की चोरी कोई नई नहीं है। धर्मसेना के संस्थापक संतोष दुबे का दावा है कि 1989 में गांव-गांव, शहर-शहर और देश-विदेश से पूजित होकर अयोध्या आईं सोने-चांदी, हीरे-माणिक्य और अष्टधातु की 1250 शिलाएं अब ‘गायब’ हो चुकी हैं। ये शिलाएं 2002 तक कारसेवकपुरम में रहीं। पढ़िए पूरी खबर… ऑटो ड्राइवर ने राम मंदिर मैनेजमेंट में कैसे ली एंट्री, टिन्नू यादव पर चढ़ावे की चोरी के आरोप; 28 साल पहले चंपत राय से जुड़ा था अयोध्या के श्रीराम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के बाद देशभर में टिन्नू यादव सुर्खियों में है। कहने को टिन्नू ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के खास सहयोगी है, लेकिन श्रीराम मंदिर ट्रस्ट में वह बहुत पावरफुल बताया जाता है। चाहे सिक्योरिटी का मैनेजमेंट हो या चढ़ावे को बैंक में डिपॉजिट कराना हो, टिन्नू ही सब कुछ मैनेज करता आया है। पढ़िए पूरी खबर…