रोटावेटर में फंसकर युवक कई टुकड़ों में कटा:कानपुर देहात में 5 घंटे बाद निकाला शव; पुलिस बॉडी बोरी में भरकर भागी

कानपुर देहात में सोमवार को रोटावेटर में फंसकर एक युवक के कई टुकड़े हो गए। वह मशीन में फंसी घास निकालने जा रहा था। जैसे ही उसने हाथ बढ़ाया, उसे रोटावेटर ने खींच लिया। ट्रैक्टर युवक के मामा चला रहे थे। उन्होंने शोर सुनकर ब्रेक लगाई, लेकिन तब तक युवक की मौत हो चुकी थी। रोटावेटर खोलने के लिए मिस्त्री बुलाया गया। उसने करीब 5 घंटे में एक-एक नट बोल्ट खोलकर युवक के शव के टुकड़े निकाले। हादसे की खबर पाकर लोगों की भीड़ जुट गई। युवक की मां और अन्य परिजन मौके पर पहुंचे। क्षत-विक्षत शव देखकर मां बदहवास हो गई। वह शव से लिपटकर बिलखती रही। हादसा सुबह 11 बजे का है। परिजन हंगामा न कर दें, इसलिए पुलिस आनन-फानन में शव को बोरी में भरा और पोस्टमॉर्टम हाउस लेकर पहुंच गई। लेकिन कर्मचारियों ने शव को रिसीव करने से मना कर दिया। पुलिसवाले पंचनायतनामा भरे बगैर पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंच गए थे। कागज लाने पर शव रिसीव किया। हादसे से जुड़ी 2 तस्वीरें…
अब विस्तार से पढ़िए… मामा की मदद के लिए खेत गया था युवक जिला मुख्यालय से 3 किलोमीटर दूर गजनेर थाना के गुजराई में दिलशाद (26) रहता था। वह अपने मामा के घर रूरा थाना क्षेत्र के लालपुर गांव आया था। सोमवार सुबह करीब 11 बजे दिलशाद के मामा शार्दुल गांव के प्रधान घनश्याम यादव के खेत में काम करने जा रहे थे। मदद के लिए वह भी मामा के साथ चला गया। खेत में धान की रोपाई होनी थी। इससे पहले खेत की रोटावेटर से जुताई की जा रही थी। दिलशाद खेत के बाहर रखी धान की नर्सरी उठाने गया। इसी दौरान उसकी नजर ट्रैक्टर के पीछे रोटावेटर में फंसी घास पर पड़ी। उसने बिना मशीन बंद कराए, घास निकालने की कोशिश की। जैसे ही उसने हाथ बढ़ाया, घूमती मशीन ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते वह रोटावेटर में बुरी तरह फंस गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। हादसे की सूचना पुलिस को दी गई। रूरा थाने के पुलिसकर्मियों ने गांव के लोगों मदद से शव निकालने का प्रयास किया। लेकिन कोई शव नहीं निकाल सका। इसके बाद मिस्त्री को बुलाकर रोटावेटर को खुलवाया गया। जिसमें करीब पांच घंटे लगे। बोरी में भरकर पुलिस ले गई शव हादसे की खबर पाकर दिलशाद की मां रानी, नाना जोगिंदर, नानी उर्मिला सहित अन्य परिजन घटनास्थल पर पहुंचे। रोटावेटर में फंसे शव को देखकर परिवार में कोहराम मच गया। उन्होंने आर्थिक मदद के लिए हंगामा शुरू कर दिया। मामला बढ़ते देख पुलिस ने एक पिकअप का इंतजाम किया और शव को बोरे में भरकर ले गई। पुलिस ने न तो बॉडी सील की थी और न ही पंचायतनामा भरवाया। परिजनों को भी पुलिस पोस्टमॉर्टम हाउस नहीं लेकर गई। इस पर पोस्टमार्टम के कर्मचारी ने शव लेने से इंकार कर दिया। कहा- पहले सील करके लाओ, तब लेंगे। मौसी शबनम बोलीं- दिलशाद ट्रक ड्राइवर था, परिवार का सहारा चला गया दिलशाद की मौसी शबनम ने बताया, भांजा दिलशाद ट्रक ड्राइवर था। वह एक दिन पहले मेरे घर आया था। सोमवार सुबह वह अपने मामा के साथ खेत पर काम करने गया था, जहां यह हादसा हो गया। उन्होंने बताया- दिलशाद की दो और एक साल की छोटी बेटियां हैं। उसकी पत्नी गर्भवती है। दिलशाद की मौत से परिवार का कमाने वाला एकमात्र सहारा छिन गया। उन्होंने प्रशासन से परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की। शबनम ने आरोप लगाया कि पुलिस शव को जबरन अपने साथ ले गई और परिजनों को गाड़ी में बैठने तक नहीं दिया। उनका आरोप है कि विरोध करने पर पुलिस ने धक्का-मुक्की की और परिजनों को शव के पास भी नहीं जाने दिया। उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने उनसे कहा कि “न्याय हम ही दिलाएंगे, यदि हंगामा करोगे तो कुछ नहीं होगा।” पुलिस बोली- शिकायत मिलने पर मुकदमा लिखा जाएगा थाना प्रभारी सुधीर भारद्वाज ने बताया- शुरुआती जांच के मुताबिक, ये हादसा है। युवक चलते रोटावेटर से घास निकालने के दौरान उसकी चपेट में आ गया, जिससे उसकी मौत हो गई। मामले की जांच की जा रही है। अभी शिकायत नहीं मिली है। मिलते ही मुकदमा दर्ज किया जाएगा। ————————————– ये खबर भी पढ़ें- बांकेबिहारी मंदिर में महिला सिपाही ने श्रद्धालु को पीटा, धक्का लगने पर भड़की, लाइन से खींचकर थप्पड़े जड़े मथुरा के बांके बिहारी मंदिर में महिला सिपाही ने एक श्रद्धालु युवक की जमकर पिटाई कर दी। वजह इतनी थी कि भीड़ बढ़ने पर धक्का-मुक्की हो गई और सिपाही को धक्का लग गया। इस पर महिला सिपाही भड़क गई। गुस्से में उसने दर्शन के लिए लाइन में लगे युवक की टी-शर्ट पकड़कर उसे लाइन से बाहर खींच लिया और ताबड़तोड़ थप्पड़ बरसाने लगी। 25 सेकेंड में उसने युवक को 8 थप्पड़ जड़ दिए। पढ़ें पूरी खबर