लखनऊ के डॉ.राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान की 1010 बेडेड मल्टीस्पेशियलिटी हॉस्पिटल परियोजना को सरकार ने मंजूरी दे दी है। सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस महत्वाकांक्षी परियोजना को स्वीकृति प्रदान की गई।
संस्थान के शहीद पथ स्थित नए परिसर में बनने वाले इस आधुनिक अस्पताल के साथ टीचिंग ब्लॉक और नवीन ओपीडी ब्लॉक का भी निर्माण किया जाएगा। इससे प्रदेश में सुपरस्पेशियलिटी और चतुर्थक चिकित्सा सेवाओं का बड़ा विस्तार होगा। 4 हजार मरीज इलाज के लिए पहुंचते है
वर्ष 2006 में स्थापित और 2018 में विश्वविद्यालय का दर्जा प्राप्त RMLIMS वर्तमान में प्रदेश के प्रमुख तृतीयक चिकित्सा संस्थानों में शामिल है। संस्थान के 41 विभागों में प्रतिदिन लगभग 4000 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं, जबकि हर वर्ष करीब 9 लाख ओपीडी मरीजों और 50 हजार से अधिक भर्ती मरीजों का उपचार किया जाता है। इन सुविधाओं से होगा लैस
नई परियोजना के तहत अत्याधुनिक इमरजेंसी सेवाएं, हाईटेक ICU, मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, सुपरस्पेशियलिटी वार्ड, इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी सुविधाएं, स्मार्ट बिल्डिंग सिस्टम, मेडिकल गैस पाइपलाइन, उन्नत फायर सेफ्टी सिस्टम और आधुनिक ओपीडी सेवाएं विकसित की जाएंगी। साथ ही सोलर वाटर हीटिंग और रेन वाटर हार्वेस्टिंग जैसी पर्यावरण अनुकूल व्यवस्थाएं भी परियोजना का हिस्सा होंगी। संस्थान प्रशासन के अनुसार, ब्रॉड स्पेशियलिटी सेवाओं को नए परिसर में शिफ्ट किए जाने के बाद वर्तमान परिसर में अतिरिक्त बेड सुपरस्पेशियलिटी विभागों को आवंटित किए जाएंगे। इससे गंभीर और जटिल बीमारियों के मरीजों को अधिक तेज और बेहतर इलाज मिल सकेगा। यह परियोजना मेडिकल शिक्षा और प्रशिक्षण के लिए भी अहम मानी जा रही है। नए परिसर में पहले से छात्रावास, नर्सेज फ्लैट्स, आवासीय परिसर, स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर और पैरामेडिकल नर्सिंग कॉलेज जैसी सुविधाएं विकसित की जा चुकी हैं। इससे मेडिकल छात्रों, रेजिडेंट्स और सुपरस्पेशियलिटी ट्रेनी डॉक्टरों को क्लीनिकल ट्रेनिंग और इमरजेंसी एक्सपोजर में लाभ मिलेगा।
संस्थान के शहीद पथ स्थित नए परिसर में बनने वाले इस आधुनिक अस्पताल के साथ टीचिंग ब्लॉक और नवीन ओपीडी ब्लॉक का भी निर्माण किया जाएगा। इससे प्रदेश में सुपरस्पेशियलिटी और चतुर्थक चिकित्सा सेवाओं का बड़ा विस्तार होगा। 4 हजार मरीज इलाज के लिए पहुंचते है
वर्ष 2006 में स्थापित और 2018 में विश्वविद्यालय का दर्जा प्राप्त RMLIMS वर्तमान में प्रदेश के प्रमुख तृतीयक चिकित्सा संस्थानों में शामिल है। संस्थान के 41 विभागों में प्रतिदिन लगभग 4000 मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं, जबकि हर वर्ष करीब 9 लाख ओपीडी मरीजों और 50 हजार से अधिक भर्ती मरीजों का उपचार किया जाता है। इन सुविधाओं से होगा लैस
नई परियोजना के तहत अत्याधुनिक इमरजेंसी सेवाएं, हाईटेक ICU, मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर, सुपरस्पेशियलिटी वार्ड, इंटरवेंशनल रेडियोलॉजी सुविधाएं, स्मार्ट बिल्डिंग सिस्टम, मेडिकल गैस पाइपलाइन, उन्नत फायर सेफ्टी सिस्टम और आधुनिक ओपीडी सेवाएं विकसित की जाएंगी। साथ ही सोलर वाटर हीटिंग और रेन वाटर हार्वेस्टिंग जैसी पर्यावरण अनुकूल व्यवस्थाएं भी परियोजना का हिस्सा होंगी। संस्थान प्रशासन के अनुसार, ब्रॉड स्पेशियलिटी सेवाओं को नए परिसर में शिफ्ट किए जाने के बाद वर्तमान परिसर में अतिरिक्त बेड सुपरस्पेशियलिटी विभागों को आवंटित किए जाएंगे। इससे गंभीर और जटिल बीमारियों के मरीजों को अधिक तेज और बेहतर इलाज मिल सकेगा। यह परियोजना मेडिकल शिक्षा और प्रशिक्षण के लिए भी अहम मानी जा रही है। नए परिसर में पहले से छात्रावास, नर्सेज फ्लैट्स, आवासीय परिसर, स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर और पैरामेडिकल नर्सिंग कॉलेज जैसी सुविधाएं विकसित की जा चुकी हैं। इससे मेडिकल छात्रों, रेजिडेंट्स और सुपरस्पेशियलिटी ट्रेनी डॉक्टरों को क्लीनिकल ट्रेनिंग और इमरजेंसी एक्सपोजर में लाभ मिलेगा।