लोधी, गुर्जर, राजभर विधायक लोगों को पसंद नहीं:यूपी के जिन 39 विधायकों को पसंद किया, इनमें 11 ठाकुर-6 ब्राह्मण; जातिवार नतीजे

यूपी की सियासत में जाति की बड़ी भूमिका है। दैनिक भास्कर के सबसे बड़े सर्वे में 39 विधायकों को उनके क्षेत्र में 50% से ज्यादा लोगों ने जाति के आधार पर दोबारा कैंडिडेट बनाने के लिए पसंद किया। इनमें सबसे ज्यादा 11 ठाकुर और 6 ब्राह्मण विधायक हैं। तीसरे नंबर पर 4 यादव और इतने ही कुर्मी विधायक हैं। बाकी 14 विधायक अन्य जातियों से हैं। लोधी, गुर्जर, राजभर विधायकों को सर्वे में लोगों ने दोबारा कैंडिडेट बनाने के लिए नापसंद किया। सपा में 95 विधायकों को लोगों ने नापसंद किया। इनमें सबसे ज्यादा 20 विधायक यादव हैं। जिन 8 विधायकों को पसंद किया, इनमें भी 4 यादव बिरादरी से आते हैं। अब बात नापसंद किए गए विधायकों की भास्कर सर्वे के रिजल्ट में सामने आया कि लोग 361 विधायकों को दोबारा कैंडिडेट नहीं बनाना चाहते। इनमें 78 दलित विधायकों से लोग नाराज दिखे। इसी तरह 45 ब्राह्मण, 38 कुर्मी, 31 ठाकुर, 22 यादव, 17 लोधी, 15 जाट और 193 अन्य (निषाद, मौर्य, राजभर, पाल, मुस्लिम आदि) जाति के विधायकों को लोग अगली बार बतौर कैंडिडेट नहीं देखना चाहते। अब पार्टीवार जानिए विधायक जाति के हिसाब से कितने पसंद, नापसंद 8 विधायकों को अच्छा या खराब बताने की एक वजह ‘जाति’ भी सर्वे में लोगों ने 400 में से 396 विधायकों को अच्छा या खराब बताने की एक वजह के तौर पर ‘जाति’ का भी फैक्टर चुना। हालांकि सिर्फ जाति के फैक्टर पर जनता ने किसी भी विधायक को नहीं नकारा। सर्वे में 8 विधायक जरूर ऐसे सामने आए, जिनके लिए तुलनात्मक रूप से लोगों ने जाति के विकल्प को ज्यादा चुना है। भास्कर सर्वे रिजल्ट में लोग रामवीर से खुश दिखे। उन्हें अगली बार भी कैंडिडेट बनते देखना चाहते हैं। यहां भाजपा लोगों की पहली पसंद बनी। अच्छा बताने के लिए चुने गए विकल्पों में 2.50% लोगों ने “जाति” का चयन किया। सर्वे रिजल्ट में जनता ने बतौर कैंडिडेट अगली बार के लिए “ना” बोला है। हालांकि, यहां पार्टी के तौर पर लोगों ने सपा को ही पहली पसंद बताया। विधायक को नकारने में खराब व्यवहार और विकास कार्य न कराने के साथ 9% जाति भी एक वजह बनी। पहली बार की विधायक डॉ. रश्मि आर्या को सर्वे में लोग बतौर कैंडिडेट अगली बार नहीं देखना चाहते हैं। उनकी इस सीट पर जनता ने सपा को पहली पसंद की पार्टी बताया। 8% लोगों ने उन्हें नकारने की वजह के रूप में जाति का विकल्प चुना है। इस विधानसभा के लोग हंसूराम काे अगली बार बतौर प्रत्याशी नहीं देखना चाहते। इस सीट पर लोगों की पहली पसंद की पार्टी सपा बनी। विधायक को नकारने वजह के रूप में 8% लोगों ने जाति का विकल्प चुना है। सर्वे रिजल्ट में लोगों ने रफीक अंसारी को अगली बार के लिए “ना” कहा। इस सीट पर भाजपा को जनता ने पहली पसंद की पार्टी चुनी। अंसारी को नकारने वालों में 4% ने जाति का विकल्प चुना है। मेरठ कैंटोमेंट के लोग अमित अग्रवाल को अगली बार कैंडिडेट नहीं देखना चाहते। हालांकि, पार्टी के तौर पर अब भी भाजपा यहां पहली पसंद है। नापसंद करने वालों में 4% लोगों ने जाति का विकल्प चुना है। इस सीट पर लोग अगली बार बतौर कैंडिडेट गुलाम मोहम्मद को नहीं देखना चाहते हैं। यहां लोगों ने भाजपा को अपनी पहली पसंद की पार्टी बताया। गुलाम मोहम्मद को नकारने वालों में 3% लोगों ने जाति का विकल्प चुना है। भास्कर सर्वे में लोग सुशील शाक्य को बतौर कैंडीडेंट अगली बार नहीं देखना चाहते हैं। यहां सपा लोगों की पहली पसंद वाली पार्टी बनी। विधायक को नकारने में 1.33% वजह लोगों ने जाति चुनी। अलग-अलग जाति के विधायकों की सीटों पर कौन-सी पार्टी पहली पसंद बनी दलित विधायकों की स्थिति. ब्राह्मण विधायकों की स्थिति. ठाकुर विधायकों की स्थिति. कुर्मी विधायकों की स्थिति. यादव विधायकों की स्थिति. लोधी विधायकों की स्थिति. जाट विधायकों की स्थिति. निषाद विधायकों की स्थिति. गुर्जर विधायकों की स्थिति मौर्या विधायकों की स्थिति राजभर विधायकों की स्थिति भाजपा और सुभासपा के 1-1 विधायक : इन दोनों सीटों पर सर्वे रिजल्ट में सपा को पहली पसंद की पार्टी बताया। —————————- ये खबरें भी पढ़ें – 13 मंत्रियों की सीटों पर नए चेहरे बने पहली पसंद, डिप्टी सीएम की सीट पर सपा नंबर वन; यूपी के मंत्रियों की सीटों का हाल दैनिक भास्कर के सबसे बड़े सर्वे के नतीजों में सामने आया है कि यूपी के 40 में से 33 मंत्रियों को जनता दोबारा उम्मीदवार नहीं बनाना चाहती। सिर्फ 3 मंत्रियों को दोबारा टिकट देने के लिए ‘हां’ बोला है, जबकि 3 मंत्रियों पर लोग स्पष्ट राय नहीं बना सके। 4 मंत्रियों को जनता ने उनके खराब व्यवहार के कारण पसंद नहीं किया। सर्वे में विधायकों को पसंद करने या नापसंद करने की वजह भी पूछी गई थी। पढ़िए पूरी खबर… यूपी-403 में से 256 सीटों पर भाजपा पहली पसंद, सपा को 135 सीटें; NDA के सहयोगी दलों को सबसे ज्यादा नुकसान
यूपी में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले दैनिक भास्कर एप के सबसे बड़े सर्वे में फेरबदल के संकेत मिल रहे हैं। यूपी की 403 सीटों में 256 पर भाजपा पहली पसंद बनी। 135 सीटों पर सपा मजबूत दिख रही है। सबसे ज्यादा नुकसान भाजपा की सहयोगी पार्टियों को होता दिख रहा है। ओम प्रकाश राजभर की सुभासपा अपनी सभी 6 सीटों पर पिछड़ती दिख रही है। पढ़िए पूरी खबर…