वाराणसी में 40 साल के डॉक्टर ने इंजेक्शन लगाकर सुसाइड कर लिया है। शनिवार को डॉक्टर ने मरीजों को देखा। इसके बाद हॉस्पिटल की OT की सिरिंज और इंजेक्शन लेकर अपने रूम में चले गए। कमरा बंद करके इंजेक्शन लगा लिया। रात 10 बजे तक डॉक्टर के रूम का दरवाजा नहीं खुला और वे कैंटीन में खाना खाने भी नहीं गए तो सिक्योरिटी गार्ड को शक हुआ। उसने स्टाफ को सूचना दी। डॉक्टरों को बुलाया गया। डॉक्टरों ने मोबाइल पर कई बार फोन किया और दरवाजा खटखटाया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद डॉक्टरों ने खिड़की से झांककर देखा। डॉक्टर बेड पर पड़े थे। उनका शव बैठी अवस्था में था। इसके बाद डॉक्टरों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस दरवाजा तोड़कर अंदर गई तो डॉक्टर बेड पर पड़े मिले। पास में इंजेक्शन रखा था। पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि डॉक्टर का पत्नी से विवाद चल रहा था। शाम को पत्नी से मोबाइल पर बातचीत के बाद दोनों के बीच विवाद बढ़ गया। इसके चलते उन्होंने जान दे दी। डॉक्टर गौतम शुभंकर हेरिटेज इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस में 3 साल से यूरोलॉजिस्ट थे। डॉक्टर अकेले ही कैंपस के आवास नंबर 802 में रहते थे। हॉस्पिटल की कैंटीन में खाना खाते थे। वह बिहार के रहने वाले थे। उनकी शादी 5 साल पहले हुई थी। उन्होंने दिल्ली एम्स से पढ़ाई की थी। 4 तस्वीरें देखिए- साथी डॉक्टरों बोले- कुछ समय से परेशान थे साथी डॉक्टरों के मुताबिक, कुछ दिनों से गौतम परेशान रहते थे। कुछ दिन पहले से उनके बिहेवियर में भी बदलाव आया था। शनिवार को गौतम ने ओपीडी में मरीजों को देखा। इसके बाद अपने आवास पर चले गए। रात में कैंटीन के गार्ड ने हम लोगों को बुलाया। उसने कहा कि डॉक्टर खाना खाने नहीं आए हैं। उनके रूम का दरवाजा भी बंद है। इसके बाद हम लोगों ने उनके मोबाइल पर फोन किया और दरवाजा खटखटाया। जवाब नहीं मिलने पर खिड़की से झांककर देखा तो गौतम बेड पर पड़े दिखाई दिए। इसके बाद सिक्योरिटी गार्ड ने हॉस्पिटल के अफसरों, डीन और पुलिस को सूचना दी। पुलिस दरवाजा तोड़कर अंदर गई। साथी डॉक्टर ने जांच करके बताया कि कुछ देर पहले ही डॉक्टर की मौत हुई है। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। परिजनों को घटना की सूचना दी गई। परिवार के लोग पटना से वाराणसी के लिए रवाना हो गए। खबर अपडेट की जा रही है….