‘नमाज पढ़ना शर्म की नहीं, बल्कि फक्र की बात है। मैं मुकदमे से डरने वाला नहीं हूं। स्कूलों में सरस्वती वंदना होती है और सरकारी निर्माण कार्य से पहले भूमि पूजन किया जाता है। ऐसे में केवल नमाज को लेकर FIR करना या सवाल उठाना भेदभाव है।’ यह बात मुरादाबाद में सपा विधायक मोहम्मद फहीम इरफान के चाचा हाजी मोहम्मद उस्मान ने शनिवार को कही। मोहम्मद उस्मान का शुक्रवार (4 सितंबर) को मुरादाबाद के सर्किट हाउस में नमाज पढ़ने का वीडियो सामने आया था। इस मामले में मोहम्मद उस्मान के खिलाफ शुक्रवार को ही FIR दर्ज की गई। होने के बाद उस्मान ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि वीडियो कब और कहां का है? इसे किसने रिकॉर्ड किया है? सपा नेता बोले- मैंने किसी का रास्ता नहीं रोका मोहम्मद उस्मान ने बताया- मैं पार्किंग में कारों के पीछे नमाज पढ़ते दिखाई दे रहा हूं। किसी का रास्ता रोकते हुए नहीं दिख रहा। अगर कानून टूटा है, तो निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। लेकिन, नमाज को लेकर दर्ज मुकदमा रद्द किया जाना चाहिए। संविधान ने सभी को इबादत का अधिकार दिया है। ऐसे मुकदमे से संविधान में विश्वास रखने वाले लोग डरने वाले नहीं हैं। उस्मान ने नफरत का जवाब नफरत से नहीं देने और संविधान और कानून के दायरे में रहकर अपनी आवाज उठाने की अपील की। सर्किट हाउस में नमाज पढ़ने पर दर्ज हुई FIR सपा जिला उपाध्यक्ष हाजी मोहम्मद उस्मान के खिलाफ सर्किट हाउस के प्रभारी अवर अभियंता अनित कुमार की शिकायत पर शुक्रवार देर शाम मझोला थाने में FIR दर्ज की गई थी। एसपी सिटी रणविजय सिंह ने बताया- हाजी उस्मान ने सर्किट हाउस के रास्ते पर कार खड़ी करके उसके पीछे गैरकानूनी रूप से नमाज पढ़ी। इससे वाहनों और लोगों की आवाजाही में अवरोध पैदा हुआ। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 3 सितंबर को फेसबुक पर पोस्ट हुआ था वीडियो हाजी उस्मान के नमाज पढ़ने का वीडियो 3 सितंबर को मलिक शरीफ नाम के फेसबुक यूजर ने पोस्ट किया था। पोस्ट के कैप्शन में लिखा था- आज असर की नमाज पढ़ते हुए मोहम्मद उस्मान प्रधान जी। इस अकाउंट से सपा विधायक मोहम्मद फहीम के कार्यक्रमों और गतिविधियों से जुड़े फोटो-वीडियो लगातार पोस्ट किए जाते रहे हैं। विधायक और उनके चाचा हाजी उस्मान साथ के कई फोटो और वीडियो भी इस अकाउंट पर पोस्ट किए गए हैं। मामला सामने आने के बाद नमाज वाला वीडियो सोशल मीडिया अकाउंट से डिलीट कर दिया गया था। बजरंग दल ने भी प्रशासन से की जांच की मांग पुलिस अब यह पता कर रही है कि वीडियो कब और किन परिस्थितियों में बनाया गया था? इसे सोशल मीडिया पर किसने पोस्ट किया था? वहीं, राष्ट्रीय बजरंग दल के प्रदेश अध्यक्ष रोहन सक्सेना ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा- सर्किट हाउस सरकारी परिसर है। ऐसे में प्रशासन को साफ करना चाहिए कि क्या सरकारी परिसर में किसी भी धर्म की धार्मिक गतिविधि की इजाजत है? प्रशासन को यह भी जांच करनी चाहिए कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन सर्किट हाउस में नमाज पढ़ने के पीछे क्या मंशा थी? हाईकोर्ट ने कहा था- सार्वजनिक जगहों पर नमाज का अधिकार किसी को नहीं मई, 2026 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सार्वजनिक भूमि पर नमाज पढ़ने को लेकर एक फैसला सुनाया था। जस्टिस सरल श्रीवास्तव और जस्टिस गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने कहा था- सार्वजनिक भूमि पर सभी का समान अधिकार होता है। इसका एक-तरफा उपयोग कानूनी तौर पर स्वीकार्य नहीं है। हाईकोर्ट के निर्णय का मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने समर्थन किया था। मौलाना ने कहा था- इस्लाम में साफ-साफ कहा गया है कि ऐसी जगह पर नमाज न पढ़ी जाए, जहां पर कोई विवाद हो। या कोई तमाशा खड़ा हो या किसी को ऐतराज हो या आपत्ति हो। पहले भी विवादों में रहे मोहम्मद उस्मान हाजी मोहम्मद उस्मान पूर्व जिला पंचायत सदस्य भी रहे हैं। वह अपने पैतृक गांव इब्राहीमपुर के प्रधान रह चुके हैं। हाजी उस्मान बिलारी के पूर्व विधायक हाजी मोहम्मद इरफान के छोटे भाई और मौजूदा बिलारी विधायक के चाचा हैं। पहली बार हाजी मोहम्मद उस्मान का नाम जाति प्रमाणपत्र विवाद में भी सामने आ चुका है। एक शिकायत के बाद जिला स्तरीय सत्यापन समिति ने मामले की जांच की थी। जांच में विधायक मोहम्मद फहीम और उनके चाचा मोहम्मद उस्मान के अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की झोझा जाति के प्रमाणपत्र नियमों के अनुरूप नहीं पाए गए थे। इसके बाद प्रशासन ने विधायक मोहम्मद फहीम, हाजी मोहम्मद उस्मान और उनकी दो बेटियों फरहीन जहां और समरीन जहां के OBC जाति प्रमाणपत्र निरस्त कर दिए थे। —————————- संबंधित खबर पढ़ें सपा विधायक के चाचा ने सर्किट हाउस में नमाज पढ़ी, मुरादाबाद में वीडियो सामने आया तो हिंदू संगठन भड़के मुरादाबाद में सपा विधायक मोहम्मद फहीम इरफान के चाचा हाजी मोहम्मद उस्मान ने सर्किट हाउस में नमाज पढ़ी। इसका शुक्रवार को वीडियो सामने आने के बाद हिंदू संगठन भड़क गए। यहां पढ़ें पूरी खबर