सुसाइड से पहले डॉक्टर का व्यवहार बदला, अकेले टहलते थे:गोरखपुर में सड़क किनारे गिटि्टयां तोड़ते; फेसबुक से बर्थडे पोस्ट डिलीट की

गोरखपुर में डॉ. परमात्मा सिंह ने अपार्टमेंट की 8वीं मंजिल से कूदकर जान दे दी। घटना 13 अगस्त सुबह करीब 9:13 बजे राजेंद्र नगर के बसंत इंक्लेव अपार्टमेंट की है। सुसाइड से पहले डॉक्टर ने फेसबुक से अपनी बर्थडे की पोस्ट भी डिलीट की थीं। घटना के बाद से अपार्टमेंट में सन्नाटा पसरा है। शुक्रवार को कई लोग पार्क में टहलने तक नहीं निकले। बच्चे भी घरों में ही रहे। अपार्टमेंट में रहने वाले लोगों का कहना है कि यह एक दिन में लिया गया फैसला नहीं है। परमात्मा सिंह पिछले 15-20 दिनों से काफी परेशान चल रहे थे। अपार्टमेंट के लोगों ने उन्हें कई बार बाहर सड़क किनारे चुपचाप बैठे देखा। एक दिन सड़क पर गिट्टियां तोड़ते दिखे। लोगों ने वजह पूछी तो बिना कुछ बताए वहां से चले गए। उनके व्यवहार में भी अजीब सा बदलाव आ गया था। ठग गरिमा सिंह ने लोन दिलाने के नाम पर डॉक्टर से 1.40 करोड़ रुपए की ठगी की थी। इसके बाद से वह सदमे में थे। घर पर लगातार बैंक से लोन की किस्त जमा करने का दबाव भी था। उनकी सैलरी करीब सवा लाख रुपए थी, जबकि हर महीने 3 लाख रुपए से ज्यादा की किस्त देनी थी। किस्त समय पर जमा नहीं होने से अतिरिक्त चार्ज भी बढ़ रहा था। इसके चलते कई बैंकों के कर्मचारी और अधिकारी लगातार फोन कर रहे थे। फेसबुक से भी कई पोस्ट डिलीट कीं डॉ. परमात्मा सिंह मूल रूप से मऊ जिले के मुहम्मदाबाद बरबोझी के रहने वाले थे। 31 मई, 2010 को उनकी शादी डॉ. सुमित्रा सिंह से हुई थी। परमात्मा सिंह महराजगंज के नौतनवां और सुमित्रा सिंह सिसवा ब्लॉक में पशु चिकित्सक हैं। बच्चों की पढ़ाई के लिए परिवार गोरखपुर के राजेंद्र नगर स्थित बसंत इंक्लेव में किराए के फ्लैट में रहने लगा। करीब 10 साल पहले उन्होंने इसी अपार्टमेंट में 2 BHK फ्लैट भी खरीदा था। डॉ. परमात्मा ने फेसबुक अकाउंट बना रखा था। उनके अकाउंट पर 388 फ्रेंड और 114 पोस्ट थीं। लेकिन, 25 दिसंबर, 2025 की कुछ पोस्ट डिलीट कर दी थीं। इन पोस्ट पर उन्हें जन्मदिन की कई शुभकामनाएं मिली थीं। बताया जा रहा है कि डॉ. परमात्मा ने अपनी मौत के लिए लोन के नाम पर ठगी करने वाली गरिमा सिंह और उसके गिरोह को जिम्मेदार ठहराया है। डॉक्टर ने आत्महत्या से पहले एक कागज पर अपनी मौत का जिम्मेदार ठग गरिमा सिंह और उसके गिरोह को बताया था। गोरखनाथ पुलिस ने FIR दर्ज कर शुरू की जांच डॉ. परमात्मा के पोस्टमॉर्टम के बाद परिवार के लोग शव लेकर गुरुवार को मऊ चले गए थे। शुक्रवार को उनका अंतिम संस्कार किया गया। डॉक्टर की मौत के बाद परिवार में मातम पसरा है। पुलिस अब सुसाइड के कारणों और डॉक्टर पर पड़े दबाव की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। डॉक्टर की मौत के मामले में उनके चचेरे भाई दिलीप सिंह की शिकायत पर गोरखनाथ पुलिस ने गुरुवार रात गरिमा सिंह समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की। पुलिस सुसाइड से पहले के घटनाक्रम, आरोपियों से डॉक्टर के संपर्क और आर्थिक लेनदेन की जांच कर रही है। पुलिस के पास डॉक्टर का सुसाइड नोट भी है। इसमें उन्होंने अपनी मौत के लिए गरिमा सिंह और उसके गिरोह को जिम्मेदार बताया है। गरिमा सिंह के खिलाफ पहले से दर्ज हैं कई शिकायतें लोन के नाम पर जालसाजी करने वाली गरिमा सिंह के खिलाफ डॉ. परमात्मा ने 5 अगस्त को एम्स थाने में केस दर्ज कराया था। इसके अलावा तीन अन्य लोगों ने भी गरिमा पर इसी तरह की जालसाजी के आरोप में एम्स और सहजनवां थाने में केस दर्ज कराया है। गरिमा के खिलाफ छह और शिकायतें भी पुलिस को मिली हैं। SSP ने सभी शिकायतों की अलग-अलग जांच के आदेश दिए हैं। जांच में जालसाजी की पुष्टि होने पर गरिमा और उसके गिरोह के खिलाफ अलग से FIR दर्ज की जाएगी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गरिमा सिंह ने सिर्फ गोरखपुर में ही ठगी का नेटवर्क नहीं बनाया था। कुशीनगर समेत अन्य जिलों में भी उसके खिलाफ शिकायतें सामने आई हैं। संबंधित जिलों की पुलिस शिकायतों की जांच कर कार्रवाई की तैयारी कर रही है। अब जानिए कैसे ठगी के जाल में फंसे डॉ. परमात्मा फरवरी 2026 में सहकर्मी डॉ. दिलीप कुमार सिंह की दूर की रिश्तेदार गरिमा सिंह और उसके शिक्षक पति भानू प्रताप सिंह ने डॉ. परमात्मा से संपर्क किया। गरिमा ने खुद को एक फाइनेंस कंपनी से जुड़ा बताया और कहा कि एक योजना के तहत उनका चल रहा होम लोन बंद कराया जा सकता है। इसके लिए नया पर्सनल लोन लेने और उसकी रकम उसे देने की बात कही। गरिमा ने भरोसा दिलाया कि नए लोन की किस्त वह खुद चुकाएगी। होम लोन बंद कराने का झांसा देकर उसने डॉ. परमात्मा के नाम पर छह बैंकों से लोन कराया। इसके बाद OTP लेकर लोन की रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर करा ली। गरिमा ने शुरुआत में दो किस्तें जमा कीं, लेकिन बाद में भुगतान बंद कर दिया। इसके बाद बैंक की किस्तों का दबाव डॉ. परमात्मा पर बढ़ता गया। गरिमा ने उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी। ———————– ये खबर भी पढ़िए- डॉक्टर के 8वीं मंजिल से कूदकर सुसाइड करने का CCTV: लिखा- मौत की जिम्मेदार ठग गरिमा; गोरखपुर में बेटी बोली- पापा लौट आओ मेरी मौत की जिम्मेदार गरिमा सिंह और उसका गिरोह है…गुरुवार सुबह यह लाइन एक कागज पर लिखकर डॉ. परमात्मा सिंह ने सुसाइड कर लिया। वह सुबह 9:10 बजे अपने फ्लैट से निकले। सुसाइड नोट को पैंट की दाएं जेब में डाला और तेजी से पहले नीचे पार्क में गए। करीब 9:13 बजे पार्क से बेसमेंट की तरफ गए, वहां से लिफ्ट से 8वीं मंजिल पर पहुंचे। फिर सीढ़ियों के सहारे छत पर गए। पढ़ें पूरी खबर…