स्वच्छता रैंकिंग में काशी को टॉप-3 में लाने का महासंकल्प:कमिश्नरी ऑडिटोरियम में अधिकारियों की कार्यशाला, 13 सफाई कर्मी पुरस्कृत

​​स्वच्छता सर्वेक्षण की राष्ट्रीय रैंकिंग में काशी को शीर्ष तीन शहरों में शामिल कराने के लिए नगर निगम ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। शहर की सफाई व्यवस्था को चाक-चौबंद करने और जन-जन को इससे जोड़ने के लिए एक व्यापक रणनीति तैयार की गई है। इसके तहत पूरे नगर निगम क्षेत्र के 100 वार्डों को 204 सेक्टरों में विभाजित कर प्रत्येक सेक्टर की जिम्मेदारी शिक्षा, कृषि, चिकित्सा , सिंचाई, लोक निर्माण विभाग, जल निगम, वन विभाग इत्यादि समेत विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारियों को सौंपी गई है। इस महासंकल्प को सफल बनाने के लिए कमिश्नरी आडिटोरियम में अधिकारियों की कार्यशाला हुई। जिसमें अधिकारियों ने अपनी रे रखी और इस दौरान 13 सफाईकर्मियों को उनके समर्पण और कार्य को देखते हुए पुरस्कृत किया गया। प्रधानमंत्री को सपने को करना है साकार इस दौरान महापौर अशोक तिवारी ने उपस्थित लोगों को सम्बोधित करते हुए कहा – प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2014 में काशी के अस्सी घाट से पूरे देश में स्वच्छता का संदेश दिया था। आज हमारी जिम्मेदारी है कि हम उनके इस संकल्प को सिद्धि तक पहुंचाएं। इस बार काशी को स्वच्छता रैंकिंग में हर हाल में टॉप थ्री में लाना है। इसके लिए आप सभी को पूरे समर्पण भाव से सेवा करने की जरूरत है। महापौर ने अपील की कि हमें महज 15 दिन तक हर रोज तीन-चार घंटे का समय इस अभियान को देना होगा। गंदगी पर करना होगा तुरंत एक्शन कमिश्नर एस. राजलिंगम ने दो टूक शब्दों में कहा कि अब सभी विभागों को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। इसमें कीसी भी प्रकार की लापरवाही से हमारे रैंकिंग पर असर पड़ेगा। स्वच्छता को केवल नगर निगम का काम न समझकर एक जनआंदोलन बनाना होगा। इसके लिए हमें अपनी सोच बदलनी होगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे धरातल पर मौजूद गैप (कमियों) को चिह्नित करें और उन्हें तुरंत दूर करें। उन्होंने आम जनता से कहा कि यदि कहीं भी कूड़ा दिखाई दे तो फौरन इसकी सूचना निगम को दें ताकि शहर स्वच्छ हो सके। रात में गश्त कर करेंगे चिह्नित, सुबह सफाई कराएं जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने अधिकारियों को फील्ड पर सक्रिय होने का मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार अधिकारी एक बार रात में सड़कों पर निकलें और आंकलन करें कि ठेले-खोमचे वाले क्षेत्रों या किस बाजार में ज्यादा कूड़ा एकत्र हो रहा है। इसके बाद दूसरे दिन सुबह ही उस स्थान को विशेष अभियान चलाकर साफ कराएं। इस कार्य में वार्ड पार्षद, सुपरवाइजर और सफाई कर्मियों को सीधे जोड़ें। जिलाधिकारी ने स्कूलों और कालेजों में जाकर युवाओं को जागरूक करने पर जोर देते हुए कहा कि व्यापक जनभागीदारी से ही स्वच्छता का सपना संभव है। नियम तोड़ने पर देना होगा जुर्माना ​नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने कार्यशाला के चारों मुख्य बिंदुओं पर फोकस करते हुए कहा – सभी नामित अधिकारी फील्ड में जाकर रिपोर्ट तैयार करें कि जीवीपी पॉइंट कितने हैं और उनका निस्तारण कैसे हो रहा है। डोर-टू-डोर कूड़ा उठान के समय गीला व सूखा कचरा अलग-अलग लिया जा रहा है या नहीं, इसकी कड़ाई से जांच करें। उन्होंने खाली प्लाटों में कूड़े की स्थिति की सूची बनाने और नालियों की सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। नगर आयुक्त ने बताया कि अभियान की निगरानी के लिए एक कंट्रोल रूम बनाया गया है, जहां से सीधे फीडबैक लिया जाएगा। ​उन्होंने आगे कहा कि वाराणसी को गार्बेज फ्री सिटी बनाने के लिए शहर में 14 ट्रांसफर स्टेशन काम कर रहे हैं और 10 नए स्टेशन बनाए जा रहे हैं। अब नव विस्तारित वार्डों में भी कूड़ा उठान शुरू कर दिया गया है। जो लोग समझाने के बाद भी नियम नहीं मानेंगे, उन पर जुर्माना लगाया जाएगा। परिवारों को इस अभियान से जोड़कर जागरूक करना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।