‘कैंपस में पार्टी एजेंट की तरह काम कर रहे थे’:LU प्रोफेसर रविकांत के कांग्रेस जॉइन करने पर ABVP का तंज, टोटके फेल हुए तो बाहर निकले

लखनऊ विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर रविकांत चंदन में 14 अगस्त को AICC हेडक्वार्टर में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर ली। इससे पहले वो सोशल मीडिया के माध्यम से कई बार राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और सरकार की नीतियों पर निशाना साधा था। कांग्रेस को जॉइन करते समय भी उन्होंने RSS को आड़े हाथों लिया। लखनऊ विश्वविद्यालय कैंपस में रविकांत के इस सियासी कदम को लेकर ज्यादातर शिक्षक फिलहाल कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। हालांकि, कुछ ऐसे ही जो बेबाकी से अपनी बात भी कहते हैं। दैनिक भास्कर ने इस विषय पर कुछ बेहद अहम लोगों से इस पर प्रतिक्रिया ली। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… ‘लखनऊ आकर इस प्रकरण को देखूंगी’ प्रदेश की उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने कहा कि फिलहाल वो लखनऊ से बाहर हैं। इस मामले को लेकर उन्हें बहुत ज्यादा जानकारी नहीं है। बहुत जल्द ही वो लखनऊ आकर इस प्रकरण की जानकारी लेंगी। तभी ही कुछ कह पाएंगी। नियमों के उल्लंघन का कोई मामला मिला, तो कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए जाएंगे। ‘दोनों के लिए घातक होगा कदम’ लखनऊ विश्वविद्यालय के पूर्व शिक्षक प्रो. विभूति राय कहते हैं कि रविकांत का ये कदम कांग्रेस पार्टी और इनके यानी दोनों के लिए घातक साबित होगा। सनातन धर्म को कोस कर ये कांग्रेस पार्टी में शामिल हो रहे हैं। ऐसे में पहले से खराब हालात से जूझ रही कांग्रेस पार्टी के लिए एक मुसीबत बनकर उभरेंगे। हिन्दू धर्म में ही इनका जन्म हुआ है। बावजूद इसके इन्होंने हिंदुओं को कोसने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। ऐसे में कांग्रेस पार्टी में जो ये शरण लेने पहुंचे हैं, वहां भी ये कामयाब नहीं होंगे। यही वजह है कि मैं कह रहा कि दोनों के लिए ये कदम घातक होगा। ‘खुद की पब्लिसिटी ही है मकसद’ प्रोफेसर विभूति राय कहते हैं कि मेरा ये मानना है कि कांग्रेस पार्टी को भी ऐसे लोगों से दूर रहना चाहिए, जो चर्चा में रहने के लिए इस देश की मुख्य धारा के लोगों को पर निशाना साधते रहते हैं। रविकांत लंबे समय से कुछ ऐसा ही काम कर रहे थे। इनका मकसद कॉन्ट्रोवर्सी को गेन कर खुद की पब्लिसिटी करना है। ऐसे लोगों का राष्ट्रीय पार्टी में बहुत बड़ा रोल होना, ठीक नहीं है। ‘झूठी टिप्पणी करके हिन्दू धर्म को किया बदनाम’ उन्होंने कहा कि रविकांत ने झूठी बातों को बोलकर हिन्दू धर्म को बदनाम किया है। पहले जब इन्होंने काशी विश्वनाथ मंदिर पर कमेंट किया था। बाद में इस बात को लोगों ने उस पुस्तक को देखा तो पता चला कि पट्टाभि स्वामीरमन ने ऐसा कुछ कहा ही नहीं था, जैसी अमर्यादित टिप्पणी इन्होंने की थी। तभी ये पूरी तरह से बेनकाब हो गए थे। जिस धर्म से उपजे उसी का विरोध किया, तो ऐसे में इनका राजनीति भविष्य कैसे परवान चढ़ेगा? ‘छुपकर टोने टोटके कर रहे थे’ ABVP के प्रांत नगर मंत्री अंशुल विद्यार्थी कहते हैं कि इस कदम से उन्होंने ये जता दिया कि वो कहा से पोषित थे। जिस पार्टी से वो पोषित हो रहे थे उसी का दामन उन्होंने थाम लिया। अंशुल कहते हैं कि रविकांत लंबे समय से लखनऊ विश्वविद्यालय कैंपस में कांग्रेस के छुपे हुए एजेंट के रूप में काम कर रहे थे। उस पार्टी की बदतर हालात को देख जब उन्हें बर्दाश्त नही हुआ तो वो बिल बिला कर बाहर आ गए। RSS, BJP और प्रधानमंत्री पर निशाना साध कर ही वो सियासी पारी का आगाज किया है। ध्यान रहे देश विरोधी मंसूबों उनके कामयाब नहीं होने दिए जाएंगे। वो सियासत करें, इस बात से हमें एतराज नहीं, पर राष्ट्र विरोधी नीतियों का यदि पाठ छात्रों को पढ़ाएंगे तो ये बर्दाश्त नहीं होगा। ‘इनकी बर्खास्तगी होनी चाहिए’ कार्तिक पांडेय कहते हैं कि जब 2 साल पहले जब इन्होंने काशी विश्वनाथ मंदिर को लेकर टिप्पणी की थी तब भी मेरी विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग थी कि इन्हें बर्खास्त किया जाए और आज भी हम उसी मांग पर कायम है। उससे छोटी कार्रवाई इनके लिए उचित नहीं होगी। पूर्व डिप्टी ने कोई टिप्पणी नहीं की यूपी के पूर्व डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा कहते हैं कि वो लखनऊ विश्वविद्यालय के शिक्षक हैं। ऐसे में मेरा उनके इस कदम को लेकर कुछ भी कहना ठीक नहीं होगा। मैं कोई टिप्पणी नहीं करूंगा। ———————– ये खबर भी पढ़िए… धीरेंद्र शास्त्री को महिला तस्कर कहने वाले प्रोफेसर पर FIR:लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रो. रविकांत ने मोदी को कहा था नॉन बायोलॉजिकल PM बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्णा शास्त्री को महिला तस्कर कहने वाले लखनऊ यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर के खिलाफ मध्यप्रदेश में FIR दर्ज की गई है। प्रो. रविकांत के खिलाफ मध्य प्रदेश के छतरपुर के बमीठा थाने में बागेश्वर धाम जन समिति के धीरेंद्र कुमार गौर ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। हिंदी विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर रविकांत ने 31 जुलाई को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर पोस्ट की थी। इसमें लिखा- “नॉन बायोलॉजिकल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित छोटा भाई धीरेंद्र शास्त्री धर्म की आड़ में महिला तस्करी कर रहा है।” (पूरी खबर पढ़िए)