फतेहपुर मकबरा बवाल…80 पेज की रिपोर्ट शासन को भेजी:प्रयागराज मंडलायुक्त, IG ने 6 दिन कैंप में की जांच, 11 अगस्त को मंदिर बताकर हुई थी तोड़फोड़

फतेहपुर के मकबरे में हुए बवाल पर प्रशासन ने 80 पेज की रिपोर्ट शासन को भेज दी है। 11 अगस्त को फतेहपुर के मकबरे में अचानक बजरंग दल, हिंदू महासभा समेत कई हिंदू संगठनों के लोग ईदगाह में बने मकबरे पर पहुंच गए थे। मकबरे को मंदिर बताकर तोड़फोड़ करनी शुरू कर दी थी। इसके बाद मुस्लिम पक्ष के लोग भी आ गए। इसके बाद हंगामा होने लगा था। रिपोर्ट में शुरू से अंत तक हर पहलू को पिन प्वाइंट किया गया है। प्रयागराज मंडलायुक्त और IG ने 6 दिन में इसे फतेहपुर कैंप में रहकर तैयार किया। हालांकि दोनों अफसर इस संबंध कुछ भी बोलते को तैयार नहीं हैं। लेकिन, रिपोर्ट भेजे जाने की पुष्टि की गई है। इस रिपोर्ट में सबसे अधिक पॉइंट बवाल को लेकर है। फतेहपुर डाक बंगले और मकबरे तक हंगामा, बवाल किन हालातों में हुआ। इतनी भीड़ कैसे जमा हुई। पुलिस टीमें और प्रशासनिक अधिकारी क्या एक्शन, रिएक्शन लेते रहे। भीड़ नियंत्रण में क्यों नहीं रही। स्थिति कैसे खराब हुई। कंट्रोल किन हालातों में किया गया। भीड़ बैरिकेडिंग तोड़ते हुए मकबरे तक कैसे पहुंची। सोशल मीडिया पर यह मामला चर्चा में था तो अफसरों ने क्या किया, संगठनों से बातचीत हुई कि नहीं, विरोध प्रदर्शन के अलावा प्लानिंग तैयार कैसे हुई। सोशल मीडिया से लेकर तमाम जगहों पर हिंदू संगठनों ने मकबरे की साफ सफाई को लेकर ऐलान किया था। इसके बाद प्रशासन ने संगठनों से बात क्यों नहीं की? 11 अगस्त को मकबरे में तोड़फोड़ हुई थी फतेहपुर में मकबरा और मंदिर विवाद को लेकर 10 अगस्त को फेसबुक पर एक विवादित पोस्ट की गई थी। जिसमें यूजर ने लिखा-16 अगस्त को सब लोग फतेहपुर मकबरे के पास हाजिर हों, उठो इस्लाम के शेरों, उठने का वक्त है, चलो फतेहपुर…। इस पोस्ट के बाद पुलिस एक्टिव हुई और यूजर पर केस दर्ज किया। 16 अगस्त को हिंदू संगठनों ने मकबरे में कीर्तन करने का आह्वान किया था। वहीं, अचानक 11 अगस्त सुबह करीब 10 बजे अचानक बजरंग दल, हिंदू महासभा समेत कई हिंदू संगठनों के 2 हजार लोग ईदगाह में बने मकबरे पर पहुंच गए। पुलिस ने पहले से मकबरे के चारों तरफ बैरिकेडिंग कर दी थी, लेकिन लाठी-डंडे से लैस हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने मकबरे को मंदिर बताकर तोड़फोड़ करनी शुरू कर दी। कुछ युवकों ने मकबरे की छत पर चढ़कर भगवा झंडा लगा दिया। उनका कहना था कि वो मकबरा नहीं ठाकुर जी का मंदिर है, हम लोग वहां जन्माष्टमी पर पूजा पाठ करेंगे। हिंदू महासभा के नेता मनोज त्रिवेदी भीड़ के साथ मकबरे के अंदर पहुंचे और पूजा करने लगे। मकबरे पर भगवा झंडा और पूजा-पाठ देख मुस्लिम समुदाय के लोग भड़क गए। करीब डेढ़ हजार मुस्लिम ईदगाह पहुंच गए। इसके बाद दोनों तरफ से पथराव होने लगा। पुलिस ने लाठियां चलाकर भीड़ को खदेड़ना शुरू किया। बवाल इतना बढ़ा कि 10 थानों की फोर्स बुलाई गई। इसके बाद हिंदू संगठन के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने मकबरे से 500 मीटर दूर डाक बंगला चौराहे पर जाम लगा दिया। सड़क पर बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ करने लगे। इसके बाद से पुलिस लगातार चौकन्नी है। सोशल मीडिया पर नजर रख रही है। मकबरे को राष्ट्रीय संपत्ति के तौर पर दर्ज कराया
मकबरे की जमीन, गाटा संख्या, वारिसान, अब तक के विवाद, बची जमीन के हालातों पर भी रिपोर्ट बनी है। गाटा संख्या-753 में मकबरा राष्ट्रीय संपत्ति के तौर पर दर्ज बताया गया है। रिपोर्ट में मकबरे के मालिक ‘आना हक’ से लेकर उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वर्क बोर्ड में दर्ज होने का पूरा विवरण रिपोर्ट में है। यही नहीं गाटा संख्या-753 के साथ-साथ गाटा संख्या-1159 का भी उल्लेख इस रिपोर्ट में किया गया है। गाटा संख्या 1159 के 6 नंबर पर ठाकुर जी विराजमान मंदिर भी दर्ज है। इसके अलावा यहां की विवादित जमीन का भी जिक्र है। मालिकाना हक को लेकर सिविल जज और ऊपरी अदालत के किसी भी केस में सरकार पार्टी नहीं है इसका भी जिक्र इस रिपोर्ट में किया गया है। इस रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि सरकार के द्वारा कोर्ट के किसी भी फैसले के खिलाफ कभी भी कोई भी अपील नहीं की गई है। ————————————- ये खबर भी पढ़ें फौजी की पिटाई से नाराज लोगों का टोल-प्लाजा पर हमला:पत्थर फेंके, लेने तोड़ी; 500 ठाकुर बिरादरी के लोग धरने पर, कहा- टोल हटाओ मेरठ में टोल पर सेना के जवान की पिटाई के 16 घंटे बाद ठाकुर समाज लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया है। गोटका और आसपास के गांव के 500 से अधिक लोग भूनी टोल पर सोमवार दोपहर एक बजे पहुंचे और टोल ऑफिस पर तोड़फोड़ शुरू कर दिया है। इस दौरान जमकर पत्थर बरसाए। इसके बाद टोल पर ही धरने पर बैठ गए। (पूरी खबर पढ़ें)