मंत्री दयाशंकर बोले- क्या बिहार भारत में नहीं है?:मेरी मां बलिया की थीं, यहां के लोगों का आशीर्वाद मिला; कुटुंब परिवार पर दिया जवाब

‘मेरी मां बलिया की थीं, पढ़ाई-लिखाई वहीं हुई। मेरा सपना था, एक दिन बलिया का विधायक बनूं। जनता ने आशीर्वाद देकर उसे पूरा किया। जो लोग मुझे ईस्ट इंडिया कंपनी बता रहे हैं, उनसे पूछिए कि क्या बिहार भारत में नहीं है?’ यह कहना है, परिवहन मंत्री और भाजपा के कद्दावर नेता दयाशंकर सिंह का। दयाशंकर ने बसपा विधायक उमाशंकर सिंह पर पलटवार किया। साथ ही सवाल किया कि क्या जीवन में पिता ही सब कुछ है? मां का कोई महत्व नहीं है। ऐसा है, तो एक पूरी कांग्रेस पार्टी ने तो फिरोज शाह गांधी का कभी नाम तक नहीं लिया। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने बीते दिनों उठे विवाद के बाद दैनिक भास्कर डिजिटल से बातचीत में बेबाकी से अपनी राय रखी। उन्होंने राजनीतिक मुद्दों के साथ ही विभागीय जानकारियां भी साझा कीं। पढ़िए पूरा इंटरव्यू… सवाल: बलिया में बिना इजाजत पुल खोलने पर आपने नाराजगी जताई थी। क्या मामला था?
जवाब: मैं उस दिन बलिया में ही था। मेरा कहना था कि हमें बताया जाना चाहिए था। जानकारी दिए बिना जल्दबाजी में पुल खोल दिया गया। एप्रोच मार्ग ठीक नहीं था। मैं अपने क्षेत्र में सैकड़ों परियोजना लेकर गया हूं। क्या मैं सभी का शिलान्यास करता हूं? हमारे जो विरोधी हैं, उसे इस तरह पेश कर रहे हैं कि हम उद्घाटन के लिए नाराज हुए। जबकि ऐसा नहीं था। पहले वो लोग खुद ही कहते थे कि पुल की टेस्टिंग नहीं हुई है। पुल विभाग को हैंडओवर नहीं हुआ है। सवाल: आपने एक्सईएन से कहा था कि किसके इशारे पर काम कर रहे? वह कौन है?
जवाब: अब वह सब मीडिया में आ चुका है। उसके बार में कुछ कहने की जरूरत नहीं है। सवाल: बसपा विधायक उमाशंकर सिंह ने आपकी तुलना ईस्ट इंडिया कंपनी से की?
जवाब: उमाशंकर से ही पूछिए कि क्या मैं इंग्लैंड से आकर लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्रसंघ का महामंत्री और अध्यक्ष बन गया। पार्टी में इतने लंबे समय से काम कर रहा हूं। उनसे पूछ सकते हैं। सवाल: उमाशंकर का आरोप है कि आप बिहार से आकर राजनीति कर रहे?
जवाब: बिहार इस देश से बाहर है क्या? क्या बिहार भारत के नक्शे में नहीं है? एक तरफ बिहार से बता रहे हैं, दूसरी तरफ ईस्ट इंडिया कंपनी, दोनों कैसे हो सकता है? या तो मैं इंग्लैंड का हूं या बिहार का हूं। सवाल: आप बिहार से यहां राजनीति में कैसे आए?
जवाब: मेरी मां बलिया की हैं। क्या पिता का ही महत्व है, मां का महत्व नहीं होता। पूरी कांग्रेस पार्टी इतने साल से चली आ रही है। उसमें कभी नाम सुना फिरोज गांधी का। फिरोज गांधी के नाम पर राजनीति करने का अवसर कांग्रेस को मिला। कांग्रेस ने कभी फिरोज गांधी का नाम नहीं लिया, वो गांधी हो गए। मेरा कर्मक्षेत्र बलिया है। बचपन से लेकर पूरा जीवन बलिया में बीता। वहीं पढ़ा-लिखा। मेरे मामा विधायक थे, उनसे राजनीति सीखी। मेरा सपना था कि मैं कभी बलिया का विधायक बनूं। बलिया की जनता ने इतना प्यार और आशीर्वाद दिया कि 1952 से लेकर 2022 तक मेरे से अधिक मतों से कोई नहीं जीता। सभी रिकॉर्ड तोड़ दिए। सवाल: विपक्ष कह रहा कि आपकी सरकार में बीजेपी से ज्यादा बसपा की चलती है?
जवाब: इस सरकार में सबका साथ-सबका विकास, न किसी का वर्चस्व न किसी की उपेक्षा। यह नहीं है कि हम सत्ता पक्ष के हैं, तो हमारा वर्चस्व होगा। सवाल: क्षत्रिय विधायकों की बैठकें हो रहीं। एक बैठक में आप भी गए थे?
जवाब: मैं क्षत्रिय विधायकों की बैठक कुटुंब परिवार में नहीं गया था। मैं दूसरे दिन पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह की ओर से आयोजित भोज में गया था। क्या सरकार के मंत्री भोजन पर आमंत्रित करें, तो मुझे नहीं जाना चाहिए? जहां तक बैठक का सवाल है, वहां ऐसी कोई बात नहीं हुई। बैठक में तो प्रयागराज विधायक हर्षवर्धन बाजपेयी सहित अन्य विधायक भी मौजूद थे। सवाल: इस बार राखी पर कितनी महिलाओं ने मुफ्त यात्रा की?
जवाब: मुख्यमंत्री योगी की पहल पर प्रदेश सरकार 2017 से हर साल राखी पर महिलाओं को मुफ्त यात्रा कराती है। पिछले साल 2 दिन के लिए फ्री यात्रा थी। इस बार मुख्यमंत्री ने कहा कि बहनों को 3 दिन यात्रा की सुविधा देनी है। रक्षाबंधन के एक दिन पहले से एक दिन बाद तक मुफ्त यात्रा की सुविधा दी। उनके साथ पति, पिता के रूप में एक पुरुष को भी मुफ्त यात्रा की सुविधा दी। सवाल: रोडवेज में बसें 3 गुनी हो गई हैं। क्या ड्राइवर-कंडक्टर की भर्ती होगी?
जवाब: बसों की संख्या बढ़ाने के साथ ही हम लोग ड्राइवर-कंडक्टर की भर्ती कर रहे हैं। बस ड्राइवर की भर्ती तो हम कर रहे हैं, लेकिन कंडक्टर की भर्ती में तकनीकी समस्या आती है। लोगों को सेवायोजन ऑफिस में पंजीकरण कराना चाहिए। वहां से सूची आती है, उसके बाद हम भर्ती की कार्रवाई करते हैं। इस प्रक्रिया में 10-11 महीने का समय लग जाता है। इस लंबी प्रक्रिया के कारण जितनी हम भर्ती करते हैं, उतनी ही फिर आवश्यकता हो जाती है। इस कारण हमारी बसें खड़ी रहती हैं। सवाल: क्या पिंक बसों में ड्राइवर-कंडक्टर दोनों महिला होंगी?
जवाब: हां, हमारी पिंक बसों में अब ड्राइवर-कंडक्टर दोनों महिलाएं ही होंगी। सामान्य बसों में भी महिला कंडक्टर होंगी। उन्हें हम सीधी भर्ती के जरिए रख रहे हैं। 2 हजार से ज्यादा महिला कंडक्टर भर्ती की हैं। 5 हजार महिला कंडक्टर भर्ती करने का टारगेट है। ———————- ये खबर भी पढ़ें… सपा सांसद बर्क बोले- हर चीज का जवाब बुलडोजर नहीं, क्या मुसलमानों को कभी ये कहते देखा कि मंदिर नहीं, मस्जिद थी यूपी की संभल लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी के सांसद जियाउर्रहमान बर्क का कहना है कि ‘आपने कभी मुसलमानों को ये कहते देखा कि वहां मंदिर नहीं, मस्जिद थी? ये आपस में बांटने की राजनीति गलत है। फतेहपुर जिले के मकबरे में पुलिस की मौजूदगी में तोड़फोड़ हुई। कानून का डर सबको होना चाहिए।’ UP में सपा के 4 मुस्लिम सांसद हैं, इनमें एक बर्क भी हैं। 24 नवंबर, 2024 की संभल हिंसा के बाद से सांसद बर्क की लगातार घेराबंदी हो रही है। उन पर हिंसा फैलाने, बिजली चोरी करने, अतिक्रमण करके मकान बनाने सहित कई और भी आरोप हैं। पढ़ें पूरी खबर