आप पैदा भी नहीं हुए थे, तब का पढ़ा-लिखा हूं:सीएचसी प्रभारी से बोले विधायक, जवाब मिला- बहुत विधायक देखे हैं, इस्तीफा दे दूंगा

गाजीपुर में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में निरीक्षण करने पहुंचे सुभासपा विधायक बेदी राम भड़क गए। खामियां मिलने पर सीएचसी प्रभारी डॉ. योगेंद्र यादव को डांटने लगे। उन्हें जमकर खरी–खोटी सुनाई। सीएचसी प्रभारी डा. योगेंद्र यादव सुभासपा विधायक से सम्मान से बात करने की बात कहते हुए कुर्सी छोड़कर चैंबर से बाहर निकल गए। उन्होंने कहा– बहुत विधायक देखे है, मैं इस्तीफा भेज दूंगा। करीब आधे घंटे तक वहां हंगामा होता रहा। इसके बाद विधायक कार्रवाई कराने की बात कहकर चले गए। पूरा मामला जखनिया सीएचसी का है। अब जानिए पूरा मामला… शुक्रवार दोपहर 12 बजे सुभासपा विधायक बेदी राम विधायक अस्पताल में मरीजों को मिल रही सुविधाओं का जायजा लेने पहुंचे। करीब एक घंटे तक उन्होंने अस्पताल का निरीक्षण किया। परिसर में साफ–सफाई देखी। मरीजों को मिल रही सुविधाओं की जानकारी ली। वार्डों में जाकर मरीजों और तीमारदारों से बात की। इस दौरान विधायक को मरीजों को दवा, सुविधा न मिलने समेत कई शिकायतें मिलीं। इसके बाद सुभासपा विधायक बेदी राम अपना आपा खो बैठे। स्टाफ और सीएचसी प्रभारी डा. योगेंद्र यादव को डांटने लगे। सीएचसी प्रभारी पर जोर–जोर से चिल्लाना शुरू कर दिया। इस दौरान अस्पताल स्टाफ, डॉक्टर और सुभासपा नेता मौजूद रहे। करीब आधे घंटे तक सीएचसी प्रभारी डा. योगेंद्र यादव को विधायक खरी खोटी सुनाते रहे। कुछ देर बार सीएचसी प्रभारी, विधायक बेदी राम से हाथ जोड़ते हुए उठ खड़े हुए और कुर्सी छोड़कर चैंबर से बाहर निकल गए। अब पढ़िए विधायक क्यों सीएचसी प्रभारी पर हुए नाराज निरीक्षण के दौरान विधायक ने प्रभारी चिकित्सा अधिकारी से मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति के बारे में पूछा। बताया जा रहा है इसी दौरान प्रभारी रजिस्टर में कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज करने लगे। यह देखकर विधायक बेदीराम गुस्सा हो गए। विधायक ने कहा– जब कोई कर्मचारी ड्यूटी पर आता है, तभी उसे उपस्थिति पंजिका में अपनी हाजिरी दर्ज करनी चाहिए। गुस्से में विधायक बोले– मैं पढ़ा-लिखा, एलएलबी किया हुआ आदमी हूं। जब आप पैदा भी नहीं हुए थे, तब से मैं पढ़ा-लिखा हूं। आप मुझे पढ़ाएंगे? आपने गवर्नमेंट रजिस्टर में समय से कर्मचारियों की उपस्थिति क्यों नहीं दर्ज कराई? ड्यूटी शुरू होने से पहले उपस्थिति क्यों नहीं लगाई गई?” विधायक ने आगे कहा– मैं विधायक हूं और मेरे सामने मुंह में पान-गुटखा भरकर बात करोगे? यही आपकी तमीज है? आपने पूरा तमाशा बना रखा है। शासन की मंशा के अनुसार काम करना है, अपनी मनमानी नहीं। इसके बाद विधायक ने स्टॉक रजिस्टर भी मंगाकर जांच की। बाहर से दवाएं लिखी गईं, डॉक्टर ने 500 रुपए लिए विधायक बेदी राम ने बताया- मैंने यह निरीक्षण बिना पूर्व सूचना के किया, क्योंकि काफी समय से मुझे जानकारी मिल रही थी कि यहां पर मरीजों को बाहर से दवाएं लिखी जाती हैं और कई तरह की अनियमितताएं हैं। जब मैं जखनिया स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचा तो हालात खराब मिले। इतना ही नहीं मेरे सामने प्रभारी चिकित्सक उपस्थिति पंजिका में कर्मचारियों की हाजिरी लगाने लगे। इसी बीच एक बच्चा आया और बताया- उसे बाहर से दवा लिखी गई हैं। इस पर सवाल उठाया कि जब शासन द्वारा हर अस्पताल में दवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, तो फिर बाहर से दवा क्यों लिखवाई जा रही हैं। इसके बाद कई लोग अपनी-अपनी समस्याएं लेकर आए। इसी दौरान एक व्यक्ति ने शिकायत की डॉक्टर ने अभी-अभी उससे 500 रुपये लिए हैं। विधायक ने कहा- जब वह इस विषय पर डॉक्टर से बात कर रहे थे, तो डॉक्टर ने मुंह में गुटखा भरा था। इसका छींटा उन पर पड़ रहा था। पास ही रखी एक बाल्टी में कचरा भरा था। विधायक ने नाराजगी जताते हुए कहा अस्पताल गंदगी से भरा पड़ा है। गुस्से में प्रभारी चिकित्सक कुर्सी छोड़कर चले गए। मैंने कहा- अगर उन पर आरोप लग रहा था तो उन्हें सामने आकर जवाब देना चाहिए था, न कि बदतमीजी से पेश आना चाहिए। —————————– यह खबर भी पढ़ें… बृजभूषण सिंह ने बाबा रामदेव पर गलती मानी:कहा- ऐसा नहीं कहना चाहिए था, माफी मांगने में कोई शर्मिंदगी नहीं भाजपा के पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह ने बाबा रामदेव पर टिप्पणी को लेकर अपनी गलती मान ली है। गोंडा में उन्होंने कहा-मैं मानता हूं कि जो बयान दिया, वह गलत था। मेरे मुंह से कुछ शब्द निकल गए। बाद में मुझे महसूस हुआ कि ऐसा नहीं कहना चाहिए था। पूर्व सांसद ने कहा- बचपन से मैंने एक उसूल बनाया है कि किसी शरीफ या गरीब को अपमानित नहीं करूंगा। अगर भूल से ऐसा हो जाए तो उससे माफी मांगने में कोई शर्मिंदगी नहीं होनी चाहिए। पढ़ें पूरी खबर…