इलाज के दौरान गर्भस्थ की मौत पर सरकार का एक्शन:डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने लखीमपुर की घटना पर की कार्रवाई, अस्पताल कराया सील

इलाज में लापरवाही पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक बेहद गंभीर हैं। बुधवार और गुरुवार को सरकारी चिकित्सकों पर कार्रवाई के बाद उन्होंने लखीमपुर खीरी में इलाज के दौरान गर्भस्थ शिशु की मौत के मामले में भी एक्शन लिया है। शुक्रवार को डिप्टी सीएम के निर्देश पर निजी अस्पताल को सील करा दिया गया है। इसके साथ ही गर्भवती महिला को प्राइवेट अस्पताल में शिफ्ट कराने वाली आरोपी आशा को नोटिस जारी किया गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी को महिला के निशुल्क इलाज के निर्देश दिए गए हैं। ये था पूरा मामला लखीमपुर खीरी के ग्राम नौसर जोगी के विपिन गुप्ता की पत्नी रूबी को बीते दिनों प्रसव पीड़ा हुई। विपिन गुप्ता ने गर्भवती रूबी गुप्ता को बिजुआ प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र बिजुआ में भर्ती कराया। जांच के बाद डॉक्टर ने बताया कि अभी प्रसव का समय नहीं है। गर्भवती की तबीयत गड़बड़ होने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया। इसी दौरान विपिन की साली ने आशा बहू दीपा से संपर्क किया। आरोप है कि आशा बहू दीपा ने कहा कि गर्भवती को महेवागंज के गोलदार हॉस्पिटल में भर्ती करा दो। सब सही हो जायेगा। आरोप है कि गोलदार हॉस्पिटल में 21 अगस्त को चिकित्सक ने गर्भवती को देखा। अस्पताल प्रबंधन ने पैसे जमा करने के लिए कहा। आरोप है कि पैसे न जमा करने पर गर्भवती का इलाज नहीं किया गया। इसके बाद कुछ रुपए जमा करने के बाद इलाज शुरू किया गया। इलाज शुरू करते ही गर्भवती महिला की हालत ज्यादा गम्भीर हो गई। गलत दवा देने से गई जान आरोप है कि डॉक्टरों ने नर्सों की मदद से गर्भवती को अस्पताल से भगा दिया। इसके बाद परिजन गर्भवती रूबी को लेकर दूसरे अस्पताल पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने जांच की बताया कि शिशु की पेट में मृत्यु हो चुकी है। गलत दवा खिलाने से ऐसा हुआ है। तब डॉक्टर ने ऑपरेशन कर मृत बच्चा निकाला। विपिन और रूबी के परिवार के लोगों ने गोलदार अस्पताल प्रबंधन पर गलत इलाज का आरोप लगाया। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने घटना का संज्ञान लिया और गोलदार हॉस्पिटल को सील करा दिया। डिप्टी सीएम ने बताया कि दोषी आशा को नोटिस जारी कर दिया गया है। तीन सदस्यों की जांच कमेटी का गठन किया गया है। जांच कमेटी की रिपोर्ट आने पर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। सीएमओ को प्रसूता रूबी को नि:शुल्क इलाज मुहैया कराने के निर्देश दिए गए हैं।