BBAU को 2047 विकसित संस्थान बनाने का रोड मैप तैयार:कुलपति बोले- रिसर्च पर फोकस जरूरी, फैकल्टी-स्टूडेंट्स डेवलपमेंट प्लान पर हुई चर्चा

BBAU में इंस्टीट्यूशनल डेवलपमेंट प्लान के तहत विकसित रोडमैप बनाने पर चर्चा हुई। विश्वविद्यालय ने 2047 तक विकसित, आधुनिक, सुरक्षित और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी संस्थान बनाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए तैयार रोडमैप का ड्राफ्ट प्रेजेंटेशन हुआ, शिक्षकों से सुझाव मांगा गया है। राउंड वाइज डिटेल प्रेजेंटेशन जारी डॉ.अर्पित शैलेश ने बताया कि विश्वविद्यालय ने अपने विकास के पांच राउंड का स्पष्ट रोडमैप निर्धारित किया है। प्रत्येक चरण में यूनिवर्सिटी से जुड़ी मूलभूत और जरूरी आवश्यकताओं को शामिल किया है। पहले राउंड में (2025-30) में भौतिक अधोसंरचना को सुदृढ़ बनाने, डिजिटल कक्षाओं की स्थापना, पुस्तकालय को अपग्रेड करना, छात्र सुविधाओं, फैकल्टी भर्ती, फिटनेस और खेल अधोसंरचना को बेहतर बनाने पर ध्यान दिया जाएगा। दूसरे राउंड में 2030-35 में नए शैक्षणिक ब्लॉक, आधुनिक पुस्तकालय, छात्रावास अधोसंरचना का विस्तार व खेल और फिटनेस से जुड़े ढांचे को मजबूत करने की योजना है। सेकेंड राउंड (2035-40) में शोध और नवाचार केंद्र, हरित परिसर की पहल, फैकल्टी और स्टाफ के लिए आवासीय सुविधाएं, ई-कॉन्टेंट निर्माण और पर्यावरण अनुकूल परिवहन को प्राथमिकता दी जाएगी। चौथे राउंड (2040-45) में सामुदायिक शिक्षण और कौशल विकास केंद्र, विवि स्वास्थ्य और वेलनेस केंद्र, डिजिटलाइज्ड प्रशासनिक सेवाएं, सुदृढ़ ICT अधोसंरचना पर काम होगा। अंतिम चरण (2045-47) में स्मार्ट इंफ्रास्ट्रक्चर प्रबंधन, लचीले शैक्षणिक स्थल, तकनीकी सक्षम सुरक्षा व्यवस्था, नॉलेज पार्क विकास तथा सस्टेनेबिलिटी सर्टिफिकेशन को ध्यान में रखकर काम किया जाएगा। इस प्रकार ये 4 राउंड योजना विश्वविद्यालय को 2047 तक एक विकसित, आधुनिक, सुरक्षित और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी संस्थान के रूप में स्थापित करने का लक्ष्य रखती है। रिसर्च के ऑप्शन बढ़ाने होंगे कुलपति प्रो.राज कुमार मित्तल ने कहा कि हम सभी को मिलकर शोध, नई तकनीकों, बेहतर नीति अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं और सुरक्षित और सुदृढ़ अधोसंरचना, डिजिटलाइजेशन क्षेत्रों में ठोस प्रयास करने होंगे। उन्होंने संस्थानिक विकास योजना के तहत गुणवत्ता आधारित शिक्षा, वैश्विक साझेदारी, सतत विकास, उद्योग एकेडेमिक सहयोग और छात्रों के कौशल विकास पर विशेष ध्यान देने को आवश्यक बताया। इस दौरान डीन ऑफ अकेडमिक अफेयर्स प्रो.एस विक्टर बाबू भी मौजूद रहे।