यूपी के हमीरपुर में 52 साल के सरकारी टीचर ने सुसाइड कर लिया। शनिवार शाम गांव से डेढ़ किमी दूर घर में फंदे से लटकता शव मिला है। बेटे ने कहा- जबसे सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया है, पापा TET एग्जाम को लेकर तनाव में थे। इसी वजह से उन्होंने जान दी। सुबह साढ़े सात बजे पापा घर से निकले थे। देर शाम तक वापस नहीं लौटे तो हमने खोजबीन की। रात में उनका शव अतरौलिया मोहल्ले स्थित हमारे खाली मकान में बिजली के तार से लटका मिला। शोर मचा कर लोगों को बुलाया। आसपास के लोगों ने शव को फंदे से उतारा। अस्पताल लेकर भागे, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। टीचर का नाम गणेशीलाल था। वे गोहानी पनवाड़ी गांव के उच्च प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक थे। अब विस्तार से पढ़िए… स्कूल जाने के लिए निकले, शाम तक घर नहीं लौटे
गणेशीलाल मूल रूप से पनवाड़ी गांव के रहने वाले थे। घर में पत्नी ऊषा देवी, दो बेटियां स्वाती- अंशिका और बेटा पीयूष रहते हैं। शनिवार सुबह गणेशीलाल सो कर उठे। घर का कुछ काम किया, फिर 7:30 बजे घर से निकल गए। घर वालों से बोला कि स्कूल जा रहे हैं। छुट्टी के बाद देर शाम तक जब घर नहीं लौटे तो उनका बेटा पीयूष ढूंढते हुए स्कूल गया। वहां पता चला अपने घर चले गए हैं। इसके बाद वह अपने दूसरे घर गया, जो घर से डेढ़ किलोमीटर दूर है। उसने देखा कि पिता का शव बिजली के तार के सहारे फंदे से लटक रहा। उसने तुरंत चीखना चिल्लाना शुरू कर दिया। आसपास लोगों के भीड़ जुट गई। तुरंत गणेशीलाल को फंदे से उतारकर अस्पताल लेकर गए। जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। तीन दिन पहले पिंडदान कर गयाजी से लौटे
बेटे पियूष ने बताया, तीन दिन पहले हम पापा-मम्मी सब लोग गयाजी गए थे। दादा-दादी का पिंडदान करने। वहां से कल (शनिवार) रात को लौटे थे। हम लोग थके हुए थे। पापा से कुछ बात नहीं हुई। हम लोग सो गए। वह कभी-कभी हमारे दूसरे घर आते थे। वह आज सुबह घर से निकले। फिर हमने पापा को कई बार फोन मिलाया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। हमने शाम को उनको फिर फोन लगाया तो उन्होंने फिर फोन नहीं उठाया। फिर हमने सोचा घर जाकर देखते हैं। हम लोग इस घर पहुंचे तो देखा वह फंदे के सहारे लटक रहे थे। पियूष ने कहा, सुप्रीम कोर्ट ने टेट को लेकर फैसला सुनाया था। तब से बहुत टेंशन में रहते थे। उसके बारे में लोगों से चर्चा भी करते थे। वह कई किताबें घर पर लाए थे और पढ़ते थे। हमारे दीदी की शादी भी नहीं हो रही थी, उसको लेकर भी वह टेंशन में रहते थे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था- जो टेट पास नहीं कर पाएंगे, उन्हें नौकरी छोड़नी होगी सुप्रीम कोर्ट 1 सितंबर, 2025 को तमिलनाडु और महाराष्ट्र में टीचिंग के लिए TET की अनिवार्यता से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई कर रहा था। मामले को जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह सुन रहे थे। इसके बाद उन्होंने फैसला दिया- जिन टीचर्स की नौकरी को 5 साल से ज्यादा बचे हैं, उन्हें टीचर्स एलिजिबिलिटी टेस्ट क्वॉलिफाई करना जरूरी होगा। अगर ऐसा नहीं किया तो उन्हें इस्तीफा देना होगा या फिर कंपल्सरी रिटायरमेंट लेना होगा। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद पूरे देश में करीब 10 लाख टीचर प्रभावित होंगे। अकेले यूपी में 2 लाख शिक्षकों पर असर पड़ेगा। कोर्ट ने अपने इस निर्देश में कहा कि माइनॉरिटी इंस्टीट्यूशंस पर यह फैसला लागू होगा या नहीं, इसका फैसला बड़ी बेंच करेगी। …………………. ये खबर भी पढ़ें… यूपी में TET से डरकर सरकारी प्रिंसिपल ने फांसी लगाई:बेटा बोला-दिनभर TET की बात करते थे; इतना प्रेशर पड़ा कि जान दे दी महोबा में 49 साल के प्राइमरी स्कूल के प्रिंसिपल ने सुसाइड कर लिया। सोमवार को उनका शव कमरे में फंदे से लटका मिला। बेटे ने कहा- सुप्रीम कोर्ट के TET अनिवार्यता आदेश के बाद तनाव में थे। इस वजह से उन्होंने जान दी। हालांकि, BSA राहुल मिश्रा का कहना है- उनकी कुछ घरेलू समस्या रही होगी। पढ़ें पूरी खबर…
गणेशीलाल मूल रूप से पनवाड़ी गांव के रहने वाले थे। घर में पत्नी ऊषा देवी, दो बेटियां स्वाती- अंशिका और बेटा पीयूष रहते हैं। शनिवार सुबह गणेशीलाल सो कर उठे। घर का कुछ काम किया, फिर 7:30 बजे घर से निकल गए। घर वालों से बोला कि स्कूल जा रहे हैं। छुट्टी के बाद देर शाम तक जब घर नहीं लौटे तो उनका बेटा पीयूष ढूंढते हुए स्कूल गया। वहां पता चला अपने घर चले गए हैं। इसके बाद वह अपने दूसरे घर गया, जो घर से डेढ़ किलोमीटर दूर है। उसने देखा कि पिता का शव बिजली के तार के सहारे फंदे से लटक रहा। उसने तुरंत चीखना चिल्लाना शुरू कर दिया। आसपास लोगों के भीड़ जुट गई। तुरंत गणेशीलाल को फंदे से उतारकर अस्पताल लेकर गए। जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। तीन दिन पहले पिंडदान कर गयाजी से लौटे
बेटे पियूष ने बताया, तीन दिन पहले हम पापा-मम्मी सब लोग गयाजी गए थे। दादा-दादी का पिंडदान करने। वहां से कल (शनिवार) रात को लौटे थे। हम लोग थके हुए थे। पापा से कुछ बात नहीं हुई। हम लोग सो गए। वह कभी-कभी हमारे दूसरे घर आते थे। वह आज सुबह घर से निकले। फिर हमने पापा को कई बार फोन मिलाया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। हमने शाम को उनको फिर फोन लगाया तो उन्होंने फिर फोन नहीं उठाया। फिर हमने सोचा घर जाकर देखते हैं। हम लोग इस घर पहुंचे तो देखा वह फंदे के सहारे लटक रहे थे। पियूष ने कहा, सुप्रीम कोर्ट ने टेट को लेकर फैसला सुनाया था। तब से बहुत टेंशन में रहते थे। उसके बारे में लोगों से चर्चा भी करते थे। वह कई किताबें घर पर लाए थे और पढ़ते थे। हमारे दीदी की शादी भी नहीं हो रही थी, उसको लेकर भी वह टेंशन में रहते थे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था- जो टेट पास नहीं कर पाएंगे, उन्हें नौकरी छोड़नी होगी सुप्रीम कोर्ट 1 सितंबर, 2025 को तमिलनाडु और महाराष्ट्र में टीचिंग के लिए TET की अनिवार्यता से जुड़ी एक याचिका पर सुनवाई कर रहा था। मामले को जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह सुन रहे थे। इसके बाद उन्होंने फैसला दिया- जिन टीचर्स की नौकरी को 5 साल से ज्यादा बचे हैं, उन्हें टीचर्स एलिजिबिलिटी टेस्ट क्वॉलिफाई करना जरूरी होगा। अगर ऐसा नहीं किया तो उन्हें इस्तीफा देना होगा या फिर कंपल्सरी रिटायरमेंट लेना होगा। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद पूरे देश में करीब 10 लाख टीचर प्रभावित होंगे। अकेले यूपी में 2 लाख शिक्षकों पर असर पड़ेगा। कोर्ट ने अपने इस निर्देश में कहा कि माइनॉरिटी इंस्टीट्यूशंस पर यह फैसला लागू होगा या नहीं, इसका फैसला बड़ी बेंच करेगी। …………………. ये खबर भी पढ़ें… यूपी में TET से डरकर सरकारी प्रिंसिपल ने फांसी लगाई:बेटा बोला-दिनभर TET की बात करते थे; इतना प्रेशर पड़ा कि जान दे दी महोबा में 49 साल के प्राइमरी स्कूल के प्रिंसिपल ने सुसाइड कर लिया। सोमवार को उनका शव कमरे में फंदे से लटका मिला। बेटे ने कहा- सुप्रीम कोर्ट के TET अनिवार्यता आदेश के बाद तनाव में थे। इस वजह से उन्होंने जान दी। हालांकि, BSA राहुल मिश्रा का कहना है- उनकी कुछ घरेलू समस्या रही होगी। पढ़ें पूरी खबर…