कानपुर में अखिलेश दुबे खिलाफ 50 से ज्यादा शिकायतें SIT के पास अब तक पहुंच चुकी हैं। इनमें से 10 में जांच भी पूरी हो गई। 5 FIR दर्ज हुईं। मगर उसकी अवैध संपत्तियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस ने उसे रिमांड पर भी नहीं लिया। ऐसे में पुलिस की कार्रवाई पर अब सवाल उठने लगे हैं। आखिर जांच पूरी होने के बाद भी पुलिस का एक्शन रुक क्यों गया? उसके कब्जे वाली सरकारी संपत्तियों पर बुलडोजर कब चलेगा? पुलिस से जब इस बारे में सवाल किया गया तो अफसरों ने जांच का हवाला देकर पल्ला झाड़ लिया। जबकि एसआईटी की जांच में साफ हो चुका है कि अखिलेश दुबे के पास एक दो नहीं कई IPS और PPS अफसरों की काली कमाई लगी हुई है। सूत्रों की माने तो यही लोग कार्रवाई को रुकवाने के लिए पूरी ताकत झोंके हुए हैं। अखिलेश दुबे का सिविल लाइंस में 300 करोड़ की वक्फ संपत्ति और 2500 करोड़ की सरकारी संपत्तियों पर कब्जा है। इसको लेकर पुलिस के पास 50 से ज्यादा शिकायतें पहुंच चुकी हैं। पढ़िए दैनिक भास्कर की रिपोर्ट… 6 अगस्त को को दर्ज हुई थी पहली FIR
अखिलेश दुबे के खिलाफ भाजपा नेता रवि सतीजा ने झूठे रेप केस में फंसाने और वसूली करने के आरोप में सबसे पहली एफआईआर बर्रा थाने में 6 अगस्त को दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने अखिलेश दुबे और उसके साथी लवी मिश्रा को अरेस्ट करके जेल भेज दिया। अखिलेश दुबे के जेल जाते ही उसके खिलाफ 7 दिनों में 5 एफआईआर दर्ज हुई। अखिलेश दुबे पर एक्शन शुरू हुआ तो तमाम पीड़ित सामने आने लगे। पता चला कि अखिलेश ने किसी की फैक्ट्री कब्जा कर ली तो किसी की जमीनों को अपने नाम लिखवा लिया। दुबे सिंडीकेट के खिलाफ एक महीने में अब तक 50 से ज्यादा शिकायत पहुंच चुकी हैं। इसमें अखिलेश दुबे के खिलाफ 5 एफआईआर दर्ज हो गईं। जबकि 10 की जांच पूरी हो चुकी है। इसके बाद कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी। इतना ही नहीं अखिलेश दुबे को अभी तक रिमांड पर नहीं लिया गया। 50 से ज्यादा लोगों ने शिकायत दर्ज कराई
अखिलेश दुबे के खिलाफ जिन 50 से ज्यादा लोगों ने अपनी शिकायत दर्ज कराई है। उन सभी पीड़ितों की सूची भी दैनिक भास्कर के पास है। लेकिन पीड़ितों की सुरक्षा को देखते हुए उनके नाम और पता प्रकाशित नहीं किए जा रहे हैं। सिर्फ कुछ चर्चित चेहरे हैं उनके नाम प्रज्ञा त्रिवेदी, संतोष कुमार पांडेय, सागर मल्होत्रा, सुधीर कोचर, श्रवण कुमार बाजपेई, आशीष शुक्ला, पूर्व विधायक भूधर नारायण मिश्रा, एयरफोर्स कर्मी की पत्नी राधा, सौरभ भदौरिया, नीति कपूर, सतीश कुमार बरयानी, ओम जायसवाल, सुरेंद्र कुमार त्रिपाठी, संजय अग्रवाल, अधिवक्ता व भाजपा नेता मनोज सिंह और राजेंद्र यादव समेत 50 से ज्यादा लोगों ने दुबे के खिलाफ तहरीर दी है। इन सभी की शिकायत पर एसआईटी जांच कर रही है। IPS-PPS अफसरों ने लगा रखी है काली कमाई एसआईटी की जांच में साफ हो चुका है कि अखिलेश दुबे के पास एक दो नहीं कई आईपीएस और पीपीएस अफसरों की काली कमाई लगी हुई है। जांच में सामने आया कि हरदोई में तैनात सीओ संतोष सिंह, लखनऊ में तैनात विकास पांडेय, मैनपुर में तैनात ऋषिकांत शुक्ला व इंस्पेक्टर आशीष शुक्ला व कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) में तैनात कश्यपकांत दुबे व एमके सोलंकी तो बकायदा दुबे के साथ कंपनी बनाकर रियल इस्टेट का कारोबार कर रहे हैं। बार-बार नोटिस देने के बाद भी एसीपी अपने बयान दर्ज कराने नहीं आ रहे हैं। 2500 करोड़ की सरकारी संपत्ति पर कब्जा
अखिलेश दुबे ने एक-दो नहीं कई सरकारी पार्क और जगहों पर कब्जा कर रखा है। केडीए की जांच में यह साफ हो चुका है कि 1500 करोड़ की सरकारी संपत्तियों पर कब्जा कर रखा है। इन संपत्तियों की मौजूदा समय में कीमत करीब 2500 करोड़ रुपए है। वहीं, दूसरी तरफ यह भी साफ हो गया है कि सिविल लाइंस में 300 करोड़ की वक्फ संपत्ति पर भी कब्जा है। जिसमें आगमन गेस्ट हाउस और अखिलेश दुबे की कंपनी कैनरी लंदन का ऑफिस बना हुआ है। इन संपत्तियों पर भी अभी तक बुलडोजर नहीं चल सका है। जबकि जांच में सब साफ हाे चुका है कि दुबे ने इन संपत्तियों पर कब्जा किया हुआ है। एक्शन न होने पर पीड़ितों ने मोर्चा बनाया
पुलिस कार्रवाई नहीं होने पर पीड़ितों ने अखिलेश दुबे के खिलाफ एक मोर्चा गठित किया है। इसमें अखिलेश दुबे से प्रताड़ित यह सभी 50 से ज्यादा लोग शामिल हैं। जिन्होंने अखिलेश दुबे के खिलाफ अपनी-अपनी शिकायत दर्ज कराई है। चार दिन पूर्व अखिलेश दुबे से पीड़ितों ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और दुबे के खिलाफ कार्रवाई को लेकर कानपुर से लेकर शासन तक से गुहार लगाई है। अखिलेश दुबे के खिलाफ कानपुर के बड़े भाजपा नेता रवि सतीजा, भाजपा नेता व अधिवक्ता मनोज सिंह, बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री राकेश तिवारी, बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष व कांग्रेस के बड़े नेता नरेश चंद्र त्रिपाठी, पूर्व विधायक भूधर नारायण, कांग्रेस जिलाध्यक्ष संदीप शुक्ला, आशीष शुक्ला, अविनाश चंद्र बाजपेई समेत अन्य प्रभावशाली लोग हैं, जो दुबे के खिलाफ एक जुट होकर लड़ाई लड़ रहे हैं। इसके बाद भी दुबे के खिलाफ एक महीने से कोई एफआईआर दर्ज नहीं हो पा रही है। पुलिस कमिश्नर बोले- एक्शन होगा
इस मामले को लेकर हमने पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार से बात की तो उन्होंने कहा कि एसआईटी एक-एक शिकायत की जांच कर रही है। शिकायतों पर विधिक राय लेकर एक्शन की तैयारी की जा रही है। अखिलेश दुबे के खिलाफ जिन भी शिकायतों में साक्ष्य मिलेंगे एफआईआर दर्ज करके कार्रवाई की जाएगी। दुबे के खिलाफ किसी तरह का एक्शन रोका नहीं गया है। दुबे सिंडीकेट में जो भी शामिल होगा उसे जेल भेजा जाएगा। हाल ही में एक इंस्पेक्टर को जेल भेजा गया है। लोग खुलकर अखिलेश दुबे के खिलाफ शिकायत करें। एक-एक शिकायत का संज्ञान लेकर जांच कराई जा रही है। यह पूरी तरह से अफवाह है कि एक्शन रोका गया या फिर प्रभावित हुआ है। …………………………………… ये खबर भी पढ़ें… ‘कोई कितना भी बड़ा हो, गलत करेगा तो कार्रवाई होगी’:उच्च शिक्षा मंत्री बोले- गुंडों के बाद पुलिस ने भी ABVP छात्रों को पीटा बाराबंकी के श्रीरामस्वरूप यूनिवर्सिटी की घटना में स्टूडेंट्स के साथ अत्याचार हुआ है। दोषियों के खिलाफ बिना देर किए कार्रवाई की गई है। जांच के आधार पर आगे और कार्रवाई होगी। चाहे कोई कितना बड़ा हो, अगर जांच में गलत मिला तो एक्शन भी जरूर होगा। श्रीरामस्वरूप यूनिवर्सिटी पर अभी और कार्रवाई होगी। पढ़ें पूरी खबर…
अखिलेश दुबे के खिलाफ भाजपा नेता रवि सतीजा ने झूठे रेप केस में फंसाने और वसूली करने के आरोप में सबसे पहली एफआईआर बर्रा थाने में 6 अगस्त को दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने अखिलेश दुबे और उसके साथी लवी मिश्रा को अरेस्ट करके जेल भेज दिया। अखिलेश दुबे के जेल जाते ही उसके खिलाफ 7 दिनों में 5 एफआईआर दर्ज हुई। अखिलेश दुबे पर एक्शन शुरू हुआ तो तमाम पीड़ित सामने आने लगे। पता चला कि अखिलेश ने किसी की फैक्ट्री कब्जा कर ली तो किसी की जमीनों को अपने नाम लिखवा लिया। दुबे सिंडीकेट के खिलाफ एक महीने में अब तक 50 से ज्यादा शिकायत पहुंच चुकी हैं। इसमें अखिलेश दुबे के खिलाफ 5 एफआईआर दर्ज हो गईं। जबकि 10 की जांच पूरी हो चुकी है। इसके बाद कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी। इतना ही नहीं अखिलेश दुबे को अभी तक रिमांड पर नहीं लिया गया। 50 से ज्यादा लोगों ने शिकायत दर्ज कराई
अखिलेश दुबे के खिलाफ जिन 50 से ज्यादा लोगों ने अपनी शिकायत दर्ज कराई है। उन सभी पीड़ितों की सूची भी दैनिक भास्कर के पास है। लेकिन पीड़ितों की सुरक्षा को देखते हुए उनके नाम और पता प्रकाशित नहीं किए जा रहे हैं। सिर्फ कुछ चर्चित चेहरे हैं उनके नाम प्रज्ञा त्रिवेदी, संतोष कुमार पांडेय, सागर मल्होत्रा, सुधीर कोचर, श्रवण कुमार बाजपेई, आशीष शुक्ला, पूर्व विधायक भूधर नारायण मिश्रा, एयरफोर्स कर्मी की पत्नी राधा, सौरभ भदौरिया, नीति कपूर, सतीश कुमार बरयानी, ओम जायसवाल, सुरेंद्र कुमार त्रिपाठी, संजय अग्रवाल, अधिवक्ता व भाजपा नेता मनोज सिंह और राजेंद्र यादव समेत 50 से ज्यादा लोगों ने दुबे के खिलाफ तहरीर दी है। इन सभी की शिकायत पर एसआईटी जांच कर रही है। IPS-PPS अफसरों ने लगा रखी है काली कमाई एसआईटी की जांच में साफ हो चुका है कि अखिलेश दुबे के पास एक दो नहीं कई आईपीएस और पीपीएस अफसरों की काली कमाई लगी हुई है। जांच में सामने आया कि हरदोई में तैनात सीओ संतोष सिंह, लखनऊ में तैनात विकास पांडेय, मैनपुर में तैनात ऋषिकांत शुक्ला व इंस्पेक्टर आशीष शुक्ला व कानपुर विकास प्राधिकरण (केडीए) में तैनात कश्यपकांत दुबे व एमके सोलंकी तो बकायदा दुबे के साथ कंपनी बनाकर रियल इस्टेट का कारोबार कर रहे हैं। बार-बार नोटिस देने के बाद भी एसीपी अपने बयान दर्ज कराने नहीं आ रहे हैं। 2500 करोड़ की सरकारी संपत्ति पर कब्जा
अखिलेश दुबे ने एक-दो नहीं कई सरकारी पार्क और जगहों पर कब्जा कर रखा है। केडीए की जांच में यह साफ हो चुका है कि 1500 करोड़ की सरकारी संपत्तियों पर कब्जा कर रखा है। इन संपत्तियों की मौजूदा समय में कीमत करीब 2500 करोड़ रुपए है। वहीं, दूसरी तरफ यह भी साफ हो गया है कि सिविल लाइंस में 300 करोड़ की वक्फ संपत्ति पर भी कब्जा है। जिसमें आगमन गेस्ट हाउस और अखिलेश दुबे की कंपनी कैनरी लंदन का ऑफिस बना हुआ है। इन संपत्तियों पर भी अभी तक बुलडोजर नहीं चल सका है। जबकि जांच में सब साफ हाे चुका है कि दुबे ने इन संपत्तियों पर कब्जा किया हुआ है। एक्शन न होने पर पीड़ितों ने मोर्चा बनाया
पुलिस कार्रवाई नहीं होने पर पीड़ितों ने अखिलेश दुबे के खिलाफ एक मोर्चा गठित किया है। इसमें अखिलेश दुबे से प्रताड़ित यह सभी 50 से ज्यादा लोग शामिल हैं। जिन्होंने अखिलेश दुबे के खिलाफ अपनी-अपनी शिकायत दर्ज कराई है। चार दिन पूर्व अखिलेश दुबे से पीड़ितों ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की और दुबे के खिलाफ कार्रवाई को लेकर कानपुर से लेकर शासन तक से गुहार लगाई है। अखिलेश दुबे के खिलाफ कानपुर के बड़े भाजपा नेता रवि सतीजा, भाजपा नेता व अधिवक्ता मनोज सिंह, बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री राकेश तिवारी, बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष व कांग्रेस के बड़े नेता नरेश चंद्र त्रिपाठी, पूर्व विधायक भूधर नारायण, कांग्रेस जिलाध्यक्ष संदीप शुक्ला, आशीष शुक्ला, अविनाश चंद्र बाजपेई समेत अन्य प्रभावशाली लोग हैं, जो दुबे के खिलाफ एक जुट होकर लड़ाई लड़ रहे हैं। इसके बाद भी दुबे के खिलाफ एक महीने से कोई एफआईआर दर्ज नहीं हो पा रही है। पुलिस कमिश्नर बोले- एक्शन होगा
इस मामले को लेकर हमने पुलिस कमिश्नर अखिल कुमार से बात की तो उन्होंने कहा कि एसआईटी एक-एक शिकायत की जांच कर रही है। शिकायतों पर विधिक राय लेकर एक्शन की तैयारी की जा रही है। अखिलेश दुबे के खिलाफ जिन भी शिकायतों में साक्ष्य मिलेंगे एफआईआर दर्ज करके कार्रवाई की जाएगी। दुबे के खिलाफ किसी तरह का एक्शन रोका नहीं गया है। दुबे सिंडीकेट में जो भी शामिल होगा उसे जेल भेजा जाएगा। हाल ही में एक इंस्पेक्टर को जेल भेजा गया है। लोग खुलकर अखिलेश दुबे के खिलाफ शिकायत करें। एक-एक शिकायत का संज्ञान लेकर जांच कराई जा रही है। यह पूरी तरह से अफवाह है कि एक्शन रोका गया या फिर प्रभावित हुआ है। …………………………………… ये खबर भी पढ़ें… ‘कोई कितना भी बड़ा हो, गलत करेगा तो कार्रवाई होगी’:उच्च शिक्षा मंत्री बोले- गुंडों के बाद पुलिस ने भी ABVP छात्रों को पीटा बाराबंकी के श्रीरामस्वरूप यूनिवर्सिटी की घटना में स्टूडेंट्स के साथ अत्याचार हुआ है। दोषियों के खिलाफ बिना देर किए कार्रवाई की गई है। जांच के आधार पर आगे और कार्रवाई होगी। चाहे कोई कितना बड़ा हो, अगर जांच में गलत मिला तो एक्शन भी जरूर होगा। श्रीरामस्वरूप यूनिवर्सिटी पर अभी और कार्रवाई होगी। पढ़ें पूरी खबर…