रामभद्राचार्य के मिनी पाकिस्तान बयान पर भड़के अविमुक्तेश्वरानंद:पूछा- योगीराज में कैसे बना; नेहा राठौर बोलीं- भाजपाइयों से देश को खतरा

जगद्गुरु रामभद्राचार्य के पश्चिमी यूपी को मिनी पाकिस्तान कहने पर सियासत शुरू हो गई है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने पूछा- योगी राज में पाकिस्तान कैसे बन गया। ये कैसी बात, सुनकर धक्का लग रहा है। समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद हरेंद्र मलिक ने कहा- इस तरह की विभाजनकारी टिप्पणियां दुर्भाग्यपूर्ण हैं। लोकगायिका नेहा सिंह राठौर ने X पर लिखा- क्या ऐसा बयान गेरूए वस्त्र का अपमान नहीं है। देश की एकता और अखंडता को सबसे ज्यादा खतरा इन भाजपाई विद्वानों से है। अब रामभद्राचार्य का वो बयान पढ़िए… जिस पर विवाद रामभद्राचार्य ने मेरठ में रामकथा के चौथे दिन कहा था- आज हिंदुओं पर बहुत संकट है, अपने ही देश में हम हिंदू धर्म का उतना न्याय नहीं दे पा रहे हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आकर लगता है मानो ये मिनी पाकिस्तान है। अब हमें मुखर होना है। हम ऐसा नहीं होने देंगे। जो कुछ हो जाए, इसलिए अब तो प्रत्येक धर में हिंदू धर्म की पाठशाला बनानी ही पड़ेगी।’ संभल से हिंदुओं का इतना पलायन क्यों हो रहा है। मेरठ में भी बहुत सारे लोग हिंदुओं पर हावी हो रहे हैं। मुजफ्फरनगर में हिंदुओं पर हावी हो रहे हैं, इसकी गलती कौन मानेगा? वेस्ट यूपी में लगातार हिंदुओं की संख्या घट रही है। इसलिए ऐसा लगता है, उनका बाहुल्य अधिक होता जा रहा। हिंदुओं का पलायन हो रहा है। संभल में केवल 15% हिंदू रह गए हैं। अब हिंदुओं को जागरूक होना पड़ेगा, वो मेरी कथाओं से जागरूक होगा। वेस्ट यूपी को हम हिंदुस्तान ही रहने देंगे। हम इसे मिनी पाकिस्तान नहीं बनने देंगे। हिंदू सजग हो जाएं। खबर में आगे बढ़ने से पहले भास्कर पोल पर अपनी राय दें… रामभद्राचार्य के बयान पर किसने क्या कहा… अविमुक्तेश्वरानंद बोले- योगीजी के राज में पाकिस्तान…ये कैसी बात बिहार में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा- उप्र में योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री के रूप में विराजमान हैं। उनके राज में रामभद्राचार्य कह रहे हैं कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश पाकिस्तान बन रहा है। योगीजी के राज में पाकिस्तान…ये कैसी बात, सुनकर धक्का लग रहा है। लेकिन अगर रामभद्राचार्य कह रहे हैं तो बड़ा आश्चर्य है। नेहा राठौर बोलीं- देश की एकता और अखंडता का खतरा भाजपाई विद्वानों से लोकगायिका नेहा सिंह राठौर ने X पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा- क्या गेरुआ वस्त्र पहनकर कुछ भी अनाप-शनाप बकना गेरुए वस्त्र का अपमान नहीं हैं? देश की एकता और अखंडता को सबसे ज्यादा खतरा इन भाजपाई विद्वानों से है। सपा सांसद बोले- वेस्ट यूपी सम्मान की राजनीति करता है
समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद हरेंद्र मलिक ने कहा- जगद्गुरु रामभद्राचार्य के पश्चिमी यूपी को मिनी पाकिस्तान कहने वाला बयान निजी है, जो गलत है। कहा- हम यहीं पैदा हुए, यहीं रहते हैं। यह भारत का अभिन्न अंग है और यहां के सभी नागरिक भारतीय हैं- हिंदुस्तानी, भारतीय। उन्होंने कहा- भारत एक संवैधानिक और धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र है। जहां इतिहास गवाह है कि हिंदू और मुसलमान एक साथ सद्भाव से रहते हैं। इस तरह की विभाजनकारी टिप्पणियां दुर्भाग्यपूर्ण हैं। हम सरकार से सामाजिक सद्भाव को नुकसान पहुंचने से रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की अपील करते हैं। पूर्व सांसद बोले- उनका काम धर्म का है सियासत का नहीं
पूर्व सांसद एसटी हसन ने कहा, हम उस पर भी अफसोस जाहिर करेंगे कि इतने बड़े पद पर बैठने के बाद जो धार्मिक इंसान हो जिसे इतने लोग फॉलो करते हों क्या उन्हें ये शोभा देता है। रामभद्राचार्य की 7 दिन की रामकथा के 10 बड़े बयान 1. असभ्य लोगों ने मनुस्मृति का अपमान किया
9 सितंबर को स्वामी रामभद्राचार्य ने कहा- संस्कृत न जानने के कारण लोगों ने मनुस्मृति का अपमान किया। कुछ लोगों ने जो पढ़े-लिखे हैं, उन्होंने असभ्यता की। कुछ लोगों ने मनुस्मृति को जलाया। इससे मनुस्मृति का कुछ नहीं बिगड़ा। अभी भारत में ऐसे सपूत हैं। चाहे जितनी मनुस्मृति जला दो, हम फिर लिखवा देंगे। 2. पश्चिमी यूपी मिनी पाकिस्तान लगता है
12 सितंबर को स्वामी रामभद्राचार्य ने कहा- आज हिंदुओं पर संकट है। अपने ही देश में हम हिंदू धर्म को उतना न्याय नहीं दे पा रहे। अब हमें मुखर होने की जरूरत है। हर घर में हिंदू धर्म की पाठशाला बनानी पड़ेगी। हर माता-पिता को अपने बच्चों को हिंदू धर्म की शिक्षा देनी होगी। हिंदू या सनातन धर्म यह एक ही है। हम वसुदेव कुटुंबकम् में जीते हैं। हमारा किसी से बैर नहीं। अब हम किसी को भूल से भी नहीं छेड़ेंगे, अगर कोई छेड़ेगा तो छोड़ेंगे भी नहीं। ऑपरेशन सिंदूर सदा याद रखा जाएगा। बिना किसी अपराध के हिंदुओं को मारा जा रहा है। ऐसे लोगों को समाप्त कर देना चाहिए। 3. हिंदुओं के तीन बच्चे होने चाहिए
13 सितंबर को जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य ने कहा- हिंदुओं के तीन बच्चे अवश्य होने चाहिए। मनुस्मृति सबसे प्राचीन ग्रंथों में से एक हैं, जो अखंड भारत की कल्पना करता है। मनु ने कभी नारी का अपमान नहीं किया। उनके अपने दो पुत्र और तीन पुत्रियां थीं। यही कारण है कि हिंदू परिवारों में भी कम से कम तीन संतानें होनी चाहिए। आज हिंदू समाज घट रहा है। अगर परिवार केवल एक या दो बच्चों पर रुक जाएगा, तो आने वाले समय में समाज का अनुपात बिगड़ जाएगा। रिश्तों का ताना-बाना कमजोर पड़ जाएगा। कम से कम तीन बच्चे अवश्य होने चाहिए। जिससे माता-पिता की देखभाल हो सके और समाज मजबूत बन सके। 4. जिसको मरना है मरो, मैं टेंशन नहीं लेता
स्वामी रामभद्राचार्य ने कहा- जिसको मरना है मरो। मैं टेंशन नहीं लेता। टेंशन तब दूर होगी, जब भगवान से हमारा अटेंशन होगा। अटेंशन कब खोजा, जब हमारा भगवान से इंटरनल रिलेशन होगा। ये कब होगा, जब ऐसे आयोजनों में तुम्हारा एडमिशन होगा। ये एडमिशन कब होगा, जब ऐसे संतजनों से कमीशन होगा। उन्होंने कहा- भगवान राम टू इन वन हैं। अवतार भी हैं और अवतारी भी हैं। 5. भारतीय संस्कृति को समझने के लिए संस्कृत जरूरी
8 सितंबर को श्रीराम कथा के दूसरे दिन स्वामी रामभद्राचार्य ने वृंदावन के प्रेमानंद महाराज पर निशान साधा था। कहा था- जो लोग उनके ऊपर आरोप लगाते हैं, वह निंदा करना ही नहीं जानते। भारतीय संस्कृति को समझने के लिए संस्कृत आनी चाहिए। जब तक संस्कृत नहीं पढ़ेंगे, तब तक अपनी संस्कृति को समझ नहीं पाएंगे। उन्होंने कहा था- हर व्यक्ति को अब संस्कृत पढ़ना होगा। उन्होंने मेरठ को क्रांति धरा बताया था। कहा था कि जिस तरह एक ब्राह्मण ने यहां चर्बी वाले कारतूस का विरोध कर क्रांति का बिगुल फूंका था, वह भी आज इस धरती से यह घोषणा करते हैं कि थोड़ी देर प्रतीक्षा करो, इस देश से गोवध बंद होकर रहेगा। 6. हिंदू धर्म में महिलाएं देवी, बाकी में बीवी होती हैं
सनातन धर्म में महिलाएं देवी होती हैं। उन्हें देवी माना जाता है, जबकि अन्य धर्मों में उनको बीवी कहा जाता है। हिंदू अपने बच्चों को मदरसे या कॉन्वेंट स्कूल की बजाय संस्कृत विद्यालय में पढ़ाएं। मनुस्मृति में जातियां बनाई गई थी। लेकिन, आज की राजनीतिक पार्टियों ने जातिवाद बना दिया। सत्ता हासिल करने के लिए दुष्प्रचार करते हैं। आज बेटों को महाराणा प्रताप, शिवाजी और बेटियों को रानी लक्ष्मीबाई के संस्कार देने की आवश्यकता है। 7. मेरी कथा में भेड़ों की भीड़ नहीं होती
मेरी कथा में भेड़ों की भीड़ नहीं, बल्कि प्रबुद्ध लोग आते हैं। यहां भेड़चाल नहीं होती। कितना मेरा मुंह बंद करोगे? तुम होते कौन हो मेरा मुंह बंद करने वाले? संस्कृत जाने बिना भारतीय संस्कृति कैसे जानी जा सकती है? उपदेश को उसे भारतीय वैदिक संस्कृति का ज्ञान होना चाहिए। इस कथा से विक्टोरिया पार्क के भीषण अग्निकांड में जीवन गंवाने वाले सभी आत्माओं की श्रद्धांजलि दी गई और सब का मोक्ष हो गया है। यहां विक्टोरिया पार्क में जितने भी लोगों की मौत अग्निकांड में हुई थी उन सब का मोक्ष हो गया। 8. मेरे उत्तराधिकारी से शास्त्रार्थ करके बताएं
उन्होंने कहा- जिन लोगों के मेरे ज्ञान या मेरे उत्तराधिकारी के ज्ञान पर संशय या संदेह है वो मेरे उत्तराधिकारी से शास्त्रार्थ करके बताएं। सबके ज्ञान का पता चल जाएगा। मैं मेरठ आते रहूंगा, हमेशा आउंगा। 9. कथा का पैसा लिया तो हिंदुओं के मांस छूने जैसा पाप लगेगा
जब मैं 7 साल का था तब मेरे बाबा ने रामायण कंठस्थ कराई थी, तब मैंने सौगंध ली थी कि श्रीराम की कथा का एक भी पैसा जो मैंने अपने लिए खर्च किया तो मुझे पाप लगेगा। इसलिए मैं एक भी पैसा नहीं लेता हूं। 10. जौनपुर में शेर जन्म लेते हैं
यह सिंह का आसन सिंहासन है। मेरा जन्म हुआ है उत्तर प्रदेश के जौनपुर में। जौनपुर के कहावत है कि जौनपुर की महिलाएं सियार को जन्म नहीं देती वह सिंह को जन्म देती है। ………………………….. ये खबर भी पढ़िए- रामभद्राचार्य बोले- बगैर पढ़े सब वेदव्यास-वाल्मीकि बनना चाहते हैं, मोदी एक बार और PM बनेंगे बगैर पढ़े लिखे सब आज महर्षि वाल्मीकि और वेदव्यास बनना चाहते हैं। वे मेरी बात समझना नहीं चाहते। मेरी उपलब्धियों से उनको ईर्ष्या होती है तो मेरा दुष्प्रचार करते हैं। मैंने कभी किसी संत की निंदा नहीं की। हां, मैं विरोध करता हूं, जब कोई गलत करता है। यह कहना है पद्म विभूषण जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य का। संत प्रेमानंदजी के संस्कृत ज्ञान पर सवाल उठाने वाले जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य की लोगों ने काफी आलोचना की। पढ़ें पूरी खबर