गोरखपुर में NEET छात्र की हत्या के आरोपी रहीम को पुलिस ने एनकाउंटर में घायल किया है। कुशीनगर में रामकोला रोड पर बुधवार दोपहर 2 बजे ये एनकाउंटर हुआ। बदमाश रहीम के दोनों पैर में पुलिस ने गोली मारी है। गोरखपुर के SSP राजकरण नय्यर ने कहा- आरोपी रहीम गोरखपुर के पिपराइच पुलिस और कुशीनगर पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन में मुठभेड़ में घायल हो गया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। एक अन्य आरोपी अजब हुसैन को ग्रामीणों ने पकड़कर घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती कराया। दो अन्य आरोपी छोटू और राजू को भी गिरफ्तार कर लिया गया। घटना में शामिल दो अन्य आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है। गोरखपुर में सोमवार रात 11.30 बजे पशु तस्करों और ग्रामीणों में भिड़ंत हो गई। पशु तस्करों ने NEET की तैयारी कर रहे छात्र को खींच लिया। उसकी पीट-पीटकर हत्या कर दी। लाश को घर से 4 किमी दूर फेंक दिया। साढ़े चार घंटे बाद घरवालों को छात्र की खून से लथपथ लाश मिली। उसका सिर कुचला हुआ था। 3 तस्वीरें देखिए- 23 घंटे बाद SSP ने 4 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया
घटना के करीब 23 घंटे के बाद मंगलवार रात SSP राज करन नय्यर ने जंगल धूषण चौकी इंचार्ज ज्योति नारायण तिवारी समेत 4 कॉन्स्टेबल को सस्पेंड कर दिया। पूरी चौकी के खिलाफ विभागीय जांच बैठा दी गई है। रात में 9 बजे एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश भी गोरखपुर पहुंचे हैं। पशु तस्करों की गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ को लगा दिया। दरअसल, सोमवार रात 11.30 बजे 10-12 पशु तस्कर दो गाड़ियों (पिकअप) से पिपराइच के मऊआचापी गांव पहुंचे। गांव के एंट्री पॉइंट पर ही दुर्गेश गुप्ता की फर्नीचर की दुकान थी। तस्करों ने जब सुनसान जगह देखी तो लूट के इरादे से दुकान का ताला तोड़ने लगे। उस वक्त दुकान के ऊपरी मंजिल में ट्रैवल का ऑफिस था। यहां दुर्गेश की बहन का लड़का सो रहा था। शटर खड़खड़ाने की आवाज हुई तो वह उठ गया। उसने देखा तो नीचे 10-12 लोग खड़े थे। उसने तुरंत मामा दुर्गेश के बेटे दीपक को कॉल किया। दीपक ने शोर मचाया। वह तुरंत स्कूटी से दुकान की तरफ भागा। पीछे-पीछे 10-15 ग्रामीण भी वहां पहुंच गए। शोर शराबा सुनकर तस्कर भागने लगे, तभी उनका ग्रामीणों से आमना-सामना हो गया। तस्करों ने फायरिंग कर दी। दीपक सबसे आगे था, ऐसे में तस्करों ने उसको अपनी गाड़ी में खींचकर भर लिया था। ग्रामीणों ने तस्कर की गाड़ी फूंक दी, एक को अधमरा किया
वहीं, ग्रामीणों ने भी एक तस्कर को पकड़ लिया। उसकी गाड़ी फूंक दी और पीट-पीटकर अधमरा कर दिया। इसी दौरान पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने तस्कर को अपनी गिरफ्त में लेने की कोशिश की तो ग्रामीण एसपी से उलझ गए। पुलिस और ग्रामीणों मे झड़प हो गई। इसमें एसपी नॉर्थ जितेंद्र श्रीवास्तव और पिपराइच थाना प्रभारी घायल हो गए। । जैसे-तैसे पुलिस ने तस्कर को भीड़ से छुड़ाया और हॉस्पिटल में एडमिट कराया। एसपी और दरोगा को गंभीर चोट आई है। उधर, जिस तरफ तस्कर भागे थे, पुलिस ने उस दिशा में तलाश शुरू की। वहां करीब 4 किमी दूर दीपक का खून से लथपथ शव पड़ा हुआ था। मंगलवार सुबह 7 बजे छात्र की हत्या की खबर फैलते ही गुस्साए लोगों ने गोरखपुर–पिपराइच रोड पर जाम लगा दिया। पुलिस ने लोगों को समझाने की कोशिश की तो पुलिस पर पथराव कर दिया। इससे वहां भगदड़ मच गई। योगी ने कहा था- दोषियों को बख्शेंगे नहीं
मामला सीएम योगी तक पहुंच गया। उन्होंने अफसरों को जल्द से जल्द मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए। कहा- दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। इसके बाद DIG शिवसिंपी चनप्पा और SSP राजकरण नय्यर घटनास्थल पर पहुंचे। परिजनों से बात की। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इसके बाद परिजन धरना खत्म करने के लिए राजी हुए। करीब 5 घंटे रोड खुला। पोस्टमॉर्टम के बाद बॉडी को परिवार के सुपुर्द किया गया। बॉडी घर पर आने के बाद सिर्फ 10 मिनट में ही दाह संस्कार के लिए लेकर जाने का दबाव पुलिस बनाने लगी। इसके बाद गुस्साई महिलाओं ने दोपहर करीब 3.30 बजे फिर पुलिस पर पथराव कर दिया। 4 बजे पुलिस सिक्योरिटी में दीपक का दाह संस्कार किया गया। गांव में 17 घंटे के बवाल के बाद भी टेंशन का माहौल है। गोरखपुर पुलिस को गांव का एक CCTV भी मिला है। 1.30 मिनट की फुटेज में 2 तरह के सीन दिखते हैं- सीन 1. गोवंश भागते दिखते हैं सीन 2. पशु तस्कर पिकअप से पहुंचते हैं पशु तस्कर बिहार का रहने वाला, अपने साथियों के नाम बताए
पिपराइच क्षेत्र के गांव महुआचापी में पशुओं की चोरी के मकसद से आए 12 तस्करों को अंदाजा नहीं था कि उन्हें गांव के लोग ही घेर लेंगे। विरोध करने वालों में सबसे आगे खड़े दीपक को उन्होंने पिकअप गाड़ी में खींच लिया। भाग रहे बदमाशों के एक साथी को गांव के लोग पकड़ भी लेते हैं। उसको इतना पीटा कि वो इस वक्त मेडिकल कॉलेज में एडमिट है। उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने उसको गांव के लोगों से छुड़ाया। पूछताछ में उसने कहा- मैं बिहार के गोपालगंज का रहने वाला हूं। मेरा नाम अजब हुसैन है। गांव के लोगों ने बताया- हम एक पशु तस्कर को पकड़कर लाए, वो अपने साथियों के नाम-पते बता रहा था, उस वक्त पर पुलिस दीपक को नहीं ढूंढ रही थी। उस तस्कर को छुड़ाने के लिए हमसे भिड़ी हुई थी। अगर उस वक्त बदमाशों की घेराबंदी हो जाती, तो वो पकड़े भी जाते और दीपक की जान भी बच जाती। हकीकत यही है कि पुलिस लापरवाही में ये जान गई है। ————————— अब पहले दिन की कवरेज डिटेल में पढ़िए
गोरखपुर में पशु तस्करों ने की NEET छात्र की हत्या:SP घायल, बवाल-आगजनी; योगी बोले- दोषियों को बख्शेंगे नहीं गोरखपुर में पशु तस्करों और ग्रामीणों में भिड़ंत हो गई। पशु तस्करों ने NEET की तैयारी कर रहे छात्र को खींच लिया। उसकी पीट-पीटकर हत्या कर दी। लाश को घर से 4 किमी दूर फेंक दिया। साढ़े चार घंटे बाद घरवालों को छात्र की खून से लथपथ लाश मिली। उसका सिर कुचला हुआ था। पढ़िए पूरी खबर…
घटना के करीब 23 घंटे के बाद मंगलवार रात SSP राज करन नय्यर ने जंगल धूषण चौकी इंचार्ज ज्योति नारायण तिवारी समेत 4 कॉन्स्टेबल को सस्पेंड कर दिया। पूरी चौकी के खिलाफ विभागीय जांच बैठा दी गई है। रात में 9 बजे एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश भी गोरखपुर पहुंचे हैं। पशु तस्करों की गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ को लगा दिया। दरअसल, सोमवार रात 11.30 बजे 10-12 पशु तस्कर दो गाड़ियों (पिकअप) से पिपराइच के मऊआचापी गांव पहुंचे। गांव के एंट्री पॉइंट पर ही दुर्गेश गुप्ता की फर्नीचर की दुकान थी। तस्करों ने जब सुनसान जगह देखी तो लूट के इरादे से दुकान का ताला तोड़ने लगे। उस वक्त दुकान के ऊपरी मंजिल में ट्रैवल का ऑफिस था। यहां दुर्गेश की बहन का लड़का सो रहा था। शटर खड़खड़ाने की आवाज हुई तो वह उठ गया। उसने देखा तो नीचे 10-12 लोग खड़े थे। उसने तुरंत मामा दुर्गेश के बेटे दीपक को कॉल किया। दीपक ने शोर मचाया। वह तुरंत स्कूटी से दुकान की तरफ भागा। पीछे-पीछे 10-15 ग्रामीण भी वहां पहुंच गए। शोर शराबा सुनकर तस्कर भागने लगे, तभी उनका ग्रामीणों से आमना-सामना हो गया। तस्करों ने फायरिंग कर दी। दीपक सबसे आगे था, ऐसे में तस्करों ने उसको अपनी गाड़ी में खींचकर भर लिया था। ग्रामीणों ने तस्कर की गाड़ी फूंक दी, एक को अधमरा किया
वहीं, ग्रामीणों ने भी एक तस्कर को पकड़ लिया। उसकी गाड़ी फूंक दी और पीट-पीटकर अधमरा कर दिया। इसी दौरान पुलिस पहुंच गई। पुलिस ने तस्कर को अपनी गिरफ्त में लेने की कोशिश की तो ग्रामीण एसपी से उलझ गए। पुलिस और ग्रामीणों मे झड़प हो गई। इसमें एसपी नॉर्थ जितेंद्र श्रीवास्तव और पिपराइच थाना प्रभारी घायल हो गए। । जैसे-तैसे पुलिस ने तस्कर को भीड़ से छुड़ाया और हॉस्पिटल में एडमिट कराया। एसपी और दरोगा को गंभीर चोट आई है। उधर, जिस तरफ तस्कर भागे थे, पुलिस ने उस दिशा में तलाश शुरू की। वहां करीब 4 किमी दूर दीपक का खून से लथपथ शव पड़ा हुआ था। मंगलवार सुबह 7 बजे छात्र की हत्या की खबर फैलते ही गुस्साए लोगों ने गोरखपुर–पिपराइच रोड पर जाम लगा दिया। पुलिस ने लोगों को समझाने की कोशिश की तो पुलिस पर पथराव कर दिया। इससे वहां भगदड़ मच गई। योगी ने कहा था- दोषियों को बख्शेंगे नहीं
मामला सीएम योगी तक पहुंच गया। उन्होंने अफसरों को जल्द से जल्द मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए। कहा- दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। इसके बाद DIG शिवसिंपी चनप्पा और SSP राजकरण नय्यर घटनास्थल पर पहुंचे। परिजनों से बात की। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इसके बाद परिजन धरना खत्म करने के लिए राजी हुए। करीब 5 घंटे रोड खुला। पोस्टमॉर्टम के बाद बॉडी को परिवार के सुपुर्द किया गया। बॉडी घर पर आने के बाद सिर्फ 10 मिनट में ही दाह संस्कार के लिए लेकर जाने का दबाव पुलिस बनाने लगी। इसके बाद गुस्साई महिलाओं ने दोपहर करीब 3.30 बजे फिर पुलिस पर पथराव कर दिया। 4 बजे पुलिस सिक्योरिटी में दीपक का दाह संस्कार किया गया। गांव में 17 घंटे के बवाल के बाद भी टेंशन का माहौल है। गोरखपुर पुलिस को गांव का एक CCTV भी मिला है। 1.30 मिनट की फुटेज में 2 तरह के सीन दिखते हैं- सीन 1. गोवंश भागते दिखते हैं सीन 2. पशु तस्कर पिकअप से पहुंचते हैं पशु तस्कर बिहार का रहने वाला, अपने साथियों के नाम बताए
पिपराइच क्षेत्र के गांव महुआचापी में पशुओं की चोरी के मकसद से आए 12 तस्करों को अंदाजा नहीं था कि उन्हें गांव के लोग ही घेर लेंगे। विरोध करने वालों में सबसे आगे खड़े दीपक को उन्होंने पिकअप गाड़ी में खींच लिया। भाग रहे बदमाशों के एक साथी को गांव के लोग पकड़ भी लेते हैं। उसको इतना पीटा कि वो इस वक्त मेडिकल कॉलेज में एडमिट है। उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। पुलिस ने उसको गांव के लोगों से छुड़ाया। पूछताछ में उसने कहा- मैं बिहार के गोपालगंज का रहने वाला हूं। मेरा नाम अजब हुसैन है। गांव के लोगों ने बताया- हम एक पशु तस्कर को पकड़कर लाए, वो अपने साथियों के नाम-पते बता रहा था, उस वक्त पर पुलिस दीपक को नहीं ढूंढ रही थी। उस तस्कर को छुड़ाने के लिए हमसे भिड़ी हुई थी। अगर उस वक्त बदमाशों की घेराबंदी हो जाती, तो वो पकड़े भी जाते और दीपक की जान भी बच जाती। हकीकत यही है कि पुलिस लापरवाही में ये जान गई है। ————————— अब पहले दिन की कवरेज डिटेल में पढ़िए
गोरखपुर में पशु तस्करों ने की NEET छात्र की हत्या:SP घायल, बवाल-आगजनी; योगी बोले- दोषियों को बख्शेंगे नहीं गोरखपुर में पशु तस्करों और ग्रामीणों में भिड़ंत हो गई। पशु तस्करों ने NEET की तैयारी कर रहे छात्र को खींच लिया। उसकी पीट-पीटकर हत्या कर दी। लाश को घर से 4 किमी दूर फेंक दिया। साढ़े चार घंटे बाद घरवालों को छात्र की खून से लथपथ लाश मिली। उसका सिर कुचला हुआ था। पढ़िए पूरी खबर…