गोरखपुर में घायल पशु तस्कर की मौत:NEET छात्र की हत्या के बाद ग्रामीणों ने ईंट-पत्थर से मारकर कर दिया था अधमरा

गोरखपुर बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती पशु तस्कर की इलाज के दौरान मौत हो गई। आरोपी की पहचान बिहार के गोपालगंज निवासी 21 साल के अजहर उर्फ अजब हुसैन के रूप में हुई है। उसे 15 सितंबर को महुआचापी गांव में ग्रामीणों ने दौड़ाकर पकड़ा था।
उस पर नीट की तैयारी कर रहे 17 साल के छात्र दीपक गुप्ता की हत्या का आरोप था। हत्या से गुस्साए ग्रामीणों ने अजहर पर ईंट-पत्थर से हमला कर दिया था। वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। हालत बिगड़ने पर पुलिस ने उसे बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया था।
उसे आईसीयू में रखा गया था, लेकिन शुक्रवार सुबह 10:37 बजे उसने दम तोड़ दिया। मौत की खबर मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी अस्पताल पहुंचे। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए मॉर्च्युरी में रखवाया गया है। पुलिस उसके परिजनों से संपर्क कर रही है। यह था पूरा मामला
घटना 15 सितंबर की रात हुई थी। बताया गया कि रात करीब साढ़े 11 बजे 10-12 पशु तस्कर दो पिकअप गाड़ियों में सवार होकर पिपराइच इलाके के महुआचापी गांव पहुंचे थे। गांव के एंट्री पॉइंट पर दुर्गेश गुप्ता की फर्नीचर दुकान है। तस्करों ने दुकान का ताला तोड़ने की कोशिश की। ऊपर की मंजिल पर दुर्गेश के रिश्तेदार का बेटा सो रहा था। आवाज सुनकर उसने तुरंत दीपक को फोन किया। दीपक स्कूटी से मौके पर पहुंचा और शोर मचाया। गांव के लोग भी वहां इकट्ठा हो गए। शोर सुनते ही तस्कर भागने लगे, लेकिन इसी दौरान उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। सबसे आगे दीपक था, जिसे तस्करों ने गाड़ी में खींच लिया और फरार हो गए। ग्रामीणों ने की थी तस्कर की पिटाई वहीं गुस्साए ग्रामीणों ने पीछा कर एक तस्कर को पकड़ लिया। उसकी गाड़ी को आग के हवाले कर दिया और उसे बुरी तरह पीटा। इसी बीच पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायल तस्कर को बचाने की कोशिश की, तो ग्रामीण भड़क गए। उनकी झड़प पुलिस से हो गई। इसमें एसपी नॉर्थ जितेंद्र श्रीवास्तव, पिपराइच थाना प्रभारी और दो सिपाही घायल हो गए। पुलिस ने किसी तरह घायल तस्कर को भीड़ से छुड़ाकर अस्पताल में भर्ती कराया। छात्र की पिटाई से हो गई थी मौत जिस दिशा में तस्कर भागे थे, वहां तलाश के दौरान दीपक का शव गांव से 4 किलोमीटर दूर खून से लथपथ हालत में मिला। उसका सिर कुचला हुआ था। मंगलवार सुबह जब दीपक की हत्या की खबर गांव में फैली, तो ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। लोगों ने गोरखपुर-पिपराइच रोड पर जाम लगा दिया। पुलिस ने जब समझाने की कोशिश की, तो पथराव शुरू हो गया। माहौल तनावपूर्ण हो गया। घटना की खबर सीएम योगी आदित्यनाथ तक पहुंची। उन्होंने अफसरों को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। डीआईजी शिवसिंपी चनप्पा और एसएसपी राजकरण नैय्यर मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों से मुलाकात की और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इसके बाद परिजन शांत हुए और करीब पांच घंटे बाद रोड जाम खत्म हुआ था। ————————- ये खबर भी पढ़ें शिवपाल ने 20 बार बुलंदशहर DM को कॉल की:न उठाने पर विधानसभा अध्यक्ष से शिकायत, नोटिस जारी होते ही बोलीं- सॉरी सपा महासचिव शिवपाल यादव का फोन न उठाना बुलंदशहर डीएम श्रुति को भारी पड़ गया। शिवपाल ने उन्हें 20–25 बार कॉल किया था, लेकिन डीएम ने रिसीव नहीं किया। इससे नाराज होकर शिवपाल ने विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना से शिकायत कर दी। पढ़िए पूरी खबर