यूपी के बाहुबली विधायक राजा भैया और उनकी पत्नी भानवी सिंह के बीच चल रहे विवाद में एक बार फिर उनके बेटे शिवराज सिंह की एंट्री हुई है। बुधवार की देर शाम बेटे ने एक वीडियो जारी किया। जिसमें दावा है कि भानवी सिंह अपनी बीमार मां को जूतों से पीट रही हैं। शिवराज ने X पर लिखा- संपत्ति की खातिर अपनी वृद्ध और बीमार मां पर जूतों की बरसात करती हुई हमारी मम्मा भानवी कुमारी को देखिए और मन में सोचिए कि क्या यही है महिला सशक्तिकरण? निश्चित है कि माता जी की भाड़े की ‘ट्रोल सेना’ हमें ‘दूध का कर्ज़’ याद दिलाने का प्रयास करेगी, लेकिन उनको ये ‘कर्ज’ हमारी ‘जूतेबाज़’ माता जी को याद दिलाना ज़्यादा जरूरी है। बेटे के आरोपों पर भानवी सिंह ने दैनिक भास्कर से कहा, राजा भैया की करीबी महिला पत्रकार स्क्रिप्ट लिखकर बेटे से पोस्ट करा रही है। जो वीडियो जारी किया गया है, वह अधूरा है। मैंने छोटी बहन साध्वी सिंह पर चप्पल उछाला, क्योंकि उसने पहले मुझ पर हमला किया था। पापा से मिलने नहीं दे रही थी। उस वक्त मां बीच बचाव कर रही थीं। भानवी ने अपने पिता का वीडियो जारी किया है, जो उस दिन की घटना बता रहे हैं। दरअसल, भानवी सिंह ने 3 सितंबर को PMO में लेटर दिया था। उन्होंने आरोप लगाया था कि राजा भैया के पास अवैध विदेशी हथियारों का जखीरा है। इस आरोप को राजा भैया के करीबी और एमएलसी अक्षय प्रताप सिंह उर्फ गोपाल जी ने बेबुनियाद बताया था। साथ ही कहा था की भानवी सिंह की मानसिक स्थिति ठीक नहीं। वह 10 साल से अलग रह रही हैं। फेक हथियारों की फोटो दिखा रही हैं। बुधवार सुबह भानवी सिंह ने हथियारों का वीडियो जारी किया था। अब पढ़िए राजा भैया के बेटे ने जो कुछ कहा मैंने पहले ही कहा था कि आशा करता हूं कि इस विषय में दोबारा पोस्ट न करना पड़े तो अच्छा रहेगा, लेकिन जब बेहूदगी की सारी हदें पार हो जायें तो जवाब देना तो बनता है। जन सामान्य और सोशल मीडिया पर तो लोग इन्हें गाली दे ही रहे हैं, इन्हें सिर्फ पेड ‘ट्रोल सेना’ का ही भरोसा है। कोर्ट में भी कई बार ये अपनी छीछालेदर करा चुकी हैं। अनेक बार माननीय न्यायधीश को इनके वकील को फटकार लगाते हुए कहना पड़ा कि ‘अपनी क्लाइंट को चुप कराइए, अदालत में कैसा व्यवहार किया जाता है व कोर्ट में बोलने की तमीज़ सिखाइये।’ ये इन घटनाओं से सुधरना तो दूर और अधिक कुंठित हो गईं। इनकी करतूत का एक और नमूना देखिए, मेरे नाना की चार बेटियां हैं और वे अपनी संपत्ति चारों में बराबर बांटना चाह रहे हैं, जो की उचित ही है, लेकिन ये नाना-नानी की पूरी संपत्ति अकेले हथियाना चाहती हैं, जिसे लेकर मुकदमे भी चल रहे हैं, लेकिन सिर्फ मुकदमों से हमारी मम्मा का मन नहीं भरता है, इसलिए कई बार ये हिंसक होकर उनपर हमला भी कर चुकी हैं। हां, ये सही बात है कि मेरे ननिहाल में उतनी संपत्ति नहीं है जितनी बेंती- भदरी में ईश्वर की कृपा से है, हमारे रिश्तेदारों परिवारजनों में ये सर्व विदित है कि मेरे माता- पिता की शादी का दोनों तरफ़ का पूरा खर्चा हमारे बाबा ने उठाया। इसके बावजूद इन्होंने बाबा को भी नहीं बख्शा, कोर्ट में दिये गए अपने लिखित बयान में इन्होंने बाबा को ‘दहेज लोभी’ बताया, इतना ही नहीं ये भी कहा कि वे कोई ‘सम्मानित व्यक्ति’ नहीं हैं। समय आने पर कोर्ट में दिये गए इनके सारे दस्तावेज़ पोस्ट कर दूंगा। इतना ही नहीं क्या आप लोग जानते हैं कि दाऊ (राजा भैया) के ऊपर जो झूठी एफआईआर मम्मा ने कराई है, उसमें आजी को भी दोषी ठहराया है? हम सभी जानते हैं कि सोशल मीडिया पर इस बयानबाज़ी से चटपटी ख़बरें भले बन जाएं, लेकिन इससे मुकदमे की मेरिट पर कोई फर्क नहीं पड़ता है। हमारे पिछले पोस्ट का भी अभी तक कोई जवाब नहीं आया, 100 करोड़ रुपए एक मुश्त और 25 लाख रुपए प्रति महीना, ये धन उगाही है या गुंडा टैक्स? मैंने जो पहले कहा वो सभी बातें प्रमाणित सत्य हैं पर अब आपके सामने जो वीडियो ला रहा हूं वो देखकर आप लोग भौचक्के रह जायेंगे। संपत्ति की ख़ातिर अपनी वृद्ध और बीमार मां पर जूतों की बरसात करती हुई हमारी मम्मा भानवी कुमारी को देखिये और मन में सोचिये कि क्या यही है महिला सशक्तिकरण? निश्चित है कि माता जी की भाड़े की ‘ट्रोल सेना’ हमें ‘दूध का कर्ज़’ याद दिलाने का प्रयास करेगी, लेकिन उनको ये ‘कर्ज’ हमारी ‘जूतेबाज़’ माता जी को याद दिलाना ज़्यादा ज़रूरी है।
@PMOIndia
@CMOfficeUP
सादर,
जय सियाराम 4 दिन पहले कहा था- पापा तो साथ रहना चाहते थे, अब 100 करोड़ मांग रहीं शिवराज प्रताप सिंह ने इस विवाद में 20 सितंबर को पहली पोस्ट लिखी थी। जिसमें कहा- दाऊ (राजा भैया) ने मम्मा (भानवी सिंह) के साथ एक छत के नीचे रहना स्वीकार किया। लेकिन, दोनों में संबंध सामान्य नहीं थे। बाद में मम्मा ने दाऊ को बिना बताए घर छोड़ दिया और दिल्ली के मकान में जाकर रहने लगीं। अब संपत्ति और रुपए की चाह में पिता के खिलाफ सोशल मीडिया पर लिख रही हैं। शिवराज प्रताप लिखते हैं- मैं पहली बार सोशल मीडिया पर इस विषय में पोस्ट कर रहा हूं। साथ ही चाहूंगा कि इसके बाद इस विषय पर कुछ न लिखना पड़े। इस तरह से बदनाम करने के लिए फर्जी पोस्ट करना कोई बहादुरी का काम नहीं। हमारे माता पिता (मम्मा और दाऊ) करीब 10 साल से अलग रह रहे हैं। उसके पहले कुछ साल तक परिवार के बड़ों के कहने पर हम बच्चों की खातिर दाऊ ने मम्मा के साथ एक छत के नीचे रहना स्वीकार किया। लेकिन, दोनों में संबंध सामान्य नहीं थे। बाद में मम्मा ने दाऊ को बिना बताए घर छोड़ दिया और दिल्ली के मकान में जाकर रहने लगीं। हम सब बड़े हो गए, तो दाऊ ने कोर्ट में तलाक की अर्जी डाली। तभी से संपत्ति और रुपए की चाह में मम्मा ने सोशल मीडिया से लेकर मीडिया व संबंधियों में दाऊ की बुराई का प्रचार करना (badvertisement) शुरू कर दिया। बहुत दुखद है, लेकिन ज्यादा कहना सोशल मीडिया पर उचित नहीं। मैंने खुद दोनों के बीच मध्यस्थता (mediation) का प्रयास किया। जिससे दोनों अपना अपना जीवन आराम से जी सकें। लेकिन मेरी और मेरे भाई की इस पहल को हमारी मम्मा ने ठुकरा दिया। हमारे बाबा, आजी और परिवार के अन्य वरिष्ठ जनों ने भी अनेक प्रयास किया, लेकिन हमारी मां ने किसी की बात नहीं सुनी। कोर्ट में उन्होंने कहीं 50 करोड़ रुपए तो कहीं उसके ऊपर से 100 करोड़ रुपए एक मुश्त मांगा है। साथ ही 25 लाख रुपए हर महीने अलग से मांगे हैं। हम दोनों भाई भी मम्मी से बात नहीं करते
शिवराज प्रताप सिंह आगे लिखते हैं- मम्मा के इसी स्वभाव के चलते दाऊ ही नहीं, उनके अपने माता-पिता, सास-ससुर, चचेरे-ममेरे भाई-बहन और यहां तक कि हम दोनों भाई भी उनसे बात नहीं करते। उनकी किसी से नहीं बनती। लेकिन, वो ‘महिला कार्ड’ और ‘विक्टिम कार्ड’ के जरिए लोगों को सोशल मीडिया पर भड़का रही हैं। जितने साल यहां रहीं, नौकरों को मारा-पीटा। इन्होंने कई मुकदमे कर रखे हैं, उन्हें मुकदमे की तरह लड़ना चाहिए। सही गलत का फैसला कोर्ट करेगा, न कि सोशल मीडिया पर पोस्ट लाइक करने वाले पार्टी विशेष के लोग। दाऊ (राजा भैया) ने हमें बहुत अच्छी तरह से पाला
शिवराज ने लिखा- दाऊ के बारे में पिछले दिनों बहुत कुछ कहा गया। लेकिन, ये बताना जरूरी है कि दाऊ ने हम सबका अच्छा भरण-पोषण किया। अच्छी शिक्षा दी, धर्म-संस्कार दिए, अपार स्नेह दिया। हमारे दाऊ ने इस विषय पर सार्वजनिक तौर पर अब तक कुछ नहीं कहा है। शायद वह कुछ कहेंगे भी नहीं। इसलिए मुझे लिखना पड़ रहा है। दुख इस बात का है कि हमारी मम्मा बदले की भावना में इतना बह गई हैं कि उन्हें अपने बच्चों का भविष्य, खासकर बेटियों की शादी तक की चिंता नहीं है। उनका एजेंडा कुछ और है, वह बाद में लोगों को पता चल ही जाएगा। इस तरह के बेकार पोस्ट करने से एक भी केस में किसी प्रकार की मदद नहीं मिलेगी। लिखा- मम्मा केवल दाऊ को बदनाम करना चाह रहीं
शिवराज लिखते हैं- ट्वीट करके हमारी मम्मा केवल दाऊ को बदनाम करना चाह रही हैं। जिससे एक जनप्रतिनिधि के तौर पर उनकी छवि को नुकसान पहुंचे। दाऊ का जीवन एक खुली किताब है। पूरा कुंडा उनका परिवार है। रही बात संपत्ति की, तो हमारी मां के पास दाऊ से ज्यादा अचल संपत्ति है। उन्हें कहीं कोई ठोकर खाने की जरूरत नहीं। आराम का जीवन जी रही हैं। कोर्ट में महंगे से महंगा वकील खड़ा कर रही हैं। कई साल दाऊ से कहीं ज्यादा इनकम टैक्स भी भरा है। आशा करता हूं कि मेरी इस पोस्ट के बाद वे अपनी ऊर्जा कोर्ट में मुकदमा लड़ने में लगाए न की सोशल मीडिया पर। अब जानिए राजा भैया और भानवी सिंह के बीच का विवाद? भानवी सिंह ने 3 जून, 2025 को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में जाकर अपने पति रघुराज प्रताप सिंह के खिलाफ गंभीर शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने एक पत्र भी सौंपा था। जिसमें कहा गया था कि राजा भैया आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्ति हैं। उनके पास अवैध और खतरनाक हथियारों का भंडार है। यह कानून-व्यवस्था और आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है। इन हथियारों में नाटो ग्रेड की जिगाना पिस्टल, ऑटोमैटिक असॉल्ट राइफल्स और कई अन्य जानलेवा हथियार भी शामिल शामिल हैं। भानवी ने यह भी आरोप लगाया कि उनके पति ने जबरन उनके लाइसेंसी हथियार छीन लिए हैं। उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां मिलती रहती हैं। एक घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने लिखा था कि राजा भैया ने एक बार कमरे में गोली चलाई थी, जिसमें उनकी छोटी बेटी बाल-बाल बच गई थी। भानवी सिंह का दावा है कि यह मामला सिर्फ एक परिवार के बीच विवाद का नहीं, बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़ा है। हालांकि, राजा भैया के सबसे करीबी माने जाने वाले गोपाल जी ने साफ कहा था कि भानवी सिंह का मानसिक स्थिति ठीक नहीं। 10 साल से वो अलग रह रही हैं। ऐसे आरोप लगाकर अपने ही घर में आग लगा रही हैं। अपने बच्चों का भविष्य खराब कर रही हैं। राजा भैया के माता-पिता और बच्चों सभी के पास लाइसेंस है। वो क्यों अवैध हथियार रखेंगे? राजा भैया का एक भी ऐसा नौकर नहीं है, जिसके पास लाइसेंस और असलहा ना हो। दशहरे पर हम इनकी पूजा करते हैं। सारे लीगल शस्त्र हैं। राजा भैया को अवैध हथियार रखने की जरूरत ही नहीं है। जो आरोप लगा रहा है, जिस बेस पर लगा रहा, पहले उसकी खुद जांच होनी चाहिए। हालांकि, उनके पास खुद ही लाइसेंसी हथियार है। कब से भानवी सिंह राजा भैया से अलग रह रहीं?
कुंडा से विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राज भैया की पत्नी भानवी सिंह ने अपने पति पर कई गंभीर आरोप लगाए। नवंबर, 2022 में उन्होंने दिल्ली की साकेत कोर्ट में तलाक के लिए अर्जी दायर की थी। उन्होंने क्रूरता के आधार पर तलाक मांगा था। —————————— यह खबर भी पढ़िए… राजा भैया की पत्नी ने हथियारों का VIDEO जारी किया: बोलीं- मेरे चरित्र हनन के लिए पानी की तरह पैसा बहा रहे, पति ने कहा- कोर्ट में बात रखूंगा भानवी सिंह ने अपने पति और बाहुबली विधायक राजा भैया के अवैध हथियारों के जखीरे का वीडियो शेयर किया। उन्होंने हथियारों के साथ एक न्यूड लड़की की तस्वीर भी पोस्ट की। इसमें वह असलहे के साथ नजर आ रही है। भानवी ने बुधवार को X पर लिखा- जब से मैंने पीएमओ और गृह मंत्रालय से शिकायत की, तब से मेरे चरित्र हनन के लिए पानी की तरह पैसा बहाया जा रहा। यह शायद पहली बार होगा कि बेहद खतरनाक किस्म के अवैध हथियार का जखीरा किसी व्यक्ति के पास है। इसकी जानकारी सबूत सहित देने के बाद भी संबंधित व्यक्तियों को सबूत मिटाने, तथ्यों से छेड़छाड़ करने और शिकायतकर्ता की सुरक्षा को ही जोखिम में डालने का पूरा मौका दिया जा रहा। पढ़ें पूरी खबर…
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सादर,
जय सियाराम 4 दिन पहले कहा था- पापा तो साथ रहना चाहते थे, अब 100 करोड़ मांग रहीं शिवराज प्रताप सिंह ने इस विवाद में 20 सितंबर को पहली पोस्ट लिखी थी। जिसमें कहा- दाऊ (राजा भैया) ने मम्मा (भानवी सिंह) के साथ एक छत के नीचे रहना स्वीकार किया। लेकिन, दोनों में संबंध सामान्य नहीं थे। बाद में मम्मा ने दाऊ को बिना बताए घर छोड़ दिया और दिल्ली के मकान में जाकर रहने लगीं। अब संपत्ति और रुपए की चाह में पिता के खिलाफ सोशल मीडिया पर लिख रही हैं। शिवराज प्रताप लिखते हैं- मैं पहली बार सोशल मीडिया पर इस विषय में पोस्ट कर रहा हूं। साथ ही चाहूंगा कि इसके बाद इस विषय पर कुछ न लिखना पड़े। इस तरह से बदनाम करने के लिए फर्जी पोस्ट करना कोई बहादुरी का काम नहीं। हमारे माता पिता (मम्मा और दाऊ) करीब 10 साल से अलग रह रहे हैं। उसके पहले कुछ साल तक परिवार के बड़ों के कहने पर हम बच्चों की खातिर दाऊ ने मम्मा के साथ एक छत के नीचे रहना स्वीकार किया। लेकिन, दोनों में संबंध सामान्य नहीं थे। बाद में मम्मा ने दाऊ को बिना बताए घर छोड़ दिया और दिल्ली के मकान में जाकर रहने लगीं। हम सब बड़े हो गए, तो दाऊ ने कोर्ट में तलाक की अर्जी डाली। तभी से संपत्ति और रुपए की चाह में मम्मा ने सोशल मीडिया से लेकर मीडिया व संबंधियों में दाऊ की बुराई का प्रचार करना (badvertisement) शुरू कर दिया। बहुत दुखद है, लेकिन ज्यादा कहना सोशल मीडिया पर उचित नहीं। मैंने खुद दोनों के बीच मध्यस्थता (mediation) का प्रयास किया। जिससे दोनों अपना अपना जीवन आराम से जी सकें। लेकिन मेरी और मेरे भाई की इस पहल को हमारी मम्मा ने ठुकरा दिया। हमारे बाबा, आजी और परिवार के अन्य वरिष्ठ जनों ने भी अनेक प्रयास किया, लेकिन हमारी मां ने किसी की बात नहीं सुनी। कोर्ट में उन्होंने कहीं 50 करोड़ रुपए तो कहीं उसके ऊपर से 100 करोड़ रुपए एक मुश्त मांगा है। साथ ही 25 लाख रुपए हर महीने अलग से मांगे हैं। हम दोनों भाई भी मम्मी से बात नहीं करते
शिवराज प्रताप सिंह आगे लिखते हैं- मम्मा के इसी स्वभाव के चलते दाऊ ही नहीं, उनके अपने माता-पिता, सास-ससुर, चचेरे-ममेरे भाई-बहन और यहां तक कि हम दोनों भाई भी उनसे बात नहीं करते। उनकी किसी से नहीं बनती। लेकिन, वो ‘महिला कार्ड’ और ‘विक्टिम कार्ड’ के जरिए लोगों को सोशल मीडिया पर भड़का रही हैं। जितने साल यहां रहीं, नौकरों को मारा-पीटा। इन्होंने कई मुकदमे कर रखे हैं, उन्हें मुकदमे की तरह लड़ना चाहिए। सही गलत का फैसला कोर्ट करेगा, न कि सोशल मीडिया पर पोस्ट लाइक करने वाले पार्टी विशेष के लोग। दाऊ (राजा भैया) ने हमें बहुत अच्छी तरह से पाला
शिवराज ने लिखा- दाऊ के बारे में पिछले दिनों बहुत कुछ कहा गया। लेकिन, ये बताना जरूरी है कि दाऊ ने हम सबका अच्छा भरण-पोषण किया। अच्छी शिक्षा दी, धर्म-संस्कार दिए, अपार स्नेह दिया। हमारे दाऊ ने इस विषय पर सार्वजनिक तौर पर अब तक कुछ नहीं कहा है। शायद वह कुछ कहेंगे भी नहीं। इसलिए मुझे लिखना पड़ रहा है। दुख इस बात का है कि हमारी मम्मा बदले की भावना में इतना बह गई हैं कि उन्हें अपने बच्चों का भविष्य, खासकर बेटियों की शादी तक की चिंता नहीं है। उनका एजेंडा कुछ और है, वह बाद में लोगों को पता चल ही जाएगा। इस तरह के बेकार पोस्ट करने से एक भी केस में किसी प्रकार की मदद नहीं मिलेगी। लिखा- मम्मा केवल दाऊ को बदनाम करना चाह रहीं
शिवराज लिखते हैं- ट्वीट करके हमारी मम्मा केवल दाऊ को बदनाम करना चाह रही हैं। जिससे एक जनप्रतिनिधि के तौर पर उनकी छवि को नुकसान पहुंचे। दाऊ का जीवन एक खुली किताब है। पूरा कुंडा उनका परिवार है। रही बात संपत्ति की, तो हमारी मां के पास दाऊ से ज्यादा अचल संपत्ति है। उन्हें कहीं कोई ठोकर खाने की जरूरत नहीं। आराम का जीवन जी रही हैं। कोर्ट में महंगे से महंगा वकील खड़ा कर रही हैं। कई साल दाऊ से कहीं ज्यादा इनकम टैक्स भी भरा है। आशा करता हूं कि मेरी इस पोस्ट के बाद वे अपनी ऊर्जा कोर्ट में मुकदमा लड़ने में लगाए न की सोशल मीडिया पर। अब जानिए राजा भैया और भानवी सिंह के बीच का विवाद? भानवी सिंह ने 3 जून, 2025 को प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में जाकर अपने पति रघुराज प्रताप सिंह के खिलाफ गंभीर शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने एक पत्र भी सौंपा था। जिसमें कहा गया था कि राजा भैया आपराधिक प्रवृत्ति के व्यक्ति हैं। उनके पास अवैध और खतरनाक हथियारों का भंडार है। यह कानून-व्यवस्था और आंतरिक सुरक्षा के लिए खतरा बन सकता है। इन हथियारों में नाटो ग्रेड की जिगाना पिस्टल, ऑटोमैटिक असॉल्ट राइफल्स और कई अन्य जानलेवा हथियार भी शामिल शामिल हैं। भानवी ने यह भी आरोप लगाया कि उनके पति ने जबरन उनके लाइसेंसी हथियार छीन लिए हैं। उन्हें लगातार जान से मारने की धमकियां मिलती रहती हैं। एक घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने लिखा था कि राजा भैया ने एक बार कमरे में गोली चलाई थी, जिसमें उनकी छोटी बेटी बाल-बाल बच गई थी। भानवी सिंह का दावा है कि यह मामला सिर्फ एक परिवार के बीच विवाद का नहीं, बल्कि देश की आंतरिक सुरक्षा से जुड़ा है। हालांकि, राजा भैया के सबसे करीबी माने जाने वाले गोपाल जी ने साफ कहा था कि भानवी सिंह का मानसिक स्थिति ठीक नहीं। 10 साल से वो अलग रह रही हैं। ऐसे आरोप लगाकर अपने ही घर में आग लगा रही हैं। अपने बच्चों का भविष्य खराब कर रही हैं। राजा भैया के माता-पिता और बच्चों सभी के पास लाइसेंस है। वो क्यों अवैध हथियार रखेंगे? राजा भैया का एक भी ऐसा नौकर नहीं है, जिसके पास लाइसेंस और असलहा ना हो। दशहरे पर हम इनकी पूजा करते हैं। सारे लीगल शस्त्र हैं। राजा भैया को अवैध हथियार रखने की जरूरत ही नहीं है। जो आरोप लगा रहा है, जिस बेस पर लगा रहा, पहले उसकी खुद जांच होनी चाहिए। हालांकि, उनके पास खुद ही लाइसेंसी हथियार है। कब से भानवी सिंह राजा भैया से अलग रह रहीं?
कुंडा से विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राज भैया की पत्नी भानवी सिंह ने अपने पति पर कई गंभीर आरोप लगाए। नवंबर, 2022 में उन्होंने दिल्ली की साकेत कोर्ट में तलाक के लिए अर्जी दायर की थी। उन्होंने क्रूरता के आधार पर तलाक मांगा था। —————————— यह खबर भी पढ़िए… राजा भैया की पत्नी ने हथियारों का VIDEO जारी किया: बोलीं- मेरे चरित्र हनन के लिए पानी की तरह पैसा बहा रहे, पति ने कहा- कोर्ट में बात रखूंगा भानवी सिंह ने अपने पति और बाहुबली विधायक राजा भैया के अवैध हथियारों के जखीरे का वीडियो शेयर किया। उन्होंने हथियारों के साथ एक न्यूड लड़की की तस्वीर भी पोस्ट की। इसमें वह असलहे के साथ नजर आ रही है। भानवी ने बुधवार को X पर लिखा- जब से मैंने पीएमओ और गृह मंत्रालय से शिकायत की, तब से मेरे चरित्र हनन के लिए पानी की तरह पैसा बहाया जा रहा। यह शायद पहली बार होगा कि बेहद खतरनाक किस्म के अवैध हथियार का जखीरा किसी व्यक्ति के पास है। इसकी जानकारी सबूत सहित देने के बाद भी संबंधित व्यक्तियों को सबूत मिटाने, तथ्यों से छेड़छाड़ करने और शिकायतकर्ता की सुरक्षा को ही जोखिम में डालने का पूरा मौका दिया जा रहा। पढ़ें पूरी खबर…