‘इमाम नहीं हो सकता, वो फरेबी, झूठा और मक्कार है’:बहन बोली- कैट लवर बताकर इंप्रेस किया, मेरठ में युवक ने की दूसरी पत्नी की हत्या

‘नईमा सिर्फ मेरी बहन नहीं, मेरी जान थी। हमारे मां-बाप नहीं रहे। इस दुनिया में हम दोनों ही एक-दूसरे के सहारे थे। लेकिन शहजाद ने मेरी बहन की जिंदगी छीन ली। वह मस्जिद का इमाम है। एक मौलाना होकर शहजाद ने अपनी पत्नी का कत्ल कर दिया। शहजाद इमाम नहीं हो सकता, वो फरेबी, झूठा और मक्कार है। मैं आखिरी बार अपनी लाड़ली बहन का चेहरा भी नहीं देख पाई। मेरी बहन की बॉडी भी मुझे नसीब नहीं हुई।’ ये कहना है गुवाहाटी में रहने वाली नईमा की बड़ी बहन मीनार यासमीन का। मेरठ में मीनार यासमीन की छोटी बहन नईमा को उसके पति शहजाद ने अपने दोस्त के साथ मिलकर बेरहमी से मार डाला। नईमा की लाश पुलिस को अज्ञात हालत में मिली थी। पुलिस ने पहचान कराने की कोशिश की, लेकिन कोई सामने नहीं आया। मजबूरन पुलिस को लाश को अज्ञात में दफनाना पड़ा। करीब 25 दिन बाद जब नईमा की पहचान हुई, तब उसकी हत्या की पूरा सच सामने आया। जांच में पता चला कि उसका पति शहजाद ने अपने दोस्त नासिर के साथ मिलकर हत्या की थी। दोनों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। नईमा की बहन मीनार यासमीन ने दैनिक भास्कर से फोन पर बातचीत की। अब पढ़िए नईमा की बहन की पूरी बातचीत
नईमा को खुद को ‘कैट लवर’ बताकर नईमा को फंसाया
मीनार ने बताया-उसकी छोटी बहन नईमा का पहले भी निकाह हो चुका था, लेकिन शादी के सिर्फ 1 साल बाद ही तलाक हो गया। उसके एक्स शौहर को जानवर पसंद नहीं थे। नईमा एक पैट लवर थी, उसे खास तौर पर बिल्लियां बहुत पसंद थीं। इसी वजह से पहली शादी टूट गई। नईमा अपने साथ 5-6 बिल्लियां रखती थीं। वह दिल्ली के एक एनिमल वेलफेयर एनजीओ से जुड़ी थी और वहीं काम करती थी। उसी एनजीओ के जरिए शहजाद उसके संपर्क में आया। सोशल मीडिया से दोनों की बातचीत की शुरुआत हुई
मीनार ने आगे कहा-शहजाद ने नईमा से सोशल मीडिया से चैटिंग शुरू की। इसके बाद फोन पर भी बातचीत होने लगी। जानवरों की बातें करके उसने नईमा को इंप्रेस करना शुरू किया। उसने खुद को ग्रेजुएट बताया, जबकि असल में शहजाद सिर्फ पांचवीं तक पढ़ा था। उसने यह भी झूठ बोला कि वह अविवाहित है, जबकि हकीकत में वह शादीशुदा था और 3 बच्चों का पिता था। वह दिल्ली में कपड़ों का बड़ा कारोबारी बताया था। लेकिन असलियत में शहजाद मुजफ्फरनगर की एक मस्जिद में इमाम था और वहीं यतीमों की तरह रहता था। मस्जिद के आसपास के लोग जो राशन देते, उसी से उसका गुजारा चलता था। वह अपनी पहली पत्नी और बच्चों को छोड़कर अलग रहता था, लेकिन कभी-कभी उनके पास भी चला जाता था। एमएनसी कंपनी में काम करती थी नईमा
मीनार ने बताया-नईमा ग्रेजुएट थी और एक एमएनसी में काम करती थी। वह पहले एयरटेल और एयरसेल जैसी कंपनियों में भी जॉब कर चुकी थी। मेरे माता-पिता भी नौकरीपेशा रहे हैं। शहजाद ने धीरे-धीरे नईमा का पूरा ब्रेनवॉश कर दिया। 12 सितंबर 2024 को दोनों की पहली बार बात हुई थी। करीब 10 दिन के अंदर ही उन्होंने ऑनलाइन निकाह कर लिया। यह बात नईमा ने किसी को नहीं बताई। बाद में जब नईमा ने हमें ऑनलाइन निकाह की बात बताई, तो परिवार ने इस रिश्ते को मानने से साफ इनकार कर दिया। सितंबर 2024 में शहजाद नईमा को लेकर गुवाहाटी आया। हमारे परिवार से मिला। वही हमारी नईमा से आखिरी मुलाकात थी। उसके बाद हम कभी नहीं मिले, बस फोन पर बात होती रही। हमारा परिवार इस ऑनलाइन निकाह को नहीं मानता था, लेकिन नईमा नहीं मानी और आखिरकार शहजाद के झांसे में आ गई। नईमा के साथ दिल्ली में रहने लगा शहजाद ​​​​​​
इसके बाद वह नईमा को अपने साथ लेकर दिल्ली चला गया। नईमा काफी खुश थी। वह फोन पर बताती थी कि शहजाद बहुत अच्छा इंसान है, घर बढ़िया है और अक्सर बाहर का खाना खाते हैं। कुछ हफ्तों तक सब ठीक रहा, लेकिन दो-तीन महीने बाद शहजाद नईमा को लेकर मुजफ्फरनगर चला गया। मुजफ्फरनगर में शहजाद एक मस्जिद में इमाम था। उसका खर्चा मस्जिद के आसपास रहने वाले लोगों से मिलने वाले दान पर चलता था। जब नईमा को यह बात पता चली, तो उसने शहजाद से पूछा कि आप कपड़ा व्यापारी थे, फिर अब यह क्या कर रहे हो?” इस पर शहजाद ने अपनी सच्चाई बताई कि वह कोई काम नहीं करता और बस वह बेरोजगार है। 8 महीने के बाद मारने-पीटने लगा शहजाद
मीनार ने आगे बताया-शुरुआत में नईमा काफी खुश है। 8 महीने बाद शहजाद उसे मारने-पीटने लगा। उससे पैसे मांगता है और उसकी सैलरी तक ले लेता है। धीरे-धीरे शहजाद ने उसकी सारी सेविंग्स भी खत्म कर दीं। जब नईमा के पास कुछ नहीं बचा, तब शहजाद अपनी पहली पत्नी और तीनों बच्चों के पास जाकर रहने लगा। इस दौरान नईमा मुजफ्फरनगर में कई दिनों तक अकेली रही। बाद में शहजाद ने नईमा की जान ले ली। मीनार ने बताया-नईमा के पास ज्वैलरी थी। वो अब तक नहीं मिली है। साथ ही नईमा का मोबाइल फोन भी परिवार को नहीं मिला है। फोन पुलिस के पास है या कहीं और। उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। साथ ही नईमा के सारे जरूरी दस्तावेज भी गायब हैं। वह घर से निकलते समय अपने साथ सभी चीजें लेकर गई थी, लेकिन अब तक कुछ भी बरामद नहीं हुआ। बहन का मोबाइल,डॉक्यूमेंट, ज्वैलरी गायब मीनार ने बताया कि नईमा के पास कुछ गोल्ड ज्वैलरी थी जो अब तक नहीं मिली है। वो जेवर कहां है गायब है। उसका मोबाइल भी हमें नहीं मिला है। मोबाइल पुलिस के पास है या कहां है हमें नहीं पता। बताया कि मेरी बहन के डॉक्यूमेंट भी गायब हैं। बहन घर से वो सारी चीजें लेकर गई थी। लेकिन अभी हमें कुछ नहीं मिला। शहजाद ने उसकी चीजों को क्या किया हमे ंनहीं पता। अब पढ़िए घटना से जुड़ी खबर…. 17 सितंबर को मेरठ के सिवालखास जंगल में गंगनहर पटरी पर खेत में एक महिला का शव मिला था। महिला ने बुर्का पहना था और गला रेतकर उसकी हत्या की गई थी। पहचान न होने पर पुलिस ने अज्ञात में पंचनामा भरकर उसे मॉर्च्युरी भिजवा दिया था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद हत्या का मुकदमा दर्ज कर पुलिस छानबीन में जुटी थी। मामला जानी थाना क्षेत्र का था। SSP डॉ. विपिन ताडा ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया- हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के लिए 2 टीमें लगाई गई थीं। मेरठ में छानबीन पूरी होने के बाद आसपास के जिलों से संपर्क किया गया। इसमें पता चला कि 8 अक्टूबर को मुजफ्फरनगर के चरथावल थाने में नईमा यासमीन सैकिया की गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी। मुजफ्फरनगर पुलिस से मिले फोटो से जब मिलान किया गया, तो शव शहजाद की पत्नी नईमा यासमीन सैकिया का ही निकला। छानबीन में पति पर ही शक गहराया
SSP ने बताया- पुलिस ने जब छानबीन शुरू की, तो पति शहजाद पर शक गहराया। आसपास पूछताछ में सामने आया कि नईमा गुमशुदगी दर्ज होने से कई दिन पहले से लापता चल रही थी। लोगों ने शहजाद से पूछा, तो उसने कहा कि वह वापस असम भाग गई है। इस पर पुलिस ने शहजाद और उसके दोस्तों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो परत-दर-परत मामला खुलता चला गया। धोखा देकर किया ऑनलाइन निकाह
SSP ने बताया- असम के डिब्रूगढ़ की रहने वाली नईमा तलाकशुदा थी। शहजाद ने सोशल मीडिया पर नईमा से नजदीकी बढ़ाई। शहजाद ने खुद को कपड़ों का कारोबारी बताया। साथ ही यह भी छिपा लिया कि वह पहले से शादीशुदा है। उसके 3 बच्चे हैं। इसके बाद नईमा ने भरोसा कर शहजाद से निकाह कर लिया। जैसे-जैसे समय बीतता गया, वैसे-वैसे शहजाद की हकीकत खुलने लगी। यहां तक पता चल गया कि शहजाद पहले से शादीशुदा है और केवल 5वीं तक पढ़ा है। इसके बाद शहजाद और नईमा के बीच झगड़ा बढ़ता चला गया। बंदिश बढ़ी, तो बना लिया हत्या का प्लान
नईमा ने शहजाद पर बंदिशें लगानी शुरू कर दीं। वह उसकी निगरानी करने लगी। उसने पहली पत्नी और बच्चों से मिलने पर भी रोक लगा दी। इसको लेकर आए दिन घर में झगड़ा होने लगा। परेशान होकर शहजाद ने नईमा को रास्ते से हटाने का मन बना लिया। उसने अपने दोस्त नदीम को 12 हजार रुपए देकर साथ मिला लिया। नदीम मेरठ के मोहल्ला ऊंचा कस्बा हाल का रहने वाला है। शॉपिंग के बहाने लाए और कत्ल कर दिया
SSP डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि 16 सितंबर को शहजाद शॉपिंग के बहाने नईमा को बस से मेरठ लेकर आया। इस दौरान उसका दोस्त नदीम भी साथ था। बस से उतरकर इन लोगों ने एक टेंपो किया। फिर नईमा को लेकर जानी गंगनहर पटरी मार्ग पर आ गए। यहां धोखे से जूस में नींद की गोलियां मिलाकर नईमा को पिला दीं। बेहोशी की हालत में शहजाद और नदीम उसे एक खेत में ले गए। इसके बाद नदीम ने रस्सी से नईमा का गला घोंटा और शहजाद ने छुरे से वार कर गला काट दिया। इससे नईमा की मौत हो गई। इसके बाद लाश फेंक कर दोनों घर भाग गए। फिर पुलिस में गुमशुदगी दर्ज करा दी। —————————- ये खबर भी पढ़िए- देव दिवाली पर स्वर्ग जैसी दमकती काशी का ड्रोन VIDEO:नदी में सितारों की तरह टिमटिमाए दीये; आसमान सतरंगी हो उठा काशी में बुधवार को देव दिवाली मनाई गई। 84 घाट 25 लाख दीयों से जगमगा उठे। ‘हर हर महादेव’ के जयकारों के बीच गंगा तट पर दीपों से बनी अद्भुत आकृतियां ने भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। आतिशबाजी से आसमान रंगीन हो उठा तो गंगा की लहरों पर तैरते दीपों ने ऐसा दृश्य रचा, मानो धरती पर स्वर्ग उतर आया हो। इस नजारे को भास्कर के ड्रोन कैमरे ने कैद किया। देखिए 400 फीट ऊंचाई से काशी की देव दिवाली…