काशी में देव दिवाली पर भाजपा नेताओं को धक्का-मुक्की का सामना करना पड़ा। भाजपा के कई नेता CM योगी आदित्यनाथ के क्रूज पर चढ़ना चाहते थे। कमांडो ने भाजपा के 4 पूर्व मेयर समेत कई लोगों को धक्का देकर नीचे उतार दिया। दरअसल, योगी आदित्यनाथ ने नमो घाट पर पहला दीया जलाया और लेजर एंड साउंड शो देखने के लिए क्रूज की तरफ बढ़ने लगे। उनके पीछे विधायक नीलकंठ तिवारी और मेयर अशोक तिवारी थे। सिक्योरिटी ने उन्हें नहीं रोका, मगर जब BJP के और नेताओं ने क्रूज पर जाने का प्रयास किया, तो उन्हें रोक दिया गया। क्रूज के रैम्प पर चढ़ने के दौरान 4 BJP के पूर्व मेयरों से अभद्रता हुई और महिला पूर्व महापौर को धक्का देकर सिक्योरिटी ने गिरा दिया। कमांडो ने पहले पूर्व मेयर रामगोपाल मोहले को धक्का दिया, क्रूज पर जाने से रोकते हुए भला-बुरा कहा। उन्हें भीड़ में फंसा देखकर मंत्री रविंद्र जायसवाल आगे आए और सुरक्षाकर्मियों से बचाकर उन्हें अंदर ले गए। पूर्व मेयर की कॉलर पकड़ी, तो राज्यमंत्री रविंद्र बचाने आए
राम गोपाल मोहले के पीछे मौजूद पूर्व मेयर कौशलेंद्र पटेल को सबसे ज्यादा बेइज्जती का सामना करना पड़ा। एक सिपाही ने कौशलेंद्र का कॉलर पकड़ लिया। उनके अंदर जाने के प्रयास को रोकते हुए पीछे धक्का दे दिया और देर तक कॉलर पकड़े रहा। जब कौशलेंद्र ने नाराजगी जताई तो सुरक्षाकर्मी भी उन पर हावी हो गया। हालांकि राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल, फिर आगे आए और किसी तरह खींचते हुए अंदर ले गए। इस तरह वो बच सके। महिला पूर्व मेयर गंगा नदी में गिरने से बची
भीड़ में पूर्व सांसद शंकर लाल जायसवाल की बहू और पूर्व मेयर मृदुला जायसवाल भी मौजूद थीं। जब वे आगे आईं तो धक्का देकर पीछे कर दिया। वो क्रूज तक जाने वाले रैम्प पर चढ़ते वक्त ही फिसल गईं। उन्होंने खुद को संभाला और आगे बढ़ीं तो गंगा नदी में गिरने से बचीं, धक्का-मुक्की के बीच वे पीछे लौटने लगी तो रैम्प पर दोबारा फिसल गई। आखिरकार वो सीएम के साथ नहीं जा सकीं। युवा वाहिनी के नेताओं को सिक्योरिटी ने फटकारा
इसके अलावा BJP जिला, महानगर और क्षेत्रीय संगठन के कई पदाधिकारी सीएम के साथ क्रूज पर चढ़ने की मशक्कत करते रहे। सीएम योगी आदित्यनाथ की ओर से भंग इकाई हिन्दू युवा वाहिनी के कई पदाधिकारी क्रूज पर जाना चाहते थे, जिन्हें सिक्योरिटी इंचार्ज ने जमकर फटकार लगाई। नेताओं को डांटने के साथ ही धक्का देकर कई फीट पीछे धकेल दिया। हालांकि बाद में क्रूज चल दिया और कई नेता लौटने का इंतजार करते रहे। भास्कर पोल में हिस्सा लेकर अपनी राय दे सकते हैं… अब 2 मेयर क्या कहते हैं, ये भी जानिए
वहीं, पूर्व मेयर राम गोपाल मोहले कहते हैं – सुरक्षाकर्मी का पहला दायित्व सीएम की सुरक्षा है और नए लोगों को पास आने से रोकना है। शायद कल कुछ नए सुरक्षाकर्मी आ गए थे, इसलिए असुविधा हुई। मुझे थोड़ी देर रोका, बाद में रविंद्र जायसवाल जी के कहने पर मैं क्रूज पर चला गया। कौशलेंद्र सिंह पटेल को काफी देर रोक दिया और मृदुला जी को ज्यादा असुविधा का सामना करना पड़ा। इस पूरे मामले में BJP के पूर्व मेयर कौशलेंद्र पटेल ने कहा- देव दीपावली का इवेंट बड़ा था। मुझे लगता है कि सिक्योरिटी को गलतफहमी हुई थी, धक्का मुक्की हो गई थी। बाद में मैं CM के साथ क्रूज पर गया था। अब देव दीपावली का इवेंट भी जानिए 25 लाख दीयों का रिकॉर्ड, थीम ऑपरेशन सिंदूर रही
काशी में कार्तिक पूर्णिमा पर बुधवार शाम देव दिवाली मनाई गई। CM योगी ने नमो घाट पर पहला दीप प्रज्जवलित किया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने मां गंगा किनारे 84 घाटों और 700 मठों-मंदिरों में 25 लाख दीये जलाए थे। 15 लाख दीयों का इंतजाम पर्यटन विभाग ने और 10 लाख का समितियों व काशीवासियों ने किया था। 2024 में 20 लाख दीये जलाए गए थे। लेजर शो और ग्रीन पटाखों की आतिशबाजी हुई। आसमान सतरंगी नजर आया। हर हर महादेव के उद्घोष के साथ लेजर शो ने दीपोत्सव की खूबसूरती और बढ़ा दिया। दशाश्वमेध घाट पर होने वाली देव दीपावली इस बार ‘ऑपरेशन सिंदूर’ थीम पर रही। सीएम योगी ने क्रूज पर बैठकर इस पूरे आयोजन का आनंद लिया। पीएम मोदी ने देव दिवाली की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने महोत्सव ऑनलाइन देखा। इस बार काशी की देव दिवाली ऑपरेशन सिंदूर थीम पर रही। CM योगी के साथ पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह, राज्य मंत्री रविन्द्र जायसवाल, विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य, महापौर अशोक तिवारी ने भी दीप प्रज्ज्वलित कर मां गंगा को नमन किया। CM ने हाथ हिलाकर काशी की जनता और पर्यटकों का अभिवादन किया। 21 अर्चकों और 42 रिद्धि-सिद्धि ने मां गंगा की महाआरती की
इससे पहले दशाश्वमेध घाट पर 21 अर्चकों और 42 रिद्धि-सिद्धि ने मां गंगा की महाआरती की। आरती में एक लाख लोग शामिल हुए। लोग इस पल को अपने कैमरे में कैद करते नजर आए। आरती के दौरान एक बच्ची गंगा में गिर गई। हालांकि, उसे एनडीआरएफ के जवानों ने तुरंत बाहर निकाल लिया। दशाश्वमेध, अस्सी घाट पर टूरिस्ट की जबरदस्त भीड़ रही। चलना मुश्किल हो रहा था। देव दिवाली देखने फ्रांस, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया, वियतनाम समेत 40 देशों के टूरिस्ट आए। जयपुर और कोलकाता के 70 श्रद्धालु एक जैसी ड्रेस पहनकर पहुंचे। अनुमान के मुताबिक, दुनियाभर से 20 लाख लोग काशी पहुंचे। देवों की दीपावली की कहानी त्रिपुरासुर के संहार से जुड़ी है। तब शिव को त्रिपुरारी नाम मिलते ही देवता धरती पर उतर आए थे। गंगा किनारे घाटों पर श्रद्धालुओं ने दीये जलाए। घाट किनारे भवनों को रंग-बिरंगी झालरों से सजाया गया था। देव दीपावली काशी ही नहीं, प्रयागराज और मथुरा में भी मनाई गई। प्रयागराज में 5 लाख और मथुरा 2 लाख दीये जलाए गए। इससे पहले अयोध्या में 19 अक्टूबर को दिवाली मनाई गई थी। जिसमें राम की पैड़ी पर 29 लाख से ज्यादा दीये जलाकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया गया था।
………….. ये पढ़ें – काशी में सपा सांसद-पूर्वमंत्री समेत 100 सपाई कैंपस अरेस्ट, कालोनी के गेट पर रस्सियां लगाकर पुलिस ने रोका, अफसर ने गिनाया कानून वाराणसी में दालमंडी मार्ग चौड़ीकरण और निर्माण ध्वस्तीकरण प्रोजेक्ट को लेकर सपा ने मोर्चा खोल दिया। गुरुवार को व्यापारियों के समर्थन में चंदौली सांसद वीरेंद्र सिंह ने दालमंडी पहुंचकर धरना देने की घोषणा की। इसके बाद प्रशासन ने उन्हें कैंपस अरेस्ट कर लिया। दालमंडी जाने से पहले सांसद वीरेंद्र सिंह को रोकने के लिए पुलिस टैगोर टाउन पहुंची और रस्सी लगाकर कॉलोनी की आवाजाही रोक दी। जानकारी मिलते ही ADCP नीतू कादयान, ACP नितिन तनेजा और इंस्पेक्टर शिवकांत मिश्रा मौके पर पहुंचे। सांसद को समझाने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस ने पूर्व मंत्री सुरेंद्र पटेल समेत 100 से अधिक सपा नेताओं को रस्सियां लगाकर रोक लिया। पढ़िए पूरी खबर…
राम गोपाल मोहले के पीछे मौजूद पूर्व मेयर कौशलेंद्र पटेल को सबसे ज्यादा बेइज्जती का सामना करना पड़ा। एक सिपाही ने कौशलेंद्र का कॉलर पकड़ लिया। उनके अंदर जाने के प्रयास को रोकते हुए पीछे धक्का दे दिया और देर तक कॉलर पकड़े रहा। जब कौशलेंद्र ने नाराजगी जताई तो सुरक्षाकर्मी भी उन पर हावी हो गया। हालांकि राज्यमंत्री रविंद्र जायसवाल, फिर आगे आए और किसी तरह खींचते हुए अंदर ले गए। इस तरह वो बच सके। महिला पूर्व मेयर गंगा नदी में गिरने से बची
भीड़ में पूर्व सांसद शंकर लाल जायसवाल की बहू और पूर्व मेयर मृदुला जायसवाल भी मौजूद थीं। जब वे आगे आईं तो धक्का देकर पीछे कर दिया। वो क्रूज तक जाने वाले रैम्प पर चढ़ते वक्त ही फिसल गईं। उन्होंने खुद को संभाला और आगे बढ़ीं तो गंगा नदी में गिरने से बचीं, धक्का-मुक्की के बीच वे पीछे लौटने लगी तो रैम्प पर दोबारा फिसल गई। आखिरकार वो सीएम के साथ नहीं जा सकीं। युवा वाहिनी के नेताओं को सिक्योरिटी ने फटकारा
इसके अलावा BJP जिला, महानगर और क्षेत्रीय संगठन के कई पदाधिकारी सीएम के साथ क्रूज पर चढ़ने की मशक्कत करते रहे। सीएम योगी आदित्यनाथ की ओर से भंग इकाई हिन्दू युवा वाहिनी के कई पदाधिकारी क्रूज पर जाना चाहते थे, जिन्हें सिक्योरिटी इंचार्ज ने जमकर फटकार लगाई। नेताओं को डांटने के साथ ही धक्का देकर कई फीट पीछे धकेल दिया। हालांकि बाद में क्रूज चल दिया और कई नेता लौटने का इंतजार करते रहे। भास्कर पोल में हिस्सा लेकर अपनी राय दे सकते हैं… अब 2 मेयर क्या कहते हैं, ये भी जानिए
वहीं, पूर्व मेयर राम गोपाल मोहले कहते हैं – सुरक्षाकर्मी का पहला दायित्व सीएम की सुरक्षा है और नए लोगों को पास आने से रोकना है। शायद कल कुछ नए सुरक्षाकर्मी आ गए थे, इसलिए असुविधा हुई। मुझे थोड़ी देर रोका, बाद में रविंद्र जायसवाल जी के कहने पर मैं क्रूज पर चला गया। कौशलेंद्र सिंह पटेल को काफी देर रोक दिया और मृदुला जी को ज्यादा असुविधा का सामना करना पड़ा। इस पूरे मामले में BJP के पूर्व मेयर कौशलेंद्र पटेल ने कहा- देव दीपावली का इवेंट बड़ा था। मुझे लगता है कि सिक्योरिटी को गलतफहमी हुई थी, धक्का मुक्की हो गई थी। बाद में मैं CM के साथ क्रूज पर गया था। अब देव दीपावली का इवेंट भी जानिए 25 लाख दीयों का रिकॉर्ड, थीम ऑपरेशन सिंदूर रही
काशी में कार्तिक पूर्णिमा पर बुधवार शाम देव दिवाली मनाई गई। CM योगी ने नमो घाट पर पहला दीप प्रज्जवलित किया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने मां गंगा किनारे 84 घाटों और 700 मठों-मंदिरों में 25 लाख दीये जलाए थे। 15 लाख दीयों का इंतजाम पर्यटन विभाग ने और 10 लाख का समितियों व काशीवासियों ने किया था। 2024 में 20 लाख दीये जलाए गए थे। लेजर शो और ग्रीन पटाखों की आतिशबाजी हुई। आसमान सतरंगी नजर आया। हर हर महादेव के उद्घोष के साथ लेजर शो ने दीपोत्सव की खूबसूरती और बढ़ा दिया। दशाश्वमेध घाट पर होने वाली देव दीपावली इस बार ‘ऑपरेशन सिंदूर’ थीम पर रही। सीएम योगी ने क्रूज पर बैठकर इस पूरे आयोजन का आनंद लिया। पीएम मोदी ने देव दिवाली की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने महोत्सव ऑनलाइन देखा। इस बार काशी की देव दिवाली ऑपरेशन सिंदूर थीम पर रही। CM योगी के साथ पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह, राज्य मंत्री रविन्द्र जायसवाल, विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्य, महापौर अशोक तिवारी ने भी दीप प्रज्ज्वलित कर मां गंगा को नमन किया। CM ने हाथ हिलाकर काशी की जनता और पर्यटकों का अभिवादन किया। 21 अर्चकों और 42 रिद्धि-सिद्धि ने मां गंगा की महाआरती की
इससे पहले दशाश्वमेध घाट पर 21 अर्चकों और 42 रिद्धि-सिद्धि ने मां गंगा की महाआरती की। आरती में एक लाख लोग शामिल हुए। लोग इस पल को अपने कैमरे में कैद करते नजर आए। आरती के दौरान एक बच्ची गंगा में गिर गई। हालांकि, उसे एनडीआरएफ के जवानों ने तुरंत बाहर निकाल लिया। दशाश्वमेध, अस्सी घाट पर टूरिस्ट की जबरदस्त भीड़ रही। चलना मुश्किल हो रहा था। देव दिवाली देखने फ्रांस, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, इंडोनेशिया, वियतनाम समेत 40 देशों के टूरिस्ट आए। जयपुर और कोलकाता के 70 श्रद्धालु एक जैसी ड्रेस पहनकर पहुंचे। अनुमान के मुताबिक, दुनियाभर से 20 लाख लोग काशी पहुंचे। देवों की दीपावली की कहानी त्रिपुरासुर के संहार से जुड़ी है। तब शिव को त्रिपुरारी नाम मिलते ही देवता धरती पर उतर आए थे। गंगा किनारे घाटों पर श्रद्धालुओं ने दीये जलाए। घाट किनारे भवनों को रंग-बिरंगी झालरों से सजाया गया था। देव दीपावली काशी ही नहीं, प्रयागराज और मथुरा में भी मनाई गई। प्रयागराज में 5 लाख और मथुरा 2 लाख दीये जलाए गए। इससे पहले अयोध्या में 19 अक्टूबर को दिवाली मनाई गई थी। जिसमें राम की पैड़ी पर 29 लाख से ज्यादा दीये जलाकर वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया गया था।
………….. ये पढ़ें – काशी में सपा सांसद-पूर्वमंत्री समेत 100 सपाई कैंपस अरेस्ट, कालोनी के गेट पर रस्सियां लगाकर पुलिस ने रोका, अफसर ने गिनाया कानून वाराणसी में दालमंडी मार्ग चौड़ीकरण और निर्माण ध्वस्तीकरण प्रोजेक्ट को लेकर सपा ने मोर्चा खोल दिया। गुरुवार को व्यापारियों के समर्थन में चंदौली सांसद वीरेंद्र सिंह ने दालमंडी पहुंचकर धरना देने की घोषणा की। इसके बाद प्रशासन ने उन्हें कैंपस अरेस्ट कर लिया। दालमंडी जाने से पहले सांसद वीरेंद्र सिंह को रोकने के लिए पुलिस टैगोर टाउन पहुंची और रस्सी लगाकर कॉलोनी की आवाजाही रोक दी। जानकारी मिलते ही ADCP नीतू कादयान, ACP नितिन तनेजा और इंस्पेक्टर शिवकांत मिश्रा मौके पर पहुंचे। सांसद को समझाने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस ने पूर्व मंत्री सुरेंद्र पटेल समेत 100 से अधिक सपा नेताओं को रस्सियां लगाकर रोक लिया। पढ़िए पूरी खबर…