सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा, बिहार में वोट चोरी नहीं, डकैती हुई है। मतदाता पुनरीक्षण यानी SIR (Special Intensive Revision) के नाम पर उन बूथों का रिविजन अधिक हो रहा है, जहां भाजपा चुनाव हारती रही है। अखिलेश यादव रविवार को बैंगलुरू में विजन इंडिया कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे। कार्यक्रम मऊ से सपा सांसद राजीव राय और पूर्व मंत्री अभिषेक मिश्रा ने होस्ट किया। अखिलेश यादव ने कहा, ये वोट चोरी से ऊपर का मामला है। ये वोट चोरी नहीं है। इसे तो डकैती बोला जाएगा। भाजपा की बिहार चुनाव की तैयारी सब इंस्टीट्यूशन पर कब्जा करने की तैयारी है। क्योंकि जब बिहार जीत रहे हैं तो वे और लोगों को डराना चाहते हैं। बीजेपी के सबसे बड़े नेता ने कहा कि बिहार से जो गंगा बह रही है वो बंगाल तक जाएगी। बिहार चुनाव के परिणाम पर जब अखिलेश यादव से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि अभी हमने बूथ लेवल पर एनालिसिस नहीं किया है। लेकिन जो यूथ फेस था, पॉपुलर फेस था वो तेजस्वी का था, तेजस्वी काे ज्यादा वोट भी मिले। महागठबंधन की एक पॉजिटिव अप्रोच थी। हमारा विजन पाजीटिव है। दूसरी तरफ जो लोग थे, वो डिवीजन की बात ज्यादा कर रहे थे। पुरानी बात ज्यादा कर रहे थे। पीछे मुड़ कर देख रहे थे। जो विजन की बात करते हैं, वो आगे की ओर देखते हैं। जो डिवीजन की बात करेंगे, वो पीछे मुड़कर देखेंगे। भास्कर पोल में हिस्सा लेकर अपनी राय दे सकते हैं… अखिलेश ने कांग्रेस को नसीहत दी
अखिलेश यादव ने कहा, कांग्रेस हमारी गठबंधन की साथी है। इंडिया गठबंधन जो बना है, वो इस लिए बना है कि जो रीजनल पार्टी जहां सबसे पॉपुलर है, उसी की लीडरशिप में सभी पार्टी मिलकर काम करें। हम कर्नाटक की बात करें तो जब एसेंबली का चुनाव हुआ तो उस वक्त कांग्रेस नंबर वन थी। लेकिन जब लोकसभा का चुनाव हुआ तो रिजल्ट दूसरी तरह का था। यूपी का लोकसभा का रिजल्ट दूसरी तरह का था। हर रिजल्ट अलग होता है। इलेक्शन असेंबली का है तो अलग रिजल्ट आएगा। पार्लियामेंट का इलेक्शन है तो अलग रिजल्ट आएगा। लेकिन यूपी के बारे में कह सकता हूं कि जो पार्लियामेंट जीतता है, वही एसेंबली जीतता है। जहां तक रीजनल पार्टी की बात है, मैं अपनी बात करूं तो सबसे अच्छा रिजल्ट दिया। वहां दिया जहां सरकार कहती थी कि डबल इंजन हैं। हम लोगों ने अपनी मेहनत से और कम संसाधन से यूपी में हम लोगों ने बीजेपी का मुकाबला किया है। बाबा साहेब के संविधान को जाे समय समय पर लोग ठेस पहुंचा रहे हैं, उसकी वजह से लोगों ने हमें वोट दिया। रिविजन उन बूथ का अधिक हो रहा है, जहां भाजपा हार रही
अखिलेश ने कहा, एसआईआर में आधार कार्ड को शामिल करना चाहिए। आधार कार्ड सरकार ने बनाया। सरकार अपनी ही चीज को स्वीकार नहीं कर रही है। इससे ज्यादा खराब और क्या सोच हो सकती है। ये एसआईआर रिविजन आफ वोट हो जाए, हमें कोई दिक्कत नहीं है। आप रिविजन किसका ज्यादा कर रहे हो। जिस बूथ पर आप हार रहे हो। उसमें फोकस्ड हैं आप। पूरे एडमिनिस्ट्रेटिव और हर लेवल पर। ये लोग किसी का भी वोट बनवा लें। ये कैसा एसआईआर। इसी लिए हम आरोप इलेक्शन कमीशन पर लगाते हैं कि हमारी शिकायत पर काम क्यों नहीं करते हैं। हमारा विजन पाजीटिव, उनका विजन डिवीजन
अखिलेश ने कहा, विजन इंडिया, प्रोग्रेसिव होना, इनक्लूजिव ग्रोथ के लिए काम करना ये हमारा विजन इंडिया है। विजन के साथ हम आगे बढ़ रहे हैं। उनका विजन डिवीजन है। हमारे विजन में पॉजिटिविटी है। इनक्लूसिवनेस है। हमारे विजन में सबको साथ लेकर चलने का काम है। अपनी मुश्किलें और कमियों के रास्ते तलाशने के लिए यूपी जैसे राज्य जहां बहुत सारी समस्या है। स्टार्टअप के लिए सबसे बड़ी पाजीटिव बात है क्योंकि हर समस्या का समाधान स्टार्टअप है। हर प्राब्लम का सोल्यूशन स्टार्टअप है। इससे हमने यूथ को और लोगों को मैसेज देने की कोशिश की है। यूपी से आकर हम लोगों ने सीखा है। यहां हम लोगों को बहुत सारा सपोर्ट मिल सकता है। जॉब्स हमारे यूथ की जरूरत है। इससे पहले कार्यक्रम में अखिलेश यादव ने भारत के सिलिकॉन वैली कहे जाने वाले इस शहर को उन्होंने स्टार्टअप हब बताते हुए यहां से नई शुरुआत का ऐलान किया। समिट में अखिलेश ने केंद्र सरकार पर ‘हिंदुस्तानियत का आपातकाल’ पैदा करने का आरोप लगाया और विविधता में एकता की भारतीय पहचान पर संकट बताते हुए एकजुटता की अपील की। अखिलेश ने कहा, “विजन इंडिया को हम बैंगलुरु से शुरू कर रहे हैं। सभी लोग बैंगलुरु की ओर देखते हैं। भारत का सिलिकॉन वैली बैंगलुरु को कहा जाता है। इसलिए हम यहां से शुरू कर रहे हैं।” उन्होंने विजन इंडिया को आगे ले जाने की बात करते हुए सभी भारतीयों को जोड़ने पर जोर दिया। ‘हिंदुस्तानियत का आपातकाल’ क्या है?
अखिलेश ने स्पष्ट किया कि भारत की पहचान ‘विविधता में एकता’ रही है, लेकिन वर्तमान में एकरूपता थोपने और एकरंगी विचारधारा लादने की कोशिश हो रही है। कुछ साल पहले हम ऐसी बहसें नहीं करते थे, जो अब करनी पड़ रही हैं। हिंदुस्तानियत पर संकट पैदा यह सरकार कर रही है। उन्होंने कहा कि दूरियां पैदा करने वाली बातें बढ़ रही हैं, इसलिए विजन इंडिया का मकसद एकजुटता लाना और हिंदुस्तानियत को पहचानना है। एकता में अनेकता को आगे ले जाना है। प्रोग्रेसिव, पॉजिटिव और प्रो-पीपुल विजन अखिलेश ने विजन इंडिया को प्रोग्रेसिव, पॉजिटिव और प्रो-पीपुल बताया। कहा, निगेटिविटी को काउंटर करना है। प्रोग्रेसिव का मतलब भेदभाव मिटाना, बराबरी का मौका देना। इंक्लूसिव का अर्थ आखिरी व्यक्ति को साथ लेना, पिछड़ेपन दूर करना, दमितों और महिलाओं के साथ हुए व्यवहार को सुधारना। उन्होंने युवाओं को जोड़ने पर बल दिया। कहा, आज का युवा पॉजिटिव और जागरूक है। स्टार्टअप हब बैंगलुरु से हमें सीखने का मौका मिला। यूथ मुश्किलें दूर कर सकता है। स्टार्टअप और समस्याओं का समाधान
अखिलेश ने स्टार्टअप को समस्याओं का समाधान बताया। कहा, “समस्या जितनी ज्यादा, समाधान उतना अधिक। हर स्टार्टअप एक सोल्यूशन है। यूपी जैसे राज्य में कदम-कदम पर समस्या है, इसलिए ज्यादा सोल्यूशन लाने होंगे।” उन्होंने बैंगलुरु को नया काम शुरू करने का आधार बताया। ——————— यह भी पढ़ें:- रोहिणी ने रमीज का नाम लिया…वो मेरे भाई का कातिल:बलरामपुर में पूर्व चेयरमैन के भाई बोले- लालू परिवार बर्बाद किया, दर्द समझते हैं ‘बिहार में लालू यादव की बेटी डॉक्टर रोहिणी आचार्य ने जिस रमीज नेमत का नाम लिया है, वह मेरे ही क्षेत्र का रहने वाला है। वह पूर्व सांसद रिज़वान ज़हीर का दामाद है। रमीज पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह मेरे भाई की हत्या के मामले में जेल में बंद था। वो अब लालू परिवार में भी मारपीट करा दी। हम रोहिणी के दर्द को समझ सकते हैं।’ ये कहना है कि यूपी के बलरामपुर में पूर्व नगर पालिका चेयरमैन के भाई अफरोज आलम का। पढ़ें पूरी खबर…
अखिलेश यादव ने कहा, कांग्रेस हमारी गठबंधन की साथी है। इंडिया गठबंधन जो बना है, वो इस लिए बना है कि जो रीजनल पार्टी जहां सबसे पॉपुलर है, उसी की लीडरशिप में सभी पार्टी मिलकर काम करें। हम कर्नाटक की बात करें तो जब एसेंबली का चुनाव हुआ तो उस वक्त कांग्रेस नंबर वन थी। लेकिन जब लोकसभा का चुनाव हुआ तो रिजल्ट दूसरी तरह का था। यूपी का लोकसभा का रिजल्ट दूसरी तरह का था। हर रिजल्ट अलग होता है। इलेक्शन असेंबली का है तो अलग रिजल्ट आएगा। पार्लियामेंट का इलेक्शन है तो अलग रिजल्ट आएगा। लेकिन यूपी के बारे में कह सकता हूं कि जो पार्लियामेंट जीतता है, वही एसेंबली जीतता है। जहां तक रीजनल पार्टी की बात है, मैं अपनी बात करूं तो सबसे अच्छा रिजल्ट दिया। वहां दिया जहां सरकार कहती थी कि डबल इंजन हैं। हम लोगों ने अपनी मेहनत से और कम संसाधन से यूपी में हम लोगों ने बीजेपी का मुकाबला किया है। बाबा साहेब के संविधान को जाे समय समय पर लोग ठेस पहुंचा रहे हैं, उसकी वजह से लोगों ने हमें वोट दिया। रिविजन उन बूथ का अधिक हो रहा है, जहां भाजपा हार रही
अखिलेश ने कहा, एसआईआर में आधार कार्ड को शामिल करना चाहिए। आधार कार्ड सरकार ने बनाया। सरकार अपनी ही चीज को स्वीकार नहीं कर रही है। इससे ज्यादा खराब और क्या सोच हो सकती है। ये एसआईआर रिविजन आफ वोट हो जाए, हमें कोई दिक्कत नहीं है। आप रिविजन किसका ज्यादा कर रहे हो। जिस बूथ पर आप हार रहे हो। उसमें फोकस्ड हैं आप। पूरे एडमिनिस्ट्रेटिव और हर लेवल पर। ये लोग किसी का भी वोट बनवा लें। ये कैसा एसआईआर। इसी लिए हम आरोप इलेक्शन कमीशन पर लगाते हैं कि हमारी शिकायत पर काम क्यों नहीं करते हैं। हमारा विजन पाजीटिव, उनका विजन डिवीजन
अखिलेश ने कहा, विजन इंडिया, प्रोग्रेसिव होना, इनक्लूजिव ग्रोथ के लिए काम करना ये हमारा विजन इंडिया है। विजन के साथ हम आगे बढ़ रहे हैं। उनका विजन डिवीजन है। हमारे विजन में पॉजिटिविटी है। इनक्लूसिवनेस है। हमारे विजन में सबको साथ लेकर चलने का काम है। अपनी मुश्किलें और कमियों के रास्ते तलाशने के लिए यूपी जैसे राज्य जहां बहुत सारी समस्या है। स्टार्टअप के लिए सबसे बड़ी पाजीटिव बात है क्योंकि हर समस्या का समाधान स्टार्टअप है। हर प्राब्लम का सोल्यूशन स्टार्टअप है। इससे हमने यूथ को और लोगों को मैसेज देने की कोशिश की है। यूपी से आकर हम लोगों ने सीखा है। यहां हम लोगों को बहुत सारा सपोर्ट मिल सकता है। जॉब्स हमारे यूथ की जरूरत है। इससे पहले कार्यक्रम में अखिलेश यादव ने भारत के सिलिकॉन वैली कहे जाने वाले इस शहर को उन्होंने स्टार्टअप हब बताते हुए यहां से नई शुरुआत का ऐलान किया। समिट में अखिलेश ने केंद्र सरकार पर ‘हिंदुस्तानियत का आपातकाल’ पैदा करने का आरोप लगाया और विविधता में एकता की भारतीय पहचान पर संकट बताते हुए एकजुटता की अपील की। अखिलेश ने कहा, “विजन इंडिया को हम बैंगलुरु से शुरू कर रहे हैं। सभी लोग बैंगलुरु की ओर देखते हैं। भारत का सिलिकॉन वैली बैंगलुरु को कहा जाता है। इसलिए हम यहां से शुरू कर रहे हैं।” उन्होंने विजन इंडिया को आगे ले जाने की बात करते हुए सभी भारतीयों को जोड़ने पर जोर दिया। ‘हिंदुस्तानियत का आपातकाल’ क्या है?
अखिलेश ने स्पष्ट किया कि भारत की पहचान ‘विविधता में एकता’ रही है, लेकिन वर्तमान में एकरूपता थोपने और एकरंगी विचारधारा लादने की कोशिश हो रही है। कुछ साल पहले हम ऐसी बहसें नहीं करते थे, जो अब करनी पड़ रही हैं। हिंदुस्तानियत पर संकट पैदा यह सरकार कर रही है। उन्होंने कहा कि दूरियां पैदा करने वाली बातें बढ़ रही हैं, इसलिए विजन इंडिया का मकसद एकजुटता लाना और हिंदुस्तानियत को पहचानना है। एकता में अनेकता को आगे ले जाना है। प्रोग्रेसिव, पॉजिटिव और प्रो-पीपुल विजन अखिलेश ने विजन इंडिया को प्रोग्रेसिव, पॉजिटिव और प्रो-पीपुल बताया। कहा, निगेटिविटी को काउंटर करना है। प्रोग्रेसिव का मतलब भेदभाव मिटाना, बराबरी का मौका देना। इंक्लूसिव का अर्थ आखिरी व्यक्ति को साथ लेना, पिछड़ेपन दूर करना, दमितों और महिलाओं के साथ हुए व्यवहार को सुधारना। उन्होंने युवाओं को जोड़ने पर बल दिया। कहा, आज का युवा पॉजिटिव और जागरूक है। स्टार्टअप हब बैंगलुरु से हमें सीखने का मौका मिला। यूथ मुश्किलें दूर कर सकता है। स्टार्टअप और समस्याओं का समाधान
अखिलेश ने स्टार्टअप को समस्याओं का समाधान बताया। कहा, “समस्या जितनी ज्यादा, समाधान उतना अधिक। हर स्टार्टअप एक सोल्यूशन है। यूपी जैसे राज्य में कदम-कदम पर समस्या है, इसलिए ज्यादा सोल्यूशन लाने होंगे।” उन्होंने बैंगलुरु को नया काम शुरू करने का आधार बताया। ——————— यह भी पढ़ें:- रोहिणी ने रमीज का नाम लिया…वो मेरे भाई का कातिल:बलरामपुर में पूर्व चेयरमैन के भाई बोले- लालू परिवार बर्बाद किया, दर्द समझते हैं ‘बिहार में लालू यादव की बेटी डॉक्टर रोहिणी आचार्य ने जिस रमीज नेमत का नाम लिया है, वह मेरे ही क्षेत्र का रहने वाला है। वह पूर्व सांसद रिज़वान ज़हीर का दामाद है। रमीज पर गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह मेरे भाई की हत्या के मामले में जेल में बंद था। वो अब लालू परिवार में भी मारपीट करा दी। हम रोहिणी के दर्द को समझ सकते हैं।’ ये कहना है कि यूपी के बलरामपुर में पूर्व नगर पालिका चेयरमैन के भाई अफरोज आलम का। पढ़ें पूरी खबर…