‘दोस्त चिढ़ता था, जानबूझकर गिराया बॉस्केटबॉल पोल’:लखनऊ में CMS छात्र का भाई रोते हुए बोला- मारना चाहता था, स्कूल छिपा रहा CCTV

’10 नवंबर को CMS स्कूल में मेरे छोटे भाई के साथ हुई घटना कोई हादसा नहीं था। वह एक साजिश थी, जिसमें स्कूल के मैथ्स टीचर का लड़का शामिल है। उसी की वजह से ये दुर्घटना हुई है। स्कूल प्रशासन इस पूरे मामले को दबाना चाहता है। मेरे पास बच्चे की फोटो भी है। ‘ यह कहना है CMS के LDA कॉलोनी ब्रांच में बास्केटबॉल पोल गिरने से गंभीर रूप से जख्मी 11वीं के छात्र अक्षयदीप के बड़े भाई राजदीप शुक्ला का। लखनऊ के राजाजीपुरम निवासी एडवोकेट कुलदीप शुक्ला का छोटा बेटा अक्षय 10 नवंबर को स्कूल कैंपस में बास्केटबॉल खेल रहा था। उसी दौरान उसके सिर पर बास्केटबॉल पोल गिर गया। इस घटना में उसके सिर और आंख पर गंभीर चोट आई। उसे आनन-फानन में पहले नजदीक के निजी हॉस्पिटल ले जाया गया था, पर हालत बिगड़ने के बाद उसे KGMU ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों के मुताबिक उसकी कंडीशन में अब सुधार हो रहा है। 8 दिन से वह हॉस्पिटल में है। सोमवार को उसे वेंटिलेटर सपोर्ट से हटा दिया गया। हालांकि अभी अस्पताल में ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा है। पहले हादसे के समय की तस्वीर देखिए… अब पढ़िए बड़े भाई ने जो कहा… मेरा भाई कैप्टन था, जिससे चिढ़ता है 9वीं का स्टूडेंट दैनिक भास्कर से बातचीत में अक्षय के बड़े भाई और लॉ स्टूडेंट राजदीप कहते हैं- ICU में अक्षय को सात दिन बाद होश आया। घटना के दिन सुबह 7 बजे पिता अक्षय को स्कूल छोड़कर आए थे। सुबह स्कूल टाइमिंग से पहले 1 घंटे के लिए स्कूल में स्टूडेंट्स की टीम बास्केटबॉल की प्रैक्टिस करती है। अक्षय उस टीम का कैप्टन है। मैच के दौरान 9वीं क्लास के ऑरोजीत नाम का स्टूडेंट खेलना चाहता था, पर और स्टूडेंट्स अच्छे खिलाड़ी थे, इसलिए उसे टीम में खेलने का मौका नहीं मिला। इस बात से नाराज होकर, खुन्नस में आकर उसने बास्केटबॉल के उस मूवेबल पोल से बैलेंस के लिए रखे वेट लात मारकर हटा दिए। जिस कारण बास्केट बॉल पोल डिस बैलेंस होकर अक्षय के सिर पर गिर गया। सभी भाई-बहनों में सबसे तेज है अक्षयदीप रोते हुए राजदीप कहते हैं- 2 टन से ज्यादा के वजन का पोल मेरे भाई के सिर पर गिरने से उसके ब्रेन में डीप इंजरी आ गई। उसका स्कल क्रैक हो गया। वो कई दिनों तक बेहोशी में रहा, 7 दिन बाद डॉक्टर किसी तरह उसे होश में ला सके। उसका दिमाग सही रहेगा या नहीं ये कह नहीं सकते। राजदीप के मुताबिक, अक्षय ऑलराउंडर रहा है। दसवीं में उसके 95% से ज्यादा नंबर थे। वह स्पोर्ट्स में भी खूब एक्टिव था। स्कूल बास्केटबॉल टीम का कैप्टन है। इसके अलावा वह बेहतरीन स्केच आर्टिस्ट भी है। वह टीशर्ट पर भी स्केच के जरिए बेहतरीन आर्ट बना लेता था। वह सभी भाई-बहनों में सबसे ज्यादा टैलेंटेड है। उस दिन अचानक हुई इस घटना से उसका जीवन और पूरा करियर संकट में है। डर है कि कहीं वह अपनी याददाश्त न खो दे। यह हादसा नहीं, अटेंप्ट टू मर्डर का केस भाई के साथ हुई ये घटना कोई हादसा नहीं है, ये एक सोची समझी साजिश है। यह अटेंप्ट टू मर्डर का केस है। स्कूल प्रशासन इस पूरी घटना को छिपा रहा है। CCTV फुटेज भी हमें दिखाने से मना किया जा रहा है। मौके से DVR निकालकर अलग रख दिया गया है। इस पूरे मामले को CMS दबा रहा है। जो छात्र मेरे भाई अक्षय के साथ खेल रहे थे और मौके पर मौजूद थे, उन सभी ने बताया कि ऑरोजीत घोष नाम के लड़के ने इतनी बड़ी घटना को अंजाम दिया है। कृष्णानगर पुलिस को तहरीर देकर FIR दर्ज करने की मांग राजदीप कहते है कि मेरे माता पिता दोनों ही हार्ट पेशेंट है और परिवार की आर्थिक स्थिति भी बहुत मजबूत नहीं है। पर भाई के साथ हुई इस जानलेवा घटना की शिकायत मैंने खुद कृष्णा नगर थाने में कंप्लेंट देकर की है। पुलिस को तहरीर देकर दोषियों के खिलाफ FIR दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई का भरोसा दिया है। मुझे उम्मीद है कि मेरे भाई को जरूर न्याय मिलेगा। यह था पूरा मामला 10 नवंबर को CMS के LDA कॉलोनी ब्रांच में बास्केटबॉल खेलते समय अचानक एक भारी बास्केटबॉल पोल अचानक से अक्षय दीप के ऊपर गिर पड़ा, जिससे उसके गंभीर सिर की चोट (हेड इंजरी) आई। घटना के तुरंत बाद उन्हें किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया, जहां उनकी हालत को देखते हुए आपातकालीन उपचार शुरू किया गया। ट्रॉमा सेंटर के न्यूरो सर्जरी विभाग में चला इलाज अस्पताल में न्यूरोसर्जरी विभाग की टीम ने सीटी स्कैन सहित सभी आवश्यक परीक्षण किए। जांच में पाया गया कि चोट अत्यंत गंभीर है और ऑपरेशन से सुधार की कोई संभावना नहीं है। अक्षय को तत्काल वेंटिलेटर की आवश्यकता थी, जिसके बाद उन्हें ट्रॉमा वेंटिलेटरी यूनिट में भर्ती किया गया था। 8 दिन ICU में हुई मॉनिटरिंग यहां उनकी देखभाल टीवीयू प्रभारी डॉ. जिया अरशद और डॉ. राम गोपाल मौर्य की निगरानी में की गई। डॉक्टरों के मुताबिक लगातार आठ दिनों तक गहन आईसीयू देखभाल, दवाओं और मॉनिटरिंग से मरीज की स्थिति में सुधार देखा गया। जिसके बाद टीम ने उन्हें वेंटिलेटर से हटाकर ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा। डॉक्टरों के अनुसार, अक्षयदीप की हालत में तेजी से सुधार है। KGMU ट्रॉमा सेंटर प्रभारी ने बताई कैसी थी बच्चे की कंडीशन KGMU ट्रॉमा सेंटर प्रभारी डॉ. प्रेमराज सिंह ने बताया कि बच्चे को बेहद गंभीर कंडीशन में ट्रॉमा सेंटर लाया गया था। यहां CT स्कैन समेत सभी जरूरी जांच कराई गई थी। बच्चे को तत्काल वेंटिलेटर सपोर्ट की जरूरत थी वो भी मुहैया कराया गया। अब उसकी हालत में सुधार है। डॉ. जिया अरशद की अगुआई में टीम ने बच्चे का इलाज किया। यदि मरीज की स्थिति इसी प्रकार बनी रही, तो अगले कुछ दिनों में उसे वार्ड में शिफ्ट किया जाएगा, जहां आगे की चिकित्सा और पुनर्वास शुरू किया जाएगा। स्कूल ने यह सफाई दी थी CMS के प्रवक्ता ऋषि खन्ना ने बताया था कि CMS कानपुर रोड कैंपस में गेम पीरियड के बाद सभी बच्चे अपने क्लास में चले गए। कुछ बच्चे पहिये वाले बास्केटबॉल के पोल के चबूतरे पर बैठ गए। इस दौरान अचानक बैलेंस बिगड़ने से बास्केटबॉल का पोल छात्र अक्षयदीप शुक्ला के ऊपर गिर गया। ………………………….. संबंधित खबर पढ़िए… 11वीं के छात्र पर बास्केटबॉल पोल गिरा, सिर फटा:लखनऊ CMS में दोस्तों संग खेल रहा था, KGMU में वेंटिलेटर पर रखा लखनऊ में सिटी मांटेंसरी स्कूल (CMS) में खेल रहे छात्र पर बास्केटबॉल का पोल गिर गया। छात्र का सिर फट गया। उसे पास के प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने स्थिति गंभीर बताते हुए KGMU ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। ट्रॉमा सेंटर में उसे वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है। यहां पढ़ें पूरी खबर