मेरठ के मलियाना इलाके में 7 हजार लोगों की आबादी परेशान है। उनका कहना है- नाला निर्माण 2 विभागों की खींचतान में थम गया। हमें 2 महीने से पीने का साफ पानी नहीं मिल रहा। गली में गंदा पानी भरा रहता है, बहुत गंदगी है, लोग घरों के बाहर नहीं निकल पा रहे हैं। यहां रहने वाली शशि कहती हैं- जहां महंगाई के दौर में घर चलाना पहले से ही मुश्किल हो रहा है, उसमें पिछले एक महीने से पीने का पानी खरीदने से समस्या और ज्यादा बढ़ गई है। हमारे घर के बाहर 2 महीने से नाला निर्माण के चलते जल भराव हुआ है और पाइप लाइन में भी नाले का पानी आ रहा है। यहीं करीब रहने वाले राम भास्कर कहते हैं- हमारे पूरे मोहल्ले में कभी कोई बीमार नहीं पड़ता था, लेकिन आज ऐसा कोई घर यहां नहीं बचा है जिसमें कोई बीमार न हो और डॉक्टर या अस्पताल के चक्कर न काट रहा हो। इस दर्द को लेकर पिछले 2 महीनों से मलियाना क्षेत्र में नगर निगम के वार्ड 1 में रहने वाले 7000 लोग झेल रहे हैं। उनका कहना है कि दो महीने से हम लगातार पार्षद , नगर निगम के यहां चक्कर काट रहे हैं लेकिन निगम और रेलवे एक दूसरे को इसका जिम्मेदार बताकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। दैनिक भास्कर की टीम जब ग्राउंड पर सच्चाई जानने पहुंची, तब उन्होंने अपना दर्द बयां किया। अब लोगों की बात दो महीने से हम झेल रहे निगम और रेलवे का विवाद स्थानीय निवासी राज भास्कर ने बताया कि लगभग दो महीने पहले यह कार्य शुरू हुआ था इसके बाद यहां लगातार रूकावट आती रही हैं। रेलवे के अधिकारी आते हैं और काम बंद करा देते हैं। हमने कई बार पार्षद से भी शिकायत की लेकिन कोई समाधान नहीं निकल सका। निगम और रेलवे एक दूसरे की गलती बताते हुए पल्ला झाड़ रहे हैं। खरीदना पड़ रहा पाने का पानी शीला ने बताया कि नाला निर्माण के समय पीने के पानी की लाइन टूट गई थी जिसमें से अब नाले का पानी भी लोगों की टंकियों में पहुंच रहा है। पानी पीने योग्य नहीं बचा है इसलिए अब हम सभी लोग अब दो महीने से खरीद कर पानी पी रहे हैं। शशि देवी ने बताया कि पीने के पानी में नाले जैसी बदबू आती है। हमारे स्थानीय नेता सिर्फ वोट मांगने आते हैं। जितना गंदा पानी और गंदगी यहां है उसमें यहां सिर्फ हम मर सकते हैं। निगम का पानी पीना तो दूर हाथ धोने लायक भी नहीं बचा है। अंगूरी देवी ने बताया कि नाले का पानी पीने के पानी में मिल गया है जिस कारण हमारे पूरे मोहल्ले में बीमारियां बढ़ रही है। छोटे बच्चों से लेकर बड़ों तक डायरिया की समस्या बढ़ती जा रही है। निगम और रेलवे के आपसी झगड़े में हमारा जीवन पहले से भी ज्यादा बदतर हालत में हो गया है। अब जानिए क्यों बन रही है यह समस्या नगर निगम क्षेत्र के वार्ड 1 में शिव मंदिर के पास एक नाली का चौड़ीकरण कर उसको नाले का रूप देने का काम निगम द्वारा शुरू किया गया। इस लगभग एक किलोमीटर लंबे कार्य में कुछ दिन बाद ही रेलवे विभाग के अधिकारी द्वारा आपत्ति लगाते हुए काम बंद करा दिया गया। लोगों के घरों के पानी की निकासी न होने के कारण सड़कों और घरों में पानी भर गया । इसके बाद लोगों ने वार्ड पार्षद से लेकर निगम के अधिकारियों से इसकी शिकायत भी की लेकिन कोई हल नहीं निकला। जिस जगह पर यह नाला बन रहा है रेलवे उस जगह पर अपना हक बताता है और निगम का कहना है कि पहले भी पानी की निकासी यहीं से होती थी और इसका ही चौड़ीकरण किया जा रहा है। निगम का काम देख रहे संबंधित जेई का कहना है कि रेलवे के डीआरएम से इस समस्या को लेकर पत्र लिखा गया है जल्द ही विवाद सिमट जाएगा और कार्य शुरू हो जाएगा। लेकिन वहां रहने वाले लोगों की परेशानी दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।