राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने मंगलवार को लखनऊ में कहा- भारत में रहने वाले मुस्लिम भी हिंदू हैं, वे कोई अरब से नहीं आए है। उनकी भी घर वापसी करानी है। लेकिन धीरे-धीरे यह काम होगा। संघ प्रमुख ने हिंदुओं की घटती जनसंख्या दर पर कहा, एक परिवार में कम से कम तीन बच्चे होने चाहिए। अभी जनसंख्या दर 2.1 है। यह कम से कम 3 होनी चाहिए। अब जो भी बच्चे शादी कर रहे हैं, उन्हें बताइए कि कम से कम तीन बच्चे पैदा करें। UGC गाइडलाइंस किसी के खिलाफ नहीं है। सभी को साथ लेकर चलना होगा। उन्होंने कहा- यदि एक व्यक्ति गड्ढे में गिरा हुआ है तो उसे बाहर निकलने के लिए हाथ उठाना होगा और बाहर खड़े व्यक्ति को उसे बाहर निकालने के लिए थोड़ा झुककर हाथ बढ़ाना होगा, जब दोनों हाथ बढ़ाएंगे तो ही बात बनेगी। भागवत ने समाज को जातियों में बांटने और बंटने पर चिंता जताई। कहा, हमें जाति के चक्कर में नहीं पड़ना है। ये जाति ऐसी चीज है, जिसे हम कई दशकों से समाप्त करने में लगे हैं, लेकिन ये जाति है कि जाती नहीं है। संघ प्रमुख भागवत 17 और 18 फरवरी को लखनऊ प्रवास पर हैं। पहले दिन निराला नगर के सरस्वती शिशु मंदिर के सभागार में सामाजिक सद्भाव बैठक में शिरकत की। करीब ढाई घंटे तक चली बैठक में मोहन भागवत ने सामाजिक सद्भाव से जुड़े विषयों पर बैठक में शामिल समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों के जवाब दिए। अब संघ प्रमुख की बड़ी बातें पढ़िए… UGC पर सरकार जो कानून बनाए, उसका पालन करना चाहिए
मोहन भागवत ने UGC को लेकर एक पक्ष को लगता है कि ये हमारे खिलाफ है। दूसरे पक्ष को लगता है कि हमारे साथ है। सरकार नियम बनाती है। यदि किसी को वह अच्छा नहीं लगता है तो अपनी बात रखनी चाहिए। मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। सरकार जो भी कानून बनाए, उसका पालन करना चाहिए मुगल और अंग्रेज हिंदू धर्म संस्कृति को मिटा नहीं सके
500 साल मुगल और 200 साल अंग्रेज शासन कर चले गए, लेकिन हिंदू धर्म संस्कृति इतनी मजबूत है कि उसे मिटा नहीं सके। जब इतने सालों में हिंदू धर्म का कोई कुछ नहीं बिगड़ सका तो कोई अब क्या बिगाड़ पाएगा। भारत में रहने वाले मुस्लिम भी हिंदू हैं, वे कोई अरब से नहीं आए है। उनकी भी घर वापसी करानी है। लेकिन धीरे-धीरे यह काम होगा। मुस्लिम भी संघ से जुड़ना चाहते
बैठक में पूछा गया सवाल RSS ने मुस्लिम मंच क्यों बनाया? मोहन भागवत ने कहा, मुस्लिम भी राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़ना चाहते हैं। उनके लोगों ने मंच बनाया है। भागवत के पिछले 3 चर्चित बयान… 13 दिसंबर: भागवत बोले-भारत के लिए जीने का समय, मरने का नहीं मोहन भागवत ने कहा कि देश को हर चीज से ऊपर रखना चाहिए। यह भारत के लिए जीने का समय है, मरने का नहीं। हमारे देश में हमारे अपने देश की ही भक्ति होनी चाहिए। यहां ‘तुम्हारे टुकड़े-टुकड़े होंगे’ जैसी भाषा नहीं चलेगी। भागवत 13 दिसंबर को अंडमान में दामोदर सावरकर के गीत ‘सागर प्राण तलमाला’ की 115वीं सालगिरह के मौके पर आयोजित समारोह में पहुंचे थे। 1 दिसंबर: भागवत बोले- अब देश को सही स्थान मिल रहा है भागवत ने कहा कि आज विश्व मंच पर प्रधानमंत्री मोदी की बात ध्यान से सुनी जाती है और यह भारत की बढ़ती वैश्विक ताकत दिखाता है। भारत अब दुनिया में अपना उचित स्थान प्राप्त कर रहा है। भागवत 1 दिसंबर को पुणे में RSS के 100 साल पूरे होने पर हुए कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने सुझाव दिया कि संगठनों को केवल वर्षगांठों या शताब्दियों का इंतजार नहीं करना चाहिए, बल्कि तय समय में अपने काम पूरे करने पर ध्यान देना चाहिए। 18 नवंबर: भागवत बोले- भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करना जरूरी नहीं मोहन भागवत ने कहा- भारत और हिंदू एक ही हैं। भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने की कोई जरूरत नहीं है। हमारी सभ्यता पहले से ही इसे जाहिर करती है। गुवाहाटी में एक कार्यक्रम के दौरान भागवत ने कहा कि जो भी भारत पर गर्व करता है, वह हिंदू है। हिंदू सिर्फ धार्मिक शब्द नहीं बल्कि एक सभ्यता गत पहचान है, जो हजारों साल की सांस्कृतिक परंपरा से जुड़ी है। —————– यह खबर भी पढ़िए:- गोरखपुर में संघ प्रमुख बोले- हम जाति की चिंता कर रहे, हमें बड़े हिंदू समाज के लिए काम करना चाहिए
गोरखपुर में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने सवर्ण, ओबीसी और दलित समाज के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर भोजन किया। उन्होंने कहा- समाज उसे कहते हैं, जिसमें आपस में जुड़ाव हो। अर्थ और स्वार्थ से जुड़ा अपनापन टिकता नहीं है। उन्होंने कहा- हम जाति की चिंता कर रहे, जबकि हमें बड़े हिंदू समाज के लिए काम करना चाहिए। समाज में यदि सद्भावना नहीं है तो कानून और पुलिस के बावजूद समाज नहीं चलता। संघ प्रमुख तीन दिवसीय प्रवास पर गोरखपुर पहुंचे थे। रविवार को योगिराज बाबा गंभीरनाथ ऑडिटोरियम में RSS के 100 साल पूरे होने पर सामाजिक सद्भाव बैठक को संबोधित किया। पढ़ें पूरी खबर…
मोहन भागवत ने UGC को लेकर एक पक्ष को लगता है कि ये हमारे खिलाफ है। दूसरे पक्ष को लगता है कि हमारे साथ है। सरकार नियम बनाती है। यदि किसी को वह अच्छा नहीं लगता है तो अपनी बात रखनी चाहिए। मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। सरकार जो भी कानून बनाए, उसका पालन करना चाहिए मुगल और अंग्रेज हिंदू धर्म संस्कृति को मिटा नहीं सके
500 साल मुगल और 200 साल अंग्रेज शासन कर चले गए, लेकिन हिंदू धर्म संस्कृति इतनी मजबूत है कि उसे मिटा नहीं सके। जब इतने सालों में हिंदू धर्म का कोई कुछ नहीं बिगड़ सका तो कोई अब क्या बिगाड़ पाएगा। भारत में रहने वाले मुस्लिम भी हिंदू हैं, वे कोई अरब से नहीं आए है। उनकी भी घर वापसी करानी है। लेकिन धीरे-धीरे यह काम होगा। मुस्लिम भी संघ से जुड़ना चाहते
बैठक में पूछा गया सवाल RSS ने मुस्लिम मंच क्यों बनाया? मोहन भागवत ने कहा, मुस्लिम भी राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़ना चाहते हैं। उनके लोगों ने मंच बनाया है। भागवत के पिछले 3 चर्चित बयान… 13 दिसंबर: भागवत बोले-भारत के लिए जीने का समय, मरने का नहीं मोहन भागवत ने कहा कि देश को हर चीज से ऊपर रखना चाहिए। यह भारत के लिए जीने का समय है, मरने का नहीं। हमारे देश में हमारे अपने देश की ही भक्ति होनी चाहिए। यहां ‘तुम्हारे टुकड़े-टुकड़े होंगे’ जैसी भाषा नहीं चलेगी। भागवत 13 दिसंबर को अंडमान में दामोदर सावरकर के गीत ‘सागर प्राण तलमाला’ की 115वीं सालगिरह के मौके पर आयोजित समारोह में पहुंचे थे। 1 दिसंबर: भागवत बोले- अब देश को सही स्थान मिल रहा है भागवत ने कहा कि आज विश्व मंच पर प्रधानमंत्री मोदी की बात ध्यान से सुनी जाती है और यह भारत की बढ़ती वैश्विक ताकत दिखाता है। भारत अब दुनिया में अपना उचित स्थान प्राप्त कर रहा है। भागवत 1 दिसंबर को पुणे में RSS के 100 साल पूरे होने पर हुए कार्यक्रम में बोल रहे थे। इस दौरान उन्होंने सुझाव दिया कि संगठनों को केवल वर्षगांठों या शताब्दियों का इंतजार नहीं करना चाहिए, बल्कि तय समय में अपने काम पूरे करने पर ध्यान देना चाहिए। 18 नवंबर: भागवत बोले- भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करना जरूरी नहीं मोहन भागवत ने कहा- भारत और हिंदू एक ही हैं। भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने की कोई जरूरत नहीं है। हमारी सभ्यता पहले से ही इसे जाहिर करती है। गुवाहाटी में एक कार्यक्रम के दौरान भागवत ने कहा कि जो भी भारत पर गर्व करता है, वह हिंदू है। हिंदू सिर्फ धार्मिक शब्द नहीं बल्कि एक सभ्यता गत पहचान है, जो हजारों साल की सांस्कृतिक परंपरा से जुड़ी है। —————– यह खबर भी पढ़िए:- गोरखपुर में संघ प्रमुख बोले- हम जाति की चिंता कर रहे, हमें बड़े हिंदू समाज के लिए काम करना चाहिए
गोरखपुर में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहन भागवत ने सवर्ण, ओबीसी और दलित समाज के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर भोजन किया। उन्होंने कहा- समाज उसे कहते हैं, जिसमें आपस में जुड़ाव हो। अर्थ और स्वार्थ से जुड़ा अपनापन टिकता नहीं है। उन्होंने कहा- हम जाति की चिंता कर रहे, जबकि हमें बड़े हिंदू समाज के लिए काम करना चाहिए। समाज में यदि सद्भावना नहीं है तो कानून और पुलिस के बावजूद समाज नहीं चलता। संघ प्रमुख तीन दिवसीय प्रवास पर गोरखपुर पहुंचे थे। रविवार को योगिराज बाबा गंभीरनाथ ऑडिटोरियम में RSS के 100 साल पूरे होने पर सामाजिक सद्भाव बैठक को संबोधित किया। पढ़ें पूरी खबर…