‘केशव-पाठक को ऑफर- 100 विधायक लाइए, CM बन जाइए’:अखिलेश बोले- ऑफर सिर्फ एक हफ्ते के लिए है; रामभद्राचार्य पर भड़के

सपा प्रमुख अखिलेश यादव शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ यौन शोषण की FIR दर्ज होने पर जमकर भड़के। उन्होंने लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा- जगद्गुरु रामभद्राचार्य को पहले ही जेल भेज देना चाहिए था। एक समय उन पर दर्ज मुकदमा वापस लिया गया था। विचारों को लेकर झगड़े हो जाते हैं। लेकिन, आप इस स्तर तक चले जाएंगे कि ऐसे आरोप लगवाएंगे। इसीलिए मैं कह रहा हूं कि यह सरकार अब बचने वाली नहीं। दरअसल, जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य आशुतोष ब्रह्मचारी ने प्रयागराज की पॉक्सो कोर्ट में दो बच्चों को पेश कर अविमुक्तेश्वरानंद पर गंभीर आरोप लगाए थे। शनिवार को कोर्ट ने FIR दर्ज करने के आदेश दिए। इसके बाद देर रात मुकदमा दर्ज हो गया था। अखिलेश ने दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक को ऑफर दिया। कहा- दोनों में से कोई भी 100 विधायक अपने साथ ले आए और मुख्यमंत्री बन जाए। मन तो दोनों का ही है। इससे अच्छा ऑफर उन्हें कहीं नहीं मिलेगा। ऑफर सिर्फ एक हफ्ते के लिए ही है। अखिलेश की कही बड़ी बातें पढ़िए- ‘राहुल गांधी और मेरा घर भाजपा ने छीन लिया’
अखिलेश ने कहा- हम सपा के लोग घबराने वालों में से नहीं। सब सुरक्षा वापस भी ले लेंगे, तब भी हम लोग उन्हें सरकार से हटा देंगे। सवाल यह है कि आपने किस आधार पर सुरक्षा हटा ली? कोई जानकारी तो होनी चाहिए न। माली भी गिन लिए, गेट खोलने वाले भी गिन लिए कि सबसे ज्यादा सुरक्षा आपकी है। देखिए, बीजेपी की स्ट्रेटजी है आपको अपमानित करने की, आपको डिमोरलाइज करने की। कांग्रेस पार्टी के नेता राहुल गांधी के साथ क्या किया? SPG हटाई, उनका घर छीन लिया। यह एक्सरसाइज पहले भी यूपी में हो चुकी है। नेताजी का और हमारा घर छीना, सुरक्षा ली। क्यों किया? डिमोरलाइज करने के लिए। लेकिन, हम लोग कमजोर थोड़े हुए। हम लोग PDA और पीड़ा को समझते हुए आगे बढ़ गए। जो पीड़ित हैं, जो दुखी हैं, जो अपमानित हैं, उनके साथ हम लोग हैं। जैसे-जैसे पीड़ा बढ़ रही, पीडीए बढ़ता जा रहा
अखिलेश ने कहा- जैसे-जैसे पीड़ा बढ़ रही है, पीडीए बढ़ता चला जा रहा है। पीडीए का आंदोलन बढ़ता चला जा रहा है। इस पीडीए के आंदोलन में जुड़ने वाले लोगों की लगातार कोशिश होगी कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को समाजवादी पार्टी में जोड़ा जाए। हमें खुशी इस बात की है कि आज बड़ी संख्या में लोग सपा में शामिल हुए। मैं उन्हें भरोसा दिलाता हूं कि जो समाजवादी आंदोलन है, लोकतंत्र को बचाने के लिए और समाज में समाजवादी व्यवस्था लाने के लिए, हम सब एकजुट होकर काम करेंगे। ‘मुख्यमंत्री जी बोले रहे, अब तेल की इकॉनमी नहीं बची’
अखिलेश ने कहा- आज से 10, 15, 20 साल पहले जापान का भी एक डॉग बड़ा फेमस हुआ था। मैं उसका नाम भूल रहा हूं। कोई चैट जीबीटी पर देखिए और बताइए कि क्या था? एक इलेक्ट्रॉनिक डॉग बोलते थे। क्या बोलते थे? तो दुनिया में AI को लेकर या नई टेक्नोलॉजी को लेकर, इनोवेशंस को लेकर, स्टार्टअप्स में जो चीजें हो रही हैं या कंपनियां बन रही हैं। ये हमारी-आपकी समस्याओं का समाधान कर रही होंगी। लेकिन, मुख्यमंत्री जी तो न जाने हम लोगों से कितना आगे हैं। कह रहे हैं कि अब तेल की इकॉनमी नहीं बची है। अब ये नई इकॉनमी डेवलप होती चली जा रही है। अर्थव्यवस्था डेवलप होने जा रही है। अरे, हम उनकी बातों से धोखा खाएंगे क्या? जैसे उनके वस्त्र देखकर हम लोग धोखा खा रहे हैं। मैंने कई बार कहा, फिर वह बात दोहराता हूं। हमारी गीता में लिखा है कि माया में रहकर माया से दूर हो। और जो दूसरे का दुख अपना दुख समझे, वह है योगी। गुरु नानक जी ने कहा था कि वस्त्र पहनने और कान छिदाने से कोई योगी नहीं हो सकता। ब्रजेश पाठक पर तंज कसा, कहा- शंकराचार्यजी धरने पर बैठे थे, तब कहां थे
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के बटुकों की पूजा करने पर अखिलेश ने तंज कसा। कहा- सरकार की तरफ से शंकराचार्य जी के साथ क्या व्यवहार हो रहा? यह जो एक्सरसाइज हो रही है। अभी हाल-फिलहाल, जो आपको देखने को मिल रहा है कि अचानक कुछ लोग निकल पड़े हैं सम्मान देने के लिए। जिस समय शिखा को पकड़कर अपमानित किया जा रहा था, उस समय ये लोग कहां थे? उसी समय उन्हें जाना चाहिए था। संगम किनारे हमारे शंकराचार्य कई दिनों धरने पर बैठे रहे। वहां उस समय सर्दी पीक पर थी। अब तक के हमारे पूरे इतिहास, पौराणिक व्यवस्था और सनातनी व्यवस्था में कहीं किसी शंकराचार्य को गंगा स्नान से रोका नहीं गया होगा। अब यह सरकार शंकराचार्य को अपमानित करने के लिए 20 साल पुरानी घटना ढूंढ कर लाई। सीएम पर तंज- जापान जा रहे हैं, क्योटो नहीं जा रहे
सीएम के जापान दौरे पर अखिलेश ने तंज कसा। कहा- जापान जा रहे हैं, क्योटो नहीं जा रहे। बताइए आप, देश के प्रधानमंत्री ने कहा था कि बनारस को हम क्योटो बनाएंगे। कम से कम ये जाएं और देखें। तब अफसोस करेंगे कि 10 साल में इन्होंने क्या काम करना था, क्या काम नहीं कर पाए? गोरखपुर में गोरखधंधा चल रहा
गोरखपुर में पिछले 10 साल से गोरखधंधा चल रहा। एक बेटी के साथ घटना हो गई। 19 लोगों की आंखें चली गईं। वहां एम्स कहां है? मेडिकल कॉलेज है, आयुर्वेदिक यूनिवर्सिटी प्राइवेट अपनी बना ली। बताइए, वहां पर क्या इलाज चल रहा? केवल गोरखधंधा चल रहा है। —————————- ये खबर भी पढ़ लीजिए… राजपाल ने 20 चेक दिए, सभी बाउंस हुए:जिस फिल्म में पैसा लगाया वह 42 लाख कमा सकी; कर्ज न लौटाया तो दोगुनी संपत्ति कुर्क होगी बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव साल-2010 तक अपने करियर के पीक पर थे। धमाल, फिर हेरा-फेरी, गोलमाल, ढोल और भूलभुलैया जैसी सुपरहिट फिल्में कर चुके थे। इंडस्ट्री में उनकी डिमांड थी। 2010 में उन्होंने तय किया कि अता-पता लापता नाम की फिल्म बनाएंगे। आज की संडे बिग स्टोरी में हम इस मामले को शुरुआत से लेकर अभी तक की स्थिति को समझेंगे। पढ़िए