KGMU के रेडियो पर सुन सकेंगे ‘धरती की कहानी’:मोबाइल एप और लाइव स्ट्रीमिंग पर भी मिलेगी सुविधा, रोचक अंदाज में मिलेगी जानकारी

एशिया का एकमात्र पुराविज्ञान को समर्पित संस्थान बीरबल साहनी पुराविज्ञान संस्थान ने विज्ञान को आमजन तक पहुंचाने के लिए अनूठी पहल की है। संस्थान ने साप्ताहिक रेडियो कार्यक्रम “कहानी धरती की, जहां धरती बोलेगी और हम सब सुनेंगे” की शुरुआत की। कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ राष्ट्रीय विज्ञान दिवस की पूर्व संध्या पर बीएसआईपी ऑडिटोरियम में हुआ। बेहद रोचक तरीके से मिलेगी सीख KGMU प्रवक्ता डॉ. केके सिंह ने बताया कि धरती के इतिहास, जीवाश्मों और जलवायु परिवर्तन जैसे विषयों को सरल भाषा में श्रोताओं तक पहुंचाया जाएगा। वैज्ञानिक खुद रोचक अंदाज में शोध और खोज की कहानियां साझा करेंगे, ताकि विज्ञान किताबों से निकलकर सीधे समाज से जुड़ सके। डॉ. केके सिंह ने बताया कि कार्यक्रम तीन मार्च से प्रत्येक मंगलवार दोपहर 3 से 4 बजे तक 89.6 मेगाहटर्ज पर प्रसारित होगा। श्रोता इसे KGMU गूंज मोबाइल ऐप और लाइव स्ट्रीमिंग के माध्यम से भी सुन सकेंगे। इस मकसद से हो रहा कार्यक्रम निदेशक डॉ.महेश ठक्कर ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य वैज्ञानिक अनुसंधान और समाज के बीच की दूरी कम करना है। इसमें सामूहिक विलुप्ति, डायनासोर युग, जलवायु परिवर्तन, उल्कापिंडीय टक्करों और मानव विकास जैसे विषय सरल भाषा में प्रस्तुत किए जाएंगे। कार्यक्रम का निर्माण बीएसआईपी और रेडियो KGMU गूंज के संयुक्त प्रयास से किया गया है। इस अवसर पर डॉ. अरविंद माथुर, डॉ.अनुपम शर्मा, डॉ.निमिष कपूर और स्टेशन मैनेजर शालिनी गुप्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य पृथ्वी विज्ञान को रोचक और समावेशी रूप में आमजन तक पहुंचाना है।