गाजियाबाद में यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर चाकू से हमला करने वाले बदमाश सगे भाई हैं। पुलिस ने रविवार रात छोटे भाई जीशान सैफी को एनकाउंटर में ढेर कर दिया। बड़ा भाई गुलफाम चकमा देकर भाग निकला। पुलिस सूत्रों ने बताया कि दोनों भाई सलीम की इस्लाम विरोधी बातों से नाराज थे। दरअसल, दोनों भाइयों ने लोनी में इस्लाम धर्म छोड़ चुके यूट्यूबर पर दिनदहाड़े चाकू से 14 बार वार किया था। गला रेतने की कोशिश की थी। लहुलूहान करने के बाद अधमरा छोड़कर भाग निकले थे। घटना के बाद CM योगी ने कहा था कि दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। सीएम योगी की सख्ती के बाद पुलिस ने आरोपियों पर एक लाख का इनाम घोषित किया था। इस बीच, रविवार को पुलिस को लोनी में निठौरा अंडरपास के पास आरोपियों के छिपे होने की सूचना मिली। पुलिस ने बैरिकेडिंग कर सर्च ऑपरेशन चलाया। इस दौरान बाइक से 2 संदिग्ध आते दिखे। रुकने का इशारा करने पर आरोपी फायरिंग करने लगे। जवाबी कार्रवाई में जीशान के सीने में गोली लगी, जबकि गुलफाम भाग निकला। मरने से पहले जीशान ने सलीम पर हमला करने की बात कबूल की। दोनों भाई अमरोहा के रहने वाले थे। बचपन से ही धार्मिक मिजाज के थे। मदरसे से तालीम ले चुके थे। खोड़ा में किराए के कमरे में रह रहे थे। वहीं, एनकाउंटर की खबर सुनते ही जीशान के पिता गाजियाबाद पहुंचे। मॉर्च्यूरी के बाहर फूट-फूटकर रोने लगे। बोले- अगर पता होता, तो उसे कंट्रोल करता। अब सब खत्म हो गया। इस बीच, यूट्यूबर पर हमले के बाद का वीडियो सामने आया है। इसमें सलीम खून से लथपथ नजर आ रहे हैं। फर्श पर पड़े हैं। बार-बार उठने की कोशिश कर रहे हैं। पहले सलीम वास्तिक की 3 तस्वीरें पहले एनकाउंटर की पूरी कहानी जान लीजिए… डीसीपी पीयूष सिंह ने बताया- रविवार रात लोनी थाना प्रभारी नितिन चौधरी, देहात स्वाट टीम ने 2 संदिग्धों को बाइक पर आते हुए देखा। उन्हें रोकने का प्रयास किया दोनों पर पिस्टल से पुलिस पर फायरिंग कर दी। दोनों तरफ से करीब 15 मिनट तक 25 से 30 राउंड फायरिंग चली। एसओ लोनी की बुलेट प्रूफ जैकेट में गोली लग गई। एक गोली बदमाश को भी लगी। वह घायल हो गया। उसने पुलिस को बताया- मैंने ही अपने साथी के साथ सलीम पर हमला किया था। निठौरा अंडर पास के पास हुई घटना के बाद पुलिस घायल को 50 सैय्या अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस को मौके से .32 बोर की मेड इन इटली की पिस्टल, 6 कारतूस, 8 खोखे और स्पलेंडर बाइक बरामद की है। पुलिस ने जीशान का सोशल मीडिया अकाउंट खंगाल रही है। इंस्टाग्राम पर उसके कई वीडियो मिले हैं। वीडियो में एक व्यक्ति का संदेश भी मिला है। इसमें वो बोल रहा है कि एक दिन सूरज की रोशनी नहीं होगी। तारे टूट जाएंगे। पढ़ के देख लो कुरान। अब पूरी घटना को समझ लेते हैं… यूट्यूबर सलीम अहमद उर्फ सलीम वास्तिक (50) दिल्ली के अशोक विहार कॉलोनी में परिवार के साथ रहते हैं। गाजियाबाद के लोनी इलाके में उनका एक और घर है। वहां से सलीम अपना ऑफिस चलाते हैं। उनके बेटे उस्मान ने बताया कि पापा 27 फरवरी को सुबह 9 बजे ऑफिस में अकेले बैठे थे। तभी 2 युवक हेलमेट पहनकर आए और हमला कर दिया। अंदर घुसते ही ताबड़तोड़ चाकू मारे। इससे पिता घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। उनके शरीर से खून बहने लगा। इसी बीच दोनों बदमाश भाग गए। उस्मान ने बताया- चीख-पुकार सुनकर पहुंचे पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। सलीम को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां से उन्हें दिल्ली के गुरु तेग बहादुर अस्पताल (जीटीबी) रेफर कर दिया गया। उनके शरीर पर सीने, पेट, गर्दन, बाजू और पैर में 14 जख्म हैं। उनकी हालत गंभीर बनी है। बेटे उस्मान ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें उन्होंने अशफाक, सोनू, शाहरुख नेता, भाटी बिल्डर और एक स्थानीय AIMIM नेता अजगर को नामजद किया था। आरोप था कि इन लोगों ने ही उसके पिता सलीम की हत्या की साजिश रची थी। BJP विधायक बोले- जिहादी को मार गिराया घटना के अगले दिन ही यानी 28 फरवरी को सीएम योगी ने कहा था- कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। यूपी में आतंक की कोई जगह नहीं। सूत्रों की मानें तो CM के निर्देश के 48 घंटे के अंदर ही एनकाउंटर से साफ संदेश गया है कि प्रदेश में धार्मिक कट्टरता के मामले बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। एनकाउंटर पर गाजियाबाद के लोनी से भाजपा विधायक नंदकिशोर गुर्जर ने कहा- पुलिस ने जिहादी को मार गिराया। जैसा मुख्यमंत्री योगी ने कहा था कि कोई बख्शा नहीं जाएगा। गाजियाबाद पुलिस ने वो कर दिखाया है। सलीम भाई पर हमला करने वाले राक्षस को धरती से उठा दिया है। मामले में दोषी हर एक शख्स को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वो पाकिस्तान में बैठे इनके आका ही क्यों न हों। अब जीशान के बारे में जानिए- यूट्यबर के बारे में भी जान लीजिए- सलीम के यूट्यूब चैनल पर करीब 30 हजार सब्सक्राइबर हैं। 2.2 मिलियन से ज्यादा व्यूज हैं। सलीम अब तक 180 से ज्यादा वीडियो पोस्ट कर चुके हैं। चैनल के बायो में उन्होंने लिखा है- मैं एक पूर्व-मुस्लिम हूं, जिसने वर्षों तक इस्लामी विचारधारा को समझने, परखने के बाद तर्क और प्रमाण के रास्ते पर चलने का निर्णय लिया। यह मंच उन सभी के लिए है, जो सवाल पूछने से नहीं डरते। चाहे वह भगवान के अस्तित्व से जुड़ा हो, इस्लामी ग्रंथों की प्रामाणिकता से या फिर इस्लामी संस्थाओं के सामाजिक प्रभाव से। आखिरी वीडियो हमले से एक दिन पहले यानी 26 फरवरी को अपलोड किया गया। सब्जेक्ट था- “नास्तिक होना क्या है?” वीडियो को अब तक करीब 13 हजार लोग देख चुके हैं। ————————– यह खबर भी पढ़िए… कौन हैं सलीम, जिनके लिए योगी बोले-हमलावरों को बख्शेंगे नहीं, खुद को EX मुस्लिम लिखा गाजियाबाद में यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर जानलेवा हमला किया गया। दिल्ली के गुरु तेग बहादुर हॉस्पिटल में उनका ऑपरेशन हुआ है। अब सवाल उठ रहे हैं कि यूट्यूबर को जान से मारने की कोशिश आखिर हुई क्यों? सलीम वास्तिक की पहचान तीन तलाक, हलाला जैसे इस्लामिक रिवाजों पर सवाल उठाने से बनी थी। उन्होंने इस्लाम को ‘विदेशी मजहब’ करार दिया था। पढ़ें पूरी खबर…