गाजियाबाद के यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर चाकू से हमला करने वाला दूसरा आरोपी गुलफाम मंगलवार रात पुलिस एनकाउंटर में ढेर हो गया। गुलफाम मुख्य आरोपी जीशान का बड़ा भाई था। रविवार को जीशान का एनकाउंटर हो चुका है। दोनों पर एक-एक लाख का इनाम घोषित था। इंदिरापुरम में हुई मुठभेड़ में दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। एक गोली ACP की बुलेटप्रूफ जैकेट में फंसी। इस तरह, पिछले 48 घंटे में दोनों सगे भाइयों को पुलिस ने ढेर कर दिया। दोनों भाइयों ने 27 फरवरी की सुबह मिलकर पूर्व मुस्लिम यूट्यूबर सलीम वास्तिक को 14 चाकू मारे थे। सलीम की हालत अभी भी सीरियस है। वह दिल्ली के जीटीबी अस्पताल में जिंदगी-मौत के बीच जूझ रहे हैं। घटना का CM योगी ने संज्ञान लिया था। कहा था- दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। पहले तस्वीरें- 6 पॉइंट में एनकाउंटर की पूरी कहानी पढ़िए- अब एनकाउंटर की तस्वीरें देखिए- जीशान के एनकाउंटर के बाद फूट-फूट कर रोए थे पिता रविवार को जीशान के एनकाउंटर की खबर लगते ही जीशान के पिता बुनियाद अली फूट-फूट कर रोए थे। कहा था- 1 मार्च की रात को नगली थाने की पुलिस आई थी, मेरे घर का दरवाजा खुलवाया। उस समय मैं सोने जा रहा था। पुलिस ने कहा कि तुम्हारे बेटे जीशान का गाजियाबाद जिले के लोनी में एनकाउंटर हो गया। मैं सुनते ही हैरान रह गया। मैंने कहा- दरोगा जी… मेरे बेटे ने क्या कोई अपराध किया है क्या, मेरे तो परिवार पर कभी 151 भी नहीं हुई। इस धारा के तहत अगर पुलिस को लगता है कि कोई शख्स अपराध करने वाला है तो उसे बिना किसी वारंट गिरफ्तार कर सकती है। मेरे दोनों बेटे गुलफाम और जीशान के मोबाइल शुक्रवार से ही बंद थे। मुझे लगा कि पता नहीं क्या हो गया, फोन क्यों बंद है। उसी रात में मुझे पता चला कि जीशान नहीं बचा है। अब गुलफाम की चिंता हो रही है। उससे बात होती तो उसे समझाता। पिता बुनियाद अली ने कहा था- शनिवार सुबह जीशान घर पर आया था, लेकिन वह किसी काम की बात कहकर चला गया। बड़ा बेटा गुलफाम भी शाम को घर से दिल्ली चला गया। फिर हमारी बात नहीं हुई। पिता ने रोते हुए कहा कि मुझे पता होता कि मेरे बेटे ने क्राइम किया है तो समझाता। लेकिन मुझे कभी पता नहीं चला। पता नहीं कैसे यह सब कर दिया। अब पढ़िए गांव का माहौल… 45 गज में मकान, बाहर दुकान
अमरोहा जिले में गजरौला से 30Km आगे चलकर संभल रोड पर सैदनंगली कस्बा है। यहां पर 60 वर्षीय बुनियाद अली का 45 गज में पुस्तैनी घर है। बाहर की तरफ एक छोटा दरवाजा है। बराबर में एक दुकान है, जिसका शटर बंद था। बुनियाद अली पिछले 40 साल से लकड़ी का काम करते आ रहे हैं। उनकी 5 बेटियां हैं, पांचों की शादी हो चुकी है। दो बेटे गुलफाम और जीशान थे। दोनों के एनकाउंटर के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है। एक महीने पहले आए थे जीशान के रिश्ते वाले
जीशान के घर से 100 मीटर की दूरी पर 40 साल की एक महिला ने बताया- हम बहुत डरे हुए हैं। हमारा बस फोटो-वीडियो मत बनाना। पता नहीं सरकार क्या कर दे। गुलफाम की शादी हो चुकी है, वह अपनी पत्नी के साथ पहले दिल्ली में रहता था, अब पता चला कि गाजियाबाद के खोड़ा में रह रहा है। महिला ने आगे बताया था कि जीशान की शादी की बात चल रही थी। इसके लिए संभल से 2 व्यक्ति आए थे। उन्होंने पूछा था कि जीशान क्या करता है? उन्हें बताया था कि वह अपने भाई गुलफाम के साथ फर्नीचर का काम करता है। शायद जल्द ही जीशान की शादी होनी थी। अब जानिए क्या है पूरा मामला? इस्लाम धर्म छोड़ चुके यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर दिनदहाड़े ऑफिस में घुसकर जानलेवा हमला किया गया था। पुलिस के मुताबिक, 27 मार्च को बिना नंबर प्लेट की बाइक से आए नकाबपोश हमलावरों ने सलीम पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए थे। गला रेतने की कोशिश की थी। चीखने पर हमलावर उन्हें अधमरा छोड़कर फरार हो गए थे। शोर सुनकर पड़ोसी पहुंचे और परिवार को सूचना दी थी। परिजन सलीम को अस्पताल ले गए थे। वहां से उन्हें दिल्ली के गुरु तेग बहादुर अस्पताल (जीटीबी) रेफर कर दिया गया था। उनके शरीर पर सीने, पेट, गर्दन, बाजू और पैर में 14 जख्म हैं। उनका इलाज जारी है। पुलिस ने बेटे की शिकायत पर AIMIM नेता समेत 7 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की थी। घटना पर सीएम योगी ने कहा था- कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। यूपी में आतंक की कोई जगह नहीं है। सांसद मनोज तिवारी भी अस्पताल पहुंचे थे। वहीं, महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरि के अस्पताल पहुंचने की सूचना पर पुलिस ने उन्हें हाउस अरेस्ट कर लिया था। पड़ोसियों ने क्या-क्या बताया? पढ़िए परिवार का कोई विवाद नहीं सुना
जीशान के घर के पड़ोस में रहने वाले अतीक अहमद कहते हैं- बुनियाद बहुत सज्जन व्यक्ति हैं। हमने कभी इस परिवार को किसी से झगड़ते नहीं सुना। यहां तो बुनियाद अली अपनी पत्नी के साथ रहते हैं। 400- 500 रुपये की रोज की कमाई होती होगी। जीशान कभी-कभी अपने घर आता था। उसको मोहल्ले में कभी घूमते नहीं देखा। वो बस अपने में खोया रहता था। मगर ऐसा कुछ करेगा, इसका किसी को अंदाजा ही नहीं हुआ। जब एनकाउंटर की बारे में पता चला तो हम लोग चौंक गए। नूर मोहम्मद कहते हैं- परिवार नेक दिल, न जाने बेटे को क्या हुआ
पड़ोस में रहने वाले 35 साल के नूर मोहम्मद ने बताया- कभी भी जीशान या उसके भाई से झगड़ा नहीं सुना। उनके पिता का पुराना लकड़ी का काम है। दोनों भाई अपने घर कम ही आते थे। बड़े वाले गुलफाम की शादी हो चुकी है, पड़ोस के लोगों से हमने सुना की जीशान के साथ गाजियाबाद में घटना हो गई, लेकिन हम इसमें कुछ नहीं कह सकते। क्योंकि परिवार बहुत नेकदिल था, न जाने बेटे को क्या हो गया। यूट्यूबर के बारे में भी जान लीजिए- सलीम के यूट्यूब चैनल पर करीब 30 हजार सब्सक्राइबर हैं। 2.2 मिलियन से ज्यादा व्यूज हैं। सलीम अब तक 180 से ज्यादा वीडियो पोस्ट कर चुके हैं। चैनल के बायो में उन्होंने लिखा है- मैं एक पूर्व-मुस्लिम हूं, जिसने वर्षों तक इस्लामी विचारधारा को समझने, परखने के बाद तर्क और प्रमाण के रास्ते पर चलने का निर्णय लिया। यह मंच उन सभी के लिए है, जो सवाल पूछने से नहीं डरते। चाहे वह भगवान के अस्तित्व से जुड़ा हो, इस्लामी ग्रंथों की प्रामाणिकता से या फिर इस्लामी संस्थाओं के सामाजिक प्रभाव से। आखिरी वीडियो हमले से एक दिन पहले यानी 26 फरवरी को अपलोड किया गया। सब्जेक्ट था- “नास्तिक होना क्या है?” वीडियो को अब तक करीब 13 हजार लोग देख चुके हैं। अब जीशान और गुलफाम के बारे में जानिए- ——————— ये खबर भी पढ़ें – कौन हैं सलीम, जिनके लिए योगी बोले- हमलावरों को बख्शेंगे नहीं:खुद को EX मुस्लिम लिखा, मजहबी कट्टरपंथियों ने कई बार धमकी दी गाजियाबाद में यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर जानलेवा हमला किया गया। दिल्ली के गुरु तेग बहादुर हॉस्पिटल में उनका ऑपरेशन हुआ है। अब सवाल उठ रहे हैं कि यूट्यूबर को जान से मारने की कोशिश आखिर हुई क्यों? सलीम वास्तिक की पहचान तीन तलाक, हलाला जैसे इस्लामिक रिवाजों पर सवाल उठाने से बनी थी। उन्होंने इस्लाम को ‘विदेशी मजहब’ करार दिया था। रिपोर्ट पढ़िए…
अमरोहा जिले में गजरौला से 30Km आगे चलकर संभल रोड पर सैदनंगली कस्बा है। यहां पर 60 वर्षीय बुनियाद अली का 45 गज में पुस्तैनी घर है। बाहर की तरफ एक छोटा दरवाजा है। बराबर में एक दुकान है, जिसका शटर बंद था। बुनियाद अली पिछले 40 साल से लकड़ी का काम करते आ रहे हैं। उनकी 5 बेटियां हैं, पांचों की शादी हो चुकी है। दो बेटे गुलफाम और जीशान थे। दोनों के एनकाउंटर के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल है। एक महीने पहले आए थे जीशान के रिश्ते वाले
जीशान के घर से 100 मीटर की दूरी पर 40 साल की एक महिला ने बताया- हम बहुत डरे हुए हैं। हमारा बस फोटो-वीडियो मत बनाना। पता नहीं सरकार क्या कर दे। गुलफाम की शादी हो चुकी है, वह अपनी पत्नी के साथ पहले दिल्ली में रहता था, अब पता चला कि गाजियाबाद के खोड़ा में रह रहा है। महिला ने आगे बताया था कि जीशान की शादी की बात चल रही थी। इसके लिए संभल से 2 व्यक्ति आए थे। उन्होंने पूछा था कि जीशान क्या करता है? उन्हें बताया था कि वह अपने भाई गुलफाम के साथ फर्नीचर का काम करता है। शायद जल्द ही जीशान की शादी होनी थी। अब जानिए क्या है पूरा मामला? इस्लाम धर्म छोड़ चुके यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर दिनदहाड़े ऑफिस में घुसकर जानलेवा हमला किया गया था। पुलिस के मुताबिक, 27 मार्च को बिना नंबर प्लेट की बाइक से आए नकाबपोश हमलावरों ने सलीम पर चाकू से ताबड़तोड़ वार किए थे। गला रेतने की कोशिश की थी। चीखने पर हमलावर उन्हें अधमरा छोड़कर फरार हो गए थे। शोर सुनकर पड़ोसी पहुंचे और परिवार को सूचना दी थी। परिजन सलीम को अस्पताल ले गए थे। वहां से उन्हें दिल्ली के गुरु तेग बहादुर अस्पताल (जीटीबी) रेफर कर दिया गया था। उनके शरीर पर सीने, पेट, गर्दन, बाजू और पैर में 14 जख्म हैं। उनका इलाज जारी है। पुलिस ने बेटे की शिकायत पर AIMIM नेता समेत 7 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की थी। घटना पर सीएम योगी ने कहा था- कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। यूपी में आतंक की कोई जगह नहीं है। सांसद मनोज तिवारी भी अस्पताल पहुंचे थे। वहीं, महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरि के अस्पताल पहुंचने की सूचना पर पुलिस ने उन्हें हाउस अरेस्ट कर लिया था। पड़ोसियों ने क्या-क्या बताया? पढ़िए परिवार का कोई विवाद नहीं सुना
जीशान के घर के पड़ोस में रहने वाले अतीक अहमद कहते हैं- बुनियाद बहुत सज्जन व्यक्ति हैं। हमने कभी इस परिवार को किसी से झगड़ते नहीं सुना। यहां तो बुनियाद अली अपनी पत्नी के साथ रहते हैं। 400- 500 रुपये की रोज की कमाई होती होगी। जीशान कभी-कभी अपने घर आता था। उसको मोहल्ले में कभी घूमते नहीं देखा। वो बस अपने में खोया रहता था। मगर ऐसा कुछ करेगा, इसका किसी को अंदाजा ही नहीं हुआ। जब एनकाउंटर की बारे में पता चला तो हम लोग चौंक गए। नूर मोहम्मद कहते हैं- परिवार नेक दिल, न जाने बेटे को क्या हुआ
पड़ोस में रहने वाले 35 साल के नूर मोहम्मद ने बताया- कभी भी जीशान या उसके भाई से झगड़ा नहीं सुना। उनके पिता का पुराना लकड़ी का काम है। दोनों भाई अपने घर कम ही आते थे। बड़े वाले गुलफाम की शादी हो चुकी है, पड़ोस के लोगों से हमने सुना की जीशान के साथ गाजियाबाद में घटना हो गई, लेकिन हम इसमें कुछ नहीं कह सकते। क्योंकि परिवार बहुत नेकदिल था, न जाने बेटे को क्या हो गया। यूट्यूबर के बारे में भी जान लीजिए- सलीम के यूट्यूब चैनल पर करीब 30 हजार सब्सक्राइबर हैं। 2.2 मिलियन से ज्यादा व्यूज हैं। सलीम अब तक 180 से ज्यादा वीडियो पोस्ट कर चुके हैं। चैनल के बायो में उन्होंने लिखा है- मैं एक पूर्व-मुस्लिम हूं, जिसने वर्षों तक इस्लामी विचारधारा को समझने, परखने के बाद तर्क और प्रमाण के रास्ते पर चलने का निर्णय लिया। यह मंच उन सभी के लिए है, जो सवाल पूछने से नहीं डरते। चाहे वह भगवान के अस्तित्व से जुड़ा हो, इस्लामी ग्रंथों की प्रामाणिकता से या फिर इस्लामी संस्थाओं के सामाजिक प्रभाव से। आखिरी वीडियो हमले से एक दिन पहले यानी 26 फरवरी को अपलोड किया गया। सब्जेक्ट था- “नास्तिक होना क्या है?” वीडियो को अब तक करीब 13 हजार लोग देख चुके हैं। अब जीशान और गुलफाम के बारे में जानिए- ——————— ये खबर भी पढ़ें – कौन हैं सलीम, जिनके लिए योगी बोले- हमलावरों को बख्शेंगे नहीं:खुद को EX मुस्लिम लिखा, मजहबी कट्टरपंथियों ने कई बार धमकी दी गाजियाबाद में यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर जानलेवा हमला किया गया। दिल्ली के गुरु तेग बहादुर हॉस्पिटल में उनका ऑपरेशन हुआ है। अब सवाल उठ रहे हैं कि यूट्यूबर को जान से मारने की कोशिश आखिर हुई क्यों? सलीम वास्तिक की पहचान तीन तलाक, हलाला जैसे इस्लामिक रिवाजों पर सवाल उठाने से बनी थी। उन्होंने इस्लाम को ‘विदेशी मजहब’ करार दिया था। रिपोर्ट पढ़िए…