शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर 2 बटुकों से यौन उत्पीड़न का केस दर्ज करवाने वाले आशुतोष ब्रह्मचारी पर ट्रेन में हमला हुआ। नाक और बाएं हाथ पर चोट आई। आशुतोष ने इस हमले की साजिश के पीछे अविमुक्तेश्वरानंद को बताया। अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज करवाया है। घटना के कुछ घंटे बाद फेसबुक पर डॉ. स्वाति अघोरी ने हमले की जिम्मेदारी ली। उनकी प्रोफाइल में लिखा था- ‘काल भैरव युवा वाहिनी’ की राष्ट्रीय अध्यक्ष। वहीं, अविमुक्तेश्वरानंद पदयात्रा पर हैं, उन्होंने रायबरेली में कहा- यह सब दिखावा है। आशुतोष माहौल बनाने और सुरक्षा पाने के लिए ऐसा कह रहे हैं। वह मेरी यात्रा से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहे हैं। GRP सीओ अरुण कुमार पाठक कहते हैं- आशुतोष महाराज पर हमले के बाद सिराथू और प्रयागराज में CCTV फुटेज देखे जा चुके हैं। आशुतोष महाराज के आसपास बैठे 4 यात्रियों से भी पूछताछ की गई है। सुरक्षा कारणों से बयानों को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता है। किसी ने आशुतोष महाराज के महलावर को नहीं देखा। अब सवाल उठ रहे हैं कि अविमुक्तेश्वरानंद इस हमले को झूठा क्यों बता रहे है? ये डॉ. स्वाति अघोरी कौन है? इसके पहले आशुतोष पर जो हमले हुए, उनके आरोपियों का क्या हुआ? इन सवालों के जवाब दैनिक भास्कर ने खोजे। आइए सब कुछ एक तरफ से जानते हैं…. पहले हमला और उठे सवालों को समझते हैं… आशुतोष ब्रह्मचारी चर्चा में क्यों?
आशुतोष ब्रह्मचारी का असली नाम आशुतोष पांडेय है। आशुतोष शामली जिला मुख्यालय से करीब 20 Km दूर कांधला कस्बे के रहने वाले हैं। आशुतोष खुद को श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट का अध्यक्ष बताते हैं। इन दिनों आशुतोष की चर्चा इसलिए हो रही, क्योंकि उन्होंने दो बटुकों को कोर्ट में पेश किया, उन बटुकों के बयान के आधार पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद के खिलाफ पॉक्सो एक्ट में मुकदमा लिखा गया है। फर्स्ट AC के बाहर हमला, आरोप- अविमुक्तेश्वरानंद के कहने पर हुआ
7 मार्च की रात 10.30 बजे आशुतोष पांडेय गाजियाबाद रेलवे स्टेशन से रीवा एक्सप्रेस ट्रेन के एसी-फर्स्ट क्लास की बोगी में बैठे। सुबह ट्रेन को प्रयागराज पहुंचना था। आशुतोष कहते हैं- सुबह ट्रेन कौशांबी जिले के सिराथू स्टेशन पर पहुंची। मैं टॉयलेट जा रहा था, बाहर गेट पर एक आदमी खड़ा था, मैं आगे बढ़ा तो उसने पीछे से हमला कर दिया। धारदार हथियार से मेरी नाक काटने की कोशिश की। चेहरे के अलावा हाथ पर वार किया। आशुतोष ने आगे कहा- जिसने मुझ पर हमला किया वह व्यक्ति अविमुक्तेश्वरानंद के कहने पर आया था। वह कह रहा था कि मैंने कसम खाई है कि तुम्हारी नाक काटकर गुरुजी के चरणों में चढ़ाऊंगा। उसको मेरी नाक काटने पर 21 लाख रुपए मिलने थे। हमलावर अविमुक्तेश्वरानंद को अपना गुरु कह रहा था। ये लोग नहीं चाहते कि मैं इनके खिलाफ सबूत लेकर कोर्ट में जा सकूं। मैंने प्रयागराज स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में वाद दायर किया है, शंकराचार्य की गोयात्रा रोकने की मांग की है। 3 सवाल, जो आशुतोष महाराज के केस को उलझा रहे आशुतोष महाराज ने जिन लोगों पर FIR कराई, भास्कर ने उनके केस समझे… केस 1. आरोपी आशुतोष पाराशर अविमुक्तेश्वरानंद पर दर्ज केस वापस लेने के लिए धमकाया
आशुतोष महाराज पर पहले भी कई बार हमले हुए हैं। वह अलग-अलग समय पर पुलिस में शिकायत दर्ज करवा चुके हैं। अविमुक्तेश्वरानंद पर पॉक्सो का मामला दर्ज होने के बाद वह अपने घर जा रहे थे। आशुतोष के मुताबिक, रास्ते में सूरज पाराशर अपने 5-6 साथियों के साथ मिले, केस वापस लेने का दबाव बनाया। मेरे साथ मौजूद नाबालिग बच्चों को उठाकर ले जाने और मुझे जान से मारने की कोशिश की। आशुतोष ने कांधला थाने में सूरज और उनके साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया है। सूरज कहते हैं- सबूत नहीं, सिर्फ आरोप हैं
इसपर सूरज पाराशर ने फोन पर कहा- पुलिस हमारे खिलाफ जांच कर रही है, मगर उन्हें अभी तक कोई सबूत नहीं मिले। हमारे खिलाफ लगाए गए आरोप झूठे हैं, हमें ज्यादा कुछ नहीं कहना है। केस 2. आरोपी तनवीर अहमद पहले केस करवाया फिर कहा तनवीर तुम तो दोस्त हो
8 अगस्त, 2025 को आशुतोष ने कांधला के ही तनवीर अहमद, मोहित शर्मा, अफजाल अहमद के खिलाफ केस दर्ज करवाया था। आरोप लगाया कि इन लोगों ने पेट्रोल बम डालकर मेरी गाड़ी में आग लगा दी। गाड़ी में 7 लाख रुपए थे। ये लोग मेरी हत्या करवा सकते हैं। मुझे पाकिस्तान के आतंकवादियों से बम से उड़ाने की धमकी मिल रही है। मुझे सुरक्षा दी जाए। उन्होंने कहा- मैंने एसपी को लिखा था लेकिन मुझे सुरक्षा नहीं दी। तनवीर कहते हैं- आशुतोष महाराज ने जो आरोप मुझ पर लगाए थे, उसे तो SSP साहब ने रिजेक्ट कर दिया था, क्योंकि कोई सबूत ही नहीं था। फिर इन्होंने मुझसे माफी मांगी। कहा कि मैं मुसलमानों के खिलाफ मुकदमा नहीं करूंगा, तुम तो मेरे भाई हो। लेकिन इसके कुछ दिन बाद ही इन्होंने अपनी भाभी प्रतिभा के जरिए मेरे ऊपर दूसरा केस कर दिया। उसमें धमकी देने का आरोप लगाया। जबकि मैं इनकी भाभी को जानता ही नहीं हूं, इसलिए मैंने जमानत भी नहीं करवाई। मैं तो हाईकोर्ट में जाकर इस केस को ही रद्द करवाऊंगा। केस 3. आरोपी मोहित मेरे साथ 11 लोगों पर केस, 10 जांच में बाहर हुए
आशुतोष महाराज ने मोहित के खिलाफ जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज करवाया था। इसके अतिरिक्त मोहित के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत FIR करवाई। असल में आशुतोष के भाई विनीत शर्मा की पत्नी प्रतिभा उर्फ सिमरन दलित बिरादरी से हैं। वह अब तक 20 से ज्यादा लोगों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट और रेप की कोशिश का मुकदमा लिखवा चुकी हैं। मोहित ने कहा- मैंने कोर्ट से स्टे लिया
मोहित कहते हैं- मेरे साथ 11 और लोगों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा लिखा गया। सहारनपुर सीओ ने जांच की। 10 लोगों को केस से बाहर कर दिया। मुझे और मेरे भाई को छोड़ दिया। जब घटना होना बताया गया था तब मेरा भाई दिल्ली में था। मैंने कोर्ट जाकर स्टे ले लिया। जिस जगह को घटना के रूप में दिखाया है, वहां कोई घटना ही नहीं हुई थी। मैंने वहां के 30 लोगों से एफिडेविट लिए, सभी ने हमारे पक्ष में बयान दिए। हमने कहा कि फिर आपके ऊपर आशुतोष महाराज ने केस क्यों करवाया? मोहित कहते हैं- मैं पेशे से पत्रकार हूं। मथुरा पुलिस यहीं थाने में आई थी, उन्हें आशुतोष के घर के सामने नोटिस चस्पा करना था, उन्हें कोई ऐसा व्यक्ति चाहिए था, जो इसकी तस्वीर खींचकर न्यूज चला दे। मैं ही चला गया। मेरी आशुतोष से न कोई दोस्ती थी, न दुश्मनी। मैंने खबर छाप दी। उस दिन से ये मेरे पीछे पड़ गया। एक मुकदमा तो इन्होंने पाकिस्तान से कनेक्शन और गाड़ी जला देने का लिखाया था, लेकिन उसमें कोई सबूत नहीं मिले। पुलिस ने एफआर (केस क्लोज) लगा दी थी। केस 4. आरोपी तरुण अग्रवाल फोन पर धमकी, हत्या की आशंका
27 अक्टूबर 2021 को मुकेश वर्मा और उत्सव वर्मा के खिलाफ आशुतोष की भाभी की तरफ से एससी-एसटी के तहत केस दर्ज हुआ। 2 सितंबर, 2021 को रामकुमार और श्याम कुमार के खिलाफ दर्ज हुआ। 5 अगस्त, 2021 को मुकेश शर्मा पर रेप की धमकी और एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ। 10 सितंबर, 2019 को आशुतोष ने अपनी हत्या की आशंका जताते हुए राजन के खिलाफ केस दर्ज करवाया। 23 अक्टूबर 2018 को एक अन्य व्यक्ति पर हत्या की धमकी का मुकदमा लिखवाया। कांधला के तरुण अग्रवाल कहते हैं- आशुतोष ने 100 से ज्यादा लोगों पर ऐसे ही मुकदमें दर्ज करवाए हैं। पुलिस को ज्यादातर मामलों में सबूत नहीं मिलते। बाद में वह केस क्लोज कर देती है। आशुतोष महाराज के खिलाफ खुद ही 27 मुकदमें दर्ज हैं। इसने फर्जी ट्रस्ट बनाए है, जमीन कब्जाने की कोशिश की। गो-तस्करी जैसे अपराध का मुकदमा दर्ज है। अभी जो हमला बता रहा है, वह भी बनावटी लग रहा है। सवाल : क्या ये सब सरकारी सुरक्षा के लिए हो रहा
कांधला में अलग-अलग लोगों से बात करके साफ हुआ कि आशुतोष महाराज सरकारी सुरक्षा के लिए कई बार प्रयास कर चुके हैं। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर केस हुआ, फिर कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। आशुतोष मीडिया के सामने रोते हुए कोर्ट से बाहर निकले। वह कहते हैं- मेरी जान को खतरा है, मेरी हत्या हो सकती है। पुलिस प्रशासन से सुरक्षा मांगी थी, लेकिन वह नहीं मिल रही। आशुतोष ने यह भी ऐलान किया था कि वह अब बटुकों से जुड़ा केस छोड़ रहे हैं। हमारे पास बड़े वकील नहीं है, न ही इतना पैसा कि इनसे लड़ सके। सुरक्षा को लेकर कांधला के पत्रकार मोहित शर्मा बताते हैं- आशुतोष महाराज ने कई बार सुरक्षा के लिए एसपी को लेटर लिखे। एलआईयू ने यहां के पत्रकारों से संपर्क किया। हम लोगों ने बताया कि इसने बहुत सारे लोगों पर फर्जी मुकदमा करवा रखा है। पुलिस ने ज्यादातर केस क्लोज भी कर दिए हैं, हमसे एलआईयू के लोगों ने मांगा, हमने कई ऐसे मामले दिए, इसके बाद इसे सुरक्षा नहीं मिली। अभी जो हमला करवे रहे हैं, उसके पीछे भी सुरक्षा की पुरानी कहानी लग रही है। चलती ट्रेन में आशुतोष महाराज पर हमले के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा- उनके ऊपर ट्रेन में हमला हुआ। केंद्र सरकार को जांच करनी चाहिए। यूपी की सरकार उन्हें सुरक्षा दे दे। जो वह प्रमाण कोर्ट में जमा करने जा रहे थे, उसे जमा कर सकें। हम बिल्कुल नहीं चाहते कि हमारे विरुद्ध कोई प्रमाण है तो उसे रोका जाए। …………… ये खबर भी पढ़िए शंकराचार्य पर FIR कराने वाले आशुतोष महाराज पर हमला:चलती ट्रेन में चाकू मारे, नाक काटने की कोशिश; बोले- खून का बदला लेंगे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर बटुकों से यौन उत्पीड़न की FIR कराने वाले आशुतोष महाराज पर रविवार को चलती ट्रेन में जानलेवा हमला हुआ। आशुतोष महाराज ने बताया- मैं रीवा एक्सप्रेस ट्रेन से गाजियाबाद से प्रयागराज जा रहा था। फर्स्ट AC कोच में बैठा था। रास्ते में सिराथू रेलवे स्टेशन के पास सुबह करीब 5 बजे टॉयलेट के लिए उठा। बाहर गेट पर एक आदमी खड़ा था। आगे बढ़ा तो उसने पीछे से हमला कर दिया। धारदार हथियार से उसने मेरी नाक काटने की कोशिश की। चेहरे और हाथ पर कई वार किए। गंभीर चोटें आईं। काफी खून बहा। पढ़ें पूरी खबर
आशुतोष ब्रह्मचारी का असली नाम आशुतोष पांडेय है। आशुतोष शामली जिला मुख्यालय से करीब 20 Km दूर कांधला कस्बे के रहने वाले हैं। आशुतोष खुद को श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट का अध्यक्ष बताते हैं। इन दिनों आशुतोष की चर्चा इसलिए हो रही, क्योंकि उन्होंने दो बटुकों को कोर्ट में पेश किया, उन बटुकों के बयान के आधार पर शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद के खिलाफ पॉक्सो एक्ट में मुकदमा लिखा गया है। फर्स्ट AC के बाहर हमला, आरोप- अविमुक्तेश्वरानंद के कहने पर हुआ
7 मार्च की रात 10.30 बजे आशुतोष पांडेय गाजियाबाद रेलवे स्टेशन से रीवा एक्सप्रेस ट्रेन के एसी-फर्स्ट क्लास की बोगी में बैठे। सुबह ट्रेन को प्रयागराज पहुंचना था। आशुतोष कहते हैं- सुबह ट्रेन कौशांबी जिले के सिराथू स्टेशन पर पहुंची। मैं टॉयलेट जा रहा था, बाहर गेट पर एक आदमी खड़ा था, मैं आगे बढ़ा तो उसने पीछे से हमला कर दिया। धारदार हथियार से मेरी नाक काटने की कोशिश की। चेहरे के अलावा हाथ पर वार किया। आशुतोष ने आगे कहा- जिसने मुझ पर हमला किया वह व्यक्ति अविमुक्तेश्वरानंद के कहने पर आया था। वह कह रहा था कि मैंने कसम खाई है कि तुम्हारी नाक काटकर गुरुजी के चरणों में चढ़ाऊंगा। उसको मेरी नाक काटने पर 21 लाख रुपए मिलने थे। हमलावर अविमुक्तेश्वरानंद को अपना गुरु कह रहा था। ये लोग नहीं चाहते कि मैं इनके खिलाफ सबूत लेकर कोर्ट में जा सकूं। मैंने प्रयागराज स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में वाद दायर किया है, शंकराचार्य की गोयात्रा रोकने की मांग की है। 3 सवाल, जो आशुतोष महाराज के केस को उलझा रहे आशुतोष महाराज ने जिन लोगों पर FIR कराई, भास्कर ने उनके केस समझे… केस 1. आरोपी आशुतोष पाराशर अविमुक्तेश्वरानंद पर दर्ज केस वापस लेने के लिए धमकाया
आशुतोष महाराज पर पहले भी कई बार हमले हुए हैं। वह अलग-अलग समय पर पुलिस में शिकायत दर्ज करवा चुके हैं। अविमुक्तेश्वरानंद पर पॉक्सो का मामला दर्ज होने के बाद वह अपने घर जा रहे थे। आशुतोष के मुताबिक, रास्ते में सूरज पाराशर अपने 5-6 साथियों के साथ मिले, केस वापस लेने का दबाव बनाया। मेरे साथ मौजूद नाबालिग बच्चों को उठाकर ले जाने और मुझे जान से मारने की कोशिश की। आशुतोष ने कांधला थाने में सूरज और उनके साथियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया है। सूरज कहते हैं- सबूत नहीं, सिर्फ आरोप हैं
इसपर सूरज पाराशर ने फोन पर कहा- पुलिस हमारे खिलाफ जांच कर रही है, मगर उन्हें अभी तक कोई सबूत नहीं मिले। हमारे खिलाफ लगाए गए आरोप झूठे हैं, हमें ज्यादा कुछ नहीं कहना है। केस 2. आरोपी तनवीर अहमद पहले केस करवाया फिर कहा तनवीर तुम तो दोस्त हो
8 अगस्त, 2025 को आशुतोष ने कांधला के ही तनवीर अहमद, मोहित शर्मा, अफजाल अहमद के खिलाफ केस दर्ज करवाया था। आरोप लगाया कि इन लोगों ने पेट्रोल बम डालकर मेरी गाड़ी में आग लगा दी। गाड़ी में 7 लाख रुपए थे। ये लोग मेरी हत्या करवा सकते हैं। मुझे पाकिस्तान के आतंकवादियों से बम से उड़ाने की धमकी मिल रही है। मुझे सुरक्षा दी जाए। उन्होंने कहा- मैंने एसपी को लिखा था लेकिन मुझे सुरक्षा नहीं दी। तनवीर कहते हैं- आशुतोष महाराज ने जो आरोप मुझ पर लगाए थे, उसे तो SSP साहब ने रिजेक्ट कर दिया था, क्योंकि कोई सबूत ही नहीं था। फिर इन्होंने मुझसे माफी मांगी। कहा कि मैं मुसलमानों के खिलाफ मुकदमा नहीं करूंगा, तुम तो मेरे भाई हो। लेकिन इसके कुछ दिन बाद ही इन्होंने अपनी भाभी प्रतिभा के जरिए मेरे ऊपर दूसरा केस कर दिया। उसमें धमकी देने का आरोप लगाया। जबकि मैं इनकी भाभी को जानता ही नहीं हूं, इसलिए मैंने जमानत भी नहीं करवाई। मैं तो हाईकोर्ट में जाकर इस केस को ही रद्द करवाऊंगा। केस 3. आरोपी मोहित मेरे साथ 11 लोगों पर केस, 10 जांच में बाहर हुए
आशुतोष महाराज ने मोहित के खिलाफ जान से मारने की धमकी देने का मामला दर्ज करवाया था। इसके अतिरिक्त मोहित के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत FIR करवाई। असल में आशुतोष के भाई विनीत शर्मा की पत्नी प्रतिभा उर्फ सिमरन दलित बिरादरी से हैं। वह अब तक 20 से ज्यादा लोगों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट और रेप की कोशिश का मुकदमा लिखवा चुकी हैं। मोहित ने कहा- मैंने कोर्ट से स्टे लिया
मोहित कहते हैं- मेरे साथ 11 और लोगों के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा लिखा गया। सहारनपुर सीओ ने जांच की। 10 लोगों को केस से बाहर कर दिया। मुझे और मेरे भाई को छोड़ दिया। जब घटना होना बताया गया था तब मेरा भाई दिल्ली में था। मैंने कोर्ट जाकर स्टे ले लिया। जिस जगह को घटना के रूप में दिखाया है, वहां कोई घटना ही नहीं हुई थी। मैंने वहां के 30 लोगों से एफिडेविट लिए, सभी ने हमारे पक्ष में बयान दिए। हमने कहा कि फिर आपके ऊपर आशुतोष महाराज ने केस क्यों करवाया? मोहित कहते हैं- मैं पेशे से पत्रकार हूं। मथुरा पुलिस यहीं थाने में आई थी, उन्हें आशुतोष के घर के सामने नोटिस चस्पा करना था, उन्हें कोई ऐसा व्यक्ति चाहिए था, जो इसकी तस्वीर खींचकर न्यूज चला दे। मैं ही चला गया। मेरी आशुतोष से न कोई दोस्ती थी, न दुश्मनी। मैंने खबर छाप दी। उस दिन से ये मेरे पीछे पड़ गया। एक मुकदमा तो इन्होंने पाकिस्तान से कनेक्शन और गाड़ी जला देने का लिखाया था, लेकिन उसमें कोई सबूत नहीं मिले। पुलिस ने एफआर (केस क्लोज) लगा दी थी। केस 4. आरोपी तरुण अग्रवाल फोन पर धमकी, हत्या की आशंका
27 अक्टूबर 2021 को मुकेश वर्मा और उत्सव वर्मा के खिलाफ आशुतोष की भाभी की तरफ से एससी-एसटी के तहत केस दर्ज हुआ। 2 सितंबर, 2021 को रामकुमार और श्याम कुमार के खिलाफ दर्ज हुआ। 5 अगस्त, 2021 को मुकेश शर्मा पर रेप की धमकी और एससी-एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ। 10 सितंबर, 2019 को आशुतोष ने अपनी हत्या की आशंका जताते हुए राजन के खिलाफ केस दर्ज करवाया। 23 अक्टूबर 2018 को एक अन्य व्यक्ति पर हत्या की धमकी का मुकदमा लिखवाया। कांधला के तरुण अग्रवाल कहते हैं- आशुतोष ने 100 से ज्यादा लोगों पर ऐसे ही मुकदमें दर्ज करवाए हैं। पुलिस को ज्यादातर मामलों में सबूत नहीं मिलते। बाद में वह केस क्लोज कर देती है। आशुतोष महाराज के खिलाफ खुद ही 27 मुकदमें दर्ज हैं। इसने फर्जी ट्रस्ट बनाए है, जमीन कब्जाने की कोशिश की। गो-तस्करी जैसे अपराध का मुकदमा दर्ज है। अभी जो हमला बता रहा है, वह भी बनावटी लग रहा है। सवाल : क्या ये सब सरकारी सुरक्षा के लिए हो रहा
कांधला में अलग-अलग लोगों से बात करके साफ हुआ कि आशुतोष महाराज सरकारी सुरक्षा के लिए कई बार प्रयास कर चुके हैं। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर केस हुआ, फिर कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। आशुतोष मीडिया के सामने रोते हुए कोर्ट से बाहर निकले। वह कहते हैं- मेरी जान को खतरा है, मेरी हत्या हो सकती है। पुलिस प्रशासन से सुरक्षा मांगी थी, लेकिन वह नहीं मिल रही। आशुतोष ने यह भी ऐलान किया था कि वह अब बटुकों से जुड़ा केस छोड़ रहे हैं। हमारे पास बड़े वकील नहीं है, न ही इतना पैसा कि इनसे लड़ सके। सुरक्षा को लेकर कांधला के पत्रकार मोहित शर्मा बताते हैं- आशुतोष महाराज ने कई बार सुरक्षा के लिए एसपी को लेटर लिखे। एलआईयू ने यहां के पत्रकारों से संपर्क किया। हम लोगों ने बताया कि इसने बहुत सारे लोगों पर फर्जी मुकदमा करवा रखा है। पुलिस ने ज्यादातर केस क्लोज भी कर दिए हैं, हमसे एलआईयू के लोगों ने मांगा, हमने कई ऐसे मामले दिए, इसके बाद इसे सुरक्षा नहीं मिली। अभी जो हमला करवे रहे हैं, उसके पीछे भी सुरक्षा की पुरानी कहानी लग रही है। चलती ट्रेन में आशुतोष महाराज पर हमले के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा- उनके ऊपर ट्रेन में हमला हुआ। केंद्र सरकार को जांच करनी चाहिए। यूपी की सरकार उन्हें सुरक्षा दे दे। जो वह प्रमाण कोर्ट में जमा करने जा रहे थे, उसे जमा कर सकें। हम बिल्कुल नहीं चाहते कि हमारे विरुद्ध कोई प्रमाण है तो उसे रोका जाए। …………… ये खबर भी पढ़िए शंकराचार्य पर FIR कराने वाले आशुतोष महाराज पर हमला:चलती ट्रेन में चाकू मारे, नाक काटने की कोशिश; बोले- खून का बदला लेंगे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर बटुकों से यौन उत्पीड़न की FIR कराने वाले आशुतोष महाराज पर रविवार को चलती ट्रेन में जानलेवा हमला हुआ। आशुतोष महाराज ने बताया- मैं रीवा एक्सप्रेस ट्रेन से गाजियाबाद से प्रयागराज जा रहा था। फर्स्ट AC कोच में बैठा था। रास्ते में सिराथू रेलवे स्टेशन के पास सुबह करीब 5 बजे टॉयलेट के लिए उठा। बाहर गेट पर एक आदमी खड़ा था। आगे बढ़ा तो उसने पीछे से हमला कर दिया। धारदार हथियार से उसने मेरी नाक काटने की कोशिश की। चेहरे और हाथ पर कई वार किए। गंभीर चोटें आईं। काफी खून बहा। पढ़ें पूरी खबर