दिल्ली-लखनऊ एक्सप्रेस-वे पर गाजियाबाद में मसूरी थाने से 5 किमी की दूरी पर नहर के किनारे नाहल गांव है। यह गाजियाबाद का ही नहीं, आसपास के जिलों का सबसे संवेदनशील गांव है। यहां की मुस्लिम आबादी करीब 34 हजार है। गांव इन दिनों चर्चा में है। वजह- नाहल गांव का देश विरोधी कनेक्शन सामने आया है। 12 मार्च को यहां से पुलिस, एटीएस और आईबी की टीम ने जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े 6 लोगों को दबोचा था। मुख्य आरोपी सावेज उर्फ जिहादी है। वह वॉट्सऐप ग्रुप के जरिए जैश से जुड़ी चीजें वायरल कर रहा था। पुलिस की कार्रवाई के बाद से गांव के करीब 50 युवक फरार हैं। दैनिक भास्कर की टीम नाहल गांव पहुंची। इस गांव में संकरी गलियां हैं। करीब 1500 मीटर पैदल चलने के बाद मुख्य आरोपी सावेज का घर एक छोटी-सी गली में है। आस-पड़ोस के लोगों ने कहा- मीडिया से आए हो? यहां तो रात में पुलिस भी दबिश नहीं देती… कोई वीडियो-फोटो मत बनाना। सावेज के परिवार के कई लोग बाहर रहते हैं
सावेज के रिश्ते के एक चाचा अमेरिका में रहते हैं। एक चाचा एयरफोर्स में तैनात हैं। हालांकि, वह अब गांव नहीं आते। सावेज की मां और परिवार के अन्य सभी लोग पुलिस की दबिश से घर छोड़कर भाग गए हैं। इस पूरे मामले में कुल 6 लोग जेल गए हैं। इनमें सावेज, जुनैद, फरदीन, इकराम और फजरु के घर 400 मीटर के दायरे में हैं। छठा आरोपी जावेद इन दिनों मसूरी कस्बे में रह रहा। सावेज के घर के पास में ही वकील इकराम का मकान है। पड़ोसियों ने बताया कि इकराम के दूसरे भाई शहर गए हैं। मां खेत में चारा लेने गई हैं। सावेज के साथ कई युवक आते-जाते थे हमने नाहल में कई लोगों से बात करने की कोशिश की, लेकिन ऑन कैमरा वो बात करने को तैयार नहीं थे। एक दुकानदार ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सावेज कई बार यहां से निकलता था। उसके बाद मस्जिद और मदरसे भी जाता था। ज्यादातर समय उसके साथ कई युवक रहते थे। लेकिन, किससे क्या बात होती थी, यह नहीं पता। जब पुलिस ने इन लोगों को उठाया तो कई घरों में पुलिस से डर से ताले लटक गए। फोटो और वीडियो न्यूज में देखे तब पता चला कि यह तो आतंकियों के संगठन को लाइक करते थे। लेकिन इसमें क्या सच्चाई है, इस बारे में मैं कुछ नहीं बता सकता। दुकानदार ने कहा पिछले साल गांव में दबिश के दौरान नोएडा के सिपाही की हत्या कर दी गई थी। उसके बाद भी पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की थी। पुलिस का डर है। हर आदमी चाहता है कि हमारे बेटे का नाम न आ आए, इसलिए कोई भी कुछ नहीं बोल सकता। ‘वकील ऐसा नहीं कर सकता’
पड़ोस के लोगों ने बताया कि जेल गया इकराम पेशे से वकील है। उसके भाई भी पढ़े-लिखे हैं। वहीं जुनैद भी लॉ की पढ़ाई कर रहा है। लेकिन, लगता है इन्हें तो सावेज उर्फ जिहादी से दोस्ती में ही पुलिस ने पकड़ लिया। जबकि, सावेज के अलावा किसी का मोबाइल फोन बरामद नहीं हुआ है। अब पता नहीं क्या मैसेज देश विरोधी है? किन संगठनों के बारे में है? यह गांव तो पहले से ही बदनाम रहा है। हर 6 महीने में कोई नया कांड यहां जुड़ जाता है। अब पूरा मामला जानिए… आतंकी संगठन जैश से कनेक्शन, 6 गिरफ्तार किए जा चुके
गाजियाबाद में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद संगठन से जुड़े 6 लोगों को 12 मार्च को अरेस्ट किया गया था। ये सभी जैश को लाइक और फॉलो करते हैं। पुलिस ने इन पर गैर कानूनी गतिविधि अधिनियम (UAPA) के तहत केस दर्ज किया है। सावेज उर्फ जिहादी इस ग्रुप का लीडर है, जिसने एक वॉट्सऐप ग्रुप बनाया था। इसमें गांव के कई लड़कों को जोड़ रखा था। वह ग्रुप में प्रतिबंधित संगठन जैश-ए-मोहम्मद की ट्रेनिंग के वीडियो और लिंक शेयर करता था। युवाओं को देश के खिलाफ भड़काता था। यति नरसिंहानंद की हत्या की थी प्लानिंग
पुलिस जांच और आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि दो हिंदूवादी इनके निशाने पर थे। ये हिंदूवादी महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी, डासना मंदिर के प्रमुख और श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर को मारने की प्लानिंग कर रहे थे। यति नरसिंहानंद गिरी इसलिए क्योंकि वह मुसलमानों के खिलाफ लगातार भड़काऊ बयान देते हैं। 2 साल पहले जब मुस्लिम समुदाय की हजारों की भीड़ ने डासना मंदिर घेरा तो यति नरसिंहानंद गिरी को 15 दिन तक पुलिस ने सुरक्षित स्थान पर रखा। जैश-ए-मोहम्मद में शामिल होना चाहता था सावेज
सावेज उर्फ जिहादी ने अपना नाम भी जिहादी रख लिया था। पुलिस का कहना है कि सावेज ने पूछताछ में यह भी बताया था कि उसे आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद में शामिल होना है। कट्टपंथी वीडियो देखकर लगातार सावेज देश विरोधी गतिविधियों की ओर बढ़ रहा था। आतंकी मसूद अजहर और इस्लामिक फोटो भी मोबाइल से मिली हैं। यह आपस में यह भी चैट करते थे ‘हमनें बाबरी भी खो दी, हम कुछ नहीं कर सके और मंदिर भी बनकर तैयार हो गया।’ ———————- ये खबर भी पढ़ें… UP दरोगा भर्ती परीक्षा-अवसरवादी का ऑप्शन ‘पंडित’ देने पर विवाद, सीएम योगी ने कहा- जातीय कमेंट बर्दाश्त नहीं उत्तर प्रदेश में दरोगा भर्ती परीक्षा में अवसरवादी के विकल्प में ‘पंडित’ ऑप्शन दिए जाने पर विवाद हो गया है। सीएम योगी ने सभी भर्ती बोर्ड को निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा- जाति, धर्म को लेकर अमर्यादित टिप्पणी न की जाए। यह कतई बर्दाश्त नहीं है। बार-बार ऐसी गलती करने वालों को प्रतिबंधित किया जाए। वहीं, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि इस पर कार्रवाई होगी। पढ़ें पूरी खबर
सावेज के रिश्ते के एक चाचा अमेरिका में रहते हैं। एक चाचा एयरफोर्स में तैनात हैं। हालांकि, वह अब गांव नहीं आते। सावेज की मां और परिवार के अन्य सभी लोग पुलिस की दबिश से घर छोड़कर भाग गए हैं। इस पूरे मामले में कुल 6 लोग जेल गए हैं। इनमें सावेज, जुनैद, फरदीन, इकराम और फजरु के घर 400 मीटर के दायरे में हैं। छठा आरोपी जावेद इन दिनों मसूरी कस्बे में रह रहा। सावेज के घर के पास में ही वकील इकराम का मकान है। पड़ोसियों ने बताया कि इकराम के दूसरे भाई शहर गए हैं। मां खेत में चारा लेने गई हैं। सावेज के साथ कई युवक आते-जाते थे हमने नाहल में कई लोगों से बात करने की कोशिश की, लेकिन ऑन कैमरा वो बात करने को तैयार नहीं थे। एक दुकानदार ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि सावेज कई बार यहां से निकलता था। उसके बाद मस्जिद और मदरसे भी जाता था। ज्यादातर समय उसके साथ कई युवक रहते थे। लेकिन, किससे क्या बात होती थी, यह नहीं पता। जब पुलिस ने इन लोगों को उठाया तो कई घरों में पुलिस से डर से ताले लटक गए। फोटो और वीडियो न्यूज में देखे तब पता चला कि यह तो आतंकियों के संगठन को लाइक करते थे। लेकिन इसमें क्या सच्चाई है, इस बारे में मैं कुछ नहीं बता सकता। दुकानदार ने कहा पिछले साल गांव में दबिश के दौरान नोएडा के सिपाही की हत्या कर दी गई थी। उसके बाद भी पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की थी। पुलिस का डर है। हर आदमी चाहता है कि हमारे बेटे का नाम न आ आए, इसलिए कोई भी कुछ नहीं बोल सकता। ‘वकील ऐसा नहीं कर सकता’
पड़ोस के लोगों ने बताया कि जेल गया इकराम पेशे से वकील है। उसके भाई भी पढ़े-लिखे हैं। वहीं जुनैद भी लॉ की पढ़ाई कर रहा है। लेकिन, लगता है इन्हें तो सावेज उर्फ जिहादी से दोस्ती में ही पुलिस ने पकड़ लिया। जबकि, सावेज के अलावा किसी का मोबाइल फोन बरामद नहीं हुआ है। अब पता नहीं क्या मैसेज देश विरोधी है? किन संगठनों के बारे में है? यह गांव तो पहले से ही बदनाम रहा है। हर 6 महीने में कोई नया कांड यहां जुड़ जाता है। अब पूरा मामला जानिए… आतंकी संगठन जैश से कनेक्शन, 6 गिरफ्तार किए जा चुके
गाजियाबाद में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद संगठन से जुड़े 6 लोगों को 12 मार्च को अरेस्ट किया गया था। ये सभी जैश को लाइक और फॉलो करते हैं। पुलिस ने इन पर गैर कानूनी गतिविधि अधिनियम (UAPA) के तहत केस दर्ज किया है। सावेज उर्फ जिहादी इस ग्रुप का लीडर है, जिसने एक वॉट्सऐप ग्रुप बनाया था। इसमें गांव के कई लड़कों को जोड़ रखा था। वह ग्रुप में प्रतिबंधित संगठन जैश-ए-मोहम्मद की ट्रेनिंग के वीडियो और लिंक शेयर करता था। युवाओं को देश के खिलाफ भड़काता था। यति नरसिंहानंद की हत्या की थी प्लानिंग
पुलिस जांच और आरोपियों से पूछताछ में पता चला है कि दो हिंदूवादी इनके निशाने पर थे। ये हिंदूवादी महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी, डासना मंदिर के प्रमुख और श्रीपंचदशनाम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर को मारने की प्लानिंग कर रहे थे। यति नरसिंहानंद गिरी इसलिए क्योंकि वह मुसलमानों के खिलाफ लगातार भड़काऊ बयान देते हैं। 2 साल पहले जब मुस्लिम समुदाय की हजारों की भीड़ ने डासना मंदिर घेरा तो यति नरसिंहानंद गिरी को 15 दिन तक पुलिस ने सुरक्षित स्थान पर रखा। जैश-ए-मोहम्मद में शामिल होना चाहता था सावेज
सावेज उर्फ जिहादी ने अपना नाम भी जिहादी रख लिया था। पुलिस का कहना है कि सावेज ने पूछताछ में यह भी बताया था कि उसे आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद में शामिल होना है। कट्टपंथी वीडियो देखकर लगातार सावेज देश विरोधी गतिविधियों की ओर बढ़ रहा था। आतंकी मसूद अजहर और इस्लामिक फोटो भी मोबाइल से मिली हैं। यह आपस में यह भी चैट करते थे ‘हमनें बाबरी भी खो दी, हम कुछ नहीं कर सके और मंदिर भी बनकर तैयार हो गया।’ ———————- ये खबर भी पढ़ें… UP दरोगा भर्ती परीक्षा-अवसरवादी का ऑप्शन ‘पंडित’ देने पर विवाद, सीएम योगी ने कहा- जातीय कमेंट बर्दाश्त नहीं उत्तर प्रदेश में दरोगा भर्ती परीक्षा में अवसरवादी के विकल्प में ‘पंडित’ ऑप्शन दिए जाने पर विवाद हो गया है। सीएम योगी ने सभी भर्ती बोर्ड को निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा- जाति, धर्म को लेकर अमर्यादित टिप्पणी न की जाए। यह कतई बर्दाश्त नहीं है। बार-बार ऐसी गलती करने वालों को प्रतिबंधित किया जाए। वहीं, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि इस पर कार्रवाई होगी। पढ़ें पूरी खबर