अलीगढ़ में एक अस्पताल में 16 मार्च को सिपाही ने बहन के प्रेमी की हत्या कर दी थी। पुलिस और गांववालों ने इसको लेकर कई ऐसी बातें बताईं, जो चौंकाने वाली हैं। दरअसल, यह हत्याकांड एक लव स्टोरी की वजह से हुआ। मारा गया युवक सिपाही की बहन से मोहब्बत करता था। बहन भी उसे दिल से चाहती थी। लेकिन, इस बीच बहुत कुछ ऐसा हुआ, जो हत्या की वजह बना। दैनिक भास्कर की खास खबर में पढ़िए प्यार से शुरू हुई कहानी का अंत मौत तक कैसे पहुंचा… मथुरा की प्राइवेट कंपनी में शुरू हुई थी लव स्टोरी वेदपाल (32) अहरौला का रहने वाला था। उसने एएमयू से बीए-एलएलबी किया था। करीब 6 साल पहले वेदपाल मथुरा की एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता था। वहीं पर उसकी मुलाकात मथुरा के गोविंदनगर में रहने वाली एक लड़की से हुई। लड़की भी उसी कंपनी में काम करती थी। साथ काम करते-करते दोनों की दोस्ती हुई। एक साल के भीतर धीरे-धीरे यह दोस्ती प्यार में बदल गई। इसके बाद अगले 5 साल तक दोनों एक-दूसरे के साथ जीने-मरने की कसमें खाते रहे। वेदपाल के पिता धर्मवीर पेशे से किसान हैं। जबकि युवती का परिवार रसूखदार और पुलिस महकमे से जुड़ा है। हैसियत आड़े आई तो नहीं हो पाई शादी जब लड़की के घरवालों को दोनों के रिश्ते की भनक लगी, तो उन्होंने वेदपाल की कुंडली खंगाली। क्योंकि, लड़की का परिवार आर्थिक रूप से मजबूत है और वेदपाल एक साधारण किसान परिवार से था। इसलिए पैसे और रसूख को लेकर दोनों के बीच जमीन-आसमान का अंतर था। इसके चलते लड़की के घरवालों ने रिश्ता करने पर ऐतराज जताया। रिश्ता लेकर गया वेदपाल, लड़की पीछे हटी लड़की के घरवालों के मना करने के बाद भी वेदपाल ने हार नहीं मानी। वह खुद उसके घर रिश्ते की बात करने गया। उसके घरवालों से कहा कि हम दोनों एक ही जाति के हैं। मैं आपकी बेटी को हमेशा खुश रखूंगा। उसकी बातों में आकर लड़की भी शुरुआत में शादी के लिए अड़ी रही। लेकिन, वेदपाल के जाने के बाद जब उसके पुलिसकर्मी पिता-भाइयों ने डांटा और समझाया, तो लड़की पीछे हट गई। उसने भी वेदपाल से बात करना बंद कर दिया। शादी टूटी, जेल गया और शुरू हुआ नफरत का दौर लड़की ने जब वेदपाल से बात करनी बंद कर दी, तो घरवालों ने उसकी शादी कहीं और तय कर दी। इससे बौखलाए वेदपाल ने शादी तोड़ने की कोशिश शुरू कर दी। 2 फरवरी, 2026 को वेदपाल लड़की की दिखाई में पहुंच गया। वहां उसने हंगामा शुरू कर दिया। इससे उसकी शादी टूट गई। इस पर लड़की के घरवालों ने वेदपाल की जमकर पिटाई की और उसे पुलिस के हवाले कर दिया। इसके बाद वेदपाल 14 दिन जेल में बंद रहा। इधर, इज्जत बचाने के लिए परिवार ने 3 फरवरी को ही आनन-फानन में बेटी की दूसरी जगह शादी कर दी। जेल से बाहर आते ही फिर परेशान करने लगा जेल से छूटने के बाद भी वेदपाल शांत नहीं बैठा। वह लड़की और उसके पति को फोन कर परेशान करने लगा। पति को लड़की की आपत्तिजनक फोटो भेजता रहा। इस पर लड़की ने 10 मार्च को वेदपाल के खिलाफ महिला हेल्पलाइन 1090 पर शिकायत भी दर्ज कराई। भाई ने अस्पताल के बेड पर मारी गोली
16 मार्च को वेदपाल अपने हाथ का ऑपरेशन कराने के लिए अलीगढ़ के क्वार्सी थाना क्षेत्र स्थित रेणुका हॉस्पिटल में भर्ती हुआ था। इधर, लड़की के घरवाले उसकी तलाश में थे। वेदपाल के बड़े भाई सोनपाल कहते हैं कि गांव के ही किसी व्यक्ति ने उसके अस्पताल में होने की सूचना दी थी। इसके बाद रात करीब 9:40 बजे पीएसी में तैनात लड़की का चचेरा भाई भूपेंद्र चौधरी, सगे भाईजितेंद्र के साथ अस्पताल के वार्ड में दाखिल हुआ। सभी वार्डों में ढूंढते हुए दोनों भाई वेदपाल के वार्ड में पहुंचे। यहां पर बेड पर लेटे वेदपाल के सिर पर सटकार पिस्टल से गोली चला दी। लहूलुहान वेदपाल को जेएन मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान 17 मार्च को उसकी मौत हो गई। जिस समय वेदपाल पर हमला हुआ था, उस वक्त सोनपाल, यूनिवर्सिटी में छात्र संघ चुनावों की मांग को लेकर मौन व्रत पर बैठे थे। सोनपाल ने आरोप लगाया कि उसके भाई का पहले अपहरण किया गया, फिर हाथ तोड़ा गया और अब उसे जान से मार दिया गया। 10 मार्च को मथुरा-अलीगढ़ प्रशासन को दी थी अनहोनी की सूचना
वेदपाल उर्फ वेगपाल के पिता धर्मवीर सिंह ने आरोप लगाया है कि उन्होंने 10 मार्च को डीएम अलीगढ़ और मथुरा को प्रार्थनापत्र देकर बेटे के साथ अनहोनी होने की आशंका जताई थी। इसमें 23 जनवरी 2026 से लेकर 10 मार्च तक की घटनाओं और धमकी की ऑडियो भी उपलब्ध कराई थी। घटना के संबंध में ऑन कैमरा कोई नहीं बोल रहा है। युवक के पिता बोलना चाह रहे थे, लेकिन बेटे ने रोक दिया था। ————————— ये खबर भी पढ़ें… सिपाही ने हॉस्पिटल में बहन के प्रेमी की हत्या की, अलीगढ़ में सिर में गोली मारी; शादी में पहुंचकर हंगामा किया था अलीगढ़ में सिपाही ने बहन के प्रेमी की अस्पताल में घुसकर हत्या कर दी। सिपाही ने सोमवार रात अपने साथी के साथ प्रेमी के सिर पर तमंचा सटाया और फायर कर दिया। पढ़ें पूरी खबर
16 मार्च को वेदपाल अपने हाथ का ऑपरेशन कराने के लिए अलीगढ़ के क्वार्सी थाना क्षेत्र स्थित रेणुका हॉस्पिटल में भर्ती हुआ था। इधर, लड़की के घरवाले उसकी तलाश में थे। वेदपाल के बड़े भाई सोनपाल कहते हैं कि गांव के ही किसी व्यक्ति ने उसके अस्पताल में होने की सूचना दी थी। इसके बाद रात करीब 9:40 बजे पीएसी में तैनात लड़की का चचेरा भाई भूपेंद्र चौधरी, सगे भाईजितेंद्र के साथ अस्पताल के वार्ड में दाखिल हुआ। सभी वार्डों में ढूंढते हुए दोनों भाई वेदपाल के वार्ड में पहुंचे। यहां पर बेड पर लेटे वेदपाल के सिर पर सटकार पिस्टल से गोली चला दी। लहूलुहान वेदपाल को जेएन मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान 17 मार्च को उसकी मौत हो गई। जिस समय वेदपाल पर हमला हुआ था, उस वक्त सोनपाल, यूनिवर्सिटी में छात्र संघ चुनावों की मांग को लेकर मौन व्रत पर बैठे थे। सोनपाल ने आरोप लगाया कि उसके भाई का पहले अपहरण किया गया, फिर हाथ तोड़ा गया और अब उसे जान से मार दिया गया। 10 मार्च को मथुरा-अलीगढ़ प्रशासन को दी थी अनहोनी की सूचना
वेदपाल उर्फ वेगपाल के पिता धर्मवीर सिंह ने आरोप लगाया है कि उन्होंने 10 मार्च को डीएम अलीगढ़ और मथुरा को प्रार्थनापत्र देकर बेटे के साथ अनहोनी होने की आशंका जताई थी। इसमें 23 जनवरी 2026 से लेकर 10 मार्च तक की घटनाओं और धमकी की ऑडियो भी उपलब्ध कराई थी। घटना के संबंध में ऑन कैमरा कोई नहीं बोल रहा है। युवक के पिता बोलना चाह रहे थे, लेकिन बेटे ने रोक दिया था। ————————— ये खबर भी पढ़ें… सिपाही ने हॉस्पिटल में बहन के प्रेमी की हत्या की, अलीगढ़ में सिर में गोली मारी; शादी में पहुंचकर हंगामा किया था अलीगढ़ में सिपाही ने बहन के प्रेमी की अस्पताल में घुसकर हत्या कर दी। सिपाही ने सोमवार रात अपने साथी के साथ प्रेमी के सिर पर तमंचा सटाया और फायर कर दिया। पढ़ें पूरी खबर