यूपी में कल से तेज बारिश का अलर्ट:50-60KM की रफ्तार से चलेगी हवा, बांदा फिर से 40°C के करीब पहुंचा

उत्तर प्रदेश में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार 19 मार्च से प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाएं, गरज-चमक और बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है। खासतौर पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में इसका ज्यादा असर देखने को मिलेगा। 50 किमी/घंटा की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग ने सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर और मेरठ सहित पश्चिमी यूपी के 18 जिलों में 19 मार्च के लिए तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चल सकती हैं। मौसम की तस्वीरें- 23 जिलों में वज्रपात और गरज-चमक की चेतावनी
इसके अलावा प्रदेश के 23 जिलों में गरज-चमक के साथ वज्रपात की भी चेतावनी जारी की गई है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि खराब मौसम के दौरान पेड़ों या खुले मैदानों में खड़े न रहें और सुरक्षित स्थानों पर शरण लें। बांदा रहा सबसे गर्म जिला
मंगलवार को तापमान के लिहाज से बांदा प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 39.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा वाराणसी में 37.6 डिग्री और प्रयागराज में 37.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। बांदा में ही न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रहा, जो प्रदेश की सबसे गर्म रात भी रही। 5 से 7 डिग्री तक गिर सकता है तापमान
मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, बुधवार को हल्की गर्मी बढ़ने के बाद 19 मार्च से मौसम में बदलाव शुरू होगा। पश्चिमी विक्षोभ के असर से प्रदेशभर में बारिश और तेज हवाओं का दौर चलेगा, जिससे अधिकतम तापमान में 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है। फिर से क्यों बदलेगा मौसम?
मौसम विभाग का कहना है कि 18 मार्च तक प्रदेश में कोई भी मौसमी सिस्टम एक्टिव नहीं रहेगा। इस वजह से मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा। इस वजह से तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की और बढ़ोतरी हो सकती है। 19 मार्च से एक नया सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ उत्तर भारत को प्रभावित करेगा। इसके असर से पश्चिमी यूपी के कई जिलों में बारिश होगी। जो धीरे-धीरे पूरे प्रदेश को अपनी जद में ले लेगी। 22 मार्च तक कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम वर्षा होने के आसार हैं। खड़ी फसलों पर होगा असर मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार इस बारिश का सीधा असर तापमान पर भी पड़ेगा। अधिकतम तापमान में लगभग 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक की तेजी से गिरावट दर्ज हो सकती है, जिससे तापमान सामान्य या सामान्य से नीचे पहुंच सकता है।कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि आगामी बारिश और आंधी-तूफान की संभावना को देखते हुए खेतों में खड़ी फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाएं। मार्च में ही क्यों बढ़ रही है गर्मी?
यूपी के बांदा में दो दिन पहले पारा 40 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था। स्काईमेट वेदर के उपाध्यक्ष महेश पलावत का कहना है कि पिछले कुछ साल में जलवायु परिवर्तन (क्लाइमेट चेंज) का असर मौसम पर साफ दिखाई दे रहा है। इसी कारण मौसम का पैटर्न तेजी से बदल रहा है। गर्मी पहले की तुलना में जल्दी शुरू हो रही है। इसलिए तापमान ज्यादा तेजी से बढ़ने लगा है। आमतौर पर मार्च के आखिरी हफ्ते तक पारा 40 डिग्री तक पहुंचता था, लेकिन अब मार्च के दूसरे हफ्ते में ही पारा 40 डिग्री तक पहुंच गया। कई बार लू (हीटवेव) का दौर भी पहले से ज्यादा दिनों तक चलता है। बीते कुछ सालों में देश के कई शहरों में गर्मी के पुराने रिकॉर्ड भी टूटे हैं। लंबे समय तक चल सकती है हीटवेव
IMD यानी मौसम विभाग के मुताबिक, इस साल कुछ इलाकों में लंबे समय तक हीटवेव की स्थिति बन सकती है। इसका मतलब है कि कई शहरों में लगातार कई दिनों तक तापमान बहुत ज्यादा रह सकता है और लोगों को तेज गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। कब मानी जाती है हीटवेव?
मौसम विभाग के मुताबिक, हीटवेव तब मानी जाती है, जब मैदानों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस या उससे ज्यादा पहुंच जाए या फिर सामान्य तापमान से 4 से 6 डिग्री ज्यादा दर्ज किया जाए। ऐसी स्थिति में लोगों के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ सकता है और लू लगने का खतरा बढ़ जाता है। ———————–