अलमारी के नीचे बनी सुरंग में अवैध हथियारों की फैक्ट्री:मेरठ में BCA स्टूडेंट चला रहा था, ऑन डिमांड सप्लाई करते थे

मेरठ में मंगलवार देर रात पुलिस ने अवैध हथियारों की फैक्ट्री पकड़ी। इसमें जाने का रास्ता अलमारी के अंदर से बनाया गया था। अलमारी के फर्श के नीचे सुरंग बनी थी। पुलिस जैसे ही एंट्री करके सुरंग के अंदर पहुंची तो वहां अवैध हथियार बनते हुए देखे। पुलिस ने मौके से 4 लोगों को गिरफ्तार किया है। फैक्ट्री संचालकों में एक बीसीए स्टूडेंट भी शामिल है। पुलिस को मौके से एक अधबना तमंचा और दो तैयार तमंचे मिले। इसके अलावा हथियार बनाने में इस्तेमाल के लिए वेल्डिंग और खराद मशीन भी बरामद हुई है। पूरा मामला इंचौली थानाक्षेत्र के खरदौनी गांव का है। पुलिस ने बुधवार दोपहर इसका खुलासा किया। मेरठ में करीब 15 दिन पहले ऐसा ही केस सामने आया था, जहां पलंग के नीचे एक हथियार बनाने की फैक्ट्री पकड़ी गई थी। पहले 2 तस्वीरें देखिए… अब पूरा मामला विस्तार से…
मेरठ में थाना इंचौली पुलिस और स्वाट टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि खरदौनी गांव में तमंचा फैक्ट्री चल रही है। मंगलवार देर रात पुलिस ने गांव के एक घर में छापेमारी की। यहां एक कमरे में अलमारी रखी थी। इसी के नीचे तमंचा फैक्ट्री चल रही थी। अलमारी का दरवाजा खोलने पर नीचे जाने का एक रास्ता दिखा। इस सुरंगनुमा रास्ते से पुलिस अंदर दाखिल हुई। वहां देखा तो अवैध असलहे बन रहे थे। पुलिस ने मौके से इमरान समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इस गैंग में बीसीए का छात्र उमंग ठाकुर भी तस्करी का काम करता है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों में इमरान सबसे शातिर बताया जा रहा। वह 25 साल पहले भी अवैध हथियार फैक्ट्री चलाने के आरोप में जेल भेजा गया था। बाहर आने के लंबे समय बाद उसने फिर से अपना नेटवर्क तैयार किया। दोबारा से वह बड़े पैमाने पर तमंचे बनाने लगा। एसपी देहात अभिजीत कुमार सिंह ने बताया- मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम अवैध फैक्ट्री तक पहुंची। मौके से एक अधबना और दो तैयार तमंचे, 36 स्प्रिंग, 45 नाल और 12 बोर की नाल के कई पीस जब्त किए गए। इसके अलावा 115 स्प्रिंग केस, हथियार बनाने के लिए बाई, रिंच, पेचकस, प्लास, बेंच वाइस और छैनी, 41 ड्रिल बिट, ग्राइंडर, वेल्डिंग रॉड, आरी और रेती बरामद हुई। आरोपियों से पूछताछ कर नेटवर्क की जानकारी की जा रही है। हर आरोपी निभा रहा था अलग किरदार
गिरफ्तार आरोपियों में इमरान तमंचे बनाता था। जबकि कुलदीप मुख्य सप्लायर था। नरेंद्र बीच की कड़ी के रूप में काम करता था। उमंग ठाकुर शहर के एक कॉलेज से बीसीए की पढ़ाई कर रहा है। वह भी ऑन डिमांड हथियारों की सप्लाई करता था। नरेंद्र कुलदीप के पास तमंचों के ग्राहक लेकर आता था। वो फैक्ट्री से लेकर ग्राहक के बीच मीडिएटर का काम करता था। जबकि, उमंग ठाकुर उर्फ देवा लास्ट कस्टमर तक तमंचे पहुंचाने और बेचने का काम करता था। तमंचा फैक्ट्री इमरान के घर में अलमारी के नीचे बने तहखाने में चल रही थी। ये तमंचे यहां बनने के बाद ऑन डिमांड सप्लाई होते थे। इमरान ने बताया कि धंधे में उसके साथ कुलदीप, नरेंद्र और उमंग भी शामिल हैं। इसके बाद पुलिस ने इन तीनों को भी अरेस्ट कर लिया। आरोपियों पर मेरठ से दिल्ली तक मुकदमे दर्ज
खेड़ी थाना क्षेत्र के दौराला के रहने वाले कुलदीप पर 3 मुकदमे दर्ज हैं। अपने घर में हथियार की फैक्ट्री चला रहे इमरान (40) पर मेरठ के दो थानों में आर्म्स एक्ट में ही 2 मुकदमे हैं। उस पर दिल्ली में भी इसी मामले में एक केस है। वहीं, इंचौली के अंदावली के रहने वाले नरेंद्र पर भी मेरठ के मवाना, इंचौली, गंगानगर थाने में हथियारों के मामले में केस दर्ज हैं। ———————- ये खबर भी पढ़िए- बंगाल जीत पर राजभर बोले-अखिलेश एसी-पीसी और ट्वीट वाले नेता:2027 में लंदन चले जाएंगे; केशव ने कहा- सियासत अंतिम सांस ले रही पश्चिम बंगाल चुनाव में भाजपा की प्रचंड जीत के बाद यूपी सरकार में मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा- अखिलेश यादव ट्वीट, एसी और पीसी के नेता हैं। बंगाल चुनाव नतीजों को लेकर भी मेरे मन में कोई संदेह नहीं था। जिस दिन अखिलेश ने ट्वीट कर ममता दीदी के जीत की मुनादी शुरू की, उसी दिन पक्का हो गया था कि वे हारने जा रही हैं। पूरी खबर पढ़िए