बॉयफ्रेंड ने मर्डर से पहले दो बार रिहर्सल किया:बरेली में गर्लफ्रेंड की चैट पढ़कर सनकी बना, 6 साल की दोस्ती, गला घोंटकर मार डाला

“मेरी बेटी बहुत होनहार थी। उसने तो अशोक पर भरोसा किया था कि वो उसका दोस्त है, लेकिन उसने भरोसे का भी कत्ल कर दिया। बेटी अशोक पर इस वजह से भरोसा करती थी, क्योंकि अशोक हमारे स्कूल में पढ़ा था, वो हमारा छात्र रहा है। हमारे गांव के पास का ही था। लेकिन, बेटी को क्या पता था कि अशोक जल्लाद निकलेगा।” ये कहना है बरेली की डीएलएड छात्रा नीतू गंगवार (23) के पिता सोमपाल का, जिसकी बेटी की हत्या प्रेमी अशोक ने किया। नीतू के पिता ने बताया कि मैं एक शिक्षक हूं, मेरा खुद का स्कूल है, इसलिए मेरी बेटी भी टीचर बनना चाहती थी। मैं बेटा-बेटी में कोई अंतर नहीं समझता हूं, इसलिए मैंने बेटी को पढ़ाई के लिए घर से दूर भेजा। क्योंकि मैं चाहता था कि बेटी पढ़-लिख लेगी तो अपने पैरों पर खड़ी हो जाएगी। मेरी बेटी मेरा स्वाभिमान थी। वो रोते हुए बोले कि अशोक को फांसी होनी चाहिए। उधर, अशोक ने नीतू को मारने से ठीक पहले बाकायदा ‘मर्डर का रिहर्सल’ किया था। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि जब वह नीतू को बाइक पर बैठाकर ला रहा था, तो उसने रास्ते में दो बार जानबूझकर बाइक को झटका देकर नीतू को नीचे गिराया। ताकि, नीतू की सड़क हादसे में मौत दिखाया जा सके। अब विस्तार से जानें पूरा मामला… नीतू के घर दो दिन से चूल्हा नहीं जला नीतू के घर पर दो दिन से चूल्हा नहीं जला है। उसकी मां, बहनें और भाई सभी का रो-रोकर बुरा हाल है। बार-बार मां और बहनें नीतू को याद करके रोने लगती हैं। पिता सोमपाल का बहेड़ी के मानपुर में अपना ‘सुभाषचंद्र बोस आदर्श विद्यालय’ है और वे खेती-बाड़ी भी करते हैं। उनके चार बच्चे हैं, जिनमें सबसे बड़ी बेटी पूजा कुमारी (26) की शादी हो चुकी है, दूसरे नंबर पर नीतू थी, तीसरे नंबर की बेटी अर्चना (22) जीएनएम कर चुकी है। सबसे छोटा बेटा संजय (20) बी-फार्मा की पढ़ाई कर रहा है। सोमपाल की पत्नी का राजो देवी गृहिणी है। मोबाइल चैट्स पढ़कर आशिक ने हत्या का प्लान किया 15 मई की दोपहर जब बरेली के परीक्षा केंद्र से डीएलएड (D.El.Ed) की आखिरी परीक्षा देकर नीतू गंगवार बाहर निकली होगी, तो उसके दिमाग में भविष्य के कई सपने रहे होंगे। 6 साल पुराना दोस्त, उसका सबसे भरोसेमंद साथी अशोक कुमार (26) बाहर बाइक लेकर खड़ा था। नीतू ने हमेशा की तरह अपना मोबाइल सौंप दिया। लेकिन, वह इस बात से बिल्कुल अनजान थी कि जिस मोबाइल को वह एक अमानत समझकर दे रही है, उसकी स्क्रीन पर तैरते कुछ मैसेजेज उसके साथी के भीतर एक खूंखार हत्यारे को जन्म दे चुके हैं। दोस्तों के साथ चैट्स पढ़कर उसने हत्या का प्लान कर डाला। यह कहानी सिर्फ एक सनकी आशिक के पुलिस मुठभेड़ में पकड़े जाने की नहीं है, बल्कि यह कहानी उस भयानक मनोवैज्ञानिक सच की है, जिसे नीतू अपनी मौत के चंद घंटों पहले तक भांप नहीं पाई थी। मर्डर का ‘रिहर्सल’ किया, रास्ते में दो बार बाइक से गिराया इस पूरी वारदात में सबसे चौंकाने वाला और नया खुलासा यह हुआ है कि अशोक ने नीतू को मारने से ठीक पहले बाकायदा ‘मर्डर का रिहर्सल’ किया था। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि जब वह नीतू को बाइक पर बैठाकर ला रहा था, तो उसने रास्ते में दो बार जानबूझकर बाइक को झटका देकर नीतू को नीचे गिराया। दरअसल, यह अशोक की तरफ से नीतू के रिएक्शन को परखने और उसकी शारीरिक क्षमता को कमजोर करने की एक सोची-समझी साजिश थी। मासूम नीतू इसे महज एक हादसा समझकर हर बार धूल झाड़कर दोबारा उसकी बाइक पर बैठती रही। वह अपने उस दोस्त पर शक भी कैसे करती, जो रोज उसे कॉलेज छोड़ने आता था और जिसके पिता के स्कूल से अशोक ने खुद कभी हाईस्कूल की पढ़ाई की थी। शादी का प्रस्ताव महज एक बहाना रास्ते में चलते-चलते अशोक ने नीतू के सामने शादी का प्रस्ताव रखा। जब नीतू ने अपने करियर और अन्य कारणों का हवाला देकर इनकार किया, तो अशोक का गुस्सा बढ़ गया। हालांकि शादी का इनकार तो सिर्फ एक बहाना था। असली वजह वह ईर्ष्या और शक था, जो परीक्षा के दौरान नीतू का मोबाइल अपने पास रखने पर अशोक के अंदर पनपा था। उसने नीतू के फोन में कुछ अन्य दोस्तों के चैट्स और फोटोग्राफ्स देख लिए थे। इसके बाद उसने बड़े बाईपास पर ले जाकर नीतू के ही दुपट्टे से उसका गला घोंट दिया। शव को खेत में फेंक दिया। खेत में मिली लाश, प्रेमी की पर्स में नीतू का एडमिट कार्ड मिला 16 मई को दिल्ली-लखनऊ हाईवे से दूर खन्ना गोटिया के पास एक खाली खेत में नीतू की लाश मिली। फिर पुलिस ने सोशल मीडिया पर तस्वीरें साझा कीं, तब जाकर परिजनों को हत्या का पता चला। पुलिस को मुठभेड़ के बाद आरोपी के पास से नीतू का जो पर्स बरामद हुआ है, वह इस पूरी घटना की सबसे दर्दनाक तस्वीर बयां करता है। उस पर्स में नीतू का परीक्षा का प्रश्नपत्र और एडमिट कार्ड मौजूद थे। दिल्ली भागने की फिराक में था, पुलिस ने घेरकर गोली मारी हत्याकांड को अंजाम देने के बाद आरोपी अशोक रामपुर से होते हुए दिल्ली भागने की फिराक में था। बरेली के एसएसपी अनुराग आर्य के निर्देश पर बनी एसओजी और सीबीगंज पुलिस की चार टीमों ने उसका पीछा नहीं छोड़ा। 17 मई की देर रात चेकिंग के दौरान एसओजी प्रभारी सुनील शर्मा की टीम ने उसे ट्यूलिया अंडरपास के पास घेर लिया। खुद को घिरा देख आरोपी ने पुलिस पर तमंचे से फायरिंग कर भागने की कोशिश की। पुलिस की जवाबी आत्मरक्षार्थ कार्रवाई में अशोक के दाहिने पैर में गोली लगी और वह तड़प कर गिर पड़ा। एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि घायल अभियुक्त को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उसके पास से एक तमंचा, कारतूस, नीतू की बाइक, सामान बरामद कर लिया गया है। ———————————- ये खबर भी पढ़िए- 25 साल की महिला की तीसरी मंजिल से गिरकर मौत:नोएडा में पिता बोले- मारकर फेंका गया; डेढ़ साल पहले एक करोड़ में की थी शादी ग्रेटर नोएडा में 25 साल की महिला की घर की तीसरी मंजिल से गिरकर मौत हो गई। करीब डेढ़ साल पहले ही उसकी शादी हुई थी। महिला के मायके वालों का आरोप है कि बेटी की हत्या की गई।पिता का कहना है कि ससुराल वाले शादी के बाद एक फॉर्च्यूनर गाड़ी और 51 लाख रुपए डिमांड कर रहे थे। इसे पूरा नहीं करने पर उन लोगों ने मेरी बेटी को मार डाला। उसके शरीर पर चोट के निशान थे। मामला ईकोटेक-3 थाना क्षेत्र का 17 मई का है। पढ़ें पूरी खबर…