सीएम शुभेंदु PA हत्याकांड- यूपी से मुख्य शूटर पकड़ा गया:परिवार के साथ हरिद्वार से लौट रहा था, ये भी बलिया का ही रहने वाला

बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ की हत्या में सोमवार को यूपी से एक और आरोपी गिरफ्तार किया गया। बलिया के रहने वाले राजकुमार सिंह को CBI ने मुजफ्फरनगर से पकड़ा। उसे हत्याकांड का मुख्य शूटर माना जा रहा है। इससे पहले 10 मई को बलिया के ही रहने वाले राज सिंह को अयोध्या से पकड़ा गया था। बंगाल चुनाव के नतीजे आने के 2 दिन बाद 6 मई को 42 साल के चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हमलावरों ने उनकी कार रुकवाकर कई राउंड फायरिंग की थी। चंद्रनाथ रथ को सीने और पेट में 3 गोलियां लगी थीं। मामला गंभीर होने की वजह से मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई थी। राजकुमार को हरिद्वार से लौटते समय टोल प्लाजा के पास दबोचा CBI को पहले से ही राजकुमार की गतिविधियों के बारे में पता चल चुका था। सूचना मिली थी कि वह हरिद्वार से लौट रहा है। इस पर सीबीआई टीम ने मुजफ्फरनगर के छपार क्षेत्र स्थित टोल प्लाजा के पास जाल बिछाया। सोमवार तड़के जैसे ही राजकुमार की गाड़ी टोल के पास पहुंची, CBI टीम ने उसे पकड़ लिया। इसके बाद उससे काफी देर तक पूछताछ की गई। कोर्ट से मिली 24 घंटे का रिमांड सीबीआई के सीओ राजेश कुमार ने राजकुमार को सीजेएम कोर्ट में पेश किया, जहां से उसकी 24 घंटे की रिमांड मिल गई। अब CBI उससे पूछताछ कर हत्या की साजिश और इसमें शामिल अन्य लोगों के बारे में पता लगाने में जुटी हैं। साथ ही बलिया के ही रहने वाले राज सिंह से उसके लिंक के बारे में पूछताछ होगी। जानिए कौन है राजकुमार, जिसे सीबीआई ने पकड़ा बलिया के रहने वाले त्रिभुवन नारायण सिंह एलएंडटी में अयोध्या में काम करते थे। मार्च महीने में रिटायर होने के बाद से वह घर पर ही हैं। उनके 2 बेटे और एक बेटी है। बेटी सबसे बड़ी है। सबसे छोटा बेटा कक्षा-5 में पढ़ता है। राजकुमार सिंह त्रिभुवन का बड़ा बेटा है। उसने बीए फर्स्ट ईयर तक पढ़ाई की है। मन नहीं लगने से उसने पढ़ाई छोड़ दी थी। इसके बाद वह मुंबई में क्रेन हेल्पर का काम करने लगा था। लेकिन, 8 महीने पहले काम छोड़कर घर आ गया था। राजकुमार पासपोर्ट बनवाकर काम-धंधे के सिलसिले में विदेश जाने की तैयारी कर रहा था। करीब 3 साल पहले बलिया के रत्तोपुर गांव में हरिजन समाज के लोगों से हुए झगड़े में नाम आने पर वह जेल जा चुका है। पिता बोले- पश्चिम बंगाल में हमारी कोई रिश्तेदारी नहीं आरोपी राजकुमार सिंह के पिता त्रिभुवन नारायण सिंह ने बताया- आज सुबह करीब 6:45 बजे मुजफ्फरनगर से सीबीआई के कुछ अधिकारियों का फोन आया था। उन्होंने पूछा कि क्या आप त्रिभुवन नारायण सिंह बोल रहे हैं? मैंने कहा- हां। इसके बाद उन्होंने पूछा कि राजकुमार सिंह आपका बेटा है? मैंने फिर हां में जवाब दिया। उधर से बताया गया कि हमने उसे यहां से कस्टडी में लिया है। वे लोग 2026 का कोई मुकदमा बता रहे थे। इसके बाद वे क्या कह रहे थे, यह हमारी समझ में नहीं आया। उन्होंने बताया कि पश्चिम बंगाल में सीएम सुवेंदु अधिकारी के पीए की हत्या हुई है, उसी मामले में पूछताछ की जा रही है। 6-7 तारीख को राजकुमार कहां था, यह हमें भी नहीं पता। 10, 11 या 12 मई को वह यहां आया था। उसने अपनी मां से कहा था कि वह बाहर जा रहा है। आज हमारे यहां पुलिस नहीं आई, लेकिन कल सिविल ड्रेस में दो गाड़ियों से लोग आए थे। वे लोग राजकुमार के बारे में पूछताछ कर रहे थे। उन्होंने पूछा था कि वह कहां है? वे लोग हमारा मोबाइल लेकर गए और राजकुमार की फोटो भी साथ ले गए। पश्चिम बंगाल में हमारी कोई रिश्तेदारी नहीं है। वह बंगाल गया है या नहीं, यह मुझे नहीं पता है। सीबीआई जांच कर रही है। दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। जो भी सच्चाई होगी, वह सामने आ जाएगी। 10 मई को पहला आरोपी राज सिंह पकड़ा गया था PA चंद्रनाथ रथ की हत्या में 10 मई को बलिया के रहने वाले राज सिंह को अयोध्या से पकड़ा गया था। इसके बाद उसे कोर्ट से 13 दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया गया था। गिरफ्तारी के बाद राज सिंह का एक पोस्टर सामने आया था। इसमें उसने खुद को अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा का प्रदेश महासचिव बताया है। उसके फेसबुक अकाउंट में मंत्री दयाशंकर सिंह के साथ की तस्वीर है। पूर्व सांसद बृजभूषण सिंह के साथ उसकी रील भी है। पड़ोसियों के मुताबिक, राज नेता बनना चाहता था। वह ब्लॉक प्रमुख का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था। हत्या में 8 लोगों के शामिल होने का शक जांच एजेंसियों का मानना है कि हत्या की साजिश और वारदात में कम से कम 8 लोग शामिल थे। इन लोगों ने PA चंद्रनाथ रथ को मारने से पहले कई दिनों तक रेकी की थी। हमलावरों की कार हत्या से पहले बाली टोल प्लाजा से गुजरी थी। यहां कार में मौजूद एक व्यक्ति ने UPI के जरिए टोल पेमेंट किया था। इसी डिजिटल ट्रांजैक्शन से जुड़े मोबाइल नंबर के जरिए पुलिस ने एक आरोपी की पहचान की। फिर बाकी आरोपियों तक पहुंच गई। वहीं, बंगाल पुलिस ने शुरुआती जांच के बाद चंद्रनाथ रथ की हत्या में सुपारी किलर्स के शामिल होने की आशंका जताई थी। पुलिस ने कहा था कि रथ की हत्या प्लानिंग के तहत की गई। इसमें प्रोफेशनल शूटर शामिल हो सकते हैं। पुलिस ने घटनास्थल से एक कार जब्त की थी, जिससे रथ की स्कॉर्पियो का पीछा किया गया था। कार की नंबर प्लेट फर्जी निकली थी। कार का चेसिस और इंजन नंबर मिटाया गया था। इसके अलावा हमले में 2 बाइक शामिल थीं। इनमें से एक बाइक भी घटनास्थल से करीब 4 किमी दूर चाय की दुकान के पास मिली थी। उस पर भी फर्जी रजिस्ट्रेशन था। शुभेंदु TMC में थे, तब से चंद्रनाथ उनके साथ थे चंद्रनाथ पहले एयरफोर्स में अफसर थे। VRS लेने के बाद कुछ समय कॉर्पोरेट सेक्टर में काम किया। इसके बाद राजनीति में आ गए। शुभेंदु जब तृणमूल कांग्रेस में थे, तब से चंद्रनाथ उनके लिए काम कर रहे थे। उन्हें शुभेंदु अधिकारी के बेहद करीबी लोगों में गिना जाता था। चंद्रनाथ 2019 में शुभेंदु की ऑफिशियल टीम का हिस्सा बने, तब शुभेंदु ममता बनर्जी सरकार में मंत्री थे। चंद्रनाथ ने भवानीपुर में शुभेंदु के चुनाव अभियान की जिम्मेदारी संभाली थी। भवानीपुर वही सीट है जहां से शुभेंदु ने ममता बनर्जी को विधानसभा चुनाव में करीब 15 हजार वोटों से हराया है। चंद्रनाथ की मां भी शुभेंदु के साथ भाजपा में गई थीं शुभेंदु की तरह चंद्रनाथ का परिवार भी पहले TMC से जुड़ा था। उनकी मां हाशी रथ ने TMC शासन के दौरान पूर्व मेदिनीपुर में स्थानीय पंचायत निकाय में पद संभाला था, लेकिन 2020 में शुभेंदु अधिकारी के साथ भाजपा में शामिल हो गईं। चंद्रनाथ शांत स्वभाव और लो-प्रोफाइल थे। उन्होंने रहारा रामकृष्ण मिशन से अपनी पढ़ाई पूरी की थी। कई सालों तक शुभेंदु के करीबी होने के बावजूद वह सुर्खियों से दूर ही रहते थे। चंद्रकात की शुभेंदु के साथ कोई फोटो नहीं है। पूरी वारदात को 90 मिनट की टाइमलाइन से समझिए… चंद्रनाथ करीब 9 बजे कोलकाता से निकले : चंद्रनाथ कोलकाता से मध्यमग्राम में अपने किराए के घर पर जाने के लिए स्कॉर्पियो से लौट रहे थे। ड्राइवर गाड़ी चला रहा था। चंद्रनाथ बगल में बैठे थे। रात 10 बजे CCTV में स्कॉर्पियो दिखी : कोलकाता से करीब 20 किलोमीटर दूर मध्यमग्राम में रात 9:58 बजे एक CCTV कैमरे में चंद्रनाथ की स्कॉर्पियो सड़क से गुजरती दिखी। स्कॉर्पियो के गुजरने के कुछ देर बाद इलाके से एक कार और दो बाइक पर सवार तीन लोग पीछे जाते दिखे। 10:30 बजे कार ने स्कॉर्पियो का रास्ता रोका : मध्यमग्राम के दोहरिया जंक्शन के पास कार स्कॉर्पियो से आगे निकल गई और सामने जाकर गाड़ी रोक दी। स्कॉर्पियो ड्राइवर को गाड़ी रोकनी पड़ी। बाइक पर सवार हमलावर ने फायरिंग शुरू की: जब तक चंद्रनाथ और उनका ड्राइवर कुछ समझ पाते, बाइक सवार हमलावर बाईं तरफ आए और 6 से 10 राउंड फायरिंग की। कार छोड़कर भागे बदमाश: वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश कार को वहीं छोड़कर मोटरसाइकिलों पर सवार होकर दो अलग-अलग रास्तों से फरार हो गए। कार की नंबर प्लेट फर्जी : पुलिस ने घटनास्थल से कार जब्त की, लेकिन नंबर की जांच की गई तो वह फर्जी निकला। कार के चेसिस नंबर के साथ भी छेड़छाड़ की गई थी। हत्या में ग्लॉक 47X पिस्टल का इस्तेमाल: हमलावरों ने ग्लॉक 47X पिस्टल का इस्तेमाल किया था। इस तरह के मॉडर्न हथियार का इस्तेमाल कोई आम अपराधी नहीं करते। जिस तरह से हमला हुआ, उसे कोई प्रोफेशनल शूटर ही अंजाम दे सकता है। ————————- यह खबर भी पढ़ेंः- सुवेंदु PA हत्याकांड-अयोध्या से अरेस्ट युवक चुनाव लड़ना चाहता था, मंत्री के साथ तस्वीर पश्चिम बंगाल के सीएम सुवेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ की हत्या में यूपी से संदिग्ध युवक को गिरफ्तार किया गया। बलिया के रहने वाले राज सिंह को बंगाल पुलिस ने अयोध्या से पकड़ा। पुलिस को शक है कि वह हत्या में शामिल है। इसके अलावा बिहार के बक्सर से भी 2 संदिग्ध शूटर्स मयंक राज मिश्रा और विक्की मौर्य को पुलिस ने पकड़ा है। यहां पढ़ें पूरी खबर