मेरठ की IIMT यूनिवर्सिटी के खिलाफ देर रात मुकदमा दर्ज कर लिया गया। MBA छात्रा अनु की सुसाइड के बाद उसके पिता ओमकार गोयल ने पुलिस को तहरीर दी। उन्होंने यूनिवर्सिटी प्रबंधन पर बेटी को प्रताड़ित करने और मानसिक दबाव बनाकर आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया है। इसी आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, छात्रा की मौत के बाद पिछले 22 घंटों से यूनिवर्सिटी गेट पर छात्रों का धरना जारी है। प्रदर्शन में IIMT के छात्रों के साथ बाहरी छात्र भी शामिल हैं। CCSU के छात्र नेता शान मोहम्मद और मेरठ कॉलेज के छात्र नेता विजित तालियान भी धरने में मौजूद हैं। छात्रों का कहना है कि जब तक मेरी मांगी नहीं मानी जाती है, तब हम नहीं हटेंगे। दरअसल, बुधवार सुबह यूनिवर्सिटी के हॉस्टल की तीसरी मंजिल से गिरकर छात्रा की मौत हो गई थी। सहारनपुर निवासी छात्रा MBA फाइनल ईयर की स्टूडेंट थी। छात्रा की मौत के बाद यूनिवर्सिटी के छात्र बड़ी संख्या में इकट्ठा हो गए। छात्रों ने आरोप लगाया कि यूनिवर्सिटी प्रशासन छात्र-छात्राओं के साथ बेहद खराब व्यवहार करता है और उनके साथ भेदभाव किया जाता था। इसी मानसिक तनाव के कारण कई स्टूडेंट्स आत्महत्या जैसे गलत कदम उठाने को मजबूर हो जाते हैं। मामले में पुलिस ने मृतक छात्रा की रूममेट कीर्ति से पूछताछ की। घटना की सूचना मिलते ही छात्रा के परिजन भी यूनिवर्सिटी पहुंच गए। घटना गंगानगर थाना क्षेत्र की है। अब पढ़िए पिता ने तहरीर में क्या लिखा? सहारनपुर निवासी ओमकार गोयल ने अपनी तहरीर में लिखा- मेरी बेटी अनु गोयल मेरठ के गंगानगर स्थित IIMT यूनिवर्सिटी में MBA सेकेंड ईयर, फोर्थ सेमेस्टर की छात्रा थी। 20 मई 2026 को हमें कॉलेज की ओर से सूचना मिली कि हमारी बेटी ने सुसाइड कर लिया है। मेरी बेटी पढ़ाई में काफी अच्छी थी। कॉलेज प्रशासन ने उस पर मानसिक दबाव बनाया और उसका उत्पीड़न किया, जिसकी वजह से उसने यह कदम उठाया। उन्होंने आगे लिखा- मेरी बेटी की मौत के सही कारणों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। कॉलेज प्रशासन की भूमिका की भी जांच हो और यदि किसी प्रकार का दबाव, उत्पीड़न या लापरवाही सामने आती है तो दोषियों के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाए। अब जानिए विस्तार से पूरा मामला… हॉस्टल के रूम नंबर- 67 में रहती थी अनु छात्रा अनु गुप्ता आईआईएमटी के सरोजनी नायडू गर्ल्स हॉस्टल में रहती थी। उसका रूम नंबर 67 तीसरी मंजिल पर है। बुधवार सुबह करीब 9.30 बजे उसका खून से लथपथ शव हॉस्टल के नीचे बने जिम के बाहर पड़ा दिखा। काम करने वाली मेड ने सबसे पहले छात्रा की डेडबॉडी देखी। उसने अन्य छात्राओं को बताया। छात्राओं ने इसकी जानकारी कॉलेज प्रशासन को दी। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची। इसके बाद छात्रा के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया। देर शाम अनु के पिता मुकदमा लिखाने के बाद सहारनपुर वापस लौट गए। उन्हें आज अपनी बेटी का अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी करनी थी। छात्रों को समझाने में विफल रही पुलिस छात्रा की मौत के बाद यूनिवर्सिटी के छात्र-छात्राओं ने हंगामा शुरू कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन छात्र अपनी मांगों को लेकर धरने पर बैठ गए। देर रात गंगानगर थाना पुलिस और सीओ सुधीर सिंह भी यूनिवर्सिटी गेट पर पहुंचे। उन्होंने छात्रों को धरना खत्म करने के लिए समझाया, लेकिन छात्र अपनी मांगों पर अड़े रहे। छात्रों की पहली मांग है कि यूनिवर्सिटी के कुलपति खुद मौके पर आकर छात्रों से बातचीत करें और उनकी मांगों पर निर्णय लें। हालांकि, अब तक यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से कोई वरिष्ठ अधिकारी छात्रों के बीच नहीं पहुंचा है। इसी बीच बुधवार देर रात करीब 2 बजे गर्ल्स हॉस्टल में यूनिवर्सिटी के शिक्षक लखविंदर सिंह के पहुंचने का मामला भी सामने आया। आरोप है कि उन्होंने छात्राओं के साथ अभद्रता की और हॉस्टल खाली करने के लिए कहा। घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें छात्राओं और फैकल्टी के बीच बहस होती दिखाई दे रही है। यूनिवर्सिटी में आज कैंडल मार्च निकाला जाएगा छात्र-छात्राओं ने आज IIMT यूनिवर्सिटी गेट के बाहर कैंडल मार्च निकालने का ऐलान किया है। इसमें मृतक छात्रा अनु की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की जाएगी। साथ ही छात्र “जस्टिस फॉर अनु” और “वी वांट जस्टिस” की मांग भी उठा रहे हैं। गुरुवार सुबह राज्य महिला आयोग की सदस्य डॉ. मीनाक्षी भराला गर्ल्स हॉस्टल पहुंचीं और वहां निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने छात्राओं से बातचीत की और MBA छात्रा की सुसाइड के मामले की पूरी जानकारी ली। छात्र नेता बोले- IIMT पर हो कार्रवाई सीसीएसयू के छात्र नेता शान मोहम्मद भी यूनिवर्सिटी गेट पर चल रहे धरने में शामिल हैं। शान ने कहा, “IIMT यूनिवर्सिटी लगातार छात्रों को परेशान करती है। समय पर फीस जमा न होने या अटेंडेंस कम होने पर छात्रों पर आर्थिक दबाव बनाया जाता है। छात्रों से तरह-तरह के शुल्क वसूले जाते हैं। यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। हम यूनिवर्सिटी के कुलपति से मिलकर अपनी मांगें रखना चाहते हैं, लेकिन वीसी हमसे मिलने तक नहीं आ रहे। यह छात्रों के अधिकारों का हनन है। हम इसके खिलाफ लगातार आवाज उठाते रहेंगे। जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक धरना जारी रहेगा। मानसिक और आर्थिक प्रताड़ना देने वालों पर हो कार्रवाई धरने में सबसे पहले पहुंचे छात्र नेता विजित तालियान ने कहा- मृतक छात्रा अनु के नाम पर एक फर्जी सुसाइड नोट लिखवाया गया है। छात्राओं पर दबाव बनाकर उनसे यह लिखवाया गया कि अनु ने अपनी मर्जी से आत्महत्या की है और वे इससे सहमत हैं। IIMT प्रबंधन ने छात्रा अनु को मानसिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया। उसकी मां की मौत हो चुकी थी। वह खुद भी बीमार रहती थी, जिसकी वजह से उसकी अटेंडेंस कम हो गई थी। परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर है। अनु के पिता कोरियर बांटने का काम करते हैं। उन्होंने किसी तरह अपनी तीन बेटियों का पालन-पोषण किया। दो बेटियों की शादी कर चुके हैं और तीसरी बेटी अनु को पढ़ा रहे थे। इसके बावजूद यूनिवर्सिटी प्रशासन ने अनु से अटेंडेंस पूरी करने के नाम पर पैसे मांगे। लगातार उस पर फीस जमा करने का दबाव बनाया गया। साथ ही यह धमकी भी दी गई कि फीस न देने पर उसे परीक्षा में नहीं बैठने दिया जाएगा। इसी मानसिक दबाव से परेशान होकर छात्रा ने यह कदम उठाया। मामले में यूनिवर्सिटी प्रशासन और दोषी स्टाफ के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।” ये हैं छात्रों की प्रमुख मांगें… ——— ये खबर भी पढ़ें- भाई ने जमीन बेच दी, योगी जी तक बात पहुंचाओ: कानपुर में मोबाइल टावर पर चढ़ी युवती, रोते हुए वीडियो बनाकर शेयर किया; 3 घंटे बाद उतरी
कानपुर में एक युवती सुबह होते ही मोबाइल टावर पर चढ़ गई। वहां से उसने रोते हुए वीडियो बनाकर अपने इंस्टाग्राम एकाउंट पर साझा किया। बताया कि परिवार के लोगों ने उसके हिस्से की जमीन बेच दी है। जिसने खरीदा है उसने मुकदमा करवा दिया है। उसकी बात मुख्यमंत्री तक पहुंचा दी जाए। उसके मोबाइल टावर पर चढ़ने की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग इकट्ठा होने लगे। देखते ही देखते मौके पर लोगों का हुजूम लग गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने उससे उतरने की अपील की, लेकिन उसने नहीं सुनी। यह मामला महाराजपुर थाना क्षेत्र के पुरवामीर की है। 23 वर्षीय युवती सुबह 06:30 बजे से टावर पर चढ़ी। काफी मशक्कत के बाद उसे मनाया जा सका। आश्वासन मिलने के बाद वह 3 घंटे बाद 09:30 बजे नीचे उतरी। पढ़िए पूरी खबर…
कानपुर में एक युवती सुबह होते ही मोबाइल टावर पर चढ़ गई। वहां से उसने रोते हुए वीडियो बनाकर अपने इंस्टाग्राम एकाउंट पर साझा किया। बताया कि परिवार के लोगों ने उसके हिस्से की जमीन बेच दी है। जिसने खरीदा है उसने मुकदमा करवा दिया है। उसकी बात मुख्यमंत्री तक पहुंचा दी जाए। उसके मोबाइल टावर पर चढ़ने की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग इकट्ठा होने लगे। देखते ही देखते मौके पर लोगों का हुजूम लग गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने उससे उतरने की अपील की, लेकिन उसने नहीं सुनी। यह मामला महाराजपुर थाना क्षेत्र के पुरवामीर की है। 23 वर्षीय युवती सुबह 06:30 बजे से टावर पर चढ़ी। काफी मशक्कत के बाद उसे मनाया जा सका। आश्वासन मिलने के बाद वह 3 घंटे बाद 09:30 बजे नीचे उतरी। पढ़िए पूरी खबर…