पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के पीए चंद्रनाथ रथ हत्याकांड में अरेस्ट बलिया के राज सिंह को क्लीन चिट मिल गई है। राज सिंह को नाम के कंफ्यूजन में अरेस्ट किया गया था। सीबीआई के अनुसार, मुख्य शूटर राजकुमार सिंह के भ्रम में राज सिंह को गलती से अरेस्ट कर लिया गया था। मुजफ्फरनगर के छपार टोल प्लाजा से बलिया के ही राजकुमार सिंह को गिरफ्तार किया गया। सीबीआई के अनुसार, शुरुआती जांच में कोलकाता पुलिस ने बिहार के बक्सर से दो युवकों विक्की मौर्य और मयंक मिश्रा को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में ‘राज सिंह’ नाम बताने पर पुलिस ने 11 मई को अयोध्या से राज को गिरफ्तार किया था। यूपी पुलिस ने राज सिंह को हिरासत में लेकर बंगाल पुलिस को सौंप दिया था। बताया गया कि गिरफ्तारी के समय वह परिवार और दोस्तों के साथ लखनऊ में एक एमएलसी की शादी में शामिल होकर लौट रहा था। रिहाई के बाद वीडियो जारी किया है। धमकी भरे लहजे में वीडियो में वह कह रहा- जय श्री राम। बहुत जल्दी सभी को सबका जवाब मिल जाएगा। कृपया थोड़ा धैर्य बना के रखें। और मीडिया… जवाब देने आ रहे हैं। कुछ दिन का इंतजार कीजिए। उधर, इस हत्याकांड में सीबीआई ने यूपी एसटीएफ की मदद से हथियार सप्लायर नवीन कुमार सिंह को अरेस्ट किया है। इसके एक दिन पहले सीबीआई ने मंगलवार को वाराणसी से एक और आरोपी को गिरफ्तार किया था। आरोपी विनय राय गाजीपुर के देवरिया गांव का रहने वाला है। पीए चंद्रनाथ रथ की हत्या 6 मई 2026 को की गई थी। सीबीआई इस मामले की जांच कर रही है। जांच एजेंसी को 8 लोगों के शामिल होने का शक है। देखिए 2 तस्वीरें… राजकुमार सिंह ने पूछताछ में नवीन का नाम लिया… वाराणसी के एसटीएफ इंस्पेक्टर अनिल कुमार सिंह ने बताया- बलिया के फेफना थानाक्षेत्र के बम्हनपुरा के नवीन कुमार सिंह को शुभेंदु अधिकारी के पीए चंदनाथ रथ की हत्या के आरोपियों को हथियार सप्लाई के आरोप में अरेस्ट किया गया है। बिसुनपुरी चौराहे से नवीन कुमार सिंह को एसटीएफ ने हिरासत में लिया था। पूछताछ में उसने बताया कि 7 मई को शीतल दवनी निवासी जानेन्द्र प्रताप सिंह उर्फ मन्नू उसके घर आया था। उसके साथ मुख्य शूटर राजकुमार सिंह और गोलू सिंह थे। मन्नू ने एक झोला उसे दिया और उसे घर में रखने को कहा। झोला में असलहे थे। लेकिन जब राजकुमार सिंह अरेस्ट कर लिया गया तो उसने झोले को घर से हटाकर एक गोदाम में रख दिया। एसटीएफ ने गोदाम से झोला को बरामद कर लिया। उसमें एक 9 एमएम पिस्टल, दो 32 बोर पिस्टल, दो 32 बोर रिवाल्वर, 45 जिंदा कारतूस और नौ खोखा बरामद हुए थे। अब पढ़िए कब हुई किसकी गिरफ्तारी हत्या में 8 लोगों के शामिल होने का शक… जांच एजेंसियों के अनुसार, हत्या की साजिश और वारदात को अंजाम देने में कम से कम 8 लोग शामिल थे। इन लोगों ने PA चंद्रनाथ रथ को मारने से पहले कई दिनों तक रेकी की थी। हमलावरों की कार हत्या से पहले बाली टोल प्लाजा से गुजरी थी। यहां कार में मौजूद एक व्यक्ति ने UPI के जरिए टोल पेमेंट किया था। इसी डिजिटल ट्रांजैक्शन से जुड़े मोबाइल नंबर के जरिए पुलिस ने एक आरोपी की पहचान की। फिर बाकी आरोपियों तक पहुंच गई। उधर, बंगाल पुलिस ने शुरुआती जांच के बाद चंद्रनाथ रथ की हत्या में सुपारी किलर्स के शामिल होने की आशंका जताई थी। पुलिस ने कहा था कि रथ की हत्या प्लानिंग के तहत की गई। इसमें प्रोफेशनल शूटर शामिल हो सकते हैं। पुलिस ने घटनास्थल से एक कार जब्त की थी, जिससे रथ की स्कॉर्पियो का पीछा किया गया था। कार की नंबर प्लेट फर्जी निकली थी। कार का चेसिस और इंजन नंबर मिटाया गया था। इसके अलावा हमले में 2 बाइक शामिल थीं। इनमें से एक बाइक भी घटनास्थल से करीब 4 किमी दूर चाय की दुकान के पास मिली थी। उस पर भी फर्जी रजिस्ट्रेशन था। शुभेंदु TMC में थे, तब से चंद्रनाथ उनके साथ थे चंद्रनाथ पहले एयरफोर्स में अफसर थे। VRS लेने के बाद कुछ समय कॉर्पोरेट सेक्टर में काम किया। इसके बाद राजनीति में आ गए। शुभेंदु जब तृणमूल कांग्रेस में थे, तब से चंद्रनाथ उनके लिए काम कर रहे थे। उन्हें शुभेंदु अधिकारी के बेहद करीबी लोगों में गिना जाता था। चंद्रनाथ 2019 में शुभेंदु की ऑफिशियल टीम का हिस्सा बने, तब शुभेंदु ममता बनर्जी सरकार में मंत्री थे। चंद्रनाथ ने भवानीपुर में शुभेंदु के चुनाव अभियान की जिम्मेदारी संभाली थी। भवानीपुर वही सीट है जहां से शुभेंदु ने ममता बनर्जी को विधानसभा चुनाव में करीब 15 हजार वोटों से हराया है। चंद्रनाथ की मां भी शुभेंदु के साथ भाजपा में गई थीं शुभेंदु की तरह चंद्रनाथ का परिवार भी पहले TMC से जुड़ा था। उनकी मां हाशी रथ ने TMC शासन के दौरान पूर्व मेदिनीपुर में स्थानीय पंचायत निकाय में पद संभाला था, लेकिन 2020 में शुभेंदु अधिकारी के साथ भाजपा में शामिल हो गईं। चंद्रनाथ शांत स्वभाव और लो-प्रोफाइल थे। उन्होंने रहारा रामकृष्ण मिशन से अपनी पढ़ाई पूरी की थी। कई सालों तक शुभेंदु के करीबी होने के बावजूद वह सुर्खियों से दूर ही रहते थे। चंद्रकात की शुभेंदु के साथ कोई फोटो नहीं है। पूरी वारदात को 90 मिनट की टाइमलाइन से समझिए… चंद्रनाथ करीब 9 बजे कोलकाता से निकले : चंद्रनाथ कोलकाता से मध्यमग्राम में अपने किराए के घर पर जाने के लिए स्कॉर्पियो से लौट रहे थे। ड्राइवर गाड़ी चला रहा था। चंद्रनाथ बगल में बैठे थे। रात 10 बजे CCTV में स्कॉर्पियो दिखी : कोलकाता से करीब 20 किलोमीटर दूर मध्यमग्राम में रात 9:58 बजे एक CCTV कैमरे में चंद्रनाथ की स्कॉर्पियो सड़क से गुजरती दिखी। स्कॉर्पियो के गुजरने के कुछ देर बाद इलाके से एक कार और दो बाइक पर सवार तीन लोग पीछे जाते दिखे। 10:30 बजे कार ने स्कॉर्पियो का रास्ता रोका : मध्यमग्राम के दोहरिया जंक्शन के पास कार स्कॉर्पियो से आगे निकल गई और सामने जाकर गाड़ी रोक दी। स्कॉर्पियो ड्राइवर को गाड़ी रोकनी पड़ी। बाइक पर सवार हमलावर ने फायरिंग शुरू की: जब तक चंद्रनाथ और उनका ड्राइवर कुछ समझ पाते, बाइक सवार हमलावर बाईं तरफ आए और 6 से 10 राउंड फायरिंग की। कार छोड़कर भागे बदमाश: वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश कार को वहीं छोड़कर मोटरसाइकिलों पर सवार होकर दो अलग-अलग रास्तों से फरार हो गए। कार की नंबर प्लेट फर्जी : पुलिस ने घटनास्थल से कार जब्त की, लेकिन नंबर की जांच की गई तो वह फर्जी निकला। कार के चेसिस नंबर के साथ भी छेड़छाड़ की गई थी। हत्या में ग्लॉक 47X पिस्टल का इस्तेमाल: हमलावरों ने ग्लॉक 47X पिस्टल का इस्तेमाल किया था। इस तरह के मॉडर्न हथियार का इस्तेमाल कोई आम अपराधी नहीं करते। जिस तरह से हमला हुआ, उसे कोई प्रोफेशनल शूटर ही अंजाम दे सकता है। ————————- यह खबर भी पढ़ेंः- प्रयागराज में हिस्ट्रीशीटर की गोली मारकर हत्या:फोन कर घर से बाहर बुलाया, फिर 5 गोलियां दागीं; घाट पर गुमटी लगाने को लेकर था विवाद प्रयागराज में गुरुवार सुबह करीब 5 बजे एक हिस्ट्रीशीटर की गोली मारकर हत्या कर दी गई। परिजनों के मुताबिक, वारदात से पहले हिस्ट्रीशीटर घर के अंदर सो रहा था। इसी दौरान किसी ने उसे फोन कर बाहर बुलाया। युवक घर से करीब 500 मीटर दूर पहुंचा ही था कि वहां पहले से घात लगाए बैठे लोगों ने उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। पढ़ें पूरी खबर…