जंतर-मंतर पर लाठीचार्ज करने वाले का हमशक्ल गाजियाबाद में:जान से मारने की धमकियां मिल रहीं, TMC सांसद ने बताया था ‘भाड़े का गुंडा’

दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्र आंदोलन के दौरान 20 जुलाई, 2026 को हुए लाठीचार्ज के बाद एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। इसमें सादे कपड़ों में एक युवक पुलिस के डंडे के साथ दिखाई दिया। सोशल मीडिया पर दावा किया गया कि यह शख्स गाजियाबाद का हनी डागर है। वह दिल्ली पुलिस में नहीं है, फिर भी पुलिस के साथ मिलकर छात्रों पर लाठियां चला रहा है। तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा ने भी सवाल उठाते हुए कहा कि ये हनी डागर कौन है। क्या ये भाड़े का गुंडा है। दैनिक भास्कर ने हनी डागर से वायरल वीडियो को लेकर बात की। उन्होंने कहा- वह मैं नहीं हूं। सिर्फ कुछ हद तक शक्ल मिलती है। मैं गाजियाबाद में एक जिम चलाता हूं। उस दिन के बाद से सोशल मीडिया पर मेरा नाम, पता, मोबाइल नंबर और जिम की जानकारी वायरल कर दी गई। मुझे और मेरे परिवार को जान से मारने की धमकियां मिलने लगीं। करीब 30 लड़के मेरे जिम पर पहुंचे और मुझे धमकाया। हालात ऐसे हो गए कि मुझे कुछ दिनों के लिए जिम बंद करना पड़ा। पढ़िए पूरी बातचीत… काम-धंधा बंद हुआ, धमकियां मिल रहीं हनी डागर ने कहा- 21 जुलाई की सुबह जब मैं उठा तो देखा कि इंस्टाग्राम पर मुझे गालियां दी जा रही हैं। मुझे एक संगठन का एजेंट बताकर हत्या, हमले और तरह-तरह की धमकियां दी गईं। वॉट्सएप खोला तो वहां भी लगातार ट्रोल किया जा रहा था। पहले मुझे समझ ही नहीं आया कि लोग मुझे क्यों गालियां दे रहे हैं। बाद में पता चला कि सोशल मीडिया पर मेरा नाम और पता लिखकर मुझे जंतर-मंतर पर लाठीचार्ज करने वाला बताया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मैं न कभी दिल्ली पुलिस में रहा हूं। न ही मेरे परिवार में कोई दिल्ली पुलिस में है। मैंने आज तक जंतर-मंतर भी नहीं देखा। न ही कभी मेरा किसी से कोई झगड़ा हुआ। लाठीचार्ज करने वाले सादे कपड़ों में दिख रहे युवक की जगह मेरा नाम, पता, मोबाइल नंबर, गांव और जिम का पता लिखकर मुझे गालियां दी जा रही हैं। डर के कारण मैंने जिम के बोर्ड उतार दिए। करीब 30 लड़के मेरे जिम पर धमकी देने पहुंचे थे। दहशत की वजह से मैं इन दिनों जिम नहीं खोल रहा हूं। मैंने इंस्टाग्राम और फेसबुक बंद कर दिए हैं। वॉट्सएप नंबर भी बंद कर दिया है। धमकियों की वजह से मैंने एक नया सिम कार्ड खरीदा है। पुलिस ने परिवार को सुरक्षा दी हनी ने बताया कि मैं मूल रूप से मेरठ के परतापुर थाना क्षेत्र के छज्जूपुर गांव का रहने वाला हूं। मेरे पिता इंद्रपाल सिंह किसान हैं। मैंने गाजियाबाद के IMR कॉलेज से BBA की पढ़ाई की है। इसके बाद अपना जिम शुरू किया। परिवार में पत्नी आकांक्षा चौधरी और 3 साल का बेटा है। 20 जुलाई के बाद से मेरे परिवार को भी गालियां दी जा रही हैं। सुरक्षा के लिए पुलिस ने मेरे साथ दो पुलिसकर्मी लगाए हैं। पुलिस ने कहा है कि अगर जिम पर कोई भीड़ आती है या कोई धमकाने पहुंचे, तो तुरंत सूचना दें। पुलिस ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेगी। मैंने गाजियाबाद के नंदग्राम थाने में एप्लिकेशन देकर FIR की मांग की है। जिसमें कहा है कि गलत पहचान के आधार पर मुझे जान से मारने की धमकी दी जा रही है। मेरी पत्नी और छोटे बेटे को भी हत्या और अपहरण की धमकी दी गई है। मुझे 10 हजार से ज्यादा मैसेज और कॉल आ चुके हैं। पड़ोसी बोले- लाठीचार्ज करने वाला हनी डागर नहीं इसके बाद हमें हनी के पड़ोस में रहने वाले राष्ट्रीय लोकदल के नेता संजीव चौधरी और कुछ किराना दुकानदार मिले। उन्होंने कहा कि जिस हनी डागर को लाठीचार्ज करने वाला सोशल मीडिया पर दिखाया जा रहा है, यह वह हनी डागर नहीं हैं। हनी डागर का यहां जिम है। वह मेरठ के परतापुर के छज्जूपुर गांव से आते हैं। उसके बाद रात में अपने घर चले जाते हैं। पास के दुकानदार ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि लगातार यहां लड़के आ रहे हैं, जिनके डर से जिम को बंद किया गया है। पता नहीं कौन आकर तोड़फोड़ या मारपीट कर दे। ———————– प्रदर्शन से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए- सरकार बोली-कॉकरोच पार्टी को 4 बार बातचीत के लिए बुलाया: CJP ने कहा- बात करनी है तो सरकार जंतर-मंतर आए सरकार ने गुरुवार को कहा कि वह कॉकरोच जनता पार्टी यानी CJP के साथ किसी भी समय बातचीत के लिए तैयार है। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि पिछले 24 घंटे में CJP को जेपी नड्डा के घर या ऑफिस पर बातचीत के लिए 4 बार ऑफर भेजा जा चुका है। हालांकि, CJP ने कहा है कि सरकार को बात करनी है तो जंतर-मंतर आए। हम किसी के घर या ऑफिस नहीं जाएंगे। पढ़ें पूरी खबर… जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के 4 दिन : देशभर से लोग खाना-पानी, सेनेटरी पैड्स भेज रहे; पुलिस का लाठीचार्ज, बच्चों ने फूल बरसाए कॉकरोच जनता पार्टी पेपर लीक के विरोध में 20 जून से दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रही है। उनके समर्थक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े हैं। 20 जुलाई को संसद मार्च के बाद यह प्रदर्शन तेज हो गया है। 20 जुलाई से 23 जुलाई तक यानी चार दिन में यहां जो कुछ घटा उसके कई वीडियो वायरल हैं। पढ़ें पूरी खबर…