प्रयागराज हत्याकांड- 4 लाशों के साथ 12 घंटे रहा:हत्यारोपी दोस्त रातभर सबूत मिटाता रहा, कारोबारी पति-पत्नी की 10 हडि्डयां चकनाचूर मिलीं

प्रयागराज में करोड़पति कारोबारी के परिवार के 4 लोगों की हत्या करने वाला सनी गुप्ता काफी शातिर था। वह हत्या करने के बाद भी करीब 12 घंटे तक आराम से 4 लाशों के बीच रहा। इस दौरान वह सबूत मिटाने की पूरी कोशिश करता रहा। 1 जून की सुबह करीब 5 बजे सनी कारोबारी के घर से निकला। 6.30 बजे अपने घर पहुंचा। घरवालों ने उससे पूछा कि रात भर कहां थे? इस पर उसने जवाब दिया कि शादी में कचौड़ी बनाने गया था। फिर वह अपने कमरे में जाकर सो गया। सनी तक पहुंचने के लिए पुलिस ने 2 किमी की दूरी में करीब 150 सीसीटीवी खंगाले। एक फुटेज में वह कारोबारी के घर से निकलता दिखाई दिया। पुलिस ने कारोबारी के घर के बाहर कचौड़ी-समोसे बेचने वाले दुकानदार को वह फुटेज दिखाई। दुकानदार ने बताया कि यह सनी गुप्ता है। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसके पास से कारोबारी वीरेंद्र कुमार वैश्य के घर से लूटे गए डेढ़ करोड़ के गहने भी मिले। वहीं, 3 जून की शाम आई पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक अभिषेक ने अपने दोस्त सनी गुप्ता के साथ मिलकर सबसे पहले अपनी बहन को मारा। हमले में बहन के सिर की एक हड्‌डी टूटी मिली। इसके बाद उसने अपने पिता और मां को मारा। दोनों के सिर की करीब 10 हडि्डयां टूटी मिलीं। फिर सनी ने अभिषेक का मर्डर कर दिया। इसके बाद टॉयलेट क्लीनर से उसका चेहरा जला दिया। अभिषेक के शरीर में 12 जगह चोट के निशान मिले हैं। इस मामले में लापरवाही बरतने पर 2 दरोगा भी सस्पेंड कर दिए गए। पुलिस ने 2 किमी में 150 कैमरे देखे पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा करने के लिए साउथ मलाका से मुट्ठीगंज स्थित महावीरन गली तक एक-एक कैमरे की रिकॉर्डिंग देखी। एक फुटेज में 1 जून की सुबह करीब 5 बजे सनी कारोबारी के घर से निकलता दिखाई दिया। इसके बाद पुलिस ने और फुटेज देखे। करीब 2 किमी की रेंज में 150 कैमरे खंगाल डाले। एक फुटेज में सनी 31 मई की दोपहर करीब 3 बजे कारोबारी वीरेंद्र कुमार वैश्य के घर के पास दिखाई दिया। इसमें वह कारोबारी के बेटे अभिषेक के साथ घर के अंदर जाता दिखाई दिया। फिर 1 जून को सनी कारोबारी के घर से निकलकर अपने मुट्‌ठीगंज स्थित घर में दाखिल होते दिखा। भाई ने पुलिस में की थी लापता होने की शिकायत उधर, 31 मई को देर रात तक घर न पहुंचने से सनी के घरवाले परेशान थे। उसका मोबाइल फोन भी बंद आ रहा था। देर रात सनी के भाई मनोज ने साउथ मलाका चौकी पुलिस को सूचना दी थी कि मेरा भाई नहीं मिल रहा है। उसका नंबर भी बंद है। लेकिन, पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया। 1 जून सुबह जब सनी घर पहुंचा, तो उसके भाई ने पूछा कि कल से कहां गायब थे? सनी ने जवाब दिया- मैं एक शादी में गया था। वहां कचौड़ी बनाने का काम कर रहा था। इसके बदले में 5 हजार रुपए मिलेंगे। इसके बाद वह अपने कमरे में जाकर सो गया। अब पढ़िए पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में क्या आया 3 जून को वीरेंद्र कुमार वैश्य, उनकी पत्नी अनीता, बेटी मीनाक्षी और बेटे अभिषेक का पोस्टमॉर्टम हुआ। रिपोर्ट के अनुसार, अभिषेक ने अपने मां-बाप को बेरहमी से मारा। उनके सिर पर 12 से अधिक बार वार किए। इससे दोनों के सिर की आगे-पीछे और बीच की हड्‌डी चकनाचूर हो गईं। वहीं, बहन मीनाक्षी की सिर्फ एक आगे की हड्‌डी टूटी मिली। 3 मर्डर होने के बाद सनी गुप्ता ने अभिषेक को भी बेरहमी से मार दिया। उसने लोहे की रॉड से अभिषेक पर ताबड़तोड़ वार किए। इससे उसके सिर की भी हडि्डयां टूटी मिलीं। साथ ही उसके सीने, हाथ-पैर और चेहरे पर भी चोट मिली। हत्या करने के बाद सनी ने अभिषेक के चेहरे पर टॉयलेट क्लीनर डाल दिया। इससे उसका चेहरा झुलस गया। 4 मर्डर होने के बाद सनी ने सीढ़ियां और कमरों से खून के धब्बे साफ किए। बाथरूम में नहाया। इसके बाद घर में ही सो गया। करीब 12 घंटे बाद वह 1 जून की सुबह करीब 5 बजे कारोबारी के घर से निकला। पुलिस कमिश्नर ने 2 दरोगा निलंबित किए
मामले की जांच में पुलिस की शुरुआती लापरवाही भी सामने आई है। 31 मई की रात सनी के भाई ने पुलिस को सूचना दी थी। अगर पुलिस अलर्ट हो जाती, तो शायद चार हत्याएं नहीं होतीं। लापरवाही मिलने पर पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार ने साउथ मलाका चौकी प्रभारी रोहित कुमार गौड़ और कोतवाली थाने में तैनात वरिष्ठ उप निरीक्षक मुलायम यादव को सस्पेंड कर दिया। अब पढ़िए पूरा मामला वीरेंद्र कुमार वैश्य का गिफ्ट का कारोबार था। उनका हीवेट रोड चौराहे पर दो मंजिला मकान है। मकान 8,000 वर्गफीट में बना है, जिसकी कीमत 10 से 15 करोड़ रुपए है। निचले हिस्से में 14 दुकानें हैं, जिनमें से 13 किराए पर हैं। ऊपरी हिस्से में वीरेंद्र परिवार के साथ रहते थे। एक दुकान बेटी मीनाक्षी चलाती थी। वह गिफ्ट से जुड़े सामान बेचती थी। उसी दुकान पर वीरेंद्र वैश्य भी बैठा करते थे। बड़ा बेटा अभिषेक पेस्टीसाइड और फ्लोर क्लीनिंग सॉल्यूशन का व्यापार करता था। अभिषेक और मीनाक्षी की शादी नहीं हुई थी। छोटा बेटा कौशांबी जेल में बंद है। उसकी पत्नी रितु जमानत पर जेल से बाहर है। फिलहाल वह कीडगंज में अपने मायके में रह रही है। 2 जून (मंगलवार) को कारोबारी वीरेंद्र कुमार वैश्य (70), उनकी पत्नी अनीता (65) और बेटी मीनाक्षी (45) के शव घर के अंदर मिले थे। घर में बाहर से ताला बंद था, जबकि बेटे अभिषेक का कुछ पता नहीं चल रहा था। करीब 2 घंटे बाद अभिषेक (40) का शव मकान के नीचे की दुकान में मिला था। दुकान का ताला भी बाहर से बंद था। बेटे की पिता से खटपट रहती थी पुलिस जांच में पता चला है कि बड़े बेटे अभिषेक की भी पिता से नहीं जमती थी। पड़ोसियों और रिश्तेदारों के अनुसार, अभिषेक की संगत को लेकर परिवार में अक्सर झगड़ा होता रहता था। एक बार अभिषेक ने किसी व्यक्ति से कई लाख रुपए उधार ले लिए थे। समय पर रकम न लौटाने पर कर्ज देने वाले अभिषेक की पिटाई कर उसे उठा ले गए थे। धमकी दी थी कि पैसे नहीं मिले तो पूरे परिवार को खत्म कर दिया जाएगा। बाद में बहन मीनाक्षी ने पैसे देकर अभिषेक को छुड़ाया था। इस बात को लेकर वीरेंद्र का अभिषेक से झगड़ा हो गया था। 8000 वर्गफीट के घर में रहने वाला कोई नहीं कारोबारी वीरेंद्र कुमार वैश्य की रहीसी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनका प्रयागराज में प्राइम लोकेशन में 8000 वर्गफीट में मकान है। इसमें 14 दुकानें भी हैं, जिनका किराया कई लाख होने की बात सामने आई है। लेकिन, कारोबारी, उनकी पत्नी अनीता, बेटी और बेटे अभिषेक की हत्या हो चुकी है। सबसे छोटा बेटा जेल में बंद है। उसकी पत्नी अपने मायके में है। इस तरह कारोबारी के 8,000 वर्गफीट में बने घर में अब कोई नहीं बचा है। अब पढ़िए पुलिस कमिश्नर ने क्या खुलासा किया इस पूरी वारदात का खुलासा 3 जून को पुलिस कमिश्नर जोगेंद्र कुमार ने किया। उन्होंने वारदात कैसे हुई, यह सिलसिलेवार बताया। पढ़िए… 6 सवाल, जिनके खुलासे के बाद भी नहीं मिले जवाब 1- व्यापारी के घर से ‘बंटी-बबली और बहू ने मारा’ लिखे गत्ते की बरामदगी तब हुई, जब बेटे अभिषेक का शव मिला। यह बरामदगी उसी कमरे से हुई, जहां व्यापारी दंपती का शव मिला। सवाल है कि जब पुलिस ने व्यापारी दंपती और उनकी बेटी का शव बरामद किया, तब यह नजर में क्यों नहीं आया? जबकि मौके पर स्थानीय पुलिस के साथ ही अफसरों, डॉग स्क्वॉयड और फील्ड यूनिट ने घर का चप्पा-चप्पा खंगाला था। 2- पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी सनी ने घटना के बाद खून के धब्बों को फ्लोर क्लीनर, हार्पिक और डिटर्जेंट से धुला। सामान्यत: खून के धब्बे या अन्य सबूत अपराधी तब मिटाने की कोशिश करते हैं, जब उन्होंने लाश ठिकाने लगा दी हो। यहां तो घर में ही तीनों लाशें पड़ी थीं। ऐसे में उसने धब्बे क्यों साफ किए? 3- आरोपी सनी हत्याकांड के बाद भी रात भर घर में ही रहा। यह मान भी लें कि अभिषेक को मारने के बाद उसने दुकान में बाहर से ताला लगा दिया। लेकिन, घर में रहने के दौरान उसे यह क्यों नहीं लगा कि अगर कोई आ गया तो वह पकड़ा जाएगा। वह इतना कॉन्फिडेंट कैसे था कि घर में कोई नहीं आएगा और वह आराम से भीतर छिपा रह सकेगा। 4- एक सवाल यह है कि 10-15 करोड़ की संपत्ति का वारिस महज एक करोड़ के गहनों के लिए पूरे परिवार के मर्डर क्यों करेगा? कानून के जानकारों का कहना है कि भले ही व्यापारी पिता ने उसे बेदखल कर दिया था, लेकिन पैतृक संपत्ति में महज बेदखली से किसी वैध वारिस का उत्तराधिकार खत्म नहीं हो जाता। प्रॉपर्टी अगर भाइयों और बहन में बंटती, तो भी कम से कम 5 करोड़ की संपत्ति उसके हाथ आती। ऐसे में पूरे परिवार का मर्डर करने की बात आसानी से पचती नहीं। 5- पुलिस के मुताबिक, व्यापारी के बेटे अभिषेक पर 50 हजार रुपए का कर्ज था। इसे चुकाने के लिए वह पिता से रुपए मांग रहा था और वह इसके लिए तैयार नहीं थे। इसी बात को लेकर वह पिता से नाराज रहता था और हत्या का एक बड़ा कारण यह बना। सवाल यह है कि करोड़ों की प्रॉपर्टी का वारिस होने के बाद भी 50 हजार रुपए का इंतजाम करना क्या उसके लिए इतना बड़ा काम था कि उसने पूरे परिवार का सफाया कर दिया। 6- पुलिस के मुताबिक, आरोपी सनी के हाथों में वारदात को अंजाम देते वक्त चोट लगी। जबकि, प्रेस कॉन्फ्रेंस में लाए जाने के दौरान उसके बाएं हाथ में प्लास्टर बंधा नजर आया। यह भी बड़ा सवाल है कि चोट लगने पर उसने प्लास्टर क्यों बंधवाया? प्लास्टर तो फ्रैक्चर की कंडीशन में बांधा जाता है। एक सवाल यह भी है कि महज 2 दिनों में उसने यह प्लास्टर कहां से बंधवा लिया? ——————————— ये खबर भी पढ़िए- प्रयागराज- युवक ने प्रॉपर्टी के लिए माता-पिता, बहन को मारा, फिर दोस्त ने उसे ही मार डाला, बोला- जो मां-बाप का नहीं, मेरा क्या होगा प्रयागराज में करोड़पति परिवार के 4 सदस्यों की हत्या का पुलिस ने बुधवार को खुलासा कर दिया। मां-बाप और बहन की हत्या बेटे ने ही अपने दोस्त के साथ मिलकर की थी। हत्या के बाद दोनों ने घर से डेढ़ करोड़ रुपए के गहने लूटे। फिर गहनों के बंटवारे को लेकर उनके बीच आपस में झगड़ा हो गया। इसके बाद दोस्त ने बेटे की हत्या कर दी। पढ़ें पूरी खबर